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  • 5 साल बाद बांग्लादेश टेस्ट टीम में हिंदू क्रिकेटर की वापसी ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए अनुभवी सौम्य सरकार को मिला मौका

    5 साल बाद बांग्लादेश टेस्ट टीम में हिंदू क्रिकेटर की वापसी ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए अनुभवी सौम्य सरकार को मिला मौका


    नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने अपनी टीम में बड़ा बदलाव करते हुए अनुभवी ऑलराउंडर सौम्य सरकार की टेस्ट टीम में वापसी कराई है। करीब पांच साल बाद लाल गेंद के क्रिकेट में उनकी वापसी हुई है। टीम प्रबंधन ने ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें टीम में शामिल किया है। सौम्य सरकार की वापसी ऐसे समय हुई है जब बांग्लादेश की टीम चोटिल खिलाड़ियों की समस्या से जूझ रही है।

    दरअसल तेज गेंदबाज नाहिद राणा और शोरीफुल इस्लाम चोट के कारण ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। दोनों खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी से टीम का संतुलन प्रभावित हुआ जिसके बाद चयनकर्ताओं ने अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा जताया। इसी क्रम में सौम्य सरकार को टेस्ट टीम में जगह दी गई है।

    सौम्य सरकार आखिरी बार बांग्लादेश के लिए वर्ष 2021 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मीरपुर टेस्ट में खेलते नजर आए थे। इसके बाद वह लंबे समय तक टेस्ट टीम से बाहर रहे और उन्हें लाल गेंद के क्रिकेट में वापसी का इंतजार करना पड़ा। अब पांच साल बाद उन्हें फिर से टेस्ट टीम में अपनी जगह बनाने का मौका मिला है।

    सौम्य सरकार का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों का अनुभव है। मौजूदा बांग्लादेशी टीम में शामिल खिलाड़ियों में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। वह ऑस्ट्रेलिया की धरती पर आठ इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं। टीम प्रबंधन का मानना है कि उछाल और तेज पिचों पर उनका अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए भी उपयोगी साबित होगा।

    बांग्लादेश की टीम इस दौरे पर मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम को कड़ी चुनौती देने की तैयारी में है। ऐसे में अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम के लिए अहम मानी जा रही है। सौम्य सरकार के पास बल्लेबाजी के साथ जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी करने की भी क्षमता है जिससे टीम को अतिरिक्त संतुलन मिलेगा।

    अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि लंबे अंतराल के बाद टेस्ट क्रिकेट में लौट रहे सौम्य सरकार अपने अनुभव का कितना फायदा उठा पाते हैं और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ बांग्लादेश के प्रदर्शन में कितनी अहम भूमिका निभाते हैं।
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    नई दिल्ली । जिम्बाब्वे के खिलाफ जारी तीन मैचों की वनडे सीरीज के बीच बांग्लादेश क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के अनुभवी बल्लेबाज लिटन दास हैमस्ट्रिंग चोट से पूरी तरह फिट नहीं हो सके हैं और इसी वजह से उन्हें पूरी वनडे सीरीज से बाहर होना पड़ा है। बांग्लादेश क्रिकेट टीम प्रबंधन ने उनकी जगह बाएं हाथ के बल्लेबाज परवेज हुसैन को टीम में शामिल किया है। लिटन अब आगे के उपचार और रिहैबिलिटेशन के लिए ढाका लौटेंगे।

    लिटन दास पहले वनडे मुकाबले में भी चोट के कारण नहीं खेल पाए थे। इसके बाद टीम के मेडिकल स्टाफ ने उनकी फिटनेस पर लगातार नजर रखी। दूसरे मुकाबले से पहले उनका फिटनेस टेस्ट कराया गया लेकिन परिणाम संतोषजनक नहीं रहा। मेडिकल टीम का मानना है कि लगातार कम अंतराल में होने वाले मुकाबलों को देखते हुए उनका पूरी तरह फिट होकर मैदान में लौटना संभव नहीं है। ऐसे में खिलाड़ी की लंबी अवधि की फिटनेस को प्राथमिकता देते हुए उन्हें पूरी सीरीज से बाहर रखने का फैसला लिया गया।

    बांग्लादेश टीम के फिजियो बैजेदुल इस्लाम खान ने बताया कि लिटन अभी मैच खेलने की स्थिति में नहीं हैं। फिटनेस टेस्ट के बाद यह स्पष्ट हो गया कि वह अगले दोनों मुकाबलों तक भी पूरी तरह तैयार नहीं हो पाएंगे। इसी कारण टीम प्रबंधन ने जोखिम लेने के बजाय उन्हें आराम देने का फैसला किया है।

    लिटन की गैरमौजूदगी ऐसे समय में हुई है जब बांग्लादेश पहले ही सीरीज में पिछड़ चुका है। पहले वनडे में टीम को जिम्बाब्वे के खिलाफ 25 रन से अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले में बांग्लादेश के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को केवल 141 रन पर समेट दिया था। तेज गेंदबाज नाहिद राणा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 10 ओवर में सिर्फ 21 रन देकर छह विकेट झटके जबकि तस्कीन अहमद ने दो विकेट हासिल किए।

    हालांकि आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। पूरी टीम 116 रन पर सिमट गई और आठ बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। विकेटकीपर बल्लेबाज नुरुल हसन ने सबसे अधिक 31 रन बनाए जबकि तौहीद हृदय ने 25 रन का योगदान दिया। बाकी बल्लेबाज जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते नजर आए।

    जिम्बाब्वे की जीत में रिचर्ड नगारवा और ब्रैड इवांस की तेज गेंदबाजी ने अहम भूमिका निभाई। दोनों ने तीन-तीन विकेट लेकर बांग्लादेश की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी जबकि ब्लेसिंग मुजारबानी ने भी दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए।

    अब सीरीज बचाने की जिम्मेदारी बांग्लादेश के बाकी बल्लेबाजों और नए शामिल किए गए परवेज हुसैन पर होगी। युवा बल्लेबाज के पास खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साबित करने का अच्छा मौका है। दूसरी ओर जिम्बाब्वे जीत की लय बरकरार रखते हुए सीरीज अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगा। दोनों टीमों के बीच दूसरा वनडे 9 जुलाई और तीसरा मुकाबला 11 जुलाई को खेला जाएगा। बांग्लादेश के लिए ये दोनों मैच करो या मरो की स्थिति वाले होंगे।