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  • घर पर सिर्फ 15 मिनट में बनाएं होटल जैसा खिला-खिला जीरा राइस, स्वाद और खुशबू से मेहमान भी पूछेंगे रेसिपी

    घर पर सिर्फ 15 मिनट में बनाएं होटल जैसा खिला-खिला जीरा राइस, स्वाद और खुशबू से मेहमान भी पूछेंगे रेसिपी

    नई दिल्ली । घर पर मेहमान आने वाले हों और खाने की टेबल पर कुछ स्वादिष्ट और खास परोसना हो तो जीरा राइस एक बेहतरीन विकल्प है। इसकी खुशबूदार महक, लंबे और खिले-खिले चावल के दाने और घी में भुने जीरे का स्वाद साधारण खाने को भी खास बना देता है। अच्छी बात यह है कि सही तरीका अपनाकर इसे घर पर कम समय में आसानी से तैयार किया जा सकता है।

    जीरा राइस बनाने के लिए सबसे पहले लंबे दाने वाले बासमती चावल लें। करीब दो कप चावल को दो से तीन बार साफ पानी से धो लें, ताकि अतिरिक्त स्टार्च निकल जाए। इसके बाद चावल को लगभग 15 से 20 मिनट के लिए पानी में भिगोकर रखें। इससे चावल के दाने अच्छी तरह फूलते हैं और पकने के बाद लंबे दिखाई देते हैं।

    अब चावल को पर्याप्त पानी और थोड़ा नमक डालकर पकाएं। ध्यान रखें कि चावल को पूरी तरह गलने तक न पकाएं। जीरा राइस के लिए चावल लगभग 90 प्रतिशत पकना चाहिए। जब दाने अंदर से हल्के कड़े रहें, तब अतिरिक्त पानी निकाल दें। पके हुए चावल को कुछ देर खुला रखने से उनकी भाप निकल जाएगी और वे आपस में चिपकेंगे नहीं।

    अब एक चौड़ी कड़ाही या पैन को मध्यम आंच पर गर्म करें। इसमें करीब दो बड़े चम्मच घी डालें। घी गर्म होने के बाद उसमें एक से डेढ़ चम्मच जीरा डालें। जब जीरा चटकने लगे तो इसमें तेजपत्ता, हरी इलायची, छोटी दालचीनी और लौंग डालकर कुछ सेकंड भूनें। इसके बाद लंबाई में कटी हुई हरी मिर्च डालें। साबुत मसालों का यह तड़का जीरा राइस की खुशबू को काफी बढ़ा देता है।

    तड़का तैयार होने के बाद पके हुए चावल को कड़ाही में धीरे-धीरे डालें। यहां सबसे ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत होती है। चावल को तेज हाथ से चलाने के बजाय हल्के हाथ से पलटें। ज्यादा चलाने से बासमती के लंबे दाने टूट सकते हैं और चावल देखने में चिपचिपे लगने लगते हैं।

    अब स्वाद के अनुसार नमक डालें और थोड़ा सा नींबू का रस मिलाएं। नींबू की हल्की खटास जीरा राइस के स्वाद को संतुलित करने में मदद करती है। इसके बाद कड़ाही को ढककर धीमी आंच पर करीब दो से तीन मिनट तक पकाएं। फिर गैस बंद कर दें और चावल को कुछ मिनट के लिए ढका रहने दें।

    जीरा राइस को होटल जैसा बनाने की सबसे महत्वपूर्ण ट्रिक यही है कि चावल ज्यादा न पकाएं और उन्हें तड़के के साथ मिलाते समय ज्यादा न चलाएं। साथ ही चौड़े बर्तन का इस्तेमाल करने से चावल आसानी से फैल जाते हैं और दाने टूटने की संभावना कम रहती है। घी में जीरे और साबुत मसालों को सही समय तक भूनना भी इसके स्वाद में बड़ा अंतर पैदा करता है।

    तैयार जीरा राइस को ऊपर से बारीक कटे हरे धनिये से सजाकर गरमा-गरम परोसें। इसे दाल तड़का, राजमा, छोले, मटर पनीर या शाही पनीर के साथ सर्व किया जा सकता है। चाहें तो परोसते समय ऊपर से थोड़ा गर्म घी डाल सकते हैं। इस आसान तरीके से घर पर तैयार जीरा राइस न केवल स्वादिष्ट लगेगा, बल्कि इसके लंबे और अलग-अलग दाने इसे बिल्कुल होटल स्टाइल लुक भी देंगे।

  • घर पर बनाएं होटल जैसे खिले-खिले चावल, इन आसान किचन टिप्स से हर दाना रहेगा अलग और स्वाद भी होगा बेहतरीन

    घर पर बनाएं होटल जैसे खिले-खिले चावल, इन आसान किचन टिप्स से हर दाना रहेगा अलग और स्वाद भी होगा बेहतरीन

    नई दिल्ली । भारतीय भोजन में चावल का महत्वपूर्ण स्थान है और लगभग हर घर में इसे नियमित रूप से बनाया जाता है। हालांकि कई बार चावल पकाते समय वे अधिक नरम, चिपचिपे या आपस में चिपक जाते हैं, जिससे उनका स्वाद और प्रस्तुति दोनों प्रभावित होती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि होटल या रेस्तरां जैसे खिले-खिले चावल बनाने का रहस्य केवल अच्छी गुणवत्ता वाले चावल में नहीं, बल्कि उन्हें तैयार करने और पकाने की सही तकनीक में छिपा होता है।

    चावल बनाने से पहले उन्हें अच्छी तरह धोना सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। दो से चार बार पानी से धोने पर अतिरिक्त स्टार्च निकल जाता है, जिससे पकने के बाद दाने आपस में कम चिपकते हैं। इसके बाद चावल को लगभग 20 से 30 मिनट तक पानी में भिगोकर रखने से दाने पर्याप्त नमी सोख लेते हैं और पकने के दौरान समान रूप से फूलते हैं। यही कारण है कि पेशेवर रसोई में भी यह तरीका व्यापक रूप से अपनाया जाता है।

    खिले हुए चावल बनाने में पानी की सही मात्रा का विशेष महत्व होता है। प्रत्येक प्रकार के चावल के लिए पानी का अनुपात अलग हो सकता है, लेकिन सामान्य रूप से बासमती चावल के लिए एक कप चावल के साथ लगभग डेढ़ से दो कप पानी उपयुक्त माना जाता है। आवश्यकता से अधिक पानी डालने पर चावल जरूरत से ज्यादा नरम हो सकते हैं और उनकी बनावट प्रभावित हो सकती है। इसलिए चावल के प्रकार के अनुसार पानी की मात्रा तय करना बेहतर परिणाम देता है।

    पकाते समय थोड़ा सा घी या कुछ बूंदें तेल डालने से भी चावल के दाने अलग-अलग बने रहने में मदद मिलती है। इससे चावल की सतह पर हल्की चमक भी आती है। यदि चाहें तो स्वाद और सुगंध बढ़ाने के लिए तेजपत्ता, लौंग या छोटी इलायची जैसे साबुत मसालों का सीमित उपयोग किया जा सकता है, जिससे चावल का स्वाद और अधिक आकर्षक हो जाता है।

    चावल पूरी तरह पक जाने के बाद उन्हें तुरंत चलाने से बचना चाहिए। गैस बंद करने के बाद बर्तन को कुछ मिनट तक ढककर रखने से भाप के माध्यम से चावल समान रूप से तैयार हो जाते हैं। इसके बाद चम्मच के बजाय कांटे से हल्के हाथों से दानों को अलग करने पर वे टूटते नहीं हैं और उनकी बनावट भी बनी रहती है।

    रसोई के बर्तन और आंच का चयन भी अंतिम परिणाम को प्रभावित करता है। मोटे तले वाले बर्तन में चावल पकाने से गर्मी समान रूप से फैलती है और चावल नीचे से जलने की संभावना कम रहती है। शुरुआत में मध्यम आंच और बाद में धीमी आंच पर पकाने से चावल अच्छी तरह तैयार होते हैं और हर दाना अलग दिखाई देता है।

    विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि पुराने बासमती चावल सामान्यतः अधिक खिले हुए बनते हैं। इसके अलावा चावल को बार-बार चलाने से बचना चाहिए और यदि बचे हुए चावल दोबारा गर्म करने हों तो उन पर थोड़ा पानी छिड़ककर गर्म करना बेहतर माना जाता है। इन सरल लेकिन प्रभावी तरीकों को अपनाकर घर पर भी आसानी से रेस्तरां जैसी गुणवत्ता वाले खिले-खिले और स्वादिष्ट चावल तैयार किए जा सकते हैं।