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  • स्टार्क के तूफान में उड़ी बांग्लादेशी टीम, हार के बाद कप्तान शांतो बोले- विदेशों में और टेस्ट खेलने की जरूरत

    स्टार्क के तूफान में उड़ी बांग्लादेशी टीम, हार के बाद कप्तान शांतो बोले- विदेशों में और टेस्ट खेलने की जरूरत


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट में मिली करारी हार के बाद बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो निराश नजर आए। मैके में खेले गए मुकाबले में बांग्लादेश को महज दो दिन के भीतर पारी और 51 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। बांग्लादेश ने डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी लेकिन दूसरे टेस्ट में टीम अपने प्रदर्शन को दोहरा नहीं सकी।

    शांतो ने मैच के बाद माना कि बांग्लादेश ने इस मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं किया। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई टीम की क्षमता और अनुभव की तारीफ करते हुए कहा कि कंगारू खिलाड़ियों ने मुश्किल परिस्थितियों में अपना जज्बा दिखाया। उनके मुताबिक बांग्लादेश के लिए यह मुकाबला सीखने का महत्वपूर्ण अवसर है और विदेशों में मुश्किल परिस्थितियों में खेलने का अनुभव आगे टीम के काम आएगा।

    मैके टेस्ट में बांग्लादेश की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई। पहली पारी में टीम सिर्फ 64 रन पर ऑलआउट हो गई। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने 210 रन बनाकर 146 रन की बड़ी बढ़त हासिल कर ली। दूसरी पारी में भी बांग्लादेश के बल्लेबाज ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का सामना नहीं कर सके और पूरी टीम 95 रन पर सिमट गई। कप्तान शांतो ने दूसरी पारी में 31 रन बनाकर टीम की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाए जबकि मुशफिकुर रहीम 29 रन बनाकर नाबाद रहे।

    हालांकि बांग्लादेश के गेंदबाजों ने मुकाबले में कुछ शानदार प्रदर्शन जरूर किया। शोरिफुल इस्लाम ने पहली पारी में 48 रन देकर 7 विकेट हासिल किए। उनका यह प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया में किसी विदेशी गेंदबाज के शानदार प्रदर्शनों में शामिल रहा। शांतो ने शोरिफुल के साथ तस्कीन अहमद और हसन महमूद की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि पिच पर बल्लेबाजी करना दोनों टीमों के लिए मुश्किल था और उनके गेंदबाजों ने परिस्थितियों का अच्छी तरह इस्तेमाल किया।

    कप्तान शांतो ने मैके की परिस्थितियों को डार्विन से अलग बताया। उनके मुताबिक यहां हवा में ज्यादा बाउंस और स्विंग था जिससे बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें बढ़ गईं। हालांकि उनका मानना है कि अगर बांग्लादेश को टेस्ट क्रिकेट में आगे बढ़ना है तो खिलाड़ियों को ऐसी परिस्थितियों के अनुकूल खुद को ढालना होगा। इस दौरे से टीम को इसी दिशा में महत्वपूर्ण अनुभव मिला है।

    शांतो ने विदेशों में अधिक टेस्ट खेलने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि अगर बांग्लादेश को हर साल ऑस्ट्रेलिया जैसी परिस्थितियों में खेलने का मौका मिले तो टीम के खिलाड़ियों को काफी फायदा होगा। उन्होंने लंबे अंतराल के बाद विदेश दौरे पर सिर्फ दो टेस्ट खेलने को पर्याप्त नहीं माना। उनके मुताबिक लगातार मुश्किल परिस्थितियों में खेलने से ही टीम अपनी कमजोरियों को पहचानकर सुधार सकती है।

    बांग्लादेश के कप्तान ने हार के बावजूद टीम के जज्बे को सकारात्मक बताया। पहले टेस्ट में मिली ऐतिहासिक जीत ने दिखाया कि टीम में क्षमता है लेकिन दूसरे टेस्ट के प्रदर्शन ने यह भी साफ कर दिया कि विदेशों में निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बांग्लादेश को अभी काफी मेहनत करनी होगी। सीरीज 1-1 से बराबर होने के साथ ही दोनों टीमों के लिए यह दौरा अलग-अलग सबक छोड़ गया।

  • हार के बाद कंगारुओं का पलटवार, बांग्लादेश को पारी और 51 रन से हराकर कमिंस बोले- खिलाड़ियों ने शानदार जवाब दिया

    हार के बाद कंगारुओं का पलटवार, बांग्लादेश को पारी और 51 रन से हराकर कमिंस बोले- खिलाड़ियों ने शानदार जवाब दिया

    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट में जोरदार वापसी करते हुए पारी और 51 रन से शानदार जीत दर्ज की। मैके में खेले गए मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने बांग्लादेश की बल्लेबाजी पूरी तरह बेबस नजर आई और मैच महज दो दिन में खत्म हो गया। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। पहले टेस्ट में डार्विन के मैदान पर मिली 9 विकेट की हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम पर सवाल उठ रहे थे लेकिन दूसरे टेस्ट में टीम ने गेंदबाजी और फील्डिंग में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए आलोचकों को करारा जवाब दिया।

    मैच के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने टीम की वापसी पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह कई चीजें सही नहीं हुई थीं लेकिन मैके में टीम ने दो दिनों तक शानदार क्रिकेट खेला। कमिंस के मुताबिक टीम को इस तरह की वापसी की जरूरत थी और खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करके इसका जवाब दिया। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने खास तौर पर टीम की शुरुआती गेंदबाजी को जीत की बड़ी वजह बताया। उन्होंने कहा कि मुकाबले के शुरुआती एक-दो घंटे में अगर टीम को अच्छी शुरुआत मिल जाती है तो उससे पूरे मैच की दिशा तय हो सकती है।

    दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को पहली पारी में महज 64 रन पर समेट दिया। मिचेल स्टार्क ने कहर बरपाते हुए 6 विकेट अपने नाम किए। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 210 रन बनाए और 146 रन की मजबूत बढ़त हासिल कर ली। ऑस्ट्रेलिया की ओर से कैमरून ग्रीन ने 67 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली जबकि स्टीव स्मिथ ने 42 और नाथन लियोन ने 32 रन बनाए। बांग्लादेश के लिए शोरिफुल इस्लाम ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 7 विकेट हासिल किए लेकिन उनकी टीम को बल्लेबाजों से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका।

    दूसरी पारी में भी बांग्लादेश की कहानी नहीं बदली। पूरी टीम 38.3 ओवर में सिर्फ 95 रन पर ढेर हो गई। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने 31 रन बनाए जबकि मुशफिकुर रहीम 29 रन बनाकर नाबाद रहे। बाकी बल्लेबाज ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सके। मिचेल स्टार्क ने दूसरी पारी में भी 4 विकेट लेकर मैच में कुल 10 विकेट पूरे किए। पैट कमिंस और नाथन लियोन ने भी 3-3 विकेट झटके।

    कमिंस ने इस दौरान कैमरून ग्रीन की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ग्रीन ने मुश्किल स्थिति में टीम की पारी को संभाला और उनकी 67 रन की पारी से उन्हें काफी आत्मविश्वास मिलेगा। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान का मानना है कि ग्रीन के अंदर टेस्ट क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता है और आगे उनके पास काफी क्रिकेट है।

    यह मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि टेस्ट मैच महज दो दिन और 750 गेंदों में समाप्त हो गया। डार्विन में मिली हार के बाद ऑस्ट्रेलिया ने मैके में जिस अंदाज में पलटवार किया उससे टीम का आत्मविश्वास जरूर बढ़ा होगा। अब सीरीज 1-1 से बराबर होने के बाद दोनों टीमों के बीच मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।

  • 9 विकेट की हार का ऑस्ट्रेलिया ने लिया हिसाब, बांग्लादेश 95 रन पर ढेर; दूसरे टेस्ट में पारी से मिली करारी शिकस्त

    9 विकेट की हार का ऑस्ट्रेलिया ने लिया हिसाब, बांग्लादेश 95 रन पर ढेर; दूसरे टेस्ट में पारी से मिली करारी शिकस्त


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शानदार वापसी करते हुए पहले टेस्ट में मिली हार का करारा जवाब दे दिया है। साउथ मैके में खेले गए दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को दूसरे ही दिन पारी और 51 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर हो गई। डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट में बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराकर इतिहास रचा था लेकिन दूसरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने जबरदस्त पलटवार किया और बांग्लादेश को पूरे मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया।

    दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी 8 विकेट पर 165 रन से आगे शुरू की। टीम की पहली पारी 210 रन पर समाप्त हुई। कैमरन ग्रीन ने 67 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली जबकि स्टीव स्मिथ ने 42 और नाथन लियोन ने 32 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी के आधार पर बांग्लादेश के खिलाफ 146 रन की बड़ी बढ़त मिली। बांग्लादेश की ओर से शोरिफुल इस्लाम सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 7 विकेट अपने नाम किए।

    इसके बाद बांग्लादेश की दूसरी पारी शुरू हुई तो ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों ने बल्लेबाजों की मुश्किलें बढ़ा दीं। पूरी टीम 38.3 ओवर में सिर्फ 95 रन पर ढेर हो गई। बांग्लादेश की पारी दूसरे दिन तीसरे सत्र की तीसरी गेंद पर समाप्त हुई और इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने पारी और 51 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने 31 रन बनाकर टीम की ओर से सबसे ज्यादा योगदान दिया। मुशफिकुर रहीम 29 रन बनाकर नाबाद रहे लेकिन उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज 10 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सका।

    ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई एक बार फिर मिचेल स्टार्क ने की। स्टार्क ने दूसरी पारी में 4 विकेट चटकाए जबकि पैट कमिंस और नाथन लियोन ने 3-3 विकेट लेकर बांग्लादेश की बल्लेबाजी को पूरी तरह तहस नहस कर दिया। इससे पहले बांग्लादेश की पहली पारी भी केवल 64 रन पर सिमट गई थी और स्टार्क ने उस पारी में 6 विकेट लेकर विपक्षी बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी थी।

    इस मुकाबले में मिचेल स्टार्क ऑस्ट्रेलिया की जीत के सबसे बड़े नायक रहे। उन्होंने मैच में कुल 10 विकेट हासिल किए और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पूरी सीरीज में भी स्टार्क का प्रदर्शन शानदार रहा। पहले टेस्ट में उन्होंने 2 विकेट लिए थे जबकि दूसरे मुकाबले में 10 विकेट झटककर उन्होंने अपनी टीम को जीत दिलाई। इसी प्रदर्शन के चलते स्टार्क को प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार भी मिला।

    डार्विन में मिली हार ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए बेहद निराशाजनक रही थी क्योंकि यह अपने घरेलू मैदान पर बांग्लादेश के खिलाफ उसकी पहली टेस्ट हार थी। उस मुकाबले में 9 विकेट से मिली हार के बाद टीम की आलोचना हुई थी। लेकिन साउथ मैके टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने गेंद और बल्ले दोनों से दमदार प्रदर्शन किया और बांग्लादेश को संभलने का अवसर तक नहीं दिया। खास बात यह रही कि बांग्लादेश लगातार दूसरी पारी में भी 100 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सकी। इस शानदार जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज बराबर कर ली और पहले टेस्ट की हार का हिसाब भी चुकता कर दिया।

  • जब बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को चौंकाया था, शाकिब ने बल्ले से 89 रन और गेंद से झटके 10 विकेट

    जब बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को चौंकाया था, शाकिब ने बल्ले से 89 रन और गेंद से झटके 10 विकेट


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 13 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर बांग्लादेश के लिए यह सीरीज बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है। हाल ही में खेले गए वॉर्मअप मुकाबले में बांग्लादेश को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ पारी से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद बांग्लादेश के पास ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में एक ऐसी जीत है जिसे वह इस सीरीज से पहले जरूर याद करना चाहेगा। साल 2017 में बांग्लादेश ने घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया को हराकर बड़ा उलटफेर किया था और इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े नायक शाकिब अल हसन रहे थे।

    दोनों टीमों के बीच 2017 में दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया बांग्लादेश के दौरे पर आया था। ढाका के शेरे बांग्ला नेशनल स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट में बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 260 रन बनाए। तमीम इकबाल ने 71 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली जबकि शाकिब अल हसन ने 84 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया।

    इसके जवाब में बांग्लादेश के गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम पहली पारी में 217 रन पर सिमट गई और बांग्लादेश को 43 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हुई। ऑस्ट्रेलिया की ओर से रेनशॉ ने 45 और एस्टन एगर ने 41 रन बनाए। बांग्लादेश के लिए शाकिब अल हसन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट झटके जबकि मेहदी हसन ने तीन विकेट लेकर उनका अच्छा साथ दिया।

    दूसरी पारी में बांग्लादेश की टीम 221 रन पर ऑलआउट हो गई। तमीम इकबाल ने एक बार फिर बल्ले से योगदान दिया और 78 रन की पारी खेली। हालांकि ऑस्ट्रेलिया के नाथन लियोन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए छह विकेट हासिल किए। बांग्लादेश की दूसरी पारी जल्दी सिमटने के बावजूद पहली पारी की बढ़त उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।

    बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 265 रन का लक्ष्य रखा। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम में डेविड वॉर्नर ने शानदार शतक लगाते हुए 112 रन बनाए और ऐसा लगा कि मेहमान टीम मुकाबला अपने नाम कर लेगी। लेकिन बांग्लादेश के गेंदबाजों ने आखिरी समय में पूरा खेल पलट दिया। ऑस्ट्रेलियाई टीम 244 रन पर सिमट गई और बांग्लादेश ने यह मुकाबला 20 रन से अपने नाम कर लिया।

    इस ऐतिहासिक जीत में शाकिब अल हसन का योगदान सबसे खास रहा। उन्होंने पहली पारी में पांच विकेट लेने के बाद दूसरी पारी में भी पांच बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। इस तरह पूरे मुकाबले में उनके नाम 10 विकेट रहे। इसके अलावा उन्होंने बल्ले से भी 84 और पांच रन की पारियां खेलते हुए कुल 89 रन बनाए। उनके शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बांग्लादेश की यह टेस्ट क्रिकेट में अब तक की एकमात्र जीत है। दोनों टीमों के बीच खेले गए छह टेस्ट मैचों में बांग्लादेश को पांच मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है जबकि एक मैच में उसने ऐतिहासिक जीत हासिल की। अब जब दोनों टीमें फिर टेस्ट सीरीज में आमने सामने हैं तो बांग्लादेश इस पुराने प्रदर्शन से आत्मविश्वास हासिल करना चाहेगा।

    हालांकि इस बार परिस्थितियां अलग हैं और मुकाबला ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर होना है। बांग्लादेश के सामने ऑस्ट्रेलिया के मजबूत बल्लेबाजी और गेंदबाजी आक्रमण की बड़ी चुनौती होगी। फिर भी 2017 की जीत उसे यह भरोसा जरूर देगी कि मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ भी टेस्ट क्रिकेट में बड़ा उलटफेर किया जा सकता है।

  • ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में नहीं खेलेंगे इबादत हुसैन, पारिवारिक कारणों से लिया बड़ा फैसला

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में नहीं खेलेंगे इबादत हुसैन, पारिवारिक कारणों से लिया बड़ा फैसला


    नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगले महीने शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले बांग्लादेश क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज इबादत हुसैन इस महत्वपूर्ण दौरे का हिस्सा नहीं होंगे। पारिवारिक कारणों की वजह से उन्होंने खुद को इस सीरीज से अलग रखने का फैसला किया है। उनकी पत्नी जल्द ही अपने पहले बच्चे को जन्म देने वाली हैं और इसी खास मौके पर परिवार के साथ रहने को प्राथमिकता देते हुए इबादत ने राष्ट्रीय टीम से अस्थायी दूरी बनाई है। ऐसे में बांग्लादेश को ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ अपने प्रमुख तेज गेंदबाज के बिना मैदान में उतरना पड़ेगा।

    बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 13 अगस्त से डार्विन में होगी जबकि दूसरा मुकाबला 22 अगस्त से खेला जाएगा। यह सीरीज आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है इसलिए दोनों टीमों के लिए हर मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। इबादत हुसैन की गैरमौजूदगी बांग्लादेश के तेज गेंदबाजी आक्रमण को कमजोर कर सकती है क्योंकि वह नई गेंद से विकेट निकालने की क्षमता रखते हैं और विदेशी परिस्थितियों में भी प्रभावी प्रदर्शन कर चुके हैं।

    इधर टीम के एक अन्य प्रमुख तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद ने भी बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया दौरे की बेहतर तैयारी के लिए लंका प्रीमियर लीग से अपना नाम वापस ले लिया है। तस्कीन का मानना है कि यदि वह लीग क्रिकेट खेलते तो टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में खेलने का अवसर बार बार नहीं मिलता इसलिए उन्होंने फ्रेंचाइजी क्रिकेट की बजाय राष्ट्रीय टीम को प्राथमिकता दी।

    तस्कीन ने यह भी स्पष्ट किया कि एलपीएल से हटने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान जरूर हुआ है लेकिन देश के लिए खेलने और टेस्ट क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन करने का मौका उनके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि अच्छी तैयारी के साथ मैदान में उतरना टीम के हित में होगा और यही फैसला भविष्य में बेहतर परिणाम देने में मदद करेगा।

    उधर बांग्लादेश टीम की चिंता केवल इबादत हुसैन तक सीमित नहीं है। तेज गेंदबाज नाहिद राणा की फिटनेस पर भी संशय बना हुआ है। उनकी चोट का स्कैन कराया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि वह पहले टेस्ट में खेल पाएंगे या नहीं। इसके अलावा अनुभवी बल्लेबाज लिटन दास भी पिंडली की चोट से उबर रहे हैं। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि वह समय रहते पूरी तरह फिट होकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैदान में उतरेंगे।

    बांग्लादेश की टीम अगले महीने की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया पहुंचेगी जहां 3 अगस्त से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेला जाएगा। इस मुकाबले के जरिए खिलाड़ी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की कोशिश करेंगे। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ टेस्ट सीरीज बांग्लादेश के लिए बड़ी चुनौती होगी और टीम चाहेगी कि उपलब्ध खिलाड़ियों के दम पर मजबूत प्रदर्शन कर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में अहम अंक हासिल किए जा सकें।

  • टी20 वर्ल्ड कप से पहले नया विवाद, काली पट्टी पहनकर मैदान में उतरेगी पाकिस्तानी टीम? जानिए ICC के नियम क्या

    टी20 वर्ल्ड कप से पहले नया विवाद, काली पट्टी पहनकर मैदान में उतरेगी पाकिस्तानी टीम? जानिए ICC के नियम क्या


    नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से होनी है, लेकिन टूर्नामेंट से पहले ही पाकिस्तान को लेकर सस्पेंस और विवाद दोनों बने हुए हैं. एक तरफ पाकिस्तान का वर्ल्ड कप में खेलना अभी तक पूरी तरह कन्फर्म नहीं है, वहीं दूसरी तरफ बांग्लादेश के समर्थन में उसके संभावित कदमों ने आईसीसी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट में उतरता है तो वह बांग्लादेश के समर्थन में काली पट्टी बांधकर खेल सकता है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या ऐसा करना ICC के नियमों के खिलाफ होगा और अगर हां, तो पाकिस्तान पर क्या कार्रवाई हो सकती है.

    ICC के नियम क्या कहते हैं

    आईसीसी के अनुसार, अगर कोई खिलाड़ी या टीम बिना पूर्व अनुमति इंटरनेशनल मैच में काली पट्टी या किसी तरह का प्रतीक पहनती है, तो इसे नियमों के विरुद्ध माना जाएगा. इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं. 2023 में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी उस्मान ख्वाजा को बिना अनुमति काली पट्टी पहनने पर आईसीसी की ओर से सख्त चेतावनी दी गई थी.

    पाकिस्तान पर क्या हो सकता है एक्शन

    अगर पाकिस्तान की टीम बिना अनुमति काली पट्टी पहनती है, तो पहली बार में आईसीसी फटकार या चेतावनी दे सकती है. इसे ‘अन्य उल्लंघन’ की श्रेणी में रखा जाता है. वहीं, अगर नियमों का दोबारा उल्लंघन हुआ तो खिलाड़ियों पर मैच फीस का 25 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है. गंभीर स्थिति में टीम पर और भी सख्त कार्रवाई संभव है.

    बांग्लादेश मुद्दे पर पाकिस्तान का खुला समर्थन

    दरअसल, सुरक्षा कारणों से भारत में खेलने से इनकार करने के बाद आईसीसी ने बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर कर दिया था और उसकी जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया गया. इस फैसले से पाकिस्तान नाखुश है और वह लगातार बांग्लादेश के पक्ष में खड़ा नजर आ रहा है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भले ही अपनी टीम का ऐलान कर दिया हो, लेकिन यह साफ कर दिया गया है कि टूर्नामेंट में खेलने का अंतिम फैसला सरकार के स्तर पर लिया जाएगा.

    काली पट्टी पहनना क्यों बना चर्चा का विषय

    कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान बांग्लादेश के समर्थन में वर्ल्ड कप के दौरान काली पट्टी पहनकर उतर सकता है. आमतौर पर काली पट्टी विरोध या शोक का प्रतीक मानी जाती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इसे पहनना नियमों के खिलाफ माना जाता है. आईसीसी के क्लोथिंग और इक्विपमेंट नियम खिलाड़ियों को बिना अनुमति किसी भी तरह का राजनीतिक, धार्मिक या व्यक्तिगत संदेश प्रदर्शित करने की इजाजत नहीं देते.

  • ICC ने ठुकराई बांग्लादेश की भारत से बाहर मैच कराने की मांग, वर्ल्ड कप मैच होंगे तय स्थल पर..

    ICC ने ठुकराई बांग्लादेश की भारत से बाहर मैच कराने की मांग, वर्ल्ड कप मैच होंगे तय स्थल पर..


    नई दिल्ली ।  टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड BCBकी भारत से बाहर मैच कराने की मांग को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ICCने खारिज कर दिया है। ICC ने स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश को अपने सभी निर्धारित लीग मुकाबले भारत में ही खेलने होंगे। यदि टीम ने मैच खेलने से इनकार कियातो उसे टूर्नामेंट के अंक गंवाने पड़ सकते हैं।यह विवाद IPL 2025 के बाद की घटनाओं से जुड़ा है। कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज कर दिया था। इसके बाद BCB ने सुरक्षा का हवाला देते हुए टी-20 वर्ल्ड कप के अपने मैच भारत के बाहर कराने की मांग की थी। BCB ने ICC को पत्र लिखकर अपने मैचों को श्रीलंका में शिफ्ट करने का अनुरोध कियालेकिन ICC ने इसे स्वीकार नहीं किया। बोर्ड का कहना है कि भारत में अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन के लिए सभी सुरक्षा मानक पूरी तरह लागू हैं और किसी एक टीम के लिए नियमों में बदलाव टूर्नामेंट की विश्वसनीयता को प्रभावित करेगा।

    ICC का सख्त रुख

    मुंबई में ICC अध्यक्ष जय शाह की मौजूदगी में BCCI और ICC अधिकारियों के बीच बैठक हुई। इसके बाद BCB से भी बातचीत की गई। बैठक के बाद ICC ने स्पष्ट किया कि तय कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं होगा। ICC ने यह भी कहा कि यदि कोई टीम निर्धारित मैच नहीं खेलती हैतो उसे वॉकओवर या अंक कटौती जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।BCB ने बयान जारी कर कहा कि वह ICC के साथ मिलकर समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है और उनकी प्राथमिकता खिलाड़ियों की सुरक्षा है। ICC ने दोहराया कि वह बांग्लादेश की “पूर्ण और निर्बाध भागीदारी” सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    टी-20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश का शेड्यूल

    टी-20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश को ग्रुप-सी में रखा गया है। टीम के तीन लीग मैच 7 फरवरी को वेस्टइंडीज9 फरवरी को इटलीऔर 14 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स में होंगे। अंतिम ग्रुप मैच 17 फरवरी को मुंबई में नेपाल के खिलाफ खेला जाएगा।गौरतलब है कि पाकिस्तान ने अपने मैच श्रीलंका में कराने की अनुमति हासिल कर ली है। भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से राजनीतिक तनाव के कारण दोनों टीमें एक-दूसरे के देश में क्रिकेट नहीं खेलतीं। ICC ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान का मामला अलग श्रेणी में आता है और बांग्लादेश की स्थिति उससे भिन्न है।विशेषज्ञ मानते हैं कि ICC का यह फैसला टी-20 वर्ल्ड कप की निष्पक्षता और नियमों की मजबूती को बनाए रखने की दिशा में अहम कदम है। बांग्लादेश को सुरक्षा की चुनौतियों के बावजूद भारत में ही खेलना होगाजिससे टूर्नामेंट के संचालन में कोई व्यवधान नहीं आएगा।

  • ICC ने बांग्लादेश की भारत से बाहर मैच की मांग ठुकराई, T20 वर्ल्ड कप 2026 का शेड्यूल यथावत

    ICC ने बांग्लादेश की भारत से बाहर मैच की मांग ठुकराई, T20 वर्ल्ड कप 2026 का शेड्यूल यथावत




    नई दिल्ली।
    आईसीसी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की भारत से बाहर मैच कराने की मांग को खारिज कर दिया है। पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर उठे इस विवाद में आईसीसी ने साफ कहा कि भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस खतरा नहीं है। इस कारण टूर्नामेंट के शेड्यूल या वेन्यू में किसी भी तरह का बदलाव फिलहाल जरूरी नहीं है।

    6 जनवरी को आईसीसी और बीसीबी के अधिकारियों के बीच ऑनलाइन बैठक हुई।

    आईसीसी ने बैठक में स्पष्ट किया कि उसके पास कोई ऐसा सुरक्षा आकलन नहीं है जिससे साबित हो कि भारत में खेलने के दौरान बांग्लादेशी टीम को कोई खास खतरा है। वहीं बीसीबी ने पहले 4 जनवरी को आपात बैठक कर आईसीसी को औपचारिक पत्र भेजा था, जिसमें खिलाड़ियों, टीम अधिकारियों और अन्य सदस्यों की सुरक्षा को देखते हुए भारत से बाहर मैच कराने की मांग की गई थी। हालांकि आईसीसी ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया।
    माना जा रहा है कि आईसीसी की औपचारिक प्रतिक्रिया 10 जनवरी तक सामने आएगी।

    मौजूदा शेड्यूल के अनुसार बांग्लादेश को ग्रुप सी में कोलकाता में अपने तीन मैच खेलने हैं। 7 फरवरी को बांग्लादेश वेस्टइंडीज से, 9 फरवरी को इटली से, 14 फरवरी को इंग्लैंड से और 17 फरवरी को नेपाल से भिड़ेगा।

    विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब BCCI ने IPL फ्रेंचाइजी KKR को बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को रिलीज करने का निर्देश दिया। मुस्ताफिजुर को IPL नीलामी में 9.2 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। इस फैसले के विरोध में BCB ने बांग्लादेश में IPL के प्रसारण पर रोक भी लगा दी थी।

    वहीं, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पुष्टि की कि मुस्ताफिजुर अब पाकिस्तान सुपर लीग में खेलेंगे।

    आईसीसी का रुख साफ है कि सुरक्षा की दृष्टि से भारत में बांग्लादेश के मैचों के वेन्यू में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। ICC के नियमों के मुताबिक टूर्नामेंट का शेड्यूल तय है और किसी भी टीम के अनुरोध पर बदलाव तभी किया जा सकता है जब सुरक्षा की स्थिति गंभीर खतरे का संकेत दे। फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है।

    इस पूरे विवाद ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत में होने वाले मैचों की सुरक्षा और नियोजन को लेकर वैश्विक क्रिकेट जगत में ध्यान खींचा है। BCB और ICC के बीच बातचीत जारी है, लेकिन ICC ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत में मैचों को शिफ्ट करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

  • शाकिब अल हसन ने किया चौंकाने वाला यू-टर्न: तीनों फॉर्मेट में खेलकर लेना चाहते फेयरवेल सीरीज

    शाकिब अल हसन ने किया चौंकाने वाला यू-टर्न: तीनों फॉर्मेट में खेलकर लेना चाहते फेयरवेल सीरीज


    नई दिल्ली। बांग्लादेश के पूर्व कप्तान और ऑलराउंडर शाकिब अल हसन ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास पर अपने पहले के फैसले को पलटते हुए तीनों फॉर्मेट-ओडीआई, टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल-में खेलने की इच्छा जताई है। शाकिब चाहते हैं कि वे अपने करियर की अंतिम सीरीज बांग्लादेश में घरेलू दर्शकों के सामने खेलकर विदाई लें।

    रिटायरमेंट से वापसी का कारण

    शाकिब ने पिछले साल अक्टूबर में भारत के खिलाफ कानपुर टेस्ट खेला था। इसके बाद उन्होंने टेस्ट और टी20 फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा की थी, जबकि वनडे इंटरनेशनल खेलते रहने की इच्छा जताई थी। बाद में विवाद और कानूनी मुद्दों के कारण वह टीम में वापसी नहीं कर पाए।

    हाल ही में बियर्ड बिफोर विकेट पॉडकास्ट में मोईन अली से बातचीत के दौरान शाकिब ने स्पष्ट किया कि उन्होंने तीनों फॉर्मेट से आधिकारिक रूप से संन्यास नहीं लिया है। उन्होंने कहा:

    “मेरी इच्छा है कि मैं बांग्लादेश लौटकर ओडीआई, टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल की पूरी सीरीज खेलूं और इसके बाद संन्यास लूँ। मैं इसे किसी भी क्रम में खेल सकता हूँ, लेकिन पूरी सीरीज खेलकर ही विदाई लेना चाहता हूँ।”

    बांग्लादेश लौटने की चुनौती

    शाकिब के लिए बांग्लादेश लौटना आसान नहीं है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने पहले ही स्पष्ट किया है कि वे किसी भी तरह की सुरक्षा गारंटी नहीं दे सकते। पिछले साल शाकिब घरेलू मैदान पर साउथ अफ्रीका के खिलाफ फेयरवेल टेस्ट खेलना चाहते थे, लेकिन सुरक्षा चिंताओं और गिरफ्तारी के डर के कारण उन्होंने जोखिम नहीं लिया।

    साथ ही शाकिब ने कहा कि वे फिट रहकर चयन के लिए उपलब्ध रहना चाहते हैं और घरेलू दर्शकों के सामने ही अपने करियर को सम्मानजनक रूप से समाप्त करना चाहते हैं।

    शाकिब का करियर: शानदार ऑलराउंड रिकॉर्ड

    38 वर्षीय शाकिब अल हसन ने बांग्लादेश के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया है:

    टेस्ट: 71 मैच, 4609 रन (औसत 37.78), 246 विकेट

    वनडे: 247 मैच, 7570 रन, 317 विकेट

    टी20 इंटरनेशनल: 129 मैच, 2551 रन, 149 विकेट

    आईपीएल: 71 मैच, 793 रन, 63 विकेट

    उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी की क्षमताओं ने उन्हें बांग्लादेश के सबसे बड़े ऑलराउंडरों में शामिल किया है।

    शाकिब की यह वापसी और अंतिम सीरीज की योजना क्रिकेट प्रशंसकों के लिए खासा रोमांचक बन सकती है, लेकिन सुरक्षा और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण उनके देश लौटने में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।