Tag: Bargi Dam Accident
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बरगी डैम क्रूज हादसे पर बुरहानपुर में श्रद्धांजलि सभा: ताप्ती सेवा समिति ने जताया शोक, सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में सामाजिक संगठनों ने जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। ताप्ती सेवा समिति ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना सभा आयोजित की और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।समिति के सदस्यों ने इस हादसे को व्यवस्थागत लापरवाही का परिणाम बताया। उनका कहना है कि दुर्घटना स्थल कोई दूरस्थ क्षेत्र नहीं था, इसके बावजूद समय पर पर्याप्त बचाव दल और संसाधन उपलब्ध नहीं हो सके, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।श्रद्धांजलि सभा में उस दर्दनाक दृश्य का भी जिक्र किया गया, जिसमें एक मां अपने बच्चे को सीने से लगाए हुए मृत अवस्था में मिली थी। इस घटना ने सभी उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया।ताप्ती सेवा समिति ने जल पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों की गंभीरता से समीक्षा करने की मांग की है। सदस्यों ने सवाल उठाया कि क्या लाइफ जैकेट और आपातकालीन व्यवस्थाएं सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई हैं, और आपात स्थिति में तुरंत सक्रिय होने वाली रेस्क्यू टीम क्यों मौजूद नहीं थी।समिति ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि सभी जल पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू किया जाए। हर क्रूज और नाव में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की अनिवार्यता होनी चाहिए।इसके साथ ही, उन्होंने यह भी मांग की कि आपात स्थिति के लिए त्वरित कार्रवाई करने वाली रेस्क्यू टीम और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। समिति ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।इस अवसर पर कई सामाजिक कार्यकर्ता और समिति सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने हादसे को अत्यंत दुखद और चिंताजनक बताया। -

जबलपुर क्रूज हादसा: “मम्मी ने हाथ पकड़ा था, लेकिन छूट गया” – 9 की मौत, कई परिवार बिखरे
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम पर हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी है। तेज आंधी और करीब 74 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के बीच क्रूज पलट गया, जिसमें 9 लोगों की मौत हो चुकी है और 4 लोग अब भी लापता हैं।हादसे में बचे लोगों की कहानियां दिल दहला देने वाली हैं। 13 साल की तनिष्का ने रोते हुए बताया कि हादसे के वक्त उसकी मां ने उसका हाथ पकड़ा हुआ था, लेकिन अचानक क्रूज पलटने पर वह छूट गया। “मम्मी ने हमें पकड़ा था… फिर सब कुछ खत्म हो गया,” यह कहते हुए वह सदमे में है।
एक अन्य परिवार के रोशन आनंद ने बताया कि क्रूज पलटते ही वे किसी तरह अपनी पत्नी और एक बच्चे के साथ बाहर निकल पाए, लेकिन बाकी लोग बिछड़ गए। उन्होंने बताया कि कई घंटों तक उन्होंने अपने बच्चे की तलाश की और बाद में वह सुरक्षित मिला, लेकिन उस भयावह अनुभव ने उन्हें अंदर तक हिला दिया।
इसी हादसे में दिल्ली से आई 13 साल की सिया ने अपनी मां, छोटे भाई और नानी को खो दिया। सिया ने बताया कि शुरुआत में सब सामान्य था, लेकिन अचानक मौसम बदल गया और क्रूज में पानी भरने लगा। लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग लाइफ जैकेट तक नहीं पहन पाए।
परिजनों का आरोप है कि क्रूज पर मौजूद स्टाफ ने समय रहते मदद नहीं की और लाइफ बोट भी देर से पहुंची। उनका कहना है कि अगर बचाव दल समय पर पहुंचता तो कई जानें बचाई जा सकती थीं।
कामराज नाम के एक यात्री का परिवार भी इस हादसे की चपेट में आ गया। उनकी पत्नी और भाभी की मौत हो चुकी है, जबकि बेटा और कुछ रिश्तेदार अब भी लापता हैं। किनारे खड़े परिजन लहरों में फंसे अपने अपनों को बचाने के लिए कुछ नहीं कर सके।
हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है। प्रशासन द्वारा सर्च ऑपरेशन जारी है, लेकिन खराब मौसम के कारण कई बार रेस्क्यू कार्य रोकना पड़ा है।
यह हादसा न सिर्फ एक पर्यटन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि कई परिवारों को गहरे सदमे में छोड़ गया है, जहां अब सिर्फ यादें और दर्द बाकी है।