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  • पंजाब विधानसभा में बेअदबी के खिलाफ ऐतिहासिक कानून पारित, सख्त सजा का प्रावधान लागू

    पंजाब विधानसभा में बेअदबी के खिलाफ ऐतिहासिक कानून पारित, सख्त सजा का प्रावधान लागू

    नई दिल्ली । पंजाब विधानसभा में बेअदबी पर सख्त कानून पारित, दोषियों के लिए आजीवन कारावास तक की कठोर सजा का प्रावधान लागू पंजाब में धार्मिक भावनाओं की सुरक्षा और बेअदबी जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। विधानसभा के विशेष सत्र में जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन बिल 2026 को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इस कानून के लागू होने के बाद अब बेअदबी जैसे गंभीर अपराधों में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को आजीवन कारावास तक की सजा दी जा सकेगी। सरकार का कहना है कि यह कदम समाज में शांति, आस्था और धार्मिक सम्मान की रक्षा के लिए बेहद आवश्यक था।

    इस बिल को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा में पेश किया और इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कानून नहीं बल्कि सामाजिक और धार्मिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में लंबे समय से बेअदबी की घटनाएं चिंता का विषय रही हैं और अब इस नए कानून के माध्यम से ऐसी घटनाओं पर सख्त नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा। उनके अनुसार सरकार का उद्देश्य किसी समुदाय को लक्षित करना नहीं बल्कि सभी नागरिकों की धार्मिक भावनाओं की रक्षा करना है।

    नए प्रावधानों के अनुसार अब बेअदबी के मामलों में दोषी पाए जाने पर कठोर सजा के साथ साथ आर्थिक दंड का भी प्रावधान रखा गया है। इसमें अधिकतम पच्चीस लाख रुपये तक का जुर्माना और आजीवन कारावास की सजा शामिल है। इसके अलावा जांच प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है ताकि मामलों की तेजी से जांच हो सके और न्याय में देरी न हो। पहले इन मामलों की जांच सामान्य स्तर के अधिकारियों द्वारा की जाती थी लेकिन अब इसे उच्च स्तर की निगरानी में लाने का निर्णय लिया गया है ताकि जांच प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सके।

    सरकार का मानना है कि इस कानून के लागू होने से न केवल दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी बल्कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं में भी कमी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में धार्मिक ग्रंथों और आस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और इस कानून का उद्देश्य इसी भावना को मजबूत करना है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि ऐसी घटनाओं को रोका जाए और जरूरत पड़ने पर कानूनी ढांचे को और मजबूत किया जाएगा।

    विधानसभा सत्र में इस विधेयक पर चर्चा के दौरान कई सदस्यों ने इसे समय की आवश्यकता बताया और कहा कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में कठोर कानून होना जरूरी है। सरकार का कहना है कि इस नए कानून के बाद न केवल कानूनी कार्रवाई तेज होगी बल्कि लोगों में भी जागरूकता बढ़ेगी और समाज में जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी।

    इस निर्णय के साथ पंजाब सरकार ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि धार्मिक स्थलों और पवित्र ग्रंथों के प्रति किसी भी प्रकार की अनादरपूर्ण गतिविधि को अब किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कानून राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

  • गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ की कायराना हरकत: पाकिस्तान से जारी हुआ पुलिस की हत्या का वीडियो, पंजाब में सुरक्षा और सियासत दोनों गर्म!

    गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ की कायराना हरकत: पाकिस्तान से जारी हुआ पुलिस की हत्या का वीडियो, पंजाब में सुरक्षा और सियासत दोनों गर्म!


    नई दिल्ली/चंडीगढ़: पंजाब के गुरदासपुर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास तैनात दो पुलिसकर्मियों की नृशंस हत्या के मामले ने अब एक अंतरराष्ट्रीय और आतंकी मोड़ ले लिया है। इस जघन्य हत्याकांड के अगले ही दिन पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने सोशल मीडिया पर एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो पोस्ट किया है। इस अपुष्ट वीडियो में एक अज्ञात शूटर को बेहद करीब से ड्यूटी पर तैनात एएसआई गुरनाम सिंह पर गोलियां बरसाते हुए देखा जा सकता है।

    हैरानी की बात यह है कि इसी वीडियो कोतहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान TTH नामक संगठन ने भी साझा किया है। इसी संगठन ने रविवार को हुई इन हत्याओं की जिम्मेदारी ली थी। हालांकि पंजाब पुलिस ने अब तक इन दावों और वीडियो की सत्यता पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वे इसटेरर-गैंगस्टर लिंक समेत सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रहे हैं।

    शहादत को सलाम: 2-2 करोड़ की आर्थिक सहायता
    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस कायराना हमले में शहीद हुए एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार के परिवारों के लिए भारी अनुग्रह राशि की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नेएक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि पंजाब सरकार दोनों शहीदों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये देगी। इसके अतिरिक्त, एचडीएफसी HDFC बैंक की ओर से भी बीमा कवर के रूप में 1-1 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। यानी प्रत्येक शहीद परिवार को कुल 2 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी।

    ड्रोन तस्करी के लिए संवेदनशील है यह इलाका
    यह घटना अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज दो किलोमीटर दूरअधियान चेकपोस्ट पर हुई। फॉरेंसिक टीम ने सोमवार को घटनास्थल का दौरा किया। शुरुआती जांच में पता चला कि एएसआई गुरनाम सिंह का शव कुर्सी पर मिला, जबकि होमगार्ड अशोक कुमार का शव चारपाई पर था। जिस शांति और अचानक तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया गया, वह किसी पेशेवर शूटर की संलिप्तता की ओर इशारा करता है। बता दें कि यह क्षेत्र सीमा पार से ड्रोन के जरिए होने वाली हेरोइन और हथियारों की तस्करी के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है।

    विपक्ष का तीखा हमला: यह शासन नहीं, आत्मसमर्पण है
    इस घटना ने पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान का इस्तीफा मांगते हुए कहा कि जब पुलिस ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता का क्या होगा? उन्होंने इसे राज्य सरकार का गैंगस्टरों के आगेआत्मसमर्पण करार दिया। वहीं कांग्रेस ने भी इस मामले की केंद्रीय जांच Central Investigation की मांग की है ताकि सीमा पार की साजिशों का पर्दाफाश हो सके।

    राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
    शहीद होमगार्ड अशोक कुमार का उनके पैतृक गांव कैलाशपुर में पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पंजाब पुलिस के आला अधिकारी और भारी जनसैलाब मौजूद था, जिन्होंने नम आंखों से अपने वीर जवान को विदाई दी। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।