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IPL में युवराज सिंह की नई पारी, दिल्ली कैपिटल्स के बैटिंग कोच बनकर लौटेंगे मैदान पर, सौरव गांगुली के साथ करेंगे काम
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह एक बार फिर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में नई भूमिका में नजर आ सकते हैं। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और लंबे-लंबे छक्कों के लिए मशहूर युवराज सिंह के दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ने की चर्चा है। सामने आ रही रिपोर्ट के मुताबिक, वह आगामी आईपीएल सीजन में टीम के बैटिंग कोच की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। यदि यह नियुक्ति होती है, तो युवराज पहली बार इस फ्रेंचाइजी के साथ कोचिंग की भूमिका में दिखाई देंगे। हालांकि, उनकी नियुक्ति को लेकर आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।युवराज सिंह भारतीय क्रिकेट के उन खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं, जिन्होंने अपनी बल्लेबाजी और ऑलराउंड प्रदर्शन से खास पहचान बनाई। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। बड़े मुकाबलों में तेजी से रन बनाने और दबाव की परिस्थितियों में खेलने की क्षमता ने उन्हें प्रशंसकों के बीच लोकप्रिय बनाया। मैदान पर लंबे छक्के लगाने के लिए मशहूर युवराज को सिक्सर किंग भी कहा जाता है। अब उनके संभावित कोचिंग करियर को लेकर चर्चा ने आईपीएल में उनकी वापसी की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।दिल्ली कैपिटल्स के साथ युवराज सिंह के जुड़ने की खबर इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि टीम अपने बल्लेबाजी विभाग को मजबूत करने की दिशा में काम कर सकती है। बैटिंग कोच की भूमिका में युवराज खिलाड़ियों को बल्लेबाजी तकनीक, शॉट चयन, दबाव में प्रदर्शन और मैच की परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बनाने में मदद कर सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल में खेलने का उनका अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। हालांकि, टीम के बल्लेबाजी विभाग में उनकी संभावित जिम्मेदारियों का आधिकारिक विवरण सामने आना बाकी है।इस संभावित नियुक्ति में सौरव गांगुली की भूमिका भी चर्चा में है। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली दिल्ली कैपिटल्स के साथ जुड़े रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, युवराज सिंह उनके साथ मिलकर काम कर सकते हैं। गांगुली और युवराज दोनों भारतीय क्रिकेट के अनुभवी नाम हैं और उन्होंने अलग-अलग दौर में भारतीय टीम की सफलता में योगदान दिया है। ऐसे में यदि दोनों दिल्ली कैपिटल्स के साथ एक ही टीम प्रबंधन व्यवस्था में काम करते हैं, तो उनके अनुभव का लाभ फ्रेंचाइजी को मिल सकता है।दिल्ली कैपिटल्स लंबे समय से आईपीएल खिताब जीतने की कोशिश कर रही है। टीम के सामने हर सीजन बेहतर संयोजन तैयार करने, बल्लेबाजी में निरंतरता बनाए रखने और अहम मौकों पर अच्छा प्रदर्शन करने की चुनौती रहती है। युवराज जैसे अनुभवी पूर्व खिलाड़ी का कोचिंग स्टाफ से जुड़ना इन पहलुओं पर काम करने का अवसर दे सकता है। खास तौर पर युवा बल्लेबाजों को बड़े मुकाबलों के लिए तैयार करने में उनका अनुभव अहम हो सकता है।फिलहाल, युवराज सिंह की दिल्ली कैपिटल्स में संभावित नियुक्ति को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनकी भूमिका, अनुबंध और टीम के कोचिंग स्टाफ में जिम्मेदारियों की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। यदि यह खबर सही साबित होती है, तो आईपीएल में खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले युवराज एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकते हैं। प्रशंसकों की नजरें अब फ्रेंचाइजी की आधिकारिक घोषणा पर रहेंगी। -

न्यूजीलैंड टीम में बीजे वॉटलिंग की वापसी, भारत सीरीज के बाद संभालेंगे बैटिंग कोच की बड़ी जिम्मेदारी
नई दिल्ली: न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में बड़ा बदलाव हुआ है। पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज बीजे वॉटलिंग को न्यूजीलैंड पुरुष टीम का नया बैटिंग कोच नियुक्त किया गया है। वह मौजूदा बैटिंग कोच ल्यूक रोंची की जगह जिम्मेदारी संभालेंगे। रोंची भारत के खिलाफ दिसंबर की शुरुआत में खत्म होने वाली टेस्ट सीरीज तक अपने पद पर बने रहेंगे। इसके बाद वॉटलिंग टीम की बल्लेबाजी से जुड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे और अपने नए सफर की शुरुआत करेंगे।41 वर्षीय बीजे वॉटलिंग 16 नवंबर से टीम के साथ जुड़कर ल्यूक रोंची के साथ काम शुरू करेंगे। इसे जिम्मेदारी संभालने से पहले का ट्रांजिशन पीरियड माना जा रहा है। इसके बाद न्यूजीलैंड के ऑस्ट्रेलिया दौरे से वॉटलिंग पूरी तरह बैटिंग कोच की भूमिका में नजर आएंगे। न्यूजीलैंड को ऑस्ट्रेलिया में चार मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। इस तरह भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद टीम के बैटिंग कोच की जिम्मेदारी में बदलाव हो जाएगा।
वॉटलिंग का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर 2021 में समाप्त हुआ था, लेकिन उनका क्रिकेट अनुभव काफी लंबा रहा है। उन्होंने न्यूजीलैंड के लिए 75 टेस्ट, 28 वनडे और 5 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले। इन मैचों में उन्होंने कुल 4401 रन बनाए, जिसमें 8 शतक और 24 अर्धशतक शामिल हैं। घरेलू क्रिकेट में भी उनका लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने न्यूजीलैंड, नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स और डरहम के लिए कुल 178 फर्स्ट क्लास मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 18 शतकों की मदद से 10034 रन बनाए। विकेटकीपर के तौर पर उनके नाम 450 कैच दर्ज हैं।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वॉटलिंग ने कोचिंग को अपने करियर का अगला हिस्सा बनाया। वह वेलिंगटन फायरबर्ड्स और नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के साथ काम कर चुके हैं। नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के मुख्य कोच के तौर पर उनका कार्यकाल खासा सफल रहा। उनकी कोचिंग में टीम ने 2024-25 में प्लंकेट शील्ड और 2025-26 में सुपर स्मैश का खिताब जीता। हालिया सफलता के बाद अब उन्हें न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय टीम के साथ बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।
नई भूमिका मिलने पर वॉटलिंग ने खुशी जताई और मौजूदा टीम के साथ दोबारा जुड़ने को खास अवसर बताया। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में टीम और सपोर्ट स्टाफ की उपलब्धियों की तारीफ की और विश्वस्तरीय टीम में अपना योगदान देने को लेकर उत्साह जताया। न्यूजीलैंड के चीफ हाई परफॉर्मेंस ऑफिसर डैरिल गिब्सन ने भी उनकी नियुक्ति का समर्थन किया। उन्होंने वॉटलिंग के हालिया कोचिंग प्रदर्शन और मौजूदा खिलाड़ियों के साथ उनके अच्छे रिश्तों को अहम बताया। टेस्ट कप्तान टॉम लैथम ने भी वॉटलिंग की वापसी का स्वागत किया। उनके मुताबिक वॉटलिंग ने खेल के दिनों में टीम की पहचान को पूरी तरह अपनाया था और उनका जुनून, मेहनत तथा प्रतिबद्धता अब कोचिंग में भी दिखाई देगी।