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  • नकली सोने पर 43 लाख का गोल्ड लोन! PNB में कथित फर्जीवाड़े का खुलासा, 15 लोगों पर FIR दर्ज

    नकली सोने पर 43 लाख का गोल्ड लोन! PNB में कथित फर्जीवाड़े का खुलासा, 15 लोगों पर FIR दर्ज


    मध्यप्रदेश। जबलपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की सदर शाखा से जुड़ा एक बड़ा बैंकिंग फर्जीवाड़ा सामने आया है। बैंक प्रबंधन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो अधिकृत गोल्ड वैल्यूअर्स सहित 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि बैंक में नकली सोना गिरवी रखकर उसे असली बताने की रिपोर्ट तैयार की गई और उसके आधार पर करीब 43 लाख रुपए का गोल्ड लोन स्वीकृत करा लिया गया। मामले के सामने आने के बाद बैंकिंग व्यवस्था और गोल्ड लोन प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।

    पुलिस के अनुसार यह कथित फर्जीवाड़ा दिसंबर 2023 से अक्टूबर 2024 के बीच किया गया। शिकायत में कहा गया है कि बैंक द्वारा अधिकृत गोल्ड वैल्यूअर ने कुछ ग्राहकों के साथ मिलकर नकली आभूषणों को असली सोना प्रमाणित किया। बैंक ने वैल्यूअर की रिपोर्ट पर भरोसा करते हुए गोल्ड लोन स्वीकृत कर दिया और संबंधित आभूषण बैंक के लॉकर में सुरक्षित रख दिए गए।

    जानकारी के मुताबिक बैंक ने न्यू रामनगर स्थित एक ज्वेलरी कारोबारी को गोल्ड वैल्यूअर के रूप में अधिकृत किया था। आरोप है कि उन्होंने बैंक में आए कई ग्राहकों के नकली सोने को अपनी जांच रिपोर्ट में असली बताया, जिसके आधार पर लोन स्वीकृत हुए। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि एक अन्य अधिकृत वैल्यूअर ने भी एक मामले में कथित रूप से नकली आभूषणों को असली प्रमाणित किया।

    मामले का खुलासा तब हुआ जब गोल्ड लोन लेने वाले कई खाताधारकों ने निर्धारित अवधि के बाद भी अपनी किस्तें जमा नहीं कीं। बैंक की ओर से नोटिस जारी किए गए, लेकिन अपेक्षित जवाब नहीं मिलने पर अधिकारियों को संदेह हुआ। इसके बाद लॉकर में रखे गए गिरवी आभूषणों की दोबारा जांच कराई गई। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि जिन आभूषणों के आधार पर लोन स्वीकृत किए गए थे, उनमें से कई नकली थे।

    इसके बाद बैंक प्रबंधन ने पूरे मामले की आंतरिक जांच शुरू की और फरवरी 2026 में पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाने जैसे पहलुओं की जांच की जा रही है।

    कैंट थाना पुलिस के मुताबिक शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब सभी आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा बैंक को हुए नुकसान की वास्तविक राशि कितनी है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस तरह के अन्य मामले भी सामने आए हैं।

    बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि गोल्ड लोन प्रक्रिया में वैल्यूअर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह बैंकिंग व्यवस्था में विश्वास को प्रभावित करने वाला गंभीर मामला माना जाएगा। हालांकि मामले में दर्ज आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

    फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश जारी है। बैंक प्रबंधन भी मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहा है। पूरे घटनाक्रम पर अब जांच एजेंसियों और बैंक अधिकारियों की नजर बनी हुई है।

  • जबलपुर में साइबर ठगी: बुजुर्ग के खाते से एक लाख रुपये उड़ा लिए, योनो लिंक पर क्लिक कर हुआ हैक

    जबलपुर में साइबर ठगी: बुजुर्ग के खाते से एक लाख रुपये उड़ा लिए, योनो लिंक पर क्लिक कर हुआ हैक


    जबलपुर । जबलपुर में साइबर अपराधियों ने बुजुर्ग नागरिक को अपना शिकार बना लिया। गोराबाजार थाना क्षेत्र के निवासी प्रभाकर मोहिते ने पुलिस को शिकायत दी कि उनके खाते से करीब एक लाख रुपये ठगी के जरिए गायब हो गए।

    शिकायत में बताया गया कि ठगों ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर बताया कि उनके एसबीआई योनो ऐप का एक्सपायर हो गया है। इसके बाद उन्होंने प्रभाकर मोहिते को एक लिंक भेजा और उस पर क्लिक करने को कहा। लिंक पर क्लिक करते ही बुजुर्ग का मोबाइल हैक हो गया। इसके तुरंत बाद उनके खाते से कई ट्रांजेक्शन के जरिए कुल एक लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए गए।

    गोराबाजार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात साइबर अपराधियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने लोगों को चेताया है कि कभी भी मोबाइल लिंक या कॉल पर बैंक की जानकारी साझा न करें और ऐसे संदिग्ध संदेश आने पर सीधे अपने बैंक या पुलिस से संपर्क करें।

    इस घटना ने एक बार फिर साइबर ठगी के नए तरीकों की चेतावनी दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल या इंटरनेट बैंकिंग इस्तेमाल करते समय हमेशा सुरक्षित ऐप और आधिकारिक वेबसाइटों का ही प्रयोग करें।

  • बैंगलुरु बैंक मैनेजर ने ग्राहकों का 3 किलो सोना हड़पकर जुए में उड़ाया, पुलिस ने गिरफ्तार किया

    बैंगलुरु बैंक मैनेजर ने ग्राहकों का 3 किलो सोना हड़पकर जुए में उड़ाया, पुलिस ने गिरफ्तार किया


    बैंगलुरु । बैंगलुरु में एक चौकाने वाला बैंक फ्रॉड सामने आया है जिसमें इंडियन बैंक के 34 वर्षीय असिस्टेंट मैनेजर किरन कुमार ने ग्राहकों के करीब 3 किलो सोना हड़प लिया। यह सोना ग्राहकों के लॉकर में सुरक्षित रखा गया था और इसकी कीमत लगभग 4 करोड़ रुपये बताई जा रही है। आरोपी ने इस सोने को बेचकर प्राप्त राशि से ऑनलाइन जुआ खेला।

    पुलिस और बैंक सूत्रों के मुताबिक जब शाखा के ब्रांच मैनेजर अनुपस्थित थे तब किरन कुमार के पास लॉकर का एक्सेस था। उन्होंने लगातार छोटे-छोटे हिस्सों में सोना चुराना शुरू किया और धीरे-धीरे ग्राहकों के करीब 2.70 किलो सोने पर कब्जा कर लिया।

    यह मामला 2 जनवरी को तब उजागर हुआ जब एक ग्राहक अपने गहने निकालने बैंक गया और लॉकर में छेड़छाड़ पाई। जांच में पता चला कि बैंक के 21 लॉकरों से गहने गायब हैं जबकि तीन लॉकर पूरी तरह खाली कर दिए गए थे। इसके बाद बैंक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और बैंगलुरु पुलिस ने किरन कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

    विशेषज्ञों के अनुसार यह फ्रॉड पिछले साल तेलंगाना में एसबीआई बैंक के कैशियर द्वारा किए गए बड़े घोटाले की याद दिलाता है। उस मामले में कैशियर ने 10 महीने की योजना के तहत ग्राहकों के 14 करोड़ रुपये और 20 किलो सोना हड़प लिया था।

    अब बैंगलुरु में हुए इस फ्रॉड की जांच जारी है। पुलिस ने कहा है कि ग्राहक अपने लॉकर की सामग्री की सुरक्षा और ट्रैकिंग के लिए सावधान रहें। अधिकारियों के अनुसार इस मामले में आरोपी से पूछताछ के बाद चोरी किए गए सोने की वापसी और अन्य संभावित अपराधियों की पहचान की जाएगी। यह घटना एक बार फिर बैंकिंग सुरक्षा और कर्मचारियों पर भरोसे के बीच खतरनाक अंतर दिखाती है और ग्राहकों के लिए चेतावनी है कि उन्हें अपनी संपत्ति की निगरानी व्यक्तिगत रूप से भी करनी चाहिए।