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  • मध्यप्रदेश में बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन: E-5 हाथी को मिला सहारा, तनाव में था हिंसक व्यवहार

    मध्यप्रदेश में बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन: E-5 हाथी को मिला सहारा, तनाव में था हिंसक व्यवहार


    शहडोल । मध्यप्रदेश के शहडोल और अनूपपुर वन क्षेत्र में पिछले कई दिनों से दहशत का कारण बना जंगली हाथी E-5 आखिरकार वन विभाग की टीम द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। इस हाथी पर तीन ग्रामीणों की मौत और कई मवेशियों व घरों को नुकसान पहुंचाने के आरोप थे, जिसके चलते इसे अत्यंत खतरनाक माना जा रहा था।

    लेकिन इस पूरे ऑपरेशन में जो बात सामने आई, उसने विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, E-5 वास्तव में स्वभाव से हिंसक नहीं था, बल्कि अपने झुंड से अलग हो जाने के कारण लंबे समय से अकेलेपन और तनाव में था। माना जा रहा है कि इसी मानसिक स्थिति ने उसके व्यवहार को आक्रामक बना दिया था।

    रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से प्रशिक्षित पालतू हाथी रामा को मैदान में उतारा गया। आमतौर पर जंगली हाथी अन्य हाथियों या इंसानों के संपर्क में आने पर आक्रामक हो जाते हैं, लेकिन E-5 ने रामा को देखते ही अलग व्यवहार दिखाया। वह शांत हुआ और धीरे-धीरे उसके करीब आने लगा। विशेषज्ञों ने इसे सामाजिक जुड़ाव की तलाश के रूप में देखा।

    वन विभाग की टीम ने इससे पहले 22 मई को हाथी को काबू में करने की कोशिश की थी, लेकिन वह प्रयास असफल रहा था। उस दौरान E-5 ने पिंजरा और GPS कॉलर तक तोड़ दिया था। इसके बाद रणनीति बदली गई और रातों-रात एक नया प्लान तैयार किया गया।

    मुख्य वन्यजीव वार्डन डॉ. समिता राजौरा के नेतृत्व में अगले चरण में पालतू हाथियों और माहूतों की मदद से उसे सफलतापूर्वक रेडियो कॉलर पहनाया गया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से बांधवगढ़ रेंज में शिफ्ट किया गया।

    अब E-5 को अन्य हाथियों के झुंड के करीब रखा गया है, ताकि वह दोबारा सामाजिक वातावरण में लौट सके और सामान्य जीवन जी सके। यह पूरा मामला वन्यजीव व्यवहार और उनके मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक नई समझ भी सामने लाता है।

  • बांधवगढ़ में फिर टाइगर अटैक, महुआ बीनने गई महिला को बाघ ने बनाया शिकार

    बांधवगढ़ में फिर टाइगर अटैक, महुआ बीनने गई महिला को बाघ ने बनाया शिकार


    उमरिया। मध्यप्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक बार फिर बाघ के हमले में महिला की मौत हो गई। पनपथा कोर क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद आसपास के गांवों में डर का माहौल फैल गया है।

    महुआ बीनने गई महिला पर हमला

    जानकारी के मुताबिक, ग्राम झलवार निवासी कुसुम बाई गोड़ शुक्रवार को जंगल में महुआ बीनने गई थीं। इसी दौरान पनपथा कोर क्षेत्र के झिरिया जंगल में घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया। बाघ महिला को पकड़कर झाड़ियों की ओर घसीट ले गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना जंगल के कक्ष क्रमांक आरएफ 460 के पास बी-2 कैंप क्षेत्र में हुई। दोपहर में ग्रामीणों ने घटना देखी और तुरंत पुलिस व वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और आगे की कार्रवाई शुरू की।

    परिजनों को दी गई तत्काल सहायता

    वन विभाग के अधिकारियों ने मृतक महिला के परिजनों को सांत्वना देते हुए तत्काल 5 हजार रुपये की सहायता राशि दी है। शासन की ओर से निर्धारित 8 लाख रुपये की मुआवजा राशि भी नियमानुसार दी जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्र में बाघों की बढ़ती गतिविधियों के चलते मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इससे ग्रामीणों में भय और असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है।