जांच के अनुसार, आरोपी महिला पर अपने पति की हत्या करने के बाद शव को घर के बाथरूम में खोदे गए गड्ढे में छिपाकर उसके ऊपर फर्श बनवाने का आरोप है। मामले में गिरफ्तार महिला से पूछताछ के बाद पुलिस ने बाथरूम का फर्श खुदवाया, जहां से शव बरामद किया गया। इसके बाद जांच एजेंसियां हत्या की पूरी साजिश और उससे जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल में जुटी हैं।
राजमिस्त्री ने पुलिस को बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले उसे एक महिला का फोन आया था, जिसने घर के बाथरूम का फर्श तत्काल बनवाने की बात कही थी। जब वह मौके पर पहुंचा तो देखा कि बाथरूम का फर्श पूरी तरह टूटा हुआ था। महिला ने उसे बताया कि उसके पति घर से बाहर गए हैं और उनके लौटने से पहले फर्श तैयार कर देना जरूरी है।
राजमिस्त्री के अनुसार, उस समय उसे सबसे अधिक हैरानी इस बात पर हुई कि महिला खुद बाल्टी से गड्ढे में कंक्रीट और मलबा डाल रही थी। उसने उसी दिन काम करने से इनकार करते हुए अगले दिन आने की बात कही। अगले दिन महिला ने उसे सीमेंट खरीदने के लिए पैसे दिए, जिसके बाद उसने बाथरूम का फर्श तैयार कर दिया। उस दौरान उसे इस बात का कोई अंदेशा नहीं था कि जिस जगह पर फर्श बनाया जा रहा है, उसके नीचे किसी का शव दबा हो सकता है।
राजमिस्त्री ने यह भी बताया कि काम के दौरान महिला की बेटी से उसकी बातचीत हुई थी। बच्ची ने घर में माता-पिता के बीच अक्सर होने वाले विवाद और पैसों को लेकर होने वाले झगड़ों का जिक्र किया था। हालांकि उस समय इन बातों को उसने सामान्य पारिवारिक विवाद मानकर अधिक महत्व नहीं दिया।
पुलिस के अनुसार, महिला ने अपने पति के लापता होने की शिकायत भी दर्ज कराई थी, ताकि किसी को उस पर शक न हो। लेकिन पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच का रुख बदला। इसके बाद पुलिस ने घर के बाथरूम की खुदाई कराई, जहां से शव बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में हत्या के बाद शव को छिपाने की योजना सामने आई है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले में वैज्ञानिक साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच की जा रही है ताकि हत्या की पूरी साजिश, उसका कारण और इसमें यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका रही हो तो उसे भी स्पष्ट किया जा सके।
