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  • रूस ने शुरू किया परमाणु हमले का महाअभ्यास, 65 हजार सैनिक और 140 फाइटर जेट शामिल; यूक्रेन ने जताई कड़ी आपत्ति

    रूस ने शुरू किया परमाणु हमले का महाअभ्यास, 65 हजार सैनिक और 140 फाइटर जेट शामिल; यूक्रेन ने जताई कड़ी आपत्ति



    नई दिल्ली। व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व में रूस ने बेलारूस के साथ मिलकर एक बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास शुरू किया है, जिसे परमाणु तैयारी से जुड़ा अभ्यास बताया जा रहा है। इस अभ्यास में लगभग 65 हजार सैनिक, 140 फाइटर जेट, 200 रॉकेट लॉन्चर और कई युद्धपोतों को शामिल किया गया है।

    यह अभ्यास रूस और बेलारूस की संयुक्त सैन्य क्षमता को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है, जिसमें टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियारों की तैनाती और उनके संचालन का भी अभ्यास शामिल है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अभ्यास में इस्कंदर मिसाइल सिस्टम और अन्य परमाणु क्षमता वाले हथियारों का भी परीक्षण किया जा रहा है।

    अभ्यास में क्या-क्या शामिल?
    रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस सैन्य अभ्यास में भारी संख्या में सैन्य उपकरण शामिल किए गए हैं, जिनमें मिसाइल सिस्टम, फाइटर जेट, युद्धपोत और पनडुब्बियां शामिल हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य सैनिकों को परमाणु और रणनीतिक युद्ध परिस्थितियों के लिए तैयार करना बताया गया है।

    यूक्रेन की तीखी प्रतिक्रिया
    Ukraine ने रूस के इस कदम की कड़ी निंदा की है। यूक्रेन का कहना है कि बेलारूस में परमाणु हथियारों की तैनाती और इस तरह का अभ्यास अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है।

    यूक्रेन ने इसे परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के सिद्धांतों के खिलाफ बताया है और कहा है कि इससे यूरोप में तनाव और बढ़ सकता है।

    बढ़ता रूस-नाटो तनाव
    विशेषज्ञों के अनुसार, यह अभ्यास ऐसे समय पर हो रहा है जब रूस और पश्चिमी देशों के बीच पहले से ही यूक्रेन युद्ध को लेकर तनाव चरम पर है। रूस इसे अपनी सुरक्षा जरूरत बता रहा है, जबकि नाटो और यूक्रेन इसे उकसाने वाली कार्रवाई मान रहे हैं।

    इस सैन्य अभ्यास ने एक बार फिर यूरोप में बड़े युद्ध के खतरे को लेकर चिंता बढ़ा दी है, हालांकि अभी किसी भी पक्ष ने सीधे टकराव की बात नहीं कही है।

  • रूस का परमाणु शक्ति प्रदर्शन: 65 हजार सैनिकों संग शुरू हुआ महाअभ्यास, यूक्रेन और NATO में बढ़ी बेचैनी

    रूस का परमाणु शक्ति प्रदर्शन: 65 हजार सैनिकों संग शुरू हुआ महाअभ्यास, यूक्रेन और NATO में बढ़ी बेचैनी

    नई दिल्ली। यूक्रेन युद्ध के बीच रूस ने अपनी सैन्य ताकत का बड़ा प्रदर्शन करते हुए बेलारूस के साथ संयुक्त परमाणु सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है। तीन दिन तक चलने वाले इस महाअभ्यास में रूस ने 65 हजार सैनिकों, 140 लड़ाकू विमानों, 200 मिसाइल लॉन्चरों, 73 युद्धपोतों और 13 पनडुब्बियों को उतारा है। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस अभ्यास में करीब 7800 प्रकार के हथियार और सैन्य उपकरण शामिल किए गए हैं। यह सैन्य अभ्यास 19 मई से शुरू होकर 21 मई तक चलेगा और इसे यूक्रेन तथा नाटो देशों के लिए एक बड़ा रणनीतिक संदेश माना जा रहा है।

    रूस ने यह अभ्यास ऐसे समय पर शुरू किया है जब यूक्रेन लगातार रूसी क्षेत्रों पर ड्रोन हमले तेज कर रहा है। यूक्रेन युद्ध को चार साल पूरे होने वाले हैं और इस दौरान कई बार रूस अपने परमाणु हथियारों और मिसाइलों का प्रदर्शन कर चुका है। इस बार रूस ने परमाणु हमला करने में सक्षम मिसाइल प्रणालियों को भी अभ्यास में शामिल किया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने एक वीडियो जारी किया जिसमें सैनिक मोबाइल इस्कंदर-एम मिसाइल सिस्टम को लॉन्च साइट तक ले जाते नजर आए। यह मिसाइल परमाणु और पारंपरिक दोनों प्रकार के हथियार ले जाने में सक्षम है और इसकी मारक क्षमता करीब 500 किलोमीटर बताई जाती है।

    रूसी सेना बेलारूस में तैनात टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन के इस्तेमाल का अभ्यास भी कर रही है। हाल ही में रूस ने बेलारूस में ओरेशनिक मिसाइल प्रणाली भी तैनात की है, जो परमाणु हमला करने में सक्षम मानी जाती है। बेलारूस की सीमा कई नाटो देशों से लगती है, इसलिए इस तैनाती को यूरोप के लिए गंभीर चेतावनी माना जा रहा है। रूस का कहना है कि नाटो देशों की बढ़ती सैन्य गतिविधियों और यूक्रेन को मिल रहे पश्चिमी समर्थन से उसकी सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है।

    यह अभ्यास ऐसे समय पर हो रहा है जब रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin चीन के दौरे पर हैं। इस दौरान रूस और चीन के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। माना जा रहा है कि रूस वैश्विक स्तर पर यह संदेश देना चाहता है कि वह पश्चिमी दबाव के बावजूद पीछे हटने वाला नहीं है।

    रूस और अमेरिका के बीच परमाणु हथियार नियंत्रण समझौते के समाप्त होने के बाद यह पहला बड़ा परमाणु अभ्यास माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे यूरोप में तनाव और बढ़ सकता है। नाटो देशों ने अभी तक इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन यूरोप में सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

    उधर यूक्रेन ने रूस और बेलारूस के इस संयुक्त अभ्यास की कड़ी आलोचना की है। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि बेलारूस में परमाणु हथियारों की तैनाती और संयुक्त अभ्यास अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है। यूक्रेन ने आरोप लगाया कि रूस और बेलारूस परमाणु अप्रसार संधि का उल्लंघन कर रहे हैं। यूक्रेन ने यह भी चेतावनी दी कि इस तरह के कदम पूरे यूरोप को अस्थिर कर सकते हैं।

    रूस और नाटो देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस परमाणु अभ्यास ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यदि यूक्रेन युद्ध जल्द नहीं रुका तो आने वाले समय में यूरोप में सैन्य टकराव का खतरा और गहरा सकता है।