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  • डिस्को किंग बप्पी लहरी की मौत का सच, अस्पताल से घर लौटने के बाद कैसे बिगड़ी तबीयत और क्या है स्लीप एपनिया

    डिस्को किंग बप्पी लहरी की मौत का सच, अस्पताल से घर लौटने के बाद कैसे बिगड़ी तबीयत और क्या है स्लीप एपनिया


    नई दिल्ली। बॉलीवुड में डिस्को संगीत को नई पहचान देने वाले मशहूर संगीतकार और गायक बप्पी लहरी आज भी अपने सदाबहार गीतों की वजह से लोगों के दिलों में जिंदा हैं। वर्ष 2022 में उनका निधन संगीत प्रेमियों के लिए बड़ा झटका था। अस्पताल से घर लौटने के कुछ ही घंटों बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी और फिर उन्हें दोबारा अस्पताल ले जाना पड़ा जहां डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। उनकी मौत के बाद ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया नाम की बीमारी एक बार फिर चर्चा में आई।

    बप्पी लहरी का जन्म 27 नवंबर 1952 को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में हुआ था। संगीत उन्हें विरासत में मिला था। बचपन से ही उन्होंने तबला बजाना सीख लिया और युवावस्था में संगीत की दुनिया में कदम रखा। सत्तर और अस्सी के दशक में उन्होंने बॉलीवुड को डिस्को संगीत का नया दौर दिया। डिस्को डांसर, शराबी, डांस डांस और नमक हलाल जैसी फिल्मों के गीत आज भी लोगों की जुबान पर हैं।

    अपने जीवन के अंतिम वर्षों में बप्पी लहरी कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उनका वजन अधिक था और इसी वजह से उन्हें ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया की समस्या थी। इसके अलावा उन्हें सीने में संक्रमण भी हो गया था जिसके कारण जनवरी 2022 में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। करीब तीन सप्ताह तक इलाज चलने के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ और 14 फरवरी 2022 को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

    घर लौटने के बाद उन्होंने लंबे समय बाद परिवार के साथ समय बिताया। अगले दिन 15 फरवरी को दिनभर परिवार उनके साथ रहा। रात में उन्होंने परिवार के साथ भोजन किया लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें गंभीर हृदय संबंधी जटिलता हुई है। तमाम कोशिशों के बावजूद रात लगभग 11 बजकर 44 मिनट पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी पहले से मौजूद ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया की समस्या और अन्य स्वास्थ्य जटिलताएं उनकी स्थिति को गंभीर बनाने वाले प्रमुख कारणों में शामिल थीं।

    ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें सोते समय गले की मांसपेशियां ढीली पड़ जाती हैं और सांस लेने का रास्ता बार बार बंद होने लगता है। इससे व्यक्ति की सांस कुछ सेकंड के लिए रुक सकती है और फिर दोबारा शुरू होती है। पूरी रात यह प्रक्रिया कई बार दोहराई जा सकती है जिससे शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। लगातार खर्राटे आना, नींद के दौरान सांस रुकना, सुबह सिरदर्द होना, दिनभर थकान महसूस होना और अत्यधिक नींद आना इसके प्रमुख लक्षण माने जाते हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार मोटापा, मोटी गर्दन, बढ़ती उम्र और कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं इस बीमारी का जोखिम बढ़ा सकती हैं। समय पर इलाज न होने पर हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, स्ट्रोक, अनियमित धड़कन और हृदय रोग जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए यदि किसी व्यक्ति में लंबे समय तक तेज खर्राटे, सांस रुकने या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।

    बप्पी लहरी ने अपने संगीत से भारतीय सिनेमा को अनगिनत यादगार गीत दिए। उनकी जिंदगी यह भी याद दिलाती है कि गंभीर बीमारियों के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच, सही इलाज और स्वस्थ जीवनशैली कई गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

  • थोड़ा रेशम लगता है गाने की धुन चुराना हॉलीवुड कंपनी को पड़ा था भारी, बप्पी दा ने कॉपीराइट केस में दी थी मात

    थोड़ा रेशम लगता है गाने की धुन चुराना हॉलीवुड कंपनी को पड़ा था भारी, बप्पी दा ने कॉपीराइट केस में दी थी मात

    नई दिल्ली । भारतीय संगीत जगत में डिस्को किंग के नाम से मशहूर दिवंगत संगीतकार बप्पी लहरी न केवल अपनी अनूठी धुनों और सोने के गहनों के शौक के लिए जाने जाते थे, बल्कि वे अपने काम के प्रति बेहद सजग भी थे। साठ और सत्तर के दशक से लेकर आज तक बॉलीवुड के कई गानों पर विदेशी धुनों की नकल करने के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन इतिहास में एक ऐसा अनोखा वाकया भी दर्ज है जब हॉलीवुड के एक बड़े संगीतकार ने बॉलीवुड के गाने की धुन चुराई थी। इस चोरी पर बप्पी लहरी ने कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिकी अदालत का दरवाजा खटखटाया और न केवल यह ऐतिहासिक कानूनी लड़ाई जीती, बल्कि विदेशी कंपनी को भारी-भरकम हर्जाना देने पर भी मजबूर कर दिया था। यह पूरा मामला भारतीय सिनेमा के संगीत इतिहास में कॉपीराइट उल्लंघन के खिलाफ सबसे बड़ी जीतों में से एक माना जाता है।

    इस विवाद की जड़ें साल 1981 में आई बॉलीवुड फिल्म ‘ज्योति’ से जुड़ी हुई हैं। इस फिल्म के लिए बप्पी लहरी ने एक बेहद खूबसूरत और थिरकने पर मजबूर कर देने वाला गाना तैयार किया था, जिसके बोल थे ‘थोड़ा रेशम लगता है’। इस गाने को स्वर कोकिला दिवंगत लता मंगेशकर ने अपनी जादुई आवाज से सजाया था और रिलीज के बाद यह गाना देश के कोने-कोने में गूंजने लगा था। सब कुछ सामान्य चल रहा था और लोग इस गाने को पसंद कर रहे थे, लेकिन इस गाने के रिलीज होने के ठीक 21 साल बाद, यानी साल 2002 में अमेरिकी हिप-हॉप आर्टिस्ट ‘ट्रुथ हर्ट्स’ का एक नया गाना रिलीज हुआ जिसका टाइटल ‘एडिक्टिव’ था। जब भारतीय संगीत प्रेमियों ने इस अमेरिकी गाने को सुना, तो वे दंग रह गए क्योंकि इस गाने की पूरी शुरुआत और बैकग्राउंड म्यूजिक हूबहू लता मंगेशकर के उसी पुराने गाने से लिया गया था।

    जैसे ही यह बात बप्पी लहरी के संज्ञान में आई, उन्होंने तुरंत उस अमेरिकी गाने को पूरा सुना और म्यूजिक लेबल ‘सारेगामा’ के साथ मिलकर अमेरिकी अदालत में कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया। बप्पी दा ने ‘एडिक्टिव’ गाने के मशहूर अमेरिकी प्रोड्यूसर डॉ. ड्रे के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन का मुकदमा दायर कर दिया। अदालत की कार्यवाही के दौरान अमेरिकी मेकर्स ने बचाव में यह अजीब तर्क दिया कि उन्होंने यह धुन एक विदेशी रेडियो स्टेशन पर बजते हुए सुनी थी और उन्हें इस बात की बिल्कुल जानकारी नहीं थी कि इसके वास्तविक कॉपीराइट्स किसके पास सुरक्षित हैं। हालांकि, बप्पी दा और सारेगामा की लीगल टीम ने अदालत के सामने पुख्ता सबूत पेश किए कि यह धुन पूरी तरह से भारतीय संगीतकार की मूल रचना है।

    बप्पी दा और डॉ. ड्रे के बीच यह कानूनी लड़ाई काफी समय तक अमेरिकी कोर्ट में चलती रही और अंततः अदालत ने भारतीय संगीतकार के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने अपने कड़े आदेश में कहा कि जब तक इस अमेरिकी गाने में बप्पी लहरी और सारेगामा को आधिकारिक तौर पर क्रेडिट नहीं दिया जाता, तब तक ‘एडिक्टिव’ गाने की सीडी और पूरे एल्बम की बिक्री पर तुरंत प्रभाव से रोक लगी रहेगी। इसके साथ ही, अदालत ने हॉलीवुड की संबंधित म्यूजिक कंपनी पर बड़ा जुर्माना लगाया, जिसके तहत हर्जाना और रॉयल्टी मिलाकर उन्हें 500 मिलियन डॉलर यानी करीब 4,744 करोड़ रुपये देने का ऐतिहासिक आदेश जारी किया गया।

    इस कानूनी जीत ने दुनिया भर में भारतीय संगीत की ताकत और उसके कानूनी अधिकारों का लोहा मनवाया। जिस फिल्म ‘ज्योति’ के गाने पर यह पूरा विवाद हुआ था, वह फिल्म भी जितेंद्र के डबल रोल, हेमा मालिनी, अशोक कुमार, शशिकला और अजीत जैसे दिग्गज कलाकारों के अभिनय और बेहतरीन गानों की वजह से बॉक्स ऑफिस पर काफी सफल रही थी। भारतीय संगीत को वैश्विक स्तर पर सम्मान दिलाने वाले बप्पी लहरी भले ही लंबे समय तक बीमार रहने और स्लीप एपनिया के कारण 15 फरवरी 2022 को इस दुनिया को अलविदा कह गए, लेकिन हॉलीवुड के खिलाफ दर्ज कराई गई उनकी यह ऐतिहासिक जीत हमेशा संगीत जगत की आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

  • अमिताभ बच्चन के लिए गाने से मना कर दिया था किशोर कुमार ने, कहा क्या तुम मुझे तानसेन समझते हो?

    अमिताभ बच्चन के लिए गाने से मना कर दिया था किशोर कुमार ने, कहा क्या तुम मुझे तानसेन समझते हो?


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के अमिताभ बच्चन को लेकर कई किस्से मशहूर हैं लेकिन उनमें से एक बेहद मज़ेदार और कम जानी-पहचानी कहानी है। यह कहानी जुड़ी है उनकी फिल्म ‘नमक हलाल से जिसमें किशोर कुमार ने एक गाने के लिए शुरू में मना कर दिया था।

    कहानी यह है कि फिल्म के गाने कि पग घुंघरू बांध मीरा नाची थीं को कंपोज़ किया था बप्पी लहरी ने। बप्पी लहरी चाहते थे कि यह गाना उनके मामा किशोर कुमार गाएं। जब उन्होंने किशोर कुमार को यह गाना पहली बार सुनाया तो किशोर कुमार ने बेहद मज़ाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी यह गाना है या कहानी? मैं यह नहीं गाऊंगा। क्या तुम मुझे तानसेन समझते हो?”

    किशोर कुमार के अनुसार यह गाना इतना लंबा और जटिल था कि उन्होंने शुरू में इसे गाने से इंकार कर दिया। उनका कहना था कि लोग इतनी बड़ी-बड़ी रचनाएँ लेकर आते हैं और इसे गाना आसान नहीं है। लेकिन बप्पी लहरी की लगातार समझाइश और मनाने के बाद किशोर कुमार आखिरकार राज़ी हो गए और उन्होंने यह गाना गाया।

    फिल्म के निर्देशक थे प्रकाश मेहरा और इस फिल्म का बजट करीब 2 करोड़ 80 लाख रुपये था। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने जबरदस्त सफलता हासिल की और कुल ग्रॉस कलेक्शन करीब 12 करोड़ 64 लाख रुपये रहा। इस गाने ने दर्शकों के बीच खासा लोकप्रियता हासिल की और किशोर कुमार की आवाज़ को अमिताभ बच्चन की अदाकारी के साथ जोड़कर यादगार बना दिया।

    यह किस्सा यह दिखाता है कि भले ही किशोर कुमार जैसी महान आवाज़ वाले कलाकार के लिए भी कभी-कभी किसी गाने की शुरुआत चुनौतीपूर्ण होती थी लेकिन आखिरकार उनकी प्रतिभा और समझाइश ने हर बाधा पार कर दी। गाने और कहानी के बीच का यह मज़ेदार संवाद आज भी बॉलीवुड प्रेमियों के बीच चर्चित है।