Tag: Bhagat Singh tribute

  • बैतूल में शहीद दिवस पर तीन किमी पदयात्रा: युवाओं ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को दी श्रद्धांजलि

    बैतूल में शहीद दिवस पर तीन किमी पदयात्रा: युवाओं ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को दी श्रद्धांजलि


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल में शहीद दिवस के अवसर पर मेरा युवा भारत अभियान के तहत तीन किलोमीटर लंबी पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन थी जिसमें बड़ी संख्या में युवा सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी और मेरा भारत के स्वयंसेवक शामिल हुए पदयात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने देशभक्ति के नारे लगाए और शहर भ्रमण करते हुए एकता और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। युवाओं का उत्साह और जोश पूरे आयोजन में साफ झलक रहा था।

    इस अवसर पर शहीदों भगत सिंह राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित लोगों ने उनके बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इसके अलावा अभियान के तहत 21 मार्च को “एक योद्धा ऐसा भी” विषय पर रील प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इसमें युवाओं ने वीर सपूतों पर आधारित रचनात्मक प्रस्तुतियां दीं और बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

    22 मार्च को स्वच्छता सम्मान कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। इसमें स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों के साथ शहीदों के परिजनों को भी सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम आयोजन का भावनात्मक महत्व बढ़ाने वाला साबित हुआ। आयोजकों ने बताया कि इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रभक्ति सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूकता को बढ़ावा देना था।

    ऐसे आयोजन युवाओं को प्रेरित करते हैं और उन्हें समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने में मदद करते हैं। बैतूल में इस प्रकार की पदयात्रा और कार्यक्रम युवाओं को देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत करने और सामाजिक योगदान के महत्व को समझाने का एक प्रभावशाली प्रयास साबित हुआ।

  • शहीद दिवस पर Narendra Modi का भावपूर्ण नमन अमर बलिदान की गाथा से गूंजा देश

    शहीद दिवस पर Narendra Modi का भावपूर्ण नमन अमर बलिदान की गाथा से गूंजा देश

    नई दिल्ली: शहीद दिवस के अवसर पर पूरे देश ने एक बार फिर अपने उन अमर वीर सपूतों को याद किया जिनके साहस और बलिदान ने भारत की स्वतंत्रता की नींव को मजबूत किया प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस मौके पर महान क्रांतिकारी Bhagat Singh Rajguru और Sukhdev Thapar को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान राष्ट्र की सामूहिक चेतना में सदैव जीवित रहेगा

    प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में इन क्रांतिकारियों के अद्वितीय साहस और राष्ट्र के प्रति उनके अटूट समर्पण को याद किया उन्होंने कहा कि बहुत कम उम्र में ही इन वीरों ने देश के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया और यह साबित कर दिया कि सच्ची देशभक्ति किसी भी भय से ऊपर होती है औपनिवेशिक शासन के कठोर अत्याचारों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया और निर्भीकता के साथ बलिदान का मार्ग अपनाया

    उन्होंने यह भी कहा कि इन क्रांतिकारियों के आदर्श आज भी देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं न्याय के प्रति उनकी निष्ठा देशभक्ति की भावना और अन्याय के खिलाफ उनका प्रतिरोध हर भारतीय के दिल में एक नई ऊर्जा का संचार करता है उनके विचार केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं हैं बल्कि वर्तमान और भविष्य को दिशा देने वाले प्रकाश स्तंभ हैं

    प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए संदेश में यह भी रेखांकित किया गया कि आज भी इन अमर शहीदों की गाथाएं देश के हर नागरिक को प्रेरित करती हैं बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक हर कोई उनके साहस और त्याग को याद करता है यह प्रेरणा ही है जो देश को आगे बढ़ने की शक्ति देती है और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की भावना को मजबूत करती है

    भारतीय परंपरा और आध्यात्मिक विचारों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि जो लोग राष्ट्र के लिए अपने प्राणों का बलिदान देते हैं वे अमर हो जाते हैं उनका अस्तित्व समय और परिस्थितियों से परे चला जाता है और वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन जाते हैं उनका जीवन एक ऐसी सुगंध की तरह है जो पीढ़ी दर पीढ़ी फैलती रहती है और समाज को जागरूक और सशक्त बनाती है

    हर वर्ष 23 मार्च को मनाया जाने वाला शहीद दिवस हमें उस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाता है जब इन तीनों महान क्रांतिकारियों को अंग्रेजी हुकूमत द्वारा फांसी दी गई थी यह दिन केवल शोक का नहीं बल्कि गर्व और संकल्प का भी प्रतीक है यह हमें याद दिलाता है कि स्वतंत्रता की कीमत क्या होती है और इसे बनाए रखने के लिए हमें किस प्रकार समर्पित रहना चाहिए

    आज का भारत इन वीरों के सपनों को साकार करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है और उनका बलिदान हर नागरिक के लिए एक प्रेरणा स्रोत बना हुआ है शहीद दिवस केवल एक स्मरण नहीं बल्कि एक संकल्प है कि हम उनके आदर्शों पर चलकर एक मजबूत समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण करेंगे