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  • बुध का सिंह राशि में गोचर: इन राशियों के लिए धन-करियर में तरक्की, इन्हें रहना होगा सावधान

    बुध का सिंह राशि में गोचर: इन राशियों के लिए धन-करियर में तरक्की, इन्हें रहना होगा सावधान


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुध ग्रह 22 अगस्त 2026 को शाम 7 बजकर 24 मिनट पर कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। सिंह सूर्य की राशि है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बुध के इस गोचर का असर सभी 12 राशियों पर अलग-अलग देखने को मिल सकता है। कुछ राशियों के लिए यह समय करियर, धन और शिक्षा के लिहाज से शुभ रह सकता है, जबकि कुछ को खर्च और रिश्तों के मामले में सावधानी बरतनी होगी।

    ज्योतिषाचार्य पंडित प्रवीण मिश्र के अनुसार जानते हैं बुध के सिंह राशि में प्रवेश का किस राशि पर कैसा प्रभाव पड़ेगा।

    मेष: पढ़ाई और करियर में सफलता के योग

    मेष राशि वालों के पांचवें भाव में बुध का गोचर होगा। प्रतियोगिता के क्षेत्र में सफलता मिल सकती है। नई ट्रेनिंग या कुछ नया सीखने वालों को अच्छे परिणाम मिलेंगे। शिक्षा से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल रहेगा। एआई और नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वालों को भी लाभ मिल सकता है। धन लाभ के योग हैं और संतान पक्ष से भी अच्छी खबर मिल सकती है।

    उपाय: बुधवार को भगवान गणेश की पूजा करें और बेसन के लड्डुओं का भोग लगाकर प्रसाद बांटें।

    वृषभ: परिवार में बढ़ेगा सुख-शांति

    वृषभ राशि के चौथे भाव में बुध का गोचर होगा। घर-परिवार में सुख-शांति बढ़ सकती है। प्रॉपर्टी या घर से जुड़ा कोई फैसला परिवार की सहमति से लेना लाभकारी रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। करियर में मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है और सुख-सुविधाओं में वृद्धि के योग हैं।

    उपाय: बुधवार को गाय को चारा खिलाएं।

    मिथुन: मेहनत से बढ़ेगी कमाई

    मिथुन राशि के तीसरे भाव में बुध का गोचर होगा। कार्यक्षमता बढ़ेगी और आप अधिक सक्रिय होकर काम करेंगे। मार्केटिंग, शिक्षण, कानून और मीडिया से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है। लंबी दूरी की यात्रा से फायदा होगा और रुके हुए काम पूरे होने के योग हैं। व्यापार में नई तकनीक अपनाने के लिए भी समय अच्छा है।

    उपाय: बुधवार को पक्षियों को दाना खिलाएं।

    कर्क: धन और नौकरी के लिए शुभ समय

    कर्क राशि के दूसरे भाव में बुध का गोचर होगा। सम्मान बढ़ सकता है और धन कमाने के प्रयास सफल हो सकते हैं। बेरोजगार लोगों को नौकरी मिलने के योग हैं। कहीं अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। घर-परिवार में भी सुख-शांति बढ़ेगी।

    सिंह: मजबूत होगी आर्थिक स्थिति

    बुध का गोचर सिंह राशि में ही होगा। इस दौरान आपकी विश्लेषण क्षमता बेहतर हो सकती है। काम को व्यवस्थित तरीके से करने में सफलता मिलेगी। सामाजिक स्थिति मजबूत होगी और धन लाभ के अवसर बन सकते हैं। कार्यक्षेत्र में मेहनत बढ़ाने से फायदा मिलेगा। परिवार का सहयोग भी प्राप्त होगा।

    उपाय: बुधवार को भगवान गणेश के मंदिर में धूप की माला चढ़ाएं।

    कन्या: विदेश से जुड़े कामों में फायदा

    कन्या राशि के बारहवें भाव में बुध का गोचर होगा। विदेश में नौकरी या कारोबार करने वालों के लिए समय अनुकूल रह सकता है। इंपोर्ट-एक्सपोर्ट से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है। विदेश यात्रा और वीजा से जुड़े प्रयासों में सफलता के योग हैं। हालांकि खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट पर नियंत्रण रखें। सेहत को लेकर भी लापरवाही न करें।

    तुला: इनकम बढ़ाने के अवसर

    तुला राशि के ग्यारहवें भाव में बुध का गोचर होगा। आत्मविश्वास बढ़ेगा और रोजगार की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। इनकम बढ़ाने के लिए समय अनुकूल है। अचानक धन लाभ के योग भी बन सकते हैं। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों के लिए भी समय अच्छा है। शिक्षक, वकील, मीडिया और मार्केटिंग से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है।

    उपाय: बुधवार को भगवान गणेश को बेसन के लड्डुओं का भोग लगाएं और प्रसाद गरीबों में बांटें।

    वृश्चिक: करियर में मिलेगा वरिष्ठों का सहयोग

    वृश्चिक राशि के दसवें भाव में बुध का गोचर होगा। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। व्यापारियों के लिए भी समय अनुकूल रहेगा। रुका हुआ कारोबारी पैसा मिल सकता है। करियर में सफलता के लिए प्रयास बढ़ाने की जरूरत होगी।

    उपाय: बुधवार को भगवान गणेश को धूप की माला चढ़ाएं।

    धनु: भाग्य का मिलेगा साथ

    धनु राशि के नौवें भाव में बुध का गोचर होगा। पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी और भाग्य का सहयोग मिल सकता है। धार्मिक यात्रा या पूजा-पाठ के अवसर बन सकते हैं। छात्रों को सफलता मिल सकती है। नौकरी तलाश रहे लोगों को नए सिरे से प्रयास शुरू करना चाहिए। कारोबार में योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर फायदा मिल सकता है।

    उपाय: गणेशजी को बेसन के लड्डुओं का भोग लगाकर 11 गरीबों को प्रसाद बांटें।

    मकर: रिसर्च और विदेश से जुड़े कामों में लाभ

    मकर राशि के आठवें भाव में बुध का गोचर होगा। एमफिल, पीएचडी या रिसर्च से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है। विदेश में नौकरी के लिए आवेदन करने वालों को अच्छी खबर मिलने के योग हैं। हालांकि किसी भी फैसले में जल्दबाजी से बचें। रिश्तों के मामले में भी संवेदनशीलता बरतने की जरूरत होगी।

    उपाय: बुधवार को भगवान गणेश को हरे फल का भोग लगाएं और 11 गरीबों को प्रसाद बांटें।

    कुंभ: नौकरी और रिश्तों में संयम जरूरी

    कुंभ राशि के सातवें भाव में बुध का गोचर होगा। नौकरी में सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मतभेद से बचें। जीवनसाथी के साथ भी वैचारिक मतभेद बढ़ने न दें। धैर्य से निर्णय लेने की जरूरत होगी। आर्थिक लिहाज से समय अनुकूल रह सकता है। मेहनत करने पर करियर और कारोबार में सफलता मिल सकती है।

    उपाय: बुधवार को गाय को चारा खिलाएं।

    मीन: इनकम बढ़ेगी, विवाद से बचें

    मीन राशि के छठे भाव में बुध का गोचर होगा। इनकम बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं और प्रतियोगिता में सफलता हासिल हो सकती है। हालांकि बिना जरूरत लोन लेने से बचें। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों और सहकर्मियों से विवाद न करें। व्यापारियों को भी साझेदारों और कारोबारी लोगों के साथ अनावश्यक बहस से बचना चाहिए।

    उपाय: बुधवार को भगवान गणेश को दूब की माला चढ़ाएं, बेसन के लड्डुओं का भोग लगाएं और 11 गरीबों को प्रसाद बांटें।

  • उच्च राशि में गुरु की ‘अमृत दृष्टि’, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, करियर-कारोबार में मिल सकता है बड़ा लाभ

    उच्च राशि में गुरु की ‘अमृत दृष्टि’, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, करियर-कारोबार में मिल सकता है बड़ा लाभ


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धन-संपत्ति, संतान, धर्म और भाग्य का कारक ग्रह माना जाता है। जब बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में स्थित होते हैं, तो ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार उनके शुभ प्रभाव और भी प्रबल हो जाते हैं। गुरु की पांचवीं, सातवीं और नौवीं दृष्टि को विशेष फलदायी माना गया है।

    मान्यता है कि गुरु जिस भाव में विराजमान होते हैं, उससे भी अधिक शुभ प्रभाव उनकी दृष्टि से मिलने वाले भावों पर पड़ सकता है। इस समय उच्च राशि में स्थित गुरु की तीन दिव्य दृष्टियां तीन राशियों के लिए विशेष लाभकारी मानी जा रही हैं। इससे करियर, कारोबार और आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव के योग बन सकते हैं।

    वृश्चिक राशि
    गुरु कर्क राशि में रहते हुए वृश्चिक राशि के पंचम भाव पर अपनी पांचवीं दृष्टि डाल रहे हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक यह समय विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए अनुकूल हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों की निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होगी और सही रणनीति से आर्थिक लाभ के अवसर बन सकते हैं। शेयर बाजार या रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलने के योग हैं। संतान पक्ष से कोई अच्छी खबर मिल सकती है, जिससे परिवार में खुशी का माहौल बनेगा।

    मकर राशि
    मकर राशि के सप्तम भाव पर गुरु की सातवीं समसप्तक दृष्टि पड़ रही है। सप्तम भाव को व्यापार और साझेदारी से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में नए कारोबारी सौदे तय होने और साझेदारी में काम करने वालों को लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। कार्यस्थल पर आपकी स्थिति मजबूत हो सकती है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने से प्रमोशन के रास्ते खुल सकते हैं। निजी जीवन की बात करें तो वैवाहिक रिश्तों में चल रहा तनाव कम हो सकता है और आपसी तालमेल बेहतर होने की उम्मीद है।

    मीन राशि
    मीन राशि के स्वामी स्वयं बृहस्पति हैं। इस राशि के नवम भाव पर गुरु की नौवीं दृष्टि पड़ रही है। नवम भाव को भाग्य, धर्म और लंबी यात्राओं से संबंधित माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार गुरु की यह दृष्टि लंबे समय से अटके कामों में गति ला सकती है। सरकारी और कानूनी मामलों में सफलता के रास्ते खुल सकते हैं। मनचाही जगह नौकरी ट्रांसफर या विदेश से संबंधित कोई अवसर भी मिल सकता है। कारोबारी नए प्रोजेक्ट शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। धार्मिक यात्राओं के योग बनने के साथ किसी बड़े गुरु या अनुभवी व्यक्ति का मार्गदर्शन भी मिल सकता है।

  • 20 अगस्त को शनि बदलेंगे नक्षत्र, बुध के रेवती में प्रवेश से 5 राशियों के बनेंगे धन-करियर में लाभ के योग

    20 अगस्त को शनि बदलेंगे नक्षत्र, बुध के रेवती में प्रवेश से 5 राशियों के बनेंगे धन-करियर में लाभ के योग


    नई दिल्ली। साल 2026 का अगस्त महीना ज्योतिषीय घटनाओं के लिहाज से खास रहने वाला है। इस महीने 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन साल का अंतिम चंद्र ग्रहण लगने वाला है। इससे कुछ दिन पहले ही 20 अगस्त को शनिदेव रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश करेंगे। रेवती नक्षत्र को 27वां और अंतिम नक्षत्र माना जाता है तथा इसके स्वामी बुध ग्रह हैं।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक शनि के नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग हो सकता है। कुछ राशियों के लिए यह बदलाव आर्थिक स्थिति, करियर और रुके हुए कार्यों के लिहाज से लाभकारी माना जा रहा है।

    वृषभ राशि
    वृषभ राशि वालों को नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। आमदनी में वृद्धि के योग हैं और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रहेगा। परिवार में सुख-शांति का माहौल बनेगा। सामाजिक स्तर पर भी आपकी प्रतिष्ठा बढ़ सकती है।

    मिथुन राशि
    मिथुन राशि के जातकों के लिए कमाई के नए साधन बनने के संकेत हैं। जमीन, मकान या वाहन खरीदने की योजना पूरी हो सकती है। नौकरी और व्यापार दोनों क्षेत्रों में अच्छे अवसर मिलने की संभावना है। इससे आर्थिक स्थिति के साथ सुख-सुविधाओं में भी बढ़ोतरी हो सकती है।

    तुला राशि
    तुला राशि वालों के लिए समय अनुकूल रहने की संभावना है। लंबे समय से अटके काम गति पकड़ सकते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। पुराने कर्ज से राहत मिलने के योग हैं। परिवार में कोई शुभ या मांगलिक आयोजन भी हो सकता है।

    धनु राशि
    धनु राशि के जातकों को मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है। आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होगी। करियर में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। इन अवसरों का लाभ मिलने से आर्थिक स्थिति भी मजबूत होने के संकेत हैं।

    मकर राशि
    मकर राशि वालों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और कार्यों में सफलता मिलने के योग बनेंगे। पुराने निवेश से अच्छा लाभ प्राप्त हो सकता है। नौकरी या कारोबार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इस दौरान नए अवसरों का लाभ उठाने का मौका मिलेगा।

  • जुलाई में बदलेंगी सूर्य, बुध और शुक्र की चाल, 4 राशियों के खुलेंगे तरक्की के रास्ते, इन्‍हें बरतनी होगी सावधानी

    जुलाई में बदलेंगी सूर्य, बुध और शुक्र की चाल, 4 राशियों के खुलेंगे तरक्की के रास्ते, इन्‍हें बरतनी होगी सावधानी


    नई दिल्ली। जुलाई 2026 का महीना ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस महीने सूर्य, बुध और शुक्र जैसे प्रमुख ग्रह अपनी राशि या चाल में परिवर्तन करेंगे, जबकि शनि पहले से ही वक्री अवस्था में रहेंगे। ज्योतिष के अनुसार, इन ग्रहों के गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। जहां कुछ राशियों के लिए यह समय प्रगति, आर्थिक लाभ और सफलता लेकर आ सकता है, वहीं कुछ राशि वालों को सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी गई है।

    जुलाई में कब-कब होगा ग्रहों का गोचर
    द्रिक पंचांग के अनुसार, महीने की शुरुआत में 4 जुलाई को शुक्र सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। शुक्र को सुख, प्रेम, वैभव और भौतिक सुविधाओं का कारक माना जाता है, इसलिए इस गोचर का प्रभाव इन क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।

    इसके बाद 16 जुलाई को सूर्य मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। इस परिवर्तन को **कर्क संक्रांति** कहा जाता है, जिसका धार्मिक और ज्योतिषीय दोनों ही दृष्टि से विशेष महत्व है।

    वहीं, 24 जुलाई से बुध अपनी वक्री चाल समाप्त कर मार्गी हो जाएंगे। ज्योतिष मान्यता के अनुसार, इससे व्यापार, संचार, निर्णय क्षमता और बुद्धि से जुड़े कार्यों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। महीने के दौरान शनि देव भी कुंभ राशि में वक्री अवस्था में रहेंगे और अपनी धीमी गति से विभिन्न राशियों पर प्रभाव डालते रहेंगे।

    इन 4 राशियों को मिल सकते हैं शुभ परिणाम

    मेष राशि
    बुध और सूर्य का गोचर आर्थिक मामलों में नए अवसर प्रदान कर सकता है। नौकरी और व्यवसाय में सम्मान बढ़ने के संकेत हैं। नया कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे लोगों के लिए समय अनुकूल माना जा रहा है। पारिवारिक जीवन भी सुखद रहने की संभावना है।

    सिंह राशि
    शुक्र और सूर्य का राशि परिवर्तन व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ा सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां या पदोन्नति मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है।

    तुला राशि
    ग्रहों का यह परिवर्तन करियर में उन्नति के नए अवसर दे सकता है। व्यापार से जुड़े लोगों को लाभ मिलने के संकेत हैं। स्वास्थ्य में भी पहले की तुलना में सुधार देखने को मिल सकता है।

    धनु राशि
    शनि की अनुकूल स्थिति और बुध के मार्गी होने से भाग्य का साथ मिलने की संभावना है। लंबी दूरी की यात्राएं लाभदायक साबित हो सकती हैं। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं।

    इन राशियों को बरतनी होगी सावधानी

    मिथुन राशि
    इस महीने अचानक खर्च बढ़ सकते हैं, जिससे आर्थिक संतुलन प्रभावित हो सकता है। कार्यस्थल पर विवाद से बचें और अपनी वाणी पर संयम रखें।

    मकर राशि
    मानसिक तनाव बढ़ सकता है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें और खान-पान पर विशेष ध्यान दें। पैसों के लेन-देन में सतर्कता बरतना बेहतर रहेगा।

    कुंभ राशि
    शनि की वक्री चाल के कारण कुछ कार्यों में रुकावट आ सकती है। वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी रखें। इस दौरान नया निवेश करने से बचने की सलाह दी गई है।

    मीन राशि
    पारिवारिक जीवन में गलतफहमियां उत्पन्न हो सकती हैं। कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर चलना लाभदायक रहेगा। धैर्य और संयम इस महीने आपकी सबसे बड़ी ताकत साबित हो सकते हैं।

  • US ने ईरान से तेल ब्रिक्री पर लगे प्रतिबंध को हटाया…. भारत को भी मिलेगा फायदा

    US ने ईरान से तेल ब्रिक्री पर लगे प्रतिबंध को हटाया…. भारत को भी मिलेगा फायदा


    तेहरान।
    अमेरिका (America) ने ईरान (Iran) के तेल सेक्टर (Oil sector) पर लगे कड़े प्रतिबंधों को अस्थायी तौर पर हटा दिया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की ओर से ईरान को 60 दिनों की राहत दी गई है। इसके तहत ईरान अब 21 अगस्त तक कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों (Crude Oil and Petroleum Products) की बिक्री कर सकेगा। अमेरिका के इस कदम का असर ग्लोबल एनर्जी मार्केट के साथ-साथ भारत पर भी देखने को मिलेगा।


    ईरान को क्यों मिली यह छूट?

    17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए थे। यह 60 दिनों की छूट उसी समझौते का हिस्सा है। इस समझौते के तहत ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिना किसी रोक-टोक के मुक्त आवाजाही (फ्री एंड ओपन ट्रांजिट) की अनुमति देने का वादा किया है।

    इसके अलावा, ईरान अब अपने देश में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को भी आने की इजाजत देगा। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड में हुई इस बातचीत को ‘अच्छी प्रगति’ बताया है और इसे एक बड़ी उपलब्धि करार दिया है।


    किन देशों को तेल बेच सकेगा ईरान?

    इस फैसले के बाद ईरान दुनिया के लगभग हर देश को अपना तेल और पेट्रोलियम उत्पाद बेच सकता है। हालांकि, अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहे उत्तर कोरिया, क्यूबा और क्रीमिया को ईरान तेल नहीं बेच पाएगा। इस सौदे में एक अहम बात यह भी है कि ईरान को तेल का भुगतान अमेरिकी डॉलर में किया जा सकेगा।


    क्या अमेरिका भी करेगा ईरान से तेल का आयात?

    1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से अमेरिका ने कभी भी ईरानी तेल का आयात नहीं किया है। लेकिन, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट की ओर से जारी किए गए नए जनरल लाइसेंस के अनुसार, अगर तेल की बिक्री, डिलीवरी या ऑफलोडिंग की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए जरूरी हुआ, तो ईरानी तेल को अमेरिका में भी आयात किया जा सकता है।


    भारत के लिए इस फैसले के क्या हैं मायने?

    साल 2019 में जब अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध लगाए थे, उससे पहले तक भारत ईरानी तेल का एक बहुत बड़ा खरीदार था। भारत के अलावा दक्षिण कोरिया, जापान, ग्रीस, ताइवान, इटली और तुर्की भी बड़े खरीदार थे।

    2009 के आंकड़ों पर गौर करें तो भारत के कुल कच्चे तेल के आयात में ईरान की 14 फीसदी हिस्सेदारी थी और वह भारत का दूसरा सबसे बड़ा सप्लायर था। लेकिन 2019 में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति रहते हुए जब ईरान पर फिर से कड़े प्रतिबंध लगाए गए, तब नई दिल्ली ने तेहरान से तेल खरीदना पूरी तरह से बंद कर दिया था। मौजूदा समय में दुनिया भर में तेल सप्लाई की जो किल्लत और अस्थिरता चल रही है, उसे देखते हुए अमेरिका की इस 60 दिन की छूट से भारत को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है।

    आपको बता दें कि फिलहाल भारत रूस से रिकॉर्ड स्तर पर तेल खरीद रहा है। मार्केट एनालिटिक्स फर्म केप्लर (Kpler) के अनुसार, केवल जून महीने में भारत ने रूस से 26 लाख बैरल प्रतिदिन तेल का आयात किया है, जो इसी अवधि में भारत के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 54 प्रतिशत है।

  • EPFO ने EPF की ब्याज दर को 8.25% पर रखा बरकार….. करोड़ों सदस्यों को होगा फायदा

    EPFO ने EPF की ब्याज दर को 8.25% पर रखा बरकार….. करोड़ों सदस्यों को होगा फायदा


    नई दिल्ली।
    ईपीएफओ (EPFO) ने वित्तवर्ष 2026 के लिए 8.25% ब्याज दर बरकरार रखी है और यह कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organization- EPFO) के करोड़ों सदस्यों के लिए राहत की खबर है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 2 मार्च 2026 को इसकी जानकारी दी थी। हालांकि ब्याज दर (Interest Rate) की घोषणा हुए दो महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक अधिकांश खाताधारकों के खातों में ब्याज की राशि दिखाई नहीं दी है।


    कब खाते में आएगा EPF का ब्याज?

    EPFO द्वारा ब्याज दर की घोषणा के बाद उसे केंद्र सरकार की मंजूरी मिलनी होती है। इसके बाद करोड़ों खातों का मिलान और रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसी वजह से ब्याज जमा होने में कुछ समय लगता है। आमतौर पर EPF खातों में पिछले वित्त वर्ष का ब्याज जून से सितंबर के बीच जमा किया जाता है। इसलिए सदस्य आने वाले महीनों में अपने खाते में ब्याज की एंट्री देख सकते हैं।


    देरी हो सकती है, लेकिन पूरा ब्याज मिलेगा

    EPFO ने स्पष्ट किया है कि भले ही ब्याज जमा होने में कुछ समय लगे, लेकिन सभी पात्र सदस्यों को पूरा ब्याज मिलेगा। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि सभी खातों की पासबुक में ब्याज की एंट्री एक साथ दिखाई नहीं देती। अलग-अलग खातों में यह अपडेट अलग-अलग समय पर नजर आ सकता है।


    कैसे चेक करें कि ब्याज जमा हुआ या नहीं?

    EPF सदस्य कई तरीकों से यह जांच सकते हैं कि उनके खाते में ब्याज जमा हुआ है या नहीं।
    1. UMANG ऐप: UMANG ऐप में लॉगिन कर EPF पासबुक देख सकते हैं।
    2. EPFO पोर्टल: EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पासबुक चेक की जा सकती है।
    3. मिस्ड कॉल सेवा: रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से EPFO की मिस्ड कॉल सेवा का उपयोग किया जा सकता है।
    4. SMS सुविधा: UAN से जुड़े मोबाइल नंबर से SMS भेजकर खाते की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।


    EPFO 3.0 में मिलेगा UPI से पैसा निकालने का विकल्प

    EPFO जल्द ही अपने नए डिजिटल प्लेटफॉर्म EPFO 3.0 के तहत बड़ी सुविधा शुरू करने जा रहा है। इसके बाद सदस्य अपने पीएफ खाते से सीधे बैंक खाते में राशि ट्रांसफर कर सकेंगे।

    EPFO 3.0 के तहत UPI के माध्यम से सीधे बैंक खाते में PF राशि ट्रांसफर, UMANG ऐप पर उपलब्ध निकासी राशि की जानकारी और QR कोड के जरिए सुरक्षित ट्रांसफर की सुविधा मिलेगी। बैंक खाते में पैसा आने के बाद ATM या UPI से उपयोग की सुविधा भी मिलेगी। वहीं, ऑटो-सेटलमेंट की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की गई है।


    अब नहीं होगी लंबी प्रक्रिया

    नई व्यवस्था लागू होने के बाद पीएफ निकासी के लिए लंबी प्रतीक्षा और कई स्तर की मंजूरी की जरूरत कम हो जाएगी। सदस्य सीधे अपने लिंक्ड बैंक खाते में राशि प्राप्त कर सकेंगे और जरूरत के अनुसार उसका उपयोग कर सकेंगे।

    करोड़ों कर्मचारियों को मिलेगा फायदा: EPFO 3.0 को कर्मचारियों के लिए एक बड़ा डिजिटल सुधार माना जा रहा है। इससे पीएफ निकासी प्रक्रिया पहले से अधिक तेज, आसान और पारदर्शी होने की उम्मीद है।