Tag: Bhagwant Mann

  • AAP मंत्री संजीव अरोड़ा मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार, ED की बड़ी कार्रवाई से पंजाब की राजनीति में हलचल

    AAP मंत्री संजीव अरोड़ा मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार, ED की बड़ी कार्रवाई से पंजाब की राजनीति में हलचल



    नई दिल्ली। पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार सुबह ED की टीम ने चंडीगढ़ सेक्टर-2 स्थित उनके सरकारी आवास पर छापेमारी की, जिसके बाद लगभग 10 घंटे लंबी पूछताछ की गई और शाम करीब 5 बजे उन्हें दिल्ली ले जाया गया।

    ED के अनुसार यह मामला करीब 157.12 करोड़ रुपये के कथित फर्जी मोबाइल एक्सपोर्ट, शेल कंपनियों और GST इनपुट क्रेडिट धोखाधड़ी से जुड़ा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि अरोड़ा से जुड़ी कंपनियों ने फर्जी खरीद-बिक्री और निर्यात दिखाकर अवैध तरीके से धन की हेराफेरी की और विदेशी कंपनियों के जरिए पैसे की राउंड ट्रिपिंग की गई।

    ED ने हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड और उनसे जुड़ी संस्थाओं के बैंक खाते, डीमैट होल्डिंग्स और कई अचल संपत्तियों को भी अस्थायी रूप से जब्त किया है। यह कार्रवाई 17 अप्रैल को की गई छापेमारी और दस्तावेजों की जांच के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है।

    एजेंसी का दावा है कि 157 करोड़ रुपये के घोषित एक्सपोर्ट में से बड़ी राशि UAE की दो कंपनियों के जरिए घूमाकर वापस भारत लाई गई, जिससे FEMA और GST नियमों के उल्लंघन का संदेह गहराया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और ED ने आगे की पूछताछ दिल्ली में करने की बात कही है।

    इधर गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया और कहा कि ED का इस्तेमाल पार्टी को तोड़ने के लिए किया जा रहा है। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव बनाने के लिए की गई है।

    आप सांसद राघव चड्ढा ने भी इस मामले को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। वहीं भाजपा की ओर से कहा गया है कि जांच एजेंसी अपना काम कर रही है और कानून से कोई ऊपर नहीं है।

    फिलहाल संजीव अरोड़ा ED की हिरासत में हैं और मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। यह मामला पंजाब की राजनीति में बड़ा विवाद बन गया है और आने वाले दिनों में इसके और राजनीतिक असर देखने को मिल सकते हैं।

  • पंजाब में धमाकों से दहशत! BSF HQ और आर्मी कैंप बने निशाना, DGP ने बताया PAK लिंक,CM ने लगाया सियासी साजिश का आरोप

    पंजाब में धमाकों से दहशत! BSF HQ और आर्मी कैंप बने निशाना, DGP ने बताया PAK लिंक,CM ने लगाया सियासी साजिश का आरोप


    नई दिल्ली। पंजाब में एक ही रात के भीतर हुए दो धमाकों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है और सियासत भी गरमा गई है। जालंधर में बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर और अमृतसर में आर्मी कैंप के पास हुए धमाकों को लेकर कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

    मंगलवार रात करीब 8 बजे जालंधर के BSF चौक के पास एक एक्टिवा के नजदीक जोरदार धमाका हुआ। शुरुआती जांच में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति पॉलिथीन में लिपटा पैकेट एक्टिवा के पास रखकर भागता दिखा, जिसके कुछ ही सेकेंड बाद विस्फोट हो गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

    इसके करीब तीन घंटे बाद अमृतसर के खासा इलाके में आर्मी कैंप को निशाना बनाते हुए ग्रेनेड अटैक की कोशिश की गई। बाइक सवार दो नकाबपोशों ने ग्रेनेड फेंका, जो दीवार से टकराकर फट गया। धमाके से कैंप की बाहरी संरचना को नुकसान पहुंचा और टीन शेड ढह गया, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

    घटनाओं के बाद पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने मौके का दौरा कर जांच की और कहा कि दोनों हमलों में IED का इस्तेमाल हुआ हो सकता है। उन्होंने शुरुआती तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों की भूमिका से इनकार नहीं किया और इसे एक सुनियोजित साजिश बताया।

    वहीं दूसरी ओर, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले को लेकर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ऐसे धमाके चुनावी माहौल को प्रभावित करने के लिए कराए जा सकते हैं और इसके पीछे राजनीतिक साजिश भी हो सकती है।

    इस बीच, एक उग्र संगठन खालिस्तान लिबरेशन आर्मी (KLA) ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हमलों की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को धमकी भी दी है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां इस दावे की भी जांच कर रही हैं।

    इन घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और चंडीगढ़ समेत कई इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर मामले की हर एंगल से जांच कर रही हैं ताकि इस साजिश के पीछे के नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

    फिलहाल, एक रात में दो धमाकों ने पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं राजनीतिक बयानबाजी ने इस मुद्दे को और संवेदनशील बना दिया है। अब जांच के नतीजों पर ही आगे की तस्वीर साफ होगी।

  • शराब पीकर पंजाब चला रहे भगवंत मान, इन्हें हटाएं; भाजपा की राज्यपाल से मांग

    शराब पीकर पंजाब चला रहे भगवंत मान, इन्हें हटाएं; भाजपा की राज्यपाल से मांग

    नई दिल्‍ली। भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पद से हटाए जाने की मांग की है। राज्यपाल से मुलाकात के दौरान भाजपा की पंजाब इकाई के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री मान शराब पीकर पंजाब चला रहे हैं।
    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के विधानसभा में क​थित तौर पर शराब पीकर आने पर सियासत अभी भी गर्म है। पंजाब भाजपा के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। भाजपा नेताओं ने राज्यपाल के सामने मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने राज्य का मुख्यमंत्री बदलने की मांग की। उन्होंने कहा कि शराबी आदमी को कोई कार नहीं चलाने देता, भगवंत मान पंजाब चला रहे हैं। यह ऐसा है जैसे किसी ने कलंक के ऊपर मुहर लगाई है। आप विधायकों द्वारा विधानसभा में विश्वासमत पर बाबा साहिब और संविधान की बेअदबी की जाखड़ ने कहा कि असली फ्लोर टेस्ट राज्यपाल के पास ही होगा, क्योंकि ‘आप’ के कई विधायक अपनी सरकार के खिलाफ जल्द ही राजभवन आएंगे।

    भाजपा ने मांग की कि पंजाब के मुख्यमंत्री को इलाज के लिए डी-एडिक्शन सेंटर भेज देना चाहिए। जाखड़ ने आरोप लगाया कि विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान का आचरण उन्हें पंजाब जैसे संवेदनशील सीमावर्ती राज्य का नेतृत्व करने के लिए अयोग्य बनाता है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि वे सत्ताधारी पार्टी के नेतृत्व से बात कर नया नेता चुनने के लिए कहें, क्योंकि भगवंत मान ने मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है।

    मीडिया से बातचीत करते हुए जाखड़ ने कहा कि पार्टी ने राज्यपाल से पंजाब के मुख्य सचिव को बुलाकर यह पता लगाने की मांग की है कि कहीं वे किसी दबाव में तो काम नहीं कर रहे। 1 मई को विधानसभा सत्र से पहले हुई कैबिनेट बैठक में दो मंत्रियों के अलावा मुख्य सचिव को भी कथित रूप से धमकाया और अपमानित किया गया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को बुलाकर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वे बिना किसी डर के, कानून के अनुसार काम कर सकें और उन्हें यह भरोसा दिलाया जाए कि नियमों के तहत काम करने पर संविधान और केंद्र सरकार उनकी सुरक्षा करेगी।

    जाखड़ ने कहा कि मजदूर दिवस के अवसर पर बुलाया गया विधानसभा सत्र केवल एक बहाना था और वास्तव में मुख्यमंत्री ने इसे अपनी कुर्सी बचाने के लिए बुलाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्र के बाद भ्रष्टाचार के मामले में जेल जा चुके विधायक रमन अरोड़ा को पुलिस सुरक्षा दी गई, जो यह दर्शाता है कि सरकार भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दे रही है और अपने विधायकों को भ्रष्टाचार करने की खुली छूट दे रही है। उन्होंने इसे एक खतरनाक प्रवृत्ति बताया और कहा कि मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी खोने के डर में फैसले ले रहे हैं, जो उनकी शपथ के विपरीत है।
    विधायकों पर एफआईआर का डर दिखाकर डरा रहे

    जाखड़ ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि केजरीवाल खुद शराब नीति मामले में जेल रहकर आए हैं, ऐसे में वह भगवंत भगवंत मान को कैसे बदलेंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि संदीप पाठक के जरिए विधायकों पर एफआईआर का डर दिखाकर उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है ताकि वो पार्टी न छोड़ें। सांसद संदीप पाठक के खिलाफ दर्ज एफ.आई.आर. के सवाल पर जाखड़ ने कहा कि भाजपा ऐसी कार्रवाइयों से डरने वाली नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला सत्ताधारी पार्टी के भीतर लोगों को डराने और उन्हें पार्टी छोड़ने से रोकने के लिए दर्ज किया गया है।

  • मुख्यमंत्री भगवंत मान की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अभियान लगातार जारी, राज्य में सुरक्षा और निवारक संदेश मजबूत।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अभियान लगातार जारी, राज्य में सुरक्षा और निवारक संदेश मजबूत।


    नई दिल्ली। पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में गैंगस्टरों के खिलाफ जंग अभियान को और तेज कर दिया है। राज्य भर में चलाए जा रहे समन्वित ऑपरेशन का उद्देश्य संगठित अपराध, नार्को-सिंडिकेट और उनके सहयोगियों को पूरी तरह तोड़ना है। 20 जनवरी से 15 मार्च 2026 के बीच पंजाब पुलिस ने 44,787 छापे मारे, जिनके परिणामस्वरूप 14,894 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 14,561 वांछित अपराधी और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े 333 सहयोगी शामिल हैं। साथ ही 714 ऐसे अपराधी भी पकड़े गए जो लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहे थे।

    इस अभियान के तहत 7,494 लोगों को प्रिवेंटिव हिरासत में रखा गया, जिनमें 7,210 वांछित और 284 सहयोगी शामिल हैं। पुलिस ने बड़ी संख्या में हथियार जब्त किए हैं, जिनमें 301 बंदूकें, 125 धारदार हथियार, 921 राउंड गोला-बारूद, 81 मैगज़ीन, 2.5 किलोग्राम विस्फोटक और छह हैंड ग्रेनेड शामिल हैं। इसके अलावा, आपराधिक नेटवर्क की लॉजिस्टिक क्षमताओं को कमजोर करने के लिए 4,070 मोबाइल फोन, 548 वाहन और 10 ड्रोन जब्त किए गए। नकदी और आभूषण के रूप में 45.6 लाख रुपये और 262 ग्राम सोना भी बरामद हुआ।

    सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह अभियान प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई से आगे बढ़कर सक्रिय और व्यवस्थित निवारक रणनीति का हिस्सा है। इसका लक्ष्य केवल गैंगस्टरों की गिरफ्तारी नहीं बल्कि उनके वित्तीय चैनल, संचार नेटवर्क और आपूर्ति श्रृंखलाओं को भी निशाना बनाना है। इसके जरिए पंजाब में अपराध की जड़ तक पहुंच कर नेटवर्क को पूरी तरह कमजोर किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया है कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कोई भी आपराधिक नेटवर्क बिना दंड के काम नहीं करेगा। इस अभियान की निरंतरता और तीव्रता गैंगस्टरों और ड्रग सिंडिकेट को प्रभावी रूप से कमजोर कर रही है। पंजाब पुलिस इस अभियान को तब तक जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है जब तक कि राज्य से संगठित अपराध की जड़ पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाती।

    अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन ने राज्य में अपराधियों के खिलाफ एक मजबूत निवारक संदेश भेजा है और आम जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इससे पंजाब में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और नागरिकों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है।