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  • बरेली में बकरीद पर कड़ी ट्रैफिक व्यवस्था: रूट डायवर्जन लागू, भारी वाहनों पर रोक, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

    बरेली में बकरीद पर कड़ी ट्रैफिक व्यवस्था: रूट डायवर्जन लागू, भारी वाहनों पर रोक, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम



    बरेली। ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मौके पर बरेली में यातायात पुलिस ने विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। शहर में 28 मई को सुबह 5 बजे से लेकर कार्यक्रम समाप्ति तक भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। त्योहार के दौरान भीड़ और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए कई मार्गों पर रूट डायवर्जन भी लागू किया जाएगा।

    भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन
    एडवाइजरी के अनुसार दिल्ली, रामपुर और नैनीताल की ओर से आने वाले भारी वाहनों को झुमका तिराहा बाईपास, बिल्वाधाम, नवदिया झादा और इन्वर्टिस तिराहा के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा।

    वहीं बदायूं की ओर से आने वाले वाहनों को सुबह 7 बजे से पहले मंशाराम, बुखारा और कैंट मार्ग से शहर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।इसके अलावा दिल्ली और रामपुर की तरफ से आने वाली रोडवेज बसों को झुमका तिराहा से मिनी बाईपास, इन्वर्टिस तिराहा, डेलापीर और 100 फुटा रोड होते हुए सेटेलाइट बस स्टेशन तक भेजा जाएगा।

    चौकी चौराहा से मिनी बाईपास होकर डेलापीर मजार की ओर जाने वाले सभी भारी वाहन और बसें पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी।

    प्रशासन की अपील
    यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाएं। साथ ही वाहन चालकों को नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है, जिसमें दोपहिया पर तीन सवारी न बैठाना, स्टंटबाजी से बचना, तेज गति से वाहन न चलाना और प्रेशर हॉर्न का उपयोग न करना शामिल है।

    सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
    बकरीद को लेकर प्रशासन ने शहर में 41 कुर्बानी स्थलों को चिन्हित किया है और वहां कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने मिलकर साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। जिले में कुल 2423 मस्जिदों और 179 ईदगाहों में नमाज अदा की जाएगी। शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में भी विशेष व्यवस्था की गई है, जिसमें कोतवाली, कैंट, किला, प्रेमनगर, सुभाषनगर, बारादरी और इज्जतनगर क्षेत्र प्रमुख हैं।

  • श्रद्धा और आस्था के साथ बरेली में मनाया गया वट सावित्री पर्व, सुहागिन महिलाओं ने की पूजा-अर्चना

    श्रद्धा और आस्था के साथ बरेली में मनाया गया वट सावित्री पर्व, सुहागिन महिलाओं ने की पूजा-अर्चना




    बरेली । बरेली में शनिवार को वट सावित्री व्रत पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए व्रत रखा और पारंपरिक विधि-विधान से वट वृक्ष की पूजा की। सुबह से ही शहर के मंदिरों और बरगद के पेड़ों के पास महिलाओं की भीड़ देखने को मिली।

    शहर के अलखनाथ मंदिर, त्रिवटीनाथ मंदिर, धोपेश्वरनाथ मंदिर और तपेश्वरनाथ मंदिर सहित कई धार्मिक स्थलों पर महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा की। इसके अलावा बन्नूवाल नगर, मॉडल टाउन और अन्य कॉलोनियों में भी सामूहिक रूप से वट सावित्री पूजन किया गया। 16 श्रृंगार में सजी महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा कर परंपराओं का पालन किया और अपने वैवाहिक जीवन की खुशहाली की कामना की।

  • महिला सिपाही के ब्लैकमेल नेटवर्क का खुलासा, कई दारोगा और सिपाही बने शिकार

    महिला सिपाही के ब्लैकमेल नेटवर्क का खुलासा, कई दारोगा और सिपाही बने शिकार



    नई दिल्ली ।
    उत्तर प्रदेश पुलिस की एक महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा का ब्लैकमेलिंग नेटवर्क इन दिनों सुर्खियों में है जिसके कारण पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। मीनाक्षी की गतिविधियों का खुलासा कुठौंद थाना प्रभारी अरुण कुमार राय की गोली लगने से हुई मौत के बाद हुआ जिसके बाद से उसकी काली करतूतों की परत दर परत खुल रही है। जांच में यह सामने आया कि वर्ष 2022 में मीनाक्षी ने पीलीभीत जिले के पूरनपुर थाने में तैनाती के दौरान एक सिपाही को प्रेमजाल में फंसाकर उससे मोटी रकम की मांग की थी। इसके बाद यह सिलसिला बरेली और जालौन जिलों तक फैल गयाजहां उसने कई दारोगा और सिपाहियों को अपने जाल में फंसाया और उनसे पैसे की मांग की।

    प्रेमजाल और पैसों का दबाव

    मीनाक्षी की कार्यशैली बहुत ही चालाकी से भरी हुई थी। वह पहले जान-पहचान बनाने के लिए पुलिसकर्मियों से संपर्क करती फिर धीरे-धीरे निजी बातचीत और करीबी का हवाला देती थी। इसके बाद वह उन पर पैसों का दबाव बनाती थी। यह दबाव इस तरह से बनता था कि वह खुद को पीड़िता के रूप में प्रस्तुत करती थी जिसके बाद पुलिसकर्मी न चाहते हुए भी पैसों का भुगतान करने के लिए मजबूर हो जाते थे।

    चौंकाने वाली बात यह है कि मीनाक्षी ने इस पूरी प्रक्रिया में अपने परिवार के सदस्यों खासकर अपने पिता और भाई को भी शामिल किया था। मीनाक्षी के पिता और भाई उसे इस खेल में सहयोग करते थे और उसे हिम्मत भी देते थे। जेल जाने के दौरान भी मीनाक्षी के पिता ने उसे जल्द से जल्द बाहर निकालने का वादा किया था जिससे यह संकेत मिलता है कि यह पूरे परिवार का संगठित प्रयास था।

    मीनाक्षी का नेटवर्क और अन्य शिकार

    मीनाक्षी शर्मा के इस ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का दायरा काफी बड़ा था। जांच में यह सामने आया कि वह अकेली नहीं थी बल्कि उसके परिवार के लोग भी इसमें शामिल थे। उसकी सक्रियता पीलीभीत के पूरनपुर थाने तक सीमित नहीं रही बल्कि बरेली और जालौन जिलों में भी उसने कई पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया। मीनाक्षी का यह नेटवर्क न सिर्फ पुलिस महकमे के लिए शर्मिंदगी का कारण बना बल्कि यह भी बताता है कि कैसे एक सिपाही ने अपनी शक्ति का गलत उपयोग किया। उसके खिलाफ पुलिस ने जांच तेज कर दी है और अब तक कई अन्य पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है जो मीनाक्षी के शिकार बने थे। वहीं अधिकारियों का कहना है कि मीनाक्षी के इस पूरे गिरोह को जल्द ही पकड़ा जाएगा और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

    जांच और गिरफ्तारी

    महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। उसकी गिरफ्तारी के बाद इस मामले में और भी कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। मीनाक्षी के पिता और भाई का भी पुलिस ने पता लगाकर उन्हें हिरासत में लिया है। अब जांच के दौरान यह जानने की कोशिश की जा रही है कि मीनाक्षी ने किन-किन अन्य पुलिसकर्मियों को अपने जाल में फंसाया और वह किस तरह से इन रकमों को इकट्ठा करती थी।इस मामले ने पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है

    और अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या पुलिस महकमें में अन्य किसी महिला या पुरुष कर्मी की तरफ से भी ऐसी घटनाएं घटित हो रही हैं जिसे उजागर नहीं किया गया हो।उत्तर प्रदेश पुलिस के एक महिला सिपाही द्वारा किए गए इस ब्लैकमेलिंग नेटवर्क ने न केवल पुलिस महकमे को शर्मिंदा किया है बल्कि यह भी दिखाया है कि एक सिपाही अपने कद और शक्ति का गलत उपयोग कैसे कर सकता है। इस मामले की गहन जांच जारी है और पुलिस विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है। मीनाक्षी और उसके परिवार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस तरह की घटनाएं भविष्य में न घटित हों।