Tag: BankOfBaroda

  • बैंक ऑफ बड़ौदा में 206 पदों पर भर्ती शुरू, सीनियर मैनेजर समेत कई पदों के लिए 26 अगस्त तक आवेदन

    बैंक ऑफ बड़ौदा में 206 पदों पर भर्ती शुरू, सीनियर मैनेजर समेत कई पदों के लिए 26 अगस्त तक आवेदन

    नई दिल्ली । बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने विभिन्न विभागों में कुल 206 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती अभियान के तहत डिजिटल बैंकिंग, सुविधा प्रबंधन, सूचना सुरक्षा, सुरक्षा, एंटरप्राइज डेटा मैनेजमेंट और कॉर्पोरेट अकाउंट्स एवं टैक्स प्लानिंग जैसे प्रमुख विभागों में योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थी 26 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    भर्ती के तहत सबसे अधिक 88 पद सुविधा प्रबंधन विभाग में भरे जाएंगे। इसके अलावा सुरक्षा विभाग में 54, डिजिटल बैंकिंग विभाग में 19, सूचना सुरक्षा विभाग में 16, एंटरप्राइज डेटा मैनेजमेंट ऑफिस में 14 तथा कॉर्पोरेट अकाउंट्स एवं टैक्स प्लानिंग विभाग में 15 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें मैनेजर, सीनियर मैनेजर, चीफ मैनेजर, टेक्निकल ऑफिसर, डेटा साइंटिस्ट, डेटा क्वालिटी एनालिस्ट, डिजिटल प्रोडक्ट मैनेजर और टैक्सेशन से जुड़े कई पद शामिल हैं।

    डिजिटल बैंकिंग विभाग में डिजिटल प्रोडक्ट और डिजिटल लेंडिंग से जुड़े पदों पर भर्ती होगी। सुविधा प्रबंधन विभाग में सिविल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से संबंधित तकनीकी अधिकारियों और प्रबंधकों की नियुक्ति की जाएगी। सूचना सुरक्षा विभाग में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए अवसर उपलब्ध हैं, जबकि एंटरप्राइज डेटा मैनेजमेंट विभाग में डेटा साइंटिस्ट, डेटा प्रोफाइलिंग, बिजनेस इंटेलिजेंस और डैशबोर्ड डेवलपमेंट से जुड़े अनुभवी उम्मीदवारों की भर्ती होगी।

    इन पदों के लिए उम्मीदवारों के पास संबंधित क्षेत्र के अनुसार बीई, बीटेक, बीसीए, एमसीए, बीएससी, एमएससी, डेटा साइंस, कंप्यूटर साइंस, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, चार्टर्ड अकाउंटेंसी, आईसीडब्ल्यूए, ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन जैसी निर्धारित शैक्षणिक योग्यता होना आवश्यक है। इसके साथ ही पद के अनुसार दो से दस वर्ष तक का कार्य अनुभव भी अनिवार्य रखा गया है।

    आयु सीमा भी पद के अनुसार अलग-अलग निर्धारित की गई है। न्यूनतम आयु 23 से 31 वर्ष तथा अधिकतम आयु 35 से 43 वर्ष तक रखी गई है। आयु की गणना 1 अगस्त के आधार पर होगी। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अन्य आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा।

    चयन प्रक्रिया में ऑनलाइन लिखित परीक्षा, साइकोमेट्रिक टेस्ट, व्यक्तिगत साक्षात्कार, दस्तावेज सत्यापन तथा आवश्यकता अनुसार अन्य मूल्यांकन शामिल किए जाएंगे। अंतिम चयन के बाद उम्मीदवारों को पद के अनुसार 48,480 रुपये से लेकर 1,20,940 रुपये प्रतिमाह तक वेतन मिलेगा। इसके अलावा बैंक की सेवा शर्तों के अनुसार अन्य भत्ते और सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।

    आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। सामान्य, ईडब्ल्यूएस और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 850 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि एससी, एसटी, दिव्यांग, पूर्व सैनिक और महिला अभ्यर्थियों के लिए शुल्क 175 रुपये रखा गया है। आवेदन करते समय उम्मीदवारों को सभी आवश्यक दस्तावेज, शैक्षणिक प्रमाणपत्र और अनुभव संबंधी जानकारी सही तरीके से दर्ज करनी होगी। बैंकिंग क्षेत्र में स्थायी और प्रतिष्ठित करियर की तलाश कर रहे योग्य उम्मीदवारों के लिए यह भर्ती एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।

  • RBI की बड़ी कार्रवाई, नियमों के उल्लंघन पर बैंक ऑफ बड़ौदा और GIC हाउसिंग फाइनेंस पर लाखों रुपये का जुर्माना

    RBI की बड़ी कार्रवाई, नियमों के उल्लंघन पर बैंक ऑफ बड़ौदा और GIC हाउसिंग फाइनेंस पर लाखों रुपये का जुर्माना

    नई दिल्ली । भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग नियमों के पालन में लापरवाही बरतने पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा और जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। केंद्रीय बैंक ने दोनों संस्थानों पर कुल 66.7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई नियामकीय प्रावधानों के उल्लंघन के मामलों में की गई है। साथ ही RBI ने स्पष्ट किया है कि इस निर्णय का ग्राहकों के खातों, जमा राशि या बैंकिंग सेवाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

    RBI के अनुसार बैंक ऑफ बड़ौदा पर 63.6 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जांच के दौरान पाया गया कि बैंक ने कुछ ऋण खातों में निर्धारित सीमा से अधिक ब्याज वसूला, जो लागू नियामकीय निर्देशों के अनुरूप नहीं था। इसके अलावा बैंक कुछ ग्राहकों से संबंधित केवाईसी दस्तावेज निर्धारित समय के भीतर केंद्रीय रजिस्ट्री में अपलोड करने में भी विफल रहा। केंद्रीय बैंक ने इसे अनुपालन संबंधी गंभीर चूक माना है।

    वहीं जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस पर 3.1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जांच में सामने आया कि कंपनी अपने ऋण खातों के जोखिम का निर्धारित अंतराल पर मूल्यांकन नहीं कर रही थी। नियमानुसार ऐसे खातों की कम से कम प्रत्येक छह महीने में समीक्षा की जानी चाहिए, लेकिन कंपनी इस प्रक्रिया का समय पर पालन नहीं कर सकी। इसी आधार पर नियामकीय कार्रवाई की गई।

    RBI ने कहा है कि वित्तीय संस्थानों के लिए नियामकीय मानकों का पालन अनिवार्य है। बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और ग्राहकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर निरीक्षण और अनुपालन की समीक्षा की जाती है। जहां भी नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आते हैं, वहां निर्धारित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है।

    केंद्रीय बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि लगाया गया जुर्माना केवल नियामकीय कमियों से संबंधित है और इसका उद्देश्य संस्थानों को नियमों के बेहतर पालन के लिए प्रेरित करना है। यह कार्रवाई किसी ग्राहक के खाते, जमा राशि, ऋण अनुबंध या बैंकिंग लेनदेन की वैधता पर कोई प्रभाव नहीं डालती। ग्राहकों की धनराशि पूरी तरह सुरक्षित है और बैंकिंग सेवाएं पहले की तरह सामान्य रूप से जारी रहेंगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में RBI ने अनुपालन मानकों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। बैंकों और वित्तीय संस्थानों से अपेक्षा की जाती है कि वे ग्राहक हितों की सुरक्षा, पारदर्शिता और जोखिम प्रबंधन से जुड़े सभी दिशा-निर्देशों का समय पर पालन करें। नियमों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर केंद्रीय बैंक लगातार निगरानी रख रहा है और आवश्यक होने पर दंडात्मक कार्रवाई भी कर रहा है।

    इस ताजा कार्रवाई को भी वित्तीय क्षेत्र में बेहतर प्रशासन और मजबूत नियामकीय व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। RBI का संदेश स्पष्ट है कि बैंकिंग प्रणाली में नियमों के पालन से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी।