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  • जुलाई में बदलेंगी सूर्य, बुध और शुक्र की चाल, 4 राशियों के खुलेंगे तरक्की के रास्ते, इन्‍हें बरतनी होगी सावधानी

    जुलाई में बदलेंगी सूर्य, बुध और शुक्र की चाल, 4 राशियों के खुलेंगे तरक्की के रास्ते, इन्‍हें बरतनी होगी सावधानी


    नई दिल्ली। जुलाई 2026 का महीना ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस महीने सूर्य, बुध और शुक्र जैसे प्रमुख ग्रह अपनी राशि या चाल में परिवर्तन करेंगे, जबकि शनि पहले से ही वक्री अवस्था में रहेंगे। ज्योतिष के अनुसार, इन ग्रहों के गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। जहां कुछ राशियों के लिए यह समय प्रगति, आर्थिक लाभ और सफलता लेकर आ सकता है, वहीं कुछ राशि वालों को सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी गई है।

    जुलाई में कब-कब होगा ग्रहों का गोचर
    द्रिक पंचांग के अनुसार, महीने की शुरुआत में 4 जुलाई को शुक्र सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। शुक्र को सुख, प्रेम, वैभव और भौतिक सुविधाओं का कारक माना जाता है, इसलिए इस गोचर का प्रभाव इन क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।

    इसके बाद 16 जुलाई को सूर्य मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। इस परिवर्तन को **कर्क संक्रांति** कहा जाता है, जिसका धार्मिक और ज्योतिषीय दोनों ही दृष्टि से विशेष महत्व है।

    वहीं, 24 जुलाई से बुध अपनी वक्री चाल समाप्त कर मार्गी हो जाएंगे। ज्योतिष मान्यता के अनुसार, इससे व्यापार, संचार, निर्णय क्षमता और बुद्धि से जुड़े कार्यों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। महीने के दौरान शनि देव भी कुंभ राशि में वक्री अवस्था में रहेंगे और अपनी धीमी गति से विभिन्न राशियों पर प्रभाव डालते रहेंगे।

    इन 4 राशियों को मिल सकते हैं शुभ परिणाम

    मेष राशि
    बुध और सूर्य का गोचर आर्थिक मामलों में नए अवसर प्रदान कर सकता है। नौकरी और व्यवसाय में सम्मान बढ़ने के संकेत हैं। नया कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे लोगों के लिए समय अनुकूल माना जा रहा है। पारिवारिक जीवन भी सुखद रहने की संभावना है।

    सिंह राशि
    शुक्र और सूर्य का राशि परिवर्तन व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ा सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां या पदोन्नति मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है।

    तुला राशि
    ग्रहों का यह परिवर्तन करियर में उन्नति के नए अवसर दे सकता है। व्यापार से जुड़े लोगों को लाभ मिलने के संकेत हैं। स्वास्थ्य में भी पहले की तुलना में सुधार देखने को मिल सकता है।

    धनु राशि
    शनि की अनुकूल स्थिति और बुध के मार्गी होने से भाग्य का साथ मिलने की संभावना है। लंबी दूरी की यात्राएं लाभदायक साबित हो सकती हैं। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं।

    इन राशियों को बरतनी होगी सावधानी

    मिथुन राशि
    इस महीने अचानक खर्च बढ़ सकते हैं, जिससे आर्थिक संतुलन प्रभावित हो सकता है। कार्यस्थल पर विवाद से बचें और अपनी वाणी पर संयम रखें।

    मकर राशि
    मानसिक तनाव बढ़ सकता है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें और खान-पान पर विशेष ध्यान दें। पैसों के लेन-देन में सतर्कता बरतना बेहतर रहेगा।

    कुंभ राशि
    शनि की वक्री चाल के कारण कुछ कार्यों में रुकावट आ सकती है। वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी रखें। इस दौरान नया निवेश करने से बचने की सलाह दी गई है।

    मीन राशि
    पारिवारिक जीवन में गलतफहमियां उत्पन्न हो सकती हैं। कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर चलना लाभदायक रहेगा। धैर्य और संयम इस महीने आपकी सबसे बड़ी ताकत साबित हो सकते हैं।

  • US ने ईरान से तेल ब्रिक्री पर लगे प्रतिबंध को हटाया…. भारत को भी मिलेगा फायदा

    US ने ईरान से तेल ब्रिक्री पर लगे प्रतिबंध को हटाया…. भारत को भी मिलेगा फायदा


    तेहरान।
    अमेरिका (America) ने ईरान (Iran) के तेल सेक्टर (Oil sector) पर लगे कड़े प्रतिबंधों को अस्थायी तौर पर हटा दिया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की ओर से ईरान को 60 दिनों की राहत दी गई है। इसके तहत ईरान अब 21 अगस्त तक कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों (Crude Oil and Petroleum Products) की बिक्री कर सकेगा। अमेरिका के इस कदम का असर ग्लोबल एनर्जी मार्केट के साथ-साथ भारत पर भी देखने को मिलेगा।


    ईरान को क्यों मिली यह छूट?

    17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए थे। यह 60 दिनों की छूट उसी समझौते का हिस्सा है। इस समझौते के तहत ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिना किसी रोक-टोक के मुक्त आवाजाही (फ्री एंड ओपन ट्रांजिट) की अनुमति देने का वादा किया है।

    इसके अलावा, ईरान अब अपने देश में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को भी आने की इजाजत देगा। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड में हुई इस बातचीत को ‘अच्छी प्रगति’ बताया है और इसे एक बड़ी उपलब्धि करार दिया है।


    किन देशों को तेल बेच सकेगा ईरान?

    इस फैसले के बाद ईरान दुनिया के लगभग हर देश को अपना तेल और पेट्रोलियम उत्पाद बेच सकता है। हालांकि, अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहे उत्तर कोरिया, क्यूबा और क्रीमिया को ईरान तेल नहीं बेच पाएगा। इस सौदे में एक अहम बात यह भी है कि ईरान को तेल का भुगतान अमेरिकी डॉलर में किया जा सकेगा।


    क्या अमेरिका भी करेगा ईरान से तेल का आयात?

    1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से अमेरिका ने कभी भी ईरानी तेल का आयात नहीं किया है। लेकिन, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट की ओर से जारी किए गए नए जनरल लाइसेंस के अनुसार, अगर तेल की बिक्री, डिलीवरी या ऑफलोडिंग की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए जरूरी हुआ, तो ईरानी तेल को अमेरिका में भी आयात किया जा सकता है।


    भारत के लिए इस फैसले के क्या हैं मायने?

    साल 2019 में जब अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध लगाए थे, उससे पहले तक भारत ईरानी तेल का एक बहुत बड़ा खरीदार था। भारत के अलावा दक्षिण कोरिया, जापान, ग्रीस, ताइवान, इटली और तुर्की भी बड़े खरीदार थे।

    2009 के आंकड़ों पर गौर करें तो भारत के कुल कच्चे तेल के आयात में ईरान की 14 फीसदी हिस्सेदारी थी और वह भारत का दूसरा सबसे बड़ा सप्लायर था। लेकिन 2019 में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति रहते हुए जब ईरान पर फिर से कड़े प्रतिबंध लगाए गए, तब नई दिल्ली ने तेहरान से तेल खरीदना पूरी तरह से बंद कर दिया था। मौजूदा समय में दुनिया भर में तेल सप्लाई की जो किल्लत और अस्थिरता चल रही है, उसे देखते हुए अमेरिका की इस 60 दिन की छूट से भारत को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है।

    आपको बता दें कि फिलहाल भारत रूस से रिकॉर्ड स्तर पर तेल खरीद रहा है। मार्केट एनालिटिक्स फर्म केप्लर (Kpler) के अनुसार, केवल जून महीने में भारत ने रूस से 26 लाख बैरल प्रतिदिन तेल का आयात किया है, जो इसी अवधि में भारत के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 54 प्रतिशत है।

  • EPFO ने EPF की ब्याज दर को 8.25% पर रखा बरकार….. करोड़ों सदस्यों को होगा फायदा

    EPFO ने EPF की ब्याज दर को 8.25% पर रखा बरकार….. करोड़ों सदस्यों को होगा फायदा


    नई दिल्ली।
    ईपीएफओ (EPFO) ने वित्तवर्ष 2026 के लिए 8.25% ब्याज दर बरकरार रखी है और यह कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organization- EPFO) के करोड़ों सदस्यों के लिए राहत की खबर है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 2 मार्च 2026 को इसकी जानकारी दी थी। हालांकि ब्याज दर (Interest Rate) की घोषणा हुए दो महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक अधिकांश खाताधारकों के खातों में ब्याज की राशि दिखाई नहीं दी है।


    कब खाते में आएगा EPF का ब्याज?

    EPFO द्वारा ब्याज दर की घोषणा के बाद उसे केंद्र सरकार की मंजूरी मिलनी होती है। इसके बाद करोड़ों खातों का मिलान और रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसी वजह से ब्याज जमा होने में कुछ समय लगता है। आमतौर पर EPF खातों में पिछले वित्त वर्ष का ब्याज जून से सितंबर के बीच जमा किया जाता है। इसलिए सदस्य आने वाले महीनों में अपने खाते में ब्याज की एंट्री देख सकते हैं।


    देरी हो सकती है, लेकिन पूरा ब्याज मिलेगा

    EPFO ने स्पष्ट किया है कि भले ही ब्याज जमा होने में कुछ समय लगे, लेकिन सभी पात्र सदस्यों को पूरा ब्याज मिलेगा। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि सभी खातों की पासबुक में ब्याज की एंट्री एक साथ दिखाई नहीं देती। अलग-अलग खातों में यह अपडेट अलग-अलग समय पर नजर आ सकता है।


    कैसे चेक करें कि ब्याज जमा हुआ या नहीं?

    EPF सदस्य कई तरीकों से यह जांच सकते हैं कि उनके खाते में ब्याज जमा हुआ है या नहीं।
    1. UMANG ऐप: UMANG ऐप में लॉगिन कर EPF पासबुक देख सकते हैं।
    2. EPFO पोर्टल: EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पासबुक चेक की जा सकती है।
    3. मिस्ड कॉल सेवा: रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से EPFO की मिस्ड कॉल सेवा का उपयोग किया जा सकता है।
    4. SMS सुविधा: UAN से जुड़े मोबाइल नंबर से SMS भेजकर खाते की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।


    EPFO 3.0 में मिलेगा UPI से पैसा निकालने का विकल्प

    EPFO जल्द ही अपने नए डिजिटल प्लेटफॉर्म EPFO 3.0 के तहत बड़ी सुविधा शुरू करने जा रहा है। इसके बाद सदस्य अपने पीएफ खाते से सीधे बैंक खाते में राशि ट्रांसफर कर सकेंगे।

    EPFO 3.0 के तहत UPI के माध्यम से सीधे बैंक खाते में PF राशि ट्रांसफर, UMANG ऐप पर उपलब्ध निकासी राशि की जानकारी और QR कोड के जरिए सुरक्षित ट्रांसफर की सुविधा मिलेगी। बैंक खाते में पैसा आने के बाद ATM या UPI से उपयोग की सुविधा भी मिलेगी। वहीं, ऑटो-सेटलमेंट की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की गई है।


    अब नहीं होगी लंबी प्रक्रिया

    नई व्यवस्था लागू होने के बाद पीएफ निकासी के लिए लंबी प्रतीक्षा और कई स्तर की मंजूरी की जरूरत कम हो जाएगी। सदस्य सीधे अपने लिंक्ड बैंक खाते में राशि प्राप्त कर सकेंगे और जरूरत के अनुसार उसका उपयोग कर सकेंगे।

    करोड़ों कर्मचारियों को मिलेगा फायदा: EPFO 3.0 को कर्मचारियों के लिए एक बड़ा डिजिटल सुधार माना जा रहा है। इससे पीएफ निकासी प्रक्रिया पहले से अधिक तेज, आसान और पारदर्शी होने की उम्मीद है।