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  • आज देशभर में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल…. 3 दिन नहीं खुलेंगे बैंक

    आज देशभर में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल…. 3 दिन नहीं खुलेंगे बैंक


    नई दिल्ली।
    अगर आपको बैंक (Bank) का कोई जरूरी काम है और वह सिर्फ बैंक ब्रांच जाकर ही हो सकता है, तो उसे टालना भारी पड़ सकता है. आने वाले कुछ दिनों में कई जगह बैंक ब्रांच (Bank branch) बंद रहने वाली हैं. ऐसे में कैश निकालने, जमा करने या दूसरे ब्रांच से जुड़े काम के लिए आपको लंबा इंतजार करना पड़ सकता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि बैंकिंग सेवाएं (Banking Services) पूरी तरह बंद रहेंगी. डिजिटल बैंकिंग, ATM और दूसरे ऑनलाइन ऑप्शन आपके काम आ सकते हैं।

    यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (United Forum of Bank Unions- UFBU) ने 11 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल (Nationwide bank strike) का ऐलान किया है. बैंक यूनियनों ने अपनी कई मांगों को लेकर यह हड़ताल बुलाई है. इसका असर खास तौर पर बैंक ब्रांच में होने वाले सामान्य कामकाज पर पड़ सकता है. हड़ताल के बाद 12 सितंबर को शनिवार और 13 सितंबर को रविवार है. इसके बाद कुछ राज्यों में सोमवार और मंगलवार को गणेश चतुर्थी के चलते भी बैंक बंद रहेंगे. यानी कुछ जगहों पर बैंक ब्रांच से जुड़े काम के लिए ग्राहकों को लगातार कई दिनों तक इंतजार करना पड़ सकता है।

    किन मांगों को लेकर हड़ताल?
    बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में ‘5 डे बैंकिंग वीक’ लागू करना शामिल है. इसके अलावा परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (PLI Scheme) की समीक्षा की भी मांग की जा रही है. यूनियनों का कहना है कि सरकार की ओर से सोमवार से शुक्रवार तक हफ्ते में पांच दिन कामकाज और शनिवार, रविवार फुल डे वीक ऑफ लागू करने का वादा किया गया था, जिसे अब पूरा किया जाना चाहिए. इन्हीं मांगों के समर्थन में UFBU ने हड़ताल का फैसला लिया है. यूएफबीयू में एआइबीईए, एआइबीओसी, एनसीबीई, एआइबीओए, बीईएफआइ, आइएनबीओसी और आइएनबीईएफ समेत सात बैंक यूनियनें शामिल हैं. ये बैंकिंग वर्कफोर्स के 90 प्रतिशत से अधिक का प्रतिनिधित्व करती हैं।


    बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी?

    ऐसा नहीं है कि हड़ताल के दौरान बैंकिंग की हर सुविधा बंद हो जाएगी. बैंकों ने जरूरी सेवाएं जारी रखने के लिए इंतजाम किए हैं. लेकिन बैंक ब्रांच में होने वाले कई काम प्रभावित हो सकते हैं. अगर आपका काम ऐसा है जिसके लिए बैंक ब्रांच जाना जरूरी है, तो उसमें देरी हो सकती है. खास तौर पर कैश जमा करने, कैश निकालने या किसी दूसरे ऑफलाइन काम के लिए आपको इंतजार करना पड़ सकता है।


    SBI ने ग्राहकों को क्या कहा?

    स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ग्राहकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. बैंक ने कहा है कि हड़ताल के दौरान ब्रांच और ऑफिस के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं. इसके बावजूद 11 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल के कारण बैंकिंग काम प्रभावित हो सकता है. SBI ने ग्राहकों को सलाह दी है कि अगर कोई जरूरी बैंकिंग ट्रांजैक्शन करना है तो उसे डिजिटल या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए पूरा करें।


    कैश की जरूरत तो क्या करें?

    अगर आपको कैश की जरूरत है तो बैंक ब्रांच बंद होने की स्थिति में ATM और ADWM (Automated Deposit and Withdrawal Machine) का इस्तेमाल किया जा सकता है. SBI ने ग्राहकों को उपलब्ध बैंकिंग सेवाओं के लिए CSP (Customer Service Point) का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी है. इसके अलावा इंटरनेट बैंकिंग, YONO, मोबाइल बैंकिंग, UPI और दूसरे डिजिटल चैनलों के जरिए कई जरूरी काम किए जा सकते हैं. यानी अगर आपका काम ऑनलाइन हो सकता है तो बैंक ब्रांच खुलने का इंतजार करने की जरूरत नहीं है. UPI से पेमेंट, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और ATM जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहने की स्थिति में उनका इस्तेमाल किया जा सकता है।


    PNB ने जारी की एडवाइजरी

    पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने भी 11 सितंबर की बैंक हड़ताल को लेकर ग्राहकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. बैंक ने जरूरी ट्रांजैक्शन के लिए डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करने की सलाह दी है. PNB के मुताबिक ग्राहक UPI Payments, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, ATM और ADWM जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।


    HDFC और ICICI का अपडेट

    HDFC Bank, ICICI Bank और कुछ दूसरे बैंकों की ओर से इस हड़ताल को लेकर फिलहाल कोई अलग बयान सामने नहीं आया है. ऐसे में ग्राहकों को अपने बैंक की तरफ से जारी होने वाले अपडेट पर नजर रखनी चाहिए. अगर आपका अकाउंट इन बैंकों में है और कोई जरूरी काम ब्रांच जाकर करना है, तो ब्रांच जाने से पहले बैंक की वेबसाइट, ऐप या दूसरे आधिकारिक चैनल पर स्थिति जरूर चेक कर लें।


    अगले कुछ दिन रहेंगे मुश्किल

    11 सितंबर की हड़ताल के बाद 12 सितंबर शनिवार और 13 सितंबर रविवार है. इसके बाद कुछ राज्यों में 14 और 15 सितंबर को गणेश चतुर्थी के चलते बैंक हॉलिडे रह सकता है. हालांकि, छुट्टी की स्थिति राज्य के हिसाब से अलग हो सकती है. इसलिए अगर आपको कैश जमा करना है, कैश निकालना है या ऐसा कोई काम करना है जो सिर्फ बैंक ब्रांच में हो सकता है, तो इसके लिए अगले कुछ दिनों का इंतजार करना पड़ सकता है।

  • राम मंदिर केस: घोटाले में लिप्त बैंककर्मी को बनाया चढ़ावे की रकम का गणना प्रभारी, बगैर जांच रखे कर्मचारी

    राम मंदिर केस: घोटाले में लिप्त बैंककर्मी को बनाया चढ़ावे की रकम का गणना प्रभारी, बगैर जांच रखे कर्मचारी


    लखनऊ।
    राम मंदिर चढ़ावा चोरी (Ram Mandir offerings theft) केस में जेल भेजे गए आरोपी सुभाष श्रीवास्तव (Subhash Srivastava) को लेकर एसआईटी की विस्तृत जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सुभाष जब बैंक में था, तब उसे घोटाले के आरोप में बर्खास्त किया गया था। हालांकि बाद में वह कोर्ट से बहाली का आदेश लेकर आया था। ऐसे में सवाल उठता है कि ट्रस्ट ने बिना किसी जांच-पड़ताल के सुभाष को नौकरी पर रखा। वह भी सबसे संवेदनशील कार्य गणना का इंचार्ज बना दिया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ट्रस्ट ने किस कदर आंखें मूंदकर काम किया।

    मामले में अब तक कुल आठ आरोपी जेल भेजे गए हैं। इसमें गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव भी शामिल है। गणना प्रक्रिया की देखरेख करने से लेकर नकदी आदि बैंक भिजवाने तक की जिम्मेदारी सुभाष की थी। जांच में सामने आया था कि उसकी मिलीभगत की वजह से आरोपी रकम पार करते रहे थे। वहीं, जब एसआईटी प्रकरण की विस्तृत जांच कर रही है, तो उसमें एक और चौंकाने वाला तथ्य उजागर हुआ। पता चला कि सुभाष सिंडिकेट बैंक में काम करता था। उसी दौरान गबन व घोटाले का एक मामला हुआ था। विभागीय जांच के बाद सुभाष श्रीवास्तव को बैंक से बर्खास्त कर दिया गया था। कार्रवाई के खिलाफ वह कोर्ट पहुंचा था, जहां से उसे बहाली का आदेश मिला था। बहाल होने के बाद उसने नौकरी ज्वाइन की थी। रिटायर होने के बाद वह राम मंदिर में काम करने लगा था।


    प्रमुखता से जांच में शामिल किया

    सूत्रों के अनुसार मंदिर में नौकरी पर लोगों को रखने की प्रक्रिया को एसआईटी ने बेहद अहम माना है। मनचाहे तरीके से तमाम कर्मचारियों को रखा गया था। इसी में सुभाष को भी रखने का मामला सामने आया है। सूत्रों का कहना है कि सुभाष ट्रस्ट के पदाधिकारियों के संपर्क में था। लिहाजा, जब वह रिटायर हुआ तो बिना जांच के उसे नौकरी पर रख लिया गया था। लोग बताते हैं, उसका दावा था कि वह सेवा करता है, इसलिए सैलरी नहीं लेता है। टिन्नू की शह पर सुभाष ही तय करता था कि गणना में किसकी ड्यूटी लगाई जाएगी।

  • बैंकों ने 27 जनवरी को हड़ताल का ऐलान, लगातार 4 दिन रहेंगे बंद, कर्मचारी कर रहे 5 दिन के कार्य सप्ताह की मांग

    बैंकों ने 27 जनवरी को हड़ताल का ऐलान, लगातार 4 दिन रहेंगे बंद, कर्मचारी कर रहे 5 दिन के कार्य सप्ताह की मांग


    नई दिल्ली । जनवरी के आखिरी हफ्ते में बैंकिंग सेवाओं से जुड़े किसी काम की योजना बना रहे लोगों के लिए एक बड़ी खबर है। बैंक कर्मचारियों ने 27 जनवरी 2026 को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल का कारण है कर्मचारियों द्वारा की जा रही 5 डेज वीक की मांग। यदि हड़ताल होती है तो बैंकों का काम लगातार चार दिनों तक ठप रहेगा क्योंकि 24 जनवरी को चौथा शनिवार 25 जनवरी को रविवार और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की छुट्टी होगी। ऐसे में 27 जनवरी को होने वाली हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित हो सकती हैं।

    क्यों हो रही है हड़ताल

    बैंक कर्मचारियों का संघ, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने 5 दिन का कार्य सप्ताह लागू करने की मांग की है। वर्तमान में बैंक कर्मचारियों को हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश मिलता है, जबकि रविवार के दिन भी अवकाश होता है। कर्मचारियों का कहना है कि मार्च 2024 में हुए वेतन संशोधन समझौते के तहत भारतीय बैंकों के संघ आईबीए और यूएफबीयू के बीच सहमति बनी थी कि वे हर महीने के दो शनिवारों को अवकाश देंगे लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है।

    यूनियन ने इस संबंध में एक बयान जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार उनकी वास्तविक मांग पर ध्यान नहीं दे रही है। संघ का कहना है कि यदि 5 डेज वीक लागू किया जाता है तो वे हर दिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने के लिए तैयार हैं जिससे कार्य समय में कोई कमी नहीं होगी।

    क्या हैं बैंकों की मुख्य मांगें

    संघ का कहना है कि अन्य सरकारी संस्थान जैसे कि आरबीआई भारतीय रिजर्व बैंक एलआईसी भारतीय जीवन बीमा निगम जीआईसी जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन पहले से ही सप्ताह में 5 दिन काम कर रहे हैं। इसके अलावा, विदेशी मुद्रा बाजार, करेंसी मार्केट और स्टॉक एक्सचेंज जैसे वित्तीय बाजार भी शनिवार को बंद रहते हैं। ऐसे में बैंकों द्वारा सप्ताह में पांच दिन काम करने की कोई वजह नहीं बनती।

    यूएफबीयू के बारे में

    यूएफबीयू भारत के नौ प्रमुख बैंक यूनियनों का एक संगठन है। यह संगठन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और कुछ पुराने निजी बैंकों के कर्मचारियों और अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करता है। संघ ने कहा कि उनकी सोशल मीडिया अभियान को जबरदस्त समर्थन मिला है, जिसमें 18 लाख से अधिक इंप्रेशन और पूर्व में ट्विटर पर लगभग 2,85,200 पोस्ट्स मिली हैं।

    आगे क्या होगा
    27 जनवरी को होने वाली इस हड़ताल से बैंकिंग सेवाओं का संचालन प्रभावित हो सकता है। यह हड़ताल एक दिन की होगी, लेकिन इसके कारण बैंकों की सेवाएं तीन दिन तक ठप रह सकती हैं। क्योंकि हड़ताल के दिन के अलावा, 24, 25, और 26 जनवरी को पहले से ही छुट्टियां हैं। इसलिए अगर आप जनवरी के अंत में किसी बैंक से जुड़ा काम निपटाना चाहते हैं तो इसे पहले के हफ्ते में निपटा लें या फिर आपको अगले महीने तक का इंतजार करना पड़ सकता है।

    हालांकि यूएफबीयू ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी प्रकार के अतिरिक्त कार्यभार के लिए तैयार हैं बशर्ते उन्हें सप्ताह में पांच दिन काम करने का अवसर मिले। कर्मचारियों का कहना है कि यह कदम न केवल उनके लिए बल्कि ग्राहकों के लिए भी सुविधाजनक होगा क्योंकि इससे बैंकों का कामकाज और भी व्यवस्थित हो सकता है।