Tag: Bangladesh Cricket Board news

  • बांग्लादेशी क्रिकेटरों पर सस्पेंस, PSL 2026 में भागीदारी के लिए सरकारी अनुमति बाकी

    बांग्लादेशी क्रिकेटरों पर सस्पेंस, PSL 2026 में भागीदारी के लिए सरकारी अनुमति बाकी


    नई दिल्ली। पाकिस्तान सुपर लीग 2026 से पहले एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। Bangladesh Cricket Board (बीसीबी) ने साफ कर दिया है कि उसके खिलाड़ी Pakistan Super League (पीएसएल) में तभी हिस्सा लेंगे, जब बांग्लादेश सरकार से मंजूरी मिलेगी। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चिंताओं ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट आयोजनों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। आमतौर पर खिलाड़ियों को विदेशी लीग में खेलने के लिए इतनी सख्त अनुमति प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए बीसीबी ने सतर्क रुख अपनाया है।

    सुरक्षा कारणों से लिया जा रहा अंतिम फैसला

    बीसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसलिए सरकार से परामर्श लेना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में खिलाड़ी बिना किसी बाधा के विदेशी लीग में भाग लेते हैं, लेकिन इस बार हालात अलग हैं। सरकार ही बेहतर तरीके से यह आकलन कर सकती है कि पाकिस्तान जाना सुरक्षित है या नहीं। ऐसे में अंतिम फैसला सरकार के निर्देशों के आधार पर ही लिया जाएगा।

    न्यूजीलैंड सीरीज पर भी पड़ सकता है असर

    अगर खिलाड़ियों को पीएसएल में खेलने की अनुमति मिलती है, तो वे न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली व्हाइट-बॉल सीरीज के तैयारी कैंप में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। न्यूजीलैंड टीम 13 अप्रैल को ढाका पहुंचने वाली है, जहां तीन वनडे और तीन टी20 मैच खेले जाएंगे। बीसीबी चाहता है कि उसके प्रमुख खिलाड़ी इस अहम सीरीज में उपलब्ध रहें, खासकर तब जब टीम अभी भी आगामी वनडे विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने की दौड़ में है।

    छह खिलाड़ियों को मिला आंशिक एनओसी

    बीसीबी ने पहले ही छह खिलाड़ियों-Mustafizur Rahman, परवेज हुसैन इमोन, शोरीफुल इस्लाम, नाहिद राणा, तंजीद हसन तमीम और रिशाद हुसैन-को आंशिक एनओसी जारी किया है। इनमें मुस्तफिजुर को 26 मार्च से 12 अप्रैल और फिर 24 अप्रैल से 3 मई तक की अनुमति दी गई है। हालांकि, अंतिम भागीदारी अब भी सरकार की हरी झंडी पर निर्भर करेगी।

    क्षेत्रीय तनाव से बढ़ी चिंता

    पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के चलते पीएसएल 2026 की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि Pakistan Cricket Board (पीसीबी) ने भरोसा दिलाया है कि टूर्नामेंट तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित होगा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

    कुल मिलाकर, क्रिकेट से ज्यादा इस समय सुरक्षा और कूटनीतिक हालात इस मुद्दे को प्रभावित कर रहे हैं। अब सबकी नजर बांग्लादेश सरकार के फैसले पर टिकी है, जो यह तय करेगा कि बांग्लादेशी खिलाड़ी पीएसएल 2026 में नजर आएंगे या नहीं।

  • क्रिकेट प्रशासन में बड़ा अपडेट, अमीनुल हक ने कहा- ICC से बातचीत के बाद ही होगा फैसला

    क्रिकेट प्रशासन में बड़ा अपडेट, अमीनुल हक ने कहा- ICC से बातचीत के बाद ही होगा फैसला


    नई दिल्ली। बांग्लादेश क्रिकेट में चल रहे विवाद के बीच देश के खेल मंत्री अमीनुल हक ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ किया है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर किसी भी तरह की कार्रवाई करने से पहले इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल से चर्चा की जाएगी।

    T20 वर्ल्ड कप से बाहर होने पर बढ़ा विवाद

    बांग्लादेश का ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होना अब बड़ा मुद्दा बन गया है। इस पूरे मामले की जांच के लिए खेल मंत्रालय पहले ही एक कमेटी बनाकर चुका है, जो BCB के उम्मीदवारों और एडमिनिस्ट्रेटिव प्रक्रिया की समीक्षा कर रही है।

    नई जांच कमेटी बनाने की तैयारी

    अमीनुल हक ने संकेत दिए हैं कि एक और जांच कमेटी बनाई जा सकती है, जो यह पता लगाएगी कि आखिर बांग्लादेश की टीम भारत और श्रीलंका में होने वाले टूर्नामेंट में हिस्सा क्यों नहीं लेगी।

    चुनाव में गड़बड़ी के आरोप

    BCB पर चुनाव में धांधली, हेरफेर और सत्ता के दुरुपयोग के आरोप भी लगे हैं। इन आरोपों की जांच के लिए 5 कमेटी बनाई गई है, जो बोर्ड के अधिकारियों, चुनाव कमिश्नर और जिला स्तर के अधिकारियों से पूछताछ करेगी। इस दौरान तमीम इकबाल और अन्य अधिकारियों पर भी चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप सामने आए थे, हालांकि कई नेताओं ने इन आरोपों से इनकार किया है।

    ICC से सलाह के बाद ही अंतिम फैसला

    खेल मंत्री ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद वे इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल से बातचीत करेंगे। उसके बाद ही BCB के खिलाफ कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा, ताकि अंतरराष्ट्रीय नियम और क्रिकेट की गरिमा बनी रहे।

    भारत आने से किया था इनकार

    गौरतलब है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हल देते हुए भारत में खेलने से इनकार किया था और अपने मैच श्रीलंका में शिफ्ट करने की मांग की थी। लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने इस मांग को ठुकरा दिया, जिसके बाद बांग्लादेश टूर्नामेंट से बाहर हो गया और उसकी जगह दूसरी टीम को शामिल किया गया।