Tag: Bharat Coking Coal

  • भारत कोकिंग कोल लिमिटेड का आईपीओ अब 19 जनवरी को स्टॉक एक्सचेंज में होगा सूचीबद्ध

    भारत कोकिंग कोल लिमिटेड का आईपीओ अब 19 जनवरी को स्टॉक एक्सचेंज में होगा सूचीबद्ध


    नई दिल्ली।  कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेडBCCL की शेयर बाजार में प्रस्तावित लिस्टिंग अब 16 जनवरी की बजाय 19 जनवरी 2026 को होगी। लिस्टिंग में यह बदलाव मुख्य रूप से बृहन्मुंबई नगर निगम BMC चुनावों के परिणामों के कारण किया गया है जिनकी घोषणा 16 जनवरी को होनी है। हालांकि तारीख बदली है लेकिन निवेशकों में आईपीओ को लेकर उत्साह और भरोसा जस का तस बना हुआ है।BCCL का आईपीओ हाल के वर्षों के सबसे चर्चित सरकारी आईपीओ में से एक रहा है। यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल OFS आधारित था जिसके तहत कोल इंडिया ने कंपनी में अपनी 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची है। लिस्टिंग के बाद भी कोल इंडिया की BCCL में हिस्सेदारी लगभग 90 प्रतिशत बनी रहेगी।

    आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त समर्थन मिला। बोली बंद होने तक यह इश्यू कुल 146 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ। कुल पब्लिक इश्यू का आकार करीब 1071 करोड़ रुपये था लेकिन इसकी मांग हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच गई। सब्सक्रिप्शन में संस्थागत निवेशकों ने सबसे ज्यादा भरोसा दिखाया जिनके लिए आरक्षित कोटा 300 गुना से अधिक भरा गया। इसके अलावा रिटेल कैटेगरी करीब 49 गुना शेयरहोल्डर कोटा लगभग 87 गुना और कर्मचारी वर्ग करीब 5 गुना सब्सक्राइब हुआ।ग्रे मार्केट की गतिविधियां भी इस आईपीओ के लिए सकारात्मक संकेत देती हैं। BCCL के शेयर इश्यू प्राइस के मुकाबले ग्रे मार्केट में करीब 60 प्रतिशत प्रीमियम पर कारोबार करते दिखे। इसका अर्थ यह है कि 19 जनवरी को लिस्टिंग के दिन शेयर मजबूत शुरुआत कर सकते हैं।BCCL देश की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनियों में शामिल है। वित्त वर्ष 202425 में देश के कुल कोकिंग कोल उत्पादन में कंपनी का योगदान लगभग 58 प्रतिशत रहा। इसका प्रमुख संचालन झारखंड के झरिया और पश्चिम बंगाल के रानीगंज क्षेत्र में होता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि BCCL आईपीओ की यह भारी सफलता PSU शेयरों पर निवेशकों के भरोसे की बहाली को दर्शाती है। इसका अर्थ है कि सरकारी कंपनियों के शेयरों में फिर से निवेशकों की रुचि बढ़ रही है। बाजार विश्लेषक यह भी मानते हैं कि लिस्टिंग के दिन शेयर में सकारात्मक माहौल देखने को मिल सकता है खासकर तब जब ग्रे मार्केट में पहले ही मजबूत प्रीमियम नजर आ रहा है।कुल मिलाकर BCCL का आईपीओ न सिर्फ निवेशकों के लिए आकर्षक साबित हुआ है बल्कि यह संकेत देता है कि PSU सेक्टर में नए अवसर और निवेश की संभावनाएं मजबूत हैं। 19 जनवरी को स्टॉक एक्सचेंज में इसकी लिस्टिंग के बाद बाजार और निवेशकों के नजरिए पर इसके असर पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

  • Bharat Coking Coal (BCCL) IPO: जीएमपी 50% के करीब, पैसा लगाएं या नहीं?

    Bharat Coking Coal (BCCL) IPO: जीएमपी 50% के करीब, पैसा लगाएं या नहीं?



    नई दिल्ली। भारत की कोकिंग कोल कंपनी Bharat Coking Coal Limited (BCCL) ने साल 2026 का पहला मेनबोर्ड आईपीओ लॉन्च कर दिया है। यह IPO 9 से 13 जनवरी 2026 तक खुलेगा, जिसका लक्ष्य 1,071 करोड़ रुपये जुटाना है। कोल इंडिया से जुड़ी यह मिनी रत्न कंपनी देश में कोकिंग कोल की सबसे बड़ी उत्पादक है और FY25 में घरेलू उत्पादन में इसका 58.5% हिस्सा रहा।

    IPO से पहले 8 जनवरी 2026 को एंकर निवेशकों से 273.13 करोड़ रुपये जुटाए गए। इसमें LIC सबसे बड़ा निवेशक रही, जिसने 78 करोड़ रुपये के 3.39 करोड़ शेयर खरीदे। निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड और बंधन म्यूचुअल फंड ने 75-75 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

    ब्रोकरेज के मुताबिक 23 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड पर IPO 6.4x EV/EBITDA पर वैल्यूएशन पर है। FY25 में EBITDA मार्जिन 12.7% और ROCE 18.2% रहा।

    BCCL IPO का स्ट्रक्चर:

    यह पूरी तरह से OFS (Offer for Sale) है, जिसमें कोल इंडिया अपनी 10% हिस्सेदारी बेच रही है।

    प्राइस बैंड: 21–23 रुपये

    कुल शेयर: 46.57 करोड़

    रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट: 600 शेयर (ऊपरी प्राइस बैंड पर 13,800 रुपये)

    अलॉटमेंट स्ट्रक्चर:

    रिटेल: 35%

    QIB: 50%

    NII: 10%

    कोल इंडिया शेयरधारकों के लिए 107 करोड़ रुपये के शेयर आरक्षित

    IPO के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) की रिपोर्ट भी सामने आई है।

    BCCL के शेयर ग्रे मार्केट में लगभग 50% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं, जो मजबूत लिस्टिंग की संभावना दिखाता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि GMP केवल अनलिस्टेड मार्केट की धारणा दर्शाता है और अस्थिर रह सकता है।

    पोस्ट-इश्यू मार्केट कैप लगभग 10,711 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, और लिस्टिंग के बाद कोल इंडिया की हिस्सेदारी 90% रहेगी।

    BCCL के फायदे और निवेश के कारण:

    देश में सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक

    7.91 अरब टन का अनुमानित कोल रिजर्व

    34 ऑपरेशनल माइंस

    FY23–FY25 के दौरान बिक्री और मुनाफा क्रमशः 5% और 37% CAGR से बढ़ा

    मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और विश्वसनीय ट्रैक रिकॉर्ड

    जोखिम जिन पर नजर रखनी जरूरी है:

    कोल रिजर्व में लंबी अवधि में कमी

    टॉप 10 ग्राहकों पर 80% से अधिक निर्भरता

    रिन्यूएबल

    एनर्जी के बढ़ते उपयोग से कोल की मांग पर असर

    निवेशक इस IPO में कट-ऑफ प्राइस पर सब्सक्राइब कर सकते हैं, जबकि लिस्टिंग गेन के लिए उत्सुक लोग भी इसे देख सकते हैं। ग्रे मार्केट प्रीमियम 50% के करीब होने के कारण यह IPO शॉर्ट-टर्म लिस्टिंग के लिए आकर्षक नजर आता है, लेकिन निवेशकों को लंबी अवधि के जोखिमों का ध्यान रखना जरूरी है।