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  • बैंक ऑफ बड़ौदा ने वसूला तय सीमा से अधिक ब्याज….. RBI ने ठोका 63.60 लाख का जुर्माना

    बैंक ऑफ बड़ौदा ने वसूला तय सीमा से अधिक ब्याज….. RBI ने ठोका 63.60 लाख का जुर्माना


    नई दिल्ली।
    देश के प्रमुख सरकारी बैंकों (Public sector Banks) में शामिल बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) पर भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India-RBI) ने 63.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। केंद्रीय बैंक ने यह कार्रवाई बैंक द्वारा कुछ लोन खातों में तय सीमा से अधिक ब्याज वसूलने और KYC (Know Your Customer) नियमों का पालन नहीं करने के कारण की है। RBI के इस कदम से साफ संदेश गया है कि बैंकिंग नियमों के उल्लंघन पर किसी भी बैंक को राहत नहीं दी जाएगी, चाहे वह सरकारी बैंक ही क्यों न हो।

    क्या है मामला?
    RBI के अनुसार, यह मामला बैंक की 31 मार्च 2025 तक की वित्तीय स्थिति के निरीक्षण के दौरान सामने आया। जांच में पाया गया कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने कुछ ग्राहकों से निर्धारित दर से अधिक ब्याज वसूला। इसके अलावा कई खातों में ग्राहकों की KYC जानकारी को तय समय सीमा के अंदर CKYCR (Central KYC Records Registry) में अपडेट नहीं किया गया, जो RBI के नियमों का उल्लंघन है।

    कारण बताओ नोटिस
    इन खामियों के सामने आने के बाद रिजर्व बैंक ने बैंक ऑफ बड़ौदा को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया और उससे स्पष्टीकरण मांगा। बैंक को लिखित जवाब देने के साथ-साथ व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखने का भी अवसर दिया गया। हालांकि, RBI ने बैंक की दलीलों को संतोषजनक नहीं माना। इसके बाद 30 जून 2026 को बैंक पर 63.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश जारी कर दिया गया।

    RBI ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल नियामकीय नियमों के उल्लंघन के आधार पर की गई है। इसका मतलब यह नहीं है कि बैंक और उसके ग्राहकों के बीच हुए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर कोई असर पड़ेगा। यानी बैंक की सामान्य बैंकिंग सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी और ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है।

    KYC नियमों का सही तरीके से पालन नहीं
    इसी कार्रवाई के तहत रिजर्व बैंक ने एक अन्य मामले में GIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड पर भी 3.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी पर KYC नियमों का सही तरीके से पालन नहीं करने का आरोप था। RBI ने नोटिस, लिखित जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के बाद कंपनी की दलीलों को भी असंतोषजनक पाया और 24 जून 2026 को जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया।

    बैंकिंग एक्सपर्ट का मानना है कि हाल के सालों में RBI नियमों के पालन को लेकर काफी सख्त हुआ है। KYC, ब्याज दरों की पारदर्शिता और ग्राहक हितों की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय बैंक लगातार निगरानी बढ़ा रहा है। ऐसे में सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए RBI के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करना बेहद जरूरी हो गया है।

    बैंक ऑफ बड़ौदा पर लगाया गया यह जुर्माना ग्राहकों के लिए एक संदेश है कि बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए RBI लगातार सक्रिय है। वहीं, ग्राहकों के लिए यह राहत की बात है कि इस कार्रवाई का उनकी जमा राशि, बैंक खाते या बैंक की नियमित सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

  • अब 22 भाषाओं में पाएं बैंकिंग सेवाएं, डिजिटल सुविधा होगी और आसान!

    अब 22 भाषाओं में पाएं बैंकिंग सेवाएं, डिजिटल सुविधा होगी और आसान!


    नई दिल्ली।सरकारी क्षेत्र का बैंक ऑफ बड़ौदा अब ग्राहकों को 22 भाषाओं में बैंकिंग सेवाएं देने के लिए एआई आधारित बहुभाषी चैटबॉट ‘बॉब संवाद’ लेकर आया है। यह पहल समावेशी बैंकिंग की दिशा में एक बड़ा कदम है और शाखाओं में भाषा संबंधी बाधाओं को खत्म करने में मदद करेगी।

    ‘बॉब संवाद’ की खासियत
    प्लेटफॉर्म टेक्स्ट और वॉइस दोनों मोड में काम करता है।
    ग्राहक अपनी पसंदीदा भाषा में प्रश्न बोल या टाइप कर सकते हैं।
    शाखा कर्मचारियों के लिए तुरंत अनुवाद उपलब्ध होता है, जिससे सेवा तेज और सटीक होती है।
    दो-तरफा संचार के माध्यम से ग्राहक और कर्मचारी अलग भाषाएं बोलने पर भी सहजता से बातचीत कर सकते हैं। बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ, देबदत्ता चंद ने कहा कि यह पहल बैंक के ग्राहक-केंद्रित डिज़ाइन और प्रौद्योगिकी संयोजन के लक्ष्य को दर्शाती है।

    लॉन्च और विस्तार

    पहले चरण में, ‘बॉब संवाद’ की सुविधा तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र की 250 शाखाओं में उपलब्ध होगी।
    बैंक का लक्ष्य है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क में इसे व्यापक रूप से लागू किया जाए।

    तकनीकी और समावेशी पहल

    वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म ग्राहक सेवा वितरण को मजबूत करेगा और बैंकिंग क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल का नया मानदंड स्थापित करेगा। बैंक ने आंतरिक रूप से इसे विकसित किया है ताकि ग्राहक और कर्मचारी भाषा संबंधी बाधाओं के बिना संवाद कर सकें।

    पर्यावरण और सामाजिक पहल

    लॉन्च के अवसर पर सचिव ने बैंक के मुंबई कार्यालय में ‘बॉब फॉरेस्ट’ नामक सतत विकास पहल का भी दौरा किया। इसका उद्देश्य जैव विविधता और स्वच्छ हवा को बढ़ावा देना और व्यापक ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और विकास) प्रयासों को मजबूत करना है।

    पिछली पहलें और जागरूकता

    इससे पहले फरवरी में वित्त मंत्रालय ने बैंक ऑफ बड़ौदा अकादमी, अहमदाबाद में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए आरक्षण नीति और दिव्यांगों के लिए वित्तीय सेवाओं की सुलभता पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की थी।

    बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपने बहुभाषी एआई प्लेटफॉर्म ‘बॉब संवाद’ के जरिए ग्राहकों को 22 भाषाओं में बैंकिंग सेवाएं देने की पहल की। पहले चरण में 250 शाखाओं में इसे शुरू किया जाएगा और भविष्य में पूरे नेटवर्क में विस्तार किया जाएगा। यह प्लेटफॉर्म टेक्स्ट व वॉइस दोनों मोड में काम करता है और भाषा बाधाओं को दूर कर ग्राहक अनुभव को आसान बनाता है।

  • बैंक ऑफ बड़ौदा ने कार लोन पर ब्याज दर 0.30 फीसदी घटाई, नई दरें लागू

    बैंक ऑफ बड़ौदा ने कार लोन पर ब्याज दर 0.30 फीसदी घटाई, नई दरें लागू


    नई दिल्‍ली।
    सार्वजनिक क्षेत्र (Public Sector) के बैंक ऑफ बड़ौदा (बॉब) (Bank of Baroda – BOB) ने सोमवार को अपनी कार लोन पर ब्याज की दरों में 0.30 फीसदी की कटौती करने का ऐलान किया है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।

    बैंक ऑफ बड़ौदा के मुताबिक परिवर्तनशील (फ्लोटिंग) ब्याज दर अब 7.6 फीसदी सालाना से शुरू होगी। इसके अलावा बैंक ने ‘बड़ौदा कार लोन’ पर आकर्षक निश्चित ब्याज दर की भी पेशकश की है, जो 8.5 फीसदी प्रति वर्ष से शुरू होती है। बैंक के मुताबिक 7.6 फीसदी की शुरुआती ब्याज की दर नई कार की खरीद पर उपलब्ध होगी और यह कर्ज लेने वाले व्यक्ति के क्रेडिट प्रोफाइल (सिबिल स्कोर आदि) से जुड़ी होगी। ब्याज दरों में कटौती के साथ ही बैंक व्यक्तिगत कर्जदारों को फ्लोटिंग रेट वाले कार ऋण पर समय पूर्व भुगतान या आंशिक भुगतान पर लगने वाले शुल्क से राहत देगा।

    बॉब ने बताया कि ‘बड़ौदा कार लोन’ (निश्चित और परिवर्तनशील दोनों) पर ब्याज की गणना ‘डेली रिड्यूसिंग बैलेंस’ (दैनिक घटते शेष) पद्धति के आधार पर की जाती है, जो इसे ग्राहकों के लिए और भी किफायती बनाता है। बैंक के मुताबिक ग्राहक 84 महीनों तक की विस्तारित पुनर्भुगतान अवधि (रिपेमेंट टेन्योर) का लाभ भी उठा सकते हैं, जिससे उन्हें भुगतान में अधिक लचीलापन मिलेगा।