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  • MP: CM यादव ने 3.69 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को बांटा 30 करोड़ का बोनस,,, बैतूल को दी विकास कार्यों की सौगात

    MP: CM यादव ने 3.69 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को बांटा 30 करोड़ का बोनस,,, बैतूल को दी विकास कार्यों की सौगात


    भोपाल/बैतूल।
    मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) 31 अक्टूबर को बैतूल (Betul) पहुंचे. उन्होंने यहां पुलिस ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में जिले को कई सौगातें प्रदान कीं. उन्होंने 3.69 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों (Tendu leaf Collectors) के खातों में 30 करोड़ से अधिक की बोनस राशि (Bonus amount) ट्रांसफर की. इसके अलावा उन्होंने ग्राम वन समितियों के सदस्यों को 13 करोड़ से अधिक की काष्ठ लाभांश राशि भी  सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरण किया. इस मौके पर उन्होंने 297 करोड़ से अधिक की लागत के 52 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और 145 करोड़ से अधिक की लागत के 55 विकास कार्यों का लोकार्पण किया. इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में आए स्थानीय नागरिकों का पुष्पवर्षा कर स्वागत-अभिनंदन किया. उन्होंने विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सच्चा वादा और पक्का काम के संकल्प के साथ जनहितैषी कार्यों को आगे बढ़ा रही है. प्रदेश के गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के लिए अनेकों कार्य हो रहे हैं. कल ही किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की राशि की सौगात मिली है. प्रदेश के किसानों को पर्याप्त बिजली और सिंचाई सुविधाएं मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि आज बैतूल में चार जिलों के 3.69 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को 30 करोड़ रुपये से अधिक की बोनस राशि मिली है. यह दक्षिण बैतूल, पश्चिम बैतूल, उत्तर बैतूल, पांढुर्णा (दक्षिण छिंदवाड़ा), पूर्व छिंदवाड़ा, पश्चिम छिंदवाड़ा एवं नर्मदापुरम वन मंडल के तेंदूपत्ता संग्राहकों के हक की राशि है. प्रदेश के तेंदूपत्ता संग्राहकों को अब तक 80 करोड़ से अधिक राशि दी गई है।


    छात्रों का पूरा ख्याल रख रही सरकार

    सीएम मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार माताओं-बहनों के कल्याण के लिए निरंतर लाड़ली बहनों को लाभ दे रही है. ग्राम वन समितियों को 13 करोड़ से अधिक काष्ठ लाभांश राशि भी मिली है. अद्भुत वन संपदा और नैसर्गिक सौन्दर्य के मामले में बैतूल जिला अतुलनीय है. बैतूल जिले के समग्र विकास के लिए यहां 443 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की अनुपम सौगात मिली है. प्रदेशभर में बन रहे सांदीपनि विद्यालय बेहतर और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा का मॉडल बन चुके हैं. उन्होंने कहा कि बैतूल में जनजातीय बेटियों के लिए 50 करोड़ की लागत से कन्या शिक्षा परिसर और छात्रावास का भूमि-पूजन किया गया है. राज्य सरकार मेधावी योजना के अंतर्गत बोर्ड परीक्षाओं में 70 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करने वाले बच्चों को 25 हजार रुपए कीमत के लैपटॉप और स्कूल टॉपर्स को स्कूटी प्रदान कर रही है।


    सरकार ने खोले नौकरियों के रास्ते

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार विद्यार्थियों के स्वर्णिम भविष्य के लिए किताबें, साइकिल, ड्रेस और छात्रवृत्ति देकर उनकी हर तरीके से मदद कर रही है. बच्चे और युवा मध्यप्रदेश का भविष्य हैं. उनके लिए पर्याप्त रोजगार उपलब्ध हों, इसके लिए प्रदेशभर में उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं. हमारे बच्चे पढ़-लिखकर नौकरी मांगने की बजाय रोजगार देने वाले बनें, इसके लिए उन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. राज्य सरकार ने अब तक 85 हजार शासकीय पदों पर युवाओं को नियुक्ति दी है. उन्होंने कहा कि अब एक लाख नए पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है. पुलिस विभाग में 18 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति की गई है. प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर, माइनिंग इंस्पेक्टर, डॉक्टर जैसे पदों पर भी भर्ती हुई है. प्रदेश के 1 लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है. हमारी सरकार सबका साथ-सबका विकास की भावना से काम कर रही है. उन्होंने कहा कि दीपावली से पहले कर्मचारियों को 2 प्रतिशत अतिरिक्त डीए की सौगात भी मिली है।


    बैतूल-मुलताई में लगेंगे नए कारखाने

    मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि बैतूल के कुकरू खामला का सौंदर्य देखती ही बनता है. यहां 15 करोड़ रुपए की लागत से पर्यटन सुविधिओं को विस्तार दिया जा रहा है. यहां कॉफी के बागान लगाए जाएंगे. बैतूल-मुलताई में 24 करोड़ के नए कारखाने लगाए जाएंगे. भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती के अवसर प्रदेशभर में 15 नवंबर से 17 नवंबर तक तीन दिन उत्सव मनाया जाएगा. राज्य सरकार ने जनजातीय नायकों को सम्मान देने के लिए विशेष कैबिनेट आयोजित कीं. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने गोवर्धन पूजा के अवसर पर वृंदावन गांवों में अच्छे पशुधन की प्रतियोगिताएं आयोजित करने और पशुपालकों को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया है. हमारे किसान भाई, जनजातीय बंधु गोपालन और दूध उत्पादन से आय बढ़ाएं. राज्य सरकार कोदो-कुटकी सहित सभी मोटे अनाज को प्रोत्साहन प्रदान कर रही है. मजरे-टोले में रहने वाले जनजातीय भाई-बहनों को भी बेहतर सड़कों और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बसों की सौगात मिल रही है. मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित संपत्तियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री करवाई जा रही है. हमारे जनजातीय किसान भाइयों को भी सम्मान से जीने का हक मिले. इसके लिए लगातार जनकल्याणकारी कार्यों को आगे बढ़ा रही है. सीएम मोहन यादव ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उनका स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार गरीब, किसान, युवा, नारी और जनजातीय सहित सभी वर्गों के कल्याण के लिए समान रूप से काम करेगी. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को दीपावली और गोवर्धनपूजा की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।


    मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं

    1. नल जल योजना के कार्यों के लिए 50 करोड़ राशि दी जाएगी .
    2. बैतूल में 15 करोड़ की लागत से गीता भवन और हाट बाजार बनेगा.
    3. सड़क चौड़ीकरण के लिए 47 करोड़ रुपए दिए जाएंगे.
    4. जिले में 70 करोड़ की लागत से चार जलाशयों को निर्माण किया जाएगा.
    5. 154 करोड़ की लागत से रामघाटी मध्यम सिंचाई परियोजना विकसित की जाएगी.
    6. घोड़ाडोंगरी में बैराज और जलाशय बनाएं जाएंगे.
    7. शासकीय हाई स्कूलों में 50 करोड़ की लागत से सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी.
    8. 100 करोड़ से अधिक लगात से फुटबॉल टर्फ, इनडोर और आउटडोर स्टेडियम बनाएं जाएंगे.
    9. बैतूल में जनजातीय संग्रहालय बनाया जाएगा.
    10. प्रदेश के पहले ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व फॉरेस्ट में 7 करोड़ की लागत से सफारी गेट का निर्माण किया जाएगा.
    11. ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व फॉरेस्ट के पास 3 करोड़ की लागत से बटर फ्लाई पार्क विकसित किया जाएगा।

  • राजस्थान में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा, भोपाल-बैतूल के 8 यात्रियों की मौत और 17 घायल

    राजस्थान में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा, भोपाल-बैतूल के 8 यात्रियों की मौत और 17 घायल

    नई दिल्ली ।राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह हुए सड़क हादसे में मध्य प्रदेश के भोपाल और बैतूल के आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 यात्री घायल हो गए। यात्रियों से भरा टैंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर पुलिया से करीब 15 फीट नीचे जा गिरा। वाहन में सवार लोग भोपाल से राजस्थान के खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बचाव दल को यात्रियों को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

    यह दुर्घटना कोटा शहर से करीब 35 किलोमीटर दूर सिमलिया थाना क्षेत्र में कराड़िया टोल के पास सुबह लगभग छह बजे हुई। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचे। सुबह के समय अंधेरा होने के कारण राहत और बचाव कार्य में कुछ देरी हुई। दुर्घटनाग्रस्त वाहन में कई यात्री फंस गए थे, जिन्हें बाहर निकालने के लिए बचाव दल को काफी प्रयास करना पड़ा।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, टैंपो ट्रैवलर के पुलिया से नीचे गिरने के बाद कई यात्री वाहन के भीतर ही फंस गए थे। कुछ मृतकों के शव सीटों के बीच फंसे हुए थे। उन्हें बाहर निकालने में कठिनाई हुई। वहीं, घायल यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए वाहन की खिड़कियां तोड़नी पड़ीं। हादसे में घायल 17 लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। दुर्घटना में जान गंवाने वालों में महिलाएं और युवा भी शामिल हैं।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतकों में बैतूल जिले के मुलताई, साईंखेड़ा और पाटन क्षेत्र के निवासी शामिल हैं। इसके अलावा भोपाल के राजीव नगर और शहर के अन्य हिस्सों के लोगों की भी इस हादसे में मौत हुई है। एक ही यात्रा पर निकले लोगों के साथ हुए हादसे से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

    दुर्घटना में जान गंवाने वालों की सूची में 25 वर्षीय वैष्णवी गावंडे, 22 वर्षीय त्रिशा गोडकी और 27 वर्षीय सचिन गिरी के नाम शामिल हैं। इनके अलावा 55 वर्षीय कृष्णाराव गोडके और 50 वर्षीय अनिता की भी मौत हुई है। मृतकों में अरुणा, 26 वर्षीय ओम सूर्यवंशी और राजुराम उर्फ राजकुमार भी शामिल हैं, जिनकी उम्र करीब 50 वर्ष बताई गई है।

    अरुणा मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र की निवासी थीं। वैष्णवी गावंडे बैतूल जिले के साईंखेड़ा थाना क्षेत्र के मीरापुर की रहने वाली थीं। त्रिशा गोडकी और कृष्णाराव गोडके का संबंध बैतूल जिले के पाटन क्षेत्र से था। अनिता भोपाल के राजीव नगर स्थित सेक्टर-ए की निवासी थीं, जबकि सचिन गिरी भोपाल के रहने वाले थे। ओम सूर्यवंशी बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र के सरा गांव के निवासी थे। राजुराम उर्फ राजकुमार के पते की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है।

    हादसे में मृतकों की पहचान और उनके पते से संबंधित जानकारी पुलिस की ओर से साझा की गई है। मृतकों में अलग-अलग उम्र के लोगों के शामिल होने से इस दुर्घटना का असर कई परिवारों पर पड़ा है। भोपाल और बैतूल में रहने वाले परिजनों के लिए यह खबर गहरे दुख का कारण बनी है।

    फिलहाल दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि टैंपो ट्रैवलर किस वजह से अनियंत्रित हुआ और पुलिया से नीचे गिर गया। पुलिस हादसे से संबंधित जानकारी जुटा रही है। दुर्घटना में घायल यात्रियों का अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। हादसे के बाद राहत और बचाव दल ने वाहन में फंसे लोगों को निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम किया।

  • MP: बैतूल जिले के भीमपुर में दूध और केला के सेवन के बाद अचानक बीमार पड़े 32 बच्चे

    MP: बैतूल जिले के भीमपुर में दूध और केला के सेवन के बाद अचानक बीमार पड़े 32 बच्चे


    बैतूल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बैतूल जिले (Betul district) में दूध और केला (Milk and Banana) का सेवन करने के बाद 32 बच्चों की तबीयत खराब (32 Children ill) हो गई है. बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. परिजनों का कहना है कि उनके बच्चों को परिवार एजुकेशन सोसायटी की कुटीर संस्था से मिला दूध, केले, बरबटी के बीज दिया गया था।

    मामला बैतूल के भीमपुर क्षेत्र का है जहां एक साथ 32 बच्चों की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया. दूध और केले का सेवन करने के बाद बच्चों को अचानक उल्टियां होने लगीं, जिसके बाद सभी को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया।

    भीमपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत चिखली के ग्राम भाडरी का है. यहां परिवार एजुकेशन सोसायटी की कुटीर संस्था से मिला दूध, केले,.बरबटी के बीज दिया गया था. इनके सेवन के बाद 32 बच्चों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई है. घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया।

    SDM और CMHO सहित सीनियर अधिकारी भीमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और बच्चों के उपचार की जानकारी ली. राहत की खबर यह है कि फिलहाल सभी बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है. बैतूल सीएमएचओ संजीव शर्मा का कहना है कि परिवार एजुकेशन सोसायटी की कुटीर संस्था से मिला दूध, केले, बरबटी के बीज दिए गए थे। इसके सेवन के बाद बच्चों को उल्टियां होने लगीं, उन्हें भी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भर्ती कराया गया है. फिलहाल सभी की स्थिति स्थिर है और दूध का सैंपल ले लिया गया है।

    अपने बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे सुमरत कास्दे का कहना है कि उसका बच्चा कुटीर गया था, जहां उसे दूध और केला दिया गया था. इसके बाद स्कूल गया, वहां उसने कुछ नहीं खाया और स्कूल से पता चला कि बच्चों को उल्टियां हो रही हैं तो उन्हें अस्पताल लेकर आए।

  • कोयंबतूर से भोपाल बाइक पर जा रहे 29 वर्षीय युवक की बैतूल में मौत, नेशनल हाईवे-47 पर अज्ञात भारी वाहन ने मारी टक्कर

    कोयंबतूर से भोपाल बाइक पर जा रहे 29 वर्षीय युवक की बैतूल में मौत, नेशनल हाईवे-47 पर अज्ञात भारी वाहन ने मारी टक्कर

    मध्य प्रदेश। के बैतूल जिले में नेशनल हाईवे-47 पर हुए सड़क हादसे में 29 वर्षीय एस. गौतम की मौत हो गई। वह तमिलनाडु के कोयंबतूर के रहने वाले थे और दुबई में नौकरी करते थे। गौतम बाइक से कोयंबतूर से भोपाल जा रहे थे। मंगलवार देर रात रास्ते में एक अज्ञात भारी वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट आई और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।

    यह दुर्घटना बैतूल बाजार थाना क्षेत्र में झिटापटी यात्री प्रतीक्षालय के पास हुई। हादसे का समय रात करीब 2:30 से 3 बजे के बीच बताया गया है। टक्कर मारने वाले भारी वाहन की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस वाहन और उसके चालक का पता लगाने में जुटी है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गौतम भोपाल में अपने किसी पारिवारिक मित्र से मिलने के लिए निकले थे। वह कोयंबतूर से भोपाल तक लगभग 1,800 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए बाइक से यात्रा कर रहे थे। बताया गया है कि फ्लाइट उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्होंने सड़क मार्ग से जाने का फैसला किया था। हालांकि, दुर्घटना के समय तक वह कितनी देर से लगातार बाइक चला रहे थे, इस संबंध में जानकारी सामने नहीं आई है।

    हादसे की सूचना मिलने के बाद शव को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की एंबुलेंस से बैतूल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मर्चुरी में रखवा दिया गया। फिलहाल पोस्टमार्टम की प्रक्रिया परिवार के सदस्यों के आने के बाद पूरी की जाएगी।

    घटना के बाद भोपाल से गौतम के कुछ परिचित बैतूल पहुंचे। उनके परिवार के सदस्यों के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। परिजनों के आने के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    गौतम के पारिवारिक जीवन को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, उनके पिता का कुछ वर्ष पहले निधन हो गया था। परिवार में उनकी मां, भाई और भाभी हैं। उनका पालन-पोषण पारिवारिक संघर्षों और कई परेशानियों के बीच हुआ था। वह दुबई में नौकरी करते थे और भोपाल में एक पारिवारिक मित्र से मिलने जा रहे थे।

    बैतूल बाजार थाने के बीट प्रभारी रमन धुर्वे के मुताबिक, दुर्घटना के बाद शव को एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया था। फिलहाल पुलिस अज्ञात भारी वाहन की पहचान करने का प्रयास कर रही है। हादसे के कारणों और टक्कर मारने वाले वाहन के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

  • बैतूल के मां चंडी दरबार पर बढ़ा विवाद, आदिवासी संगठनों ने मंदिर और जमीन का प्रबंधन ग्राम सभा को सौंपने की मांग उठाई

    बैतूल के मां चंडी दरबार पर बढ़ा विवाद, आदिवासी संगठनों ने मंदिर और जमीन का प्रबंधन ग्राम सभा को सौंपने की मांग उठाई


    मध्य प्रदेश ।
    के बैतूल जिले की चिचोली तहसील के गोधना गांव में स्थित मां चंडी दरबार को लेकर विवाद बढ़ गया है। रविवार को जिले के अलग-अलग इलाकों से आदिवासी समुदाय और सामाजिक संगठनों के लोग मंदिर परिसर पहुंचे और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गर्भगृह के पास बलि देकर अपना विरोध दर्ज कराया। उनकी प्रमुख मांग है कि मंदिर और उससे जुड़ी जमीन का प्रबंधन ग्राम सभा को सौंपा जाए, ताकि धार्मिक परंपराओं और स्थानीय मान्यताओं से जुड़े फैसलों में समुदाय की भागीदारी बनी रहे।

    आदिवासी समाज का कहना है कि मां चंडी दरबार सैकड़ों साल पुराना धार्मिक स्थल है और उसका गहरा संबंध उनकी आस्था तथा परंपराओं से है। समुदाय के लोगों के मुताबिक, मां चंडी को कली कंकाली दाई के नाम से भी जाना जाता है और गोंडवाना शासन के समय से ही उन्हें आदिवासी समाज की आराध्य माना जाता रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मंदिर का संचालन निजी हाथों में जाने के बाद से उनकी नाराजगी बढ़ी है। उनका आरोप है कि नई व्यवस्था के कारण पूजा-पाठ और मंदिर प्रबंधन से जुड़ी पुरानी परंपराओं में बदलाव किए गए हैं।

    मंदिर के संचालन को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद व्यवस्था में बदलाव हुआ है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत के आदेश के बाद मंदिर का संचालन स्थानीय यादव परिवार को सौंपा गया। आदिवासी समुदाय का आरोप है कि इसके बाद पहले से चली आ रही पूजा-पाठ की व्यवस्था में परिवर्तन किया गया और पुरानी संचालन समिति को हटा दिया गया। इसके साथ ही पुराने मंदिर के ढांचे को हटाकर नया निर्माण कराया जा रहा है। समुदाय के लोगों का कहना है कि इन बदलावों से उनकी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर असर पड़ रहा है।

    प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि मंदिर और जमीन के प्रबंधन से संबंधित निर्णय ग्राम सभा की भागीदारी से लिए जाएं। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों की आस्था से जुड़े विषयों में समुदाय की राय को महत्व दिया जाना चाहिए। आदिवासी समाज के मुताबिक, हर रविवार और बुधवार को मां चंडी दरबार में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर की पूजा व्यवस्था और परंपराओं को लेकर होने वाले फैसलों में स्थानीय समुदाय की भूमिका महत्वपूर्ण है।

    आदिवासी संगठनों ने अपनी मांग के समर्थन में पेसा कानून और वनाधिकार कानून का भी उल्लेख किया है। उनका कहना है कि इन कानूनों में आदिवासी परंपराओं और अधिकारों की रक्षा से संबंधित प्रावधान हैं। समुदाय के लोग हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करने की बात कह रहे हैं, लेकिन उनका आरोप है कि मामले की सुनवाई के दौरान जिला प्रशासन की ओर से जरूरी तथ्य अदालत के सामने नहीं रखे गए। यह आरोप आदिवासी समाज की ओर से लगाया गया है।

    दूसरी ओर, मंदिर के संचालन से जुड़े विवाद में यादव परिवार की जमीन होने की बात भी सामने आई है। विवाद बढ़ने के बाद परिवार ने सहयोग करने की बात कही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में परिवार की ओर से सहयोग के स्वरूप या प्रबंधन को ग्राम सभा को सौंपने की मांग पर किसी विस्तृत निर्णय का उल्लेख नहीं है।

    मां चंडी दरबार को लेकर विवाद का मुख्य केंद्र मंदिर की संचालन व्यवस्था, जमीन के प्रबंधन और पारंपरिक पूजा-पद्धति में बदलाव का मुद्दा है। आदिवासी और सामाजिक संगठनों ने स्पष्ट किया है कि वे मंदिर और जमीन के प्रबंधन में ग्राम सभा की भागीदारी चाहते हैं। फिलहाल, इस मांग और उससे जुड़े आरोपों के बीच मंदिर के संचालन को लेकर विवाद बना हुआ है।

  • 15 साल का साथ एक ही दिन हुआ खत्म, मालिक के निधन के बाद अंतिम यात्रा में डॉग ने भी तोड़ा दम, भावुक विदाई की अनोखी मिसाल

    15 साल का साथ एक ही दिन हुआ खत्म, मालिक के निधन के बाद अंतिम यात्रा में डॉग ने भी तोड़ा दम, भावुक विदाई की अनोखी मिसाल

    मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से इंसान और उसके पालतू साथी के बीच अटूट प्रेम और वफादारी की एक ऐसी भावुक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र निवासी 67 वर्षीय प्रदीप जैन का बीमारी के दौरान निधन हो गया। उनके निधन के बाद परिवार के 15 साल पुराने पालतू डॉग ‘डुग्गू’ ने जिस तरह अपने मालिक का अंतिम समय तक साथ निभाया, उसने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। अंतिम यात्रा के दौरान मालिक की अर्थी के पीछे-पीछे चल रहे डुग्गू ने भी कुछ दूरी तय करने के बाद दम तोड़ दिया।

    जानकारी के अनुसार, प्रदीप जैन पिछले कई दिनों से बीमार थे और उनका उपचार भोपाल स्थित एम्स अस्पताल में चल रहा था। करीब आठ दिनों तक इलाज के बाद उनका निधन हो गया। इसके बाद उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए बैतूल लाया गया, जहां परिजन, रिश्तेदार और परिचित अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। इस दौरान डुग्गू लगातार अपने मालिक के पार्थिव शरीर के पास जाने की कोशिश करता रहा। परिवार के सदस्यों ने उसे अलग कमरे में रखा, लेकिन वह पूरी रात बेचैन रहा और लगातार आवाजें निकालता रहा, मानो उसे अपने प्रिय मालिक के बिछड़ने का एहसास हो गया हो।

    अगले दिन जब प्रदीप जैन की अंतिम यात्रा निकाली गई तो डुग्गू भी अर्थी के पीछे-पीछे चल पड़ा। वह पूरी श्रद्धा और लगाव के साथ अपने मालिक की अंतिम विदाई में शामिल रहा। कुछ दूरी तक चलने के बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वहीं उसकी सांसें थम गईं। यह दृश्य देखकर अंतिम यात्रा में शामिल सभी लोग भावुक हो गए। कई लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े और हर कोई इस अनोखे रिश्ते की चर्चा करता नजर आया।

    परिजनों ने प्रदीप जैन का अंतिम संस्कार पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ किया। वहीं डुग्गू को भी सम्मानपूर्वक गंज मोक्षधाम परिसर के समीप दफनाया गया। परिवार का कहना है कि डुग्गू केवल एक पालतू जानवर नहीं, बल्कि घर का सदस्य था। उसने अपने पूरे जीवन में परिवार के साथ गहरा जुड़ाव बनाए रखा और विशेष रूप से प्रदीप जैन के प्रति उसका लगाव बेहद खास था।

    प्रदीप जैन के छोटे भाई दिलीप जैन ने बताया कि डुग्गू पिछले 15 वर्षों से परिवार के साथ रह रहा था। जैसे ही प्रदीप जैन घर लौटते, वह दौड़कर उनका स्वागत करता था। जब भी उनकी तबीयत खराब होती, डुग्गू भी उदास रहने लगता था और उनके आसपास ही बना रहता था। परिवार का मानना है कि मालिक के बिछड़ने का दुख वह सहन नहीं कर सका और आखिर तक उनका साथ निभाते हुए उसने भी दुनिया को अलविदा कह दिया।

    यह घटना केवल एक पालतू जानवर की वफादारी की कहानी नहीं, बल्कि इंसान और बेजुबान के बीच विश्वास, अपनापन और निस्वार्थ प्रेम के उस रिश्ते की मिसाल बन गई है, जिसे देखकर हर कोई भावुक हो उठा।

  • MP: बैतूल के मुलताई और पाढुर्णा में महसूस किए गए 3.9 तीव्रता के भूकंप के झटके, दहशत में आए लोग

    MP: बैतूल के मुलताई और पाढुर्णा में महसूस किए गए 3.9 तीव्रता के भूकंप के झटके, दहशत में आए लोग


    बैतूल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बैतूल जिले (Betul district) में शनिवार रात को भूकम्प (Earthquake) के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल (Richter scale) पर जिनकी तीव्रता 3.9 मापी गई। इस बारे में नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) की तरफ से दी गई जानकारी में बताया गया कि, ये झटके रात 9 बजकर 31 मिनट व 2 सेकंड पर दर्ज किए गए। इस दौरान बैतूल के अलावा मुलताई (Multai), पांढुर्णा (Pandhurna) और आसपास के अन्य क्षेत्रों में धरती में कंपन महसूस किया गया। भूकंप के कारण कुछ देर के लिए लोगों में हल्की दहशत का माहौल बन गया।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार भूकंप का केंद्र बैतूल जिले में मुलताई के मानीखापा गांव के पास स्थित था। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, यह केंद्र पचमढ़ी से लगभग 68 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पूर्व दिशा में जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे की तरफ था। हालांकि खबर लिखे जाने तक प्राप्त जानकारी के अनुसार इन झटकों की वजह से जिले में किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं थी।

    भूकंप की तीव्रता 3.9 रिक्टर स्केल होने के बाद भी केंद्र की गहराई कम होने के कारण धरती पर कंपन ज्यादा महसूस हुआ। इस दौरान मुलताई और पांढुर्णा सहित कई इलाकों में तो लोग डर की वजह से काफी देर तक घरों के बाहर खड़े रहे। इसके बाद लोगों ने एक-दूसरे को फोन कर जानकारी ली और सुरक्षा को लेकर उनका हालचाल जाना। हालांकि राहत की बात यह रही कि खबर लिखे जाने तक किसी प्रकार की जनहानि या बड़े नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई थी।

    उधर प्रशासन ने भी भूकंप को लेकर लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की अपील की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में हल्के कंपन महसूस हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मुख्य भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स की संभावना बनी रहती है। इसलिए प्रशासन ने लोगों को जर्जर भवनों से दूर रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।


    उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भी महसूस हुए भूकंप के झटके

    मध्य प्रदेश के अलावा उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय क्षेत्र में भी शनिवार देर रात भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप के कारण कुछ देर के लिए लोगों में हल्की दहशत का माहौल बन गया, हालांकि किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। जिला आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.4 मापी गई। भूकंप का केंद्र जिला मुख्यालय से उत्तर-पूर्व दिशा में करीब चार किलोमीटर दूर जमीन से पांच किलोमीटर नीचे स्थित था।

    प्रशासन के मुताबिक भूकंप के झटके केवल जिला मुख्यालय क्षेत्र तक सीमित रहे और जनपद की अन्य तहसीलों में इन्हें महसूस नहीं किया गया। राहत की बात यह रही कि कहीं से भी किसी प्रकार की क्षति की सूचना सामने नहीं आई है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

  • बैतूल में योजना पर सवाल पात्र होने के बावजूद नहीं हुआ पंजीयन, कलेक्टर से शिकायत

    बैतूल में योजना पर सवाल पात्र होने के बावजूद नहीं हुआ पंजीयन, कलेक्टर से शिकायत


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को लेकर एक नया विवाद सामने आया है, जिसमें एक युवती ने पात्र होने के बावजूद पंजीयन नहीं किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। यह मामला चिखली आमढ़ाना निवासी 21 वर्षीय सोनम से जुड़ा है, जिसने जिला प्रशासन से शिकायत कर अधिकारियों पर लापरवाही और पक्षपात का आरोप लगाया है।

    सोनम का कहना है कि वह योजना के तहत सभी पात्रता मानदंड पूरे करती है, इसके बावजूद उसका आवेदन जनपद पंचायत बैतूल में स्वीकार नहीं किया जा रहा है। पिछले तीन से चार दिनों से वह लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रही है, लेकिन बार-बार आवेदन लेने से इनकार किया जा रहा है, जिससे वह सरकारी योजना के लाभ से वंचित हो रही है।

    इस मामले को लेकर युवती ने कलेक्टर को लिखित आवेदन देकर हस्तक्षेप की मांग की है और कहा है कि संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के कारण उसका हक प्रभावित हो रहा है। आरोप है कि प्रक्रिया में अनावश्यक देरी और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है, जिससे योजना का उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है।

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता प्रदान करना है, ताकि उन्हें सामाजिक और आर्थिक सहयोग मिल सके। लेकिन इस तरह के मामलों से योजना के क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।

    फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से इस शिकायत पर जांच की संभावना जताई जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई भी हो सकती है। वहीं युवती का कहना है कि जब तक उसे न्याय नहीं मिलता, वह लगातार अपनी शिकायत को आगे बढ़ाती रहेगी। यह मामला एक बार फिर सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक पहुंचने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

  • सोलापुर से बंधुआ मजदूरी के जाल में फंसे 18 मजदूर बैतूल में हुए मुक्त

    सोलापुर से बंधुआ मजदूरी के जाल में फंसे 18 मजदूर बैतूल में हुए मुक्त


    बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक गंभीर बंधुआ मजदूरी का मामला सामने आया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 18 मजदूरों को महाराष्ट्र के सोलापुर जिले से बंधुआ मजदूरी की स्थिति से मुक्त कराया गया। मजदूरों ने बताया कि उन्हें रोजगार का झांसा देकर वहां ले जाया गया और तीन महीने तक जबरन गन्ना कटाई का काम कराया गया। इस दौरान उन्हें ना तो उचित वेतन मिला और ना ही उनकी स्वतंत्रता का सम्मान किया गया।

    मुक्त कराए गए मजदूरों ने ठेकेदार और एजेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक दबाव में रखा गया और काम के दौरान किसी भी तरह की सुरक्षा नहीं दी गई। मजदूरों ने यह भी कहा कि बकाया वेतन न मिलने के कारण उनका आर्थिक नुकसान हुआ है और इस मामले में न्याय की आवश्यकता है।

    स्थानीय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की पुष्टि की है। अधिकारियों ने बताया कि दोषियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और बकाया मेहनताना मजदूरों को दिलाने के लिए विशेष टीम लगाई गई है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि बंधुआ मजदूरी जैसी अवैध प्रथाओं को प्रशासन बर्दाश्त नहीं करेगा और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने सामाजिक और कानूनी मोर्चे पर भी चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि मजदूरों को रोजगार का झांसा देकर बंधक बनाना गंभीर अपराध है, जो मानवाधिकारों के उल्लंघन के अंतर्गत आता है। उन्होंने लोगों से जागरूक रहने और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की सलाह दी।

    मजदूरों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार द्वारा लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इस कार्रवाई ने यह भी संकेत दिया कि राज्य और केंद्र सरकार बंधुआ मजदूरी जैसे मामलों में सक्रिय रूप से हस्तक्षेप कर रही है और प्रभावित मजदूरों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव उपाय कर रही है। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। इस प्रकार यह घटना न केवल बैतूल बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में बंधुआ मजदूरी के खिलाफ एक चेतावनी स्वरूप भी है।

  • MP: बैतूल में दो मुस्लिम युवकों ने जलाए भगवा झंडे, दोनों गिरफ्तार… क्षेत्र में तनाव का माहौल

    MP: बैतूल में दो मुस्लिम युवकों ने जलाए भगवा झंडे, दोनों गिरफ्तार… क्षेत्र में तनाव का माहौल


    बैतूल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बैतूल जिले (Betul district) में हिंदू सम्मेलन (Hindu Conference) के लिए लगाए गए भगवा झंडों को जलाने पर तनाव फैल गया। गंज क्षेत्र के लोहिया वार्ड में शुक्रवार रात कार से आए दो युवकों ने झंडे जलाए जिसकी जानकारी शनिवार सुबह प्रभात फेरी के दौरान मिली। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुख्य आरोपी तौफीक और मुशर्रफ को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 के तहत मामला दर्ज किया गया है। वर्तमान में भारी पुलिस बल तैनात है और एसडीएम के अनुसार स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।


    आरोपियों तक ऐसे पहुंची पुलिस

    जब हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं को इस घटना का पता चला, तो इलाके में काफी हंगामा हुआ और तनाव बढ़ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तुरंत पुलिस अधीक्षक और एसडीएम को मौके पर भेजा। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की। एक घर के बाहर लगे कैमरे की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई और दो मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया।


    जलाए भगवा झंडे

    बैतूल जिले के गंज क्षेत्र स्थित लोहिया वार्ड में हिंदू सम्मेलन के लिए लगाए गए भगवा झंडे शुक्रवार रात को जला दिए गए। शनिवार सुबह जब हिंदू संगठन की प्रभात फेरी वहां से गुजरी तो जले हुए झंडे देखकर लोग नाराज हो गए और इलाके में तनाव फैल गया। पुलिस को पास के ही एक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मिली जिसमें कार से आए दो युवक झंडे निकालते हुए दिखाई दिए। इन युवकों की पहचान तौफीक और मुशर्रफ के रूप में हुई।


    तौफीक और मुशर्रफ अरेस्ट

    पुलिस ने तुरंत तौफीक और मुशर्रफ को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल दोनों से पूछताछ की जा रही है और पुलिस हालात पर नजर रखे हुए है। पुलिस ने घटनास्थल से लगभग दस जले हुए भगवा झंडे बरामद किए हैं। ये झंडे हिंदू सम्मेलन के थे। सहायक संचालक रोमित उइके ने सबसे पहले कलेक्टर को घटना की सूचना दी। बैतूल में अलग-अलग स्थानों पर हिन्दू सम्मेलन आयोजित होने हैं। इस के लिए गांव से लेकर शहर तक भगवा झंडे लगाए गए हैं।


    अतिरिक्त पुलिस बल तैनात

    बैतूल के गंज क्षेत्र स्थित लोहिया वार्ड में शुक्रवार की रात ही भगवा झंडे लगाए गए थे। एसडीएम डॉ. अभिजीत सिंह ने कहा कि अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। पुलिस हिरासत में लिए गए युवकों से आगे की पूछताछ कर रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।