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  • बैंक ग्राहकों के लिए बड़ा अपडेट: 28 सितंबर से लगातार 5 दिन नहीं होगा कामकाज, जानिए कब तक बंद रहेंगी सेवाएं

    बैंक ग्राहकों के लिए बड़ा अपडेट: 28 सितंबर से लगातार 5 दिन नहीं होगा कामकाज, जानिए कब तक बंद रहेंगी सेवाएं


    भोपाल । मध्य प्रदेश में बैंक ग्राहकों के लिए आने वाले दिन परेशानी भरे हो सकते हैं। प्रदेश में एक बार फिर बैंकिंग सेवाओं पर हड़ताल और छुट्टियों का असर पड़ने वाला है। अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है तो उसे 25 सितंबर तक निपटा लेना बेहतर रहेगा। इसके बाद लगातार पांच दिनों तक बैंक शाखाओं में सामान्य कामकाज प्रभावित रहने की संभावना है। 28 से 30 सितंबर तक बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर रहेंगे जबकि इससे पहले और बाद में शनिवार रविवार की छुट्टी रहेगी। ऐसे में प्रदेश की करीब 7000 बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित हो सकता है।

    बैंक यूनियनें लंबे समय से पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग कर रही हैं। फिलहाल बैंकों में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी होती है जबकि बाकी शनिवार को बैंक खुले रहते हैं। यूनियनों का कहना है कि सभी शनिवार को अवकाश घोषित कर बैंकिंग व्यवस्था में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू किया जाना चाहिए। इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना कामकाज के समय में करीब 40 मिनट की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। यानी शनिवार की छुट्टी के बदले सप्ताह के बाकी पांच दिनों में काम के घंटे बढ़ाने की व्यवस्था की जा सकती है।

    यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस यानी UFBU की ओर से पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह के साथ स्केल IV लागू करने समेत अन्य मांगें भी उठाई जा रही हैं। यूनियनों के मुताबिक इन मांगों को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण आंदोलन का रास्ता अपनाया गया है। यूनियनों ने पहले भी देशभर में प्रदर्शन किए हैं और अब आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए बैंक हड़ताल का आह्वान किया गया है।

    मध्य प्रदेश में हड़ताल से पहले बैंक कर्मचारी बुधवार को धरना प्रदर्शन भी करेंगे। यह धरना दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक सरकारी प्रेस क्षेत्र में पंजाब नेशनल बैंक के सामने आयोजित किया जाएगा। इसमें बैंक संगठनों के पदाधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे। इसके बाद 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में नियमित सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं।

    बैंक बंद रहने की स्थिति में ग्राहकों को कैश जमा करने और निकालने के अलावा चेक क्लियरेंस जैसे कामों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन भुगतान जैसी सेवाएं अलग माध्यमों से जारी रह सकती हैं लेकिन शाखा जाकर किए जाने वाले जरूरी काम प्रभावित होने की आशंका रहेगी। इसलिए जिन ग्राहकों को नकद लेनदेन चेक से जुड़े काम या बैंक शाखा में दस्तावेज जमा करने जैसे जरूरी काम करने हैं वे समय रहते उन्हें पूरा कर सकते हैं।

    इससे पहले भी सितंबर में 11 12 और 13 तारीख को हड़ताल और छुट्टी के कारण बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ा था। अब एक बार फिर बैंक कर्मचारियों के आंदोलन के चलते लगातार कई दिनों तक शाखाओं का काम प्रभावित होने की स्थिति बन रही है। बैंक यूनियनों का कहना है कि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग लंबे समय से लंबित है और इसी के चलते आंदोलन किया जा रहा है। ऐसे में ग्राहकों के लिए जरूरी है कि वे प्रस्तावित हड़ताल की तारीखों को ध्यान में रखते हुए अपने बैंकिंग काम पहले ही पूरा कर लें।

  • MP में 40 हजार बैंक कर्मचारी हड़ताल पर शाखाओं के नहीं खुले ताले 5 डे वीक की मांग से आज से 3 दिन तक रहेगा असर

    MP में 40 हजार बैंक कर्मचारी हड़ताल पर शाखाओं के नहीं खुले ताले 5 डे वीक की मांग से आज से 3 दिन तक रहेगा असर


    भोपाल। मध्य प्रदेश में शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल के चलते बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह यानी 5 डे वीक लागू करने की मांग को लेकर प्रदेश के करीब 40 हजार बैंक कर्मचारी काम से दूर रहे। इसके चलते भोपाल सहित कई शहरों में बैंक शाखाओं के ताले नहीं खुले। भोपाल के एमपी नगर में बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। हालांकि हड़ताल केवल एक दिन की है लेकिन इसका असर लगातार तीन दिनों तक देखने को मिल सकता है क्योंकि शनिवार और रविवार को बैंकिंग अवकाश रहेगा।

    यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले आयोजित इस हड़ताल में मध्य प्रदेश के बैंक कर्मचारी भी शामिल हुए हैं। कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर आम लोगों के बैंकिंग कामकाज पर पड़ रहा है। बैंक शाखाएं बंद रहने से चेक जमा करने और उनके क्लियरेंस जैसे काम प्रभावित होंगे। इसके अलावा शाखाओं से जुड़े कई दूसरे नियमित काम भी अटक सकते हैं। ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल भुगतान सेवाएं अलग माध्यम से जारी रह सकती हैं लेकिन जिन कामों के लिए शाखा जाना जरूरी है उनके लिए ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

    हड़ताल से पहले बैंक यूनियनों और सरकार के बीच बातचीत भी हुई थी लेकिन किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद यूनियनों ने हड़ताल को जारी रखने का फैसला किया। बैंक कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांग हर शनिवार को बैंक अवकाश घोषित कर पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की है। फिलहाल बैंकों में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहती है जबकि अन्य शनिवार को सामान्य कामकाज होता है।

    यूनियनों का प्रस्ताव है कि शनिवार की छुट्टी के बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना कामकाज का समय करीब 40 मिनट बढ़ाया जा सकता है। कर्मचारियों का कहना है कि इससे पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू होने के बावजूद बैंकिंग कामकाज और ग्राहकों को दी जाने वाली सेवाओं पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

    यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 5 डे वीक के साथ स्केल चार और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए लागू परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI योजना को वापस लेने की मांग भी उठाई है। यूनियनों का आरोप है कि यह योजना बैंक कर्मचारियों के बीच असमानता बढ़ाने वाली है। उनका कहना है कि अधिकारियों के एक सीमित वर्ग को ज्यादा लाभ देने वाली इस व्यवस्था को लागू करने के बजाय कर्मचारियों से जुड़े लंबित मुद्दों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

    बैंक कर्मचारियों की ओर से पेंशन अपडेट करने और पेंशनभोगियों के एक्स ग्रेशिया की समीक्षा की मांग भी उठाई जा रही है। इसके अलावा NPS को OPS में बदलने और सभी पेंशनभोगियों के लिए समान महंगाई भत्ता व्यवस्था लागू करने की मांग लंबित बताई गई है। कर्मचारियों का कहना है कि बैंकों में पर्याप्त संख्या में क्लर्क सब स्टाफ और आर्म्ड गार्ड की भर्ती भी जरूरी है।

    सितंबर के आखिरी सप्ताह में भी बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है। 26 और 27 सितंबर को शनिवार और रविवार का अवकाश है जबकि 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल का आह्वान किया गया है। ऐसे में लगातार पांच दिन बैंक शाखाएं बंद रह सकती हैं। इससे पहले शुक्रवार की हड़ताल ने ही ग्राहकों को बैंक से जुड़े जरूरी काम जल्द निपटाने की चुनौती दे दी है।

  • MP में आज से बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर 3 दिन तक परेशान होंगे ग्राहक 40 हजार बैंककर्मियों की हड़ताल ने बढ़ाई चिंता

    MP में आज से बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर 3 दिन तक परेशान होंगे ग्राहक 40 हजार बैंककर्मियों की हड़ताल ने बढ़ाई चिंता

    भोपाल।  मध्य प्रदेश में आज शुक्रवार को बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है। पांच दिवसीय बैंकिंग वीक की मांग को लेकर प्रदेश के करीब 40 हजार बैंककर्मी एक दिन की हड़ताल पर रहेंगे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले होने वाली इस हड़ताल के कारण प्रदेश की करीब 7 हजार बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। भोपाल में बैंक कर्मचारी एकजुट होकर प्रदर्शन भी करेंगे। हड़ताल भले ही केवल शुक्रवार को है लेकिन आम लोगों पर इसका असर लगातार तीन दिनों तक दिखाई दे सकता है क्योंकि इसके बाद शनिवार और रविवार को बैंकिंग अवकाश रहेगा।

    बैंक यूनियनों का कहना है कि लंबे समय से पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग सरकार के सामने रखी जा रही है लेकिन इस पर अब तक अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। वर्तमान व्यवस्था में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं जबकि बाकी शनिवार को कामकाज होता है। कर्मचारियों की मांग है कि हर शनिवार को अवकाश घोषित कर सोमवार से शुक्रवार तक पांच दिन बैंकिंग सेवाएं संचालित की जाएं। इसके बदले सप्ताह के पांच कार्यदिवसों में रोजाना करीब 40 मिनट अतिरिक्त काम करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।

    हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में नकद निकासी जमा चेक क्लीयरेंस और अन्य काउंटर आधारित सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। खासकर बड़ी रकम निकालने या जमा करने वाले ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि डिजिटल बैंकिंग यूपीआई एटीएम और मोबाइल बैंकिंग जैसी कई सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रह सकती हैं लेकिन नकद और शाखा से जुड़े जरूरी कामों के लिए ग्राहकों को इंतजार करना पड़ सकता है।

    यूनियनों की मांग केवल पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह तक सीमित नहीं है। संगठन स्केल चार और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए लागू की गई पीएलआई योजना का भी विरोध कर रहे हैं। यूनियन नेताओं का आरोप है कि यह योजना बैंक अधिकारियों के एक छोटे वर्ग को अधिक लाभ देने वाली है और इससे कर्मचारियों के बीच असमानता बढ़ सकती है। उनका कहना है कि व्यक्तिगत प्रदर्शन पर आधारित प्रोत्साहन की नीति के बजाय कर्मचारियों के व्यापक हितों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

    बैंक यूनियनों के मुताबिक पेंशन अपडेशन एक्स ग्रेशिया की समीक्षा एनपीएस को ओपीएस में बदलने और सभी पेंशनभोगियों के लिए समान डीए व्यवस्था जैसी मांगें भी अभी लंबित हैं। इसके साथ ही बैंकों में पर्याप्त संख्या में क्लर्क सब स्टाफ और आर्म्ड गार्ड की भर्ती की मांग भी उठाई जा रही है। यूनियनों का कहना है कि कर्मचारियों की कमी का सीधा असर बैंकिंग सेवाओं और मौजूदा कर्मचारियों के काम के दबाव पर पड़ रहा है।

    सबसे बड़ी चिंता यह है कि सितंबर में बैंकिंग सेवाओं पर दूसरी बड़ी बाधा भी आ सकती है। यूनियनों के कार्यक्रम के अनुसार 26 और 27 सितंबर को शनिवार और रविवार की छुट्टी के बाद 28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल प्रस्तावित है। ऐसे में लगातार पांच दिनों तक बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। फिलहाल शुक्रवार की हड़ताल को लेकर बैंक यूनियन और सरकार के बीच बातचीत जारी है लेकिन सकारात्मक समाधान नहीं निकलने के कारण आंदोलन का कार्यक्रम बरकरार रखा गया है। ऐसे में बैंक ग्राहकों के लिए सलाह है कि जरूरी नकद लेनदेन चेक जमा करने और शाखा से जुड़े दूसरे काम पहले से निपटा लें ताकि छुट्टियों और हड़ताल के कारण उन्हें अतिरिक्त इंतजार न करना पड़े।