Tag: Bharat Ratna

  • PM मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर BJP का बड़ा अभियान: भारत रत्न के सवाल पर नड्डा ने दिया जवाब

    PM मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर BJP का बड़ा अभियान: भारत रत्न के सवाल पर नड्डा ने दिया जवाब


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत रत्न दिए जाने की चर्चाओं के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का बयान सामने आया है। भाजपा की ओर से 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान शुरू किया जा रहा है। इसी अभियान को लेकर यह सवाल उठाया गया कि क्या अभियान के समापन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने का कोई प्रस्ताव लाया जा सकता है। इस सवाल पर जेपी नड्डा ने कहा कि इस संबंध में अभी तक पार्टी के भीतर कोई चर्चा नहीं हुई है।

    बेंगलुरु में एक कार्यक्रम के दौरान नड्डा से प्रधानमंत्री मोदी को भारत रत्न दिए जाने की संभावनाओं को लेकर सवाल किया गया। जवाब में उन्होंने कहा कि सर्वोच्च नागरिक सम्मान से जुड़े मामलों पर पार्टी उचित समय पर फैसला करती है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल इस विषय पर कोई चर्चा नहीं हुई है। हालांकि पूछे गए सुझाव को उन्होंने अच्छा बताया। नड्डा के इस बयान के बाद भारत रत्न को लेकर चल रही अटकलों को लेकर स्थिति कुछ हद तक स्पष्ट हुई है।

    दरअसल भाजपा 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान शुरू करने जा रही है। यह अभियान 17 अक्टूबर तक चलेगा। पार्टी के अनुसार अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विभिन्न सेवा गतिविधियों का आयोजन करना है। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से देशभर में सफाई अभियान रक्तदान शिविर मेडिकल कैंप और अन्य सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का यह पड़ाव भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद उन्होंने गुजरात की राजनीति में लंबे समय तक मुख्यमंत्री के रूप में काम किया। वर्ष 2014 में भाजपा की लोकसभा चुनाव में जीत के बाद नरेंद्र मोदी ने देश के प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद वह लगातार तीन बार प्रधानमंत्री पद पर बने रहे।

    प्रधानमंत्री मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। ऐसे में 17 सितंबर को उनका जन्मदिन भी है और इसी दिन भाजपा अपने सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत करने जा रही है। पार्टी की ओर से इस दौरान अलग अलग राज्यों और शहरों में सेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है।

    नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से हुई थी। वर्ष 1970 के दशक में वह संघ से जुड़े और बाद में प्रचारक की भूमिका में काम किया। इसके बाद वर्ष 1987 में वह भारतीय जनता पार्टी से जुड़े और गुजरात संगठन में जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2001 में उन्हें गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद उन्होंने कई चुनावों में पार्टी का नेतृत्व किया।

    अब भारत रत्न को लेकर उठ रही चर्चाओं के बीच जेपी नड्डा के बयान से इतना स्पष्ट है कि फिलहाल भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान देने को लेकर किसी चर्चा की पुष्टि नहीं की गई है। वहीं सेवा संकल्प अभियान के जरिए भाजपा प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को अलग अलग सेवा कार्यक्रमों के माध्यम से चिह्नित करने जा रही है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत रत्न नानाजी देशमुख की पुण्य तिथि पर किया नमन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत रत्न नानाजी देशमुख की पुण्य तिथि पर किया नमन


    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राष्ट्रसेवक और महान समाज सुधारक नानाजी देशमुख की पुण्य तिथि पर उन्हें विनम्र नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि भारत रत्न से सम्मानित स्वर्गीय नानाजी देशमुख ने देश की प्रगति के लिए ग्रामीण विकास शिक्षा और गरीब कल्याण को आधार बनाया। उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की धारा पहुंचाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नानाजी देशमुख का कृतित्व उनके विचार और दूरदर्शी दृष्टिकोण राष्ट्र के नव निर्माण की दिशा में सदैव प्रेरणादायी रहेंगे। उन्होंने ग्रामोदय से राष्ट्रोदय की परिकल्पना को साकार करने के लिए जो कार्य किए वे आज भी प्रासंगिक हैं और आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देते रहेंगे।डॉ. यादव ने ईश्वर से प्रार्थना की कि हम सभी नानाजी देशमुख के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।

  • पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन की जयंती पर CM मोहन यादव ने किया स्मरण, शिक्षा और गरीब कल्याण को बताया जीवन लक्ष्य

    पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन की जयंती पर CM मोहन यादव ने किया स्मरण, शिक्षा और गरीब कल्याण को बताया जीवन लक्ष्य


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत रत्न से सम्मानित पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. जाकिर हुसैन का जीवन शिक्षा, सामाजिक न्याय और गरीब कल्याण के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि डॉ. जाकिर हुसैन ने देश के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए जो योगदान दिया, वह सदैव याद रखा जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि डॉ. जाकिर हुसैन शिक्षा के क्षेत्र में विशेष रूप से सक्रिय रहे और उन्होंने शिक्षा को समाज के विकास का मूलाधार माना। उनकी सोच में शिक्षा को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता साफ झलकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी शिक्षा और सामाजिक कल्याण के लिए की गई मेहनत और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि डॉ. जाकिर हुसैन का जीवन हमें यह संदेश देता है कि देश की प्रगति में शिक्षा और सामाजिक न्याय का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि हम सभी को उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की आवश्यकता है और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास करने चाहिए।

  • जननायक को नमन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न स्व. कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

    जननायक को नमन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न स्व. कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर दी श्रद्धांजलि


    भोपाल। सामाजिक न्याय के पुरोधा और जननायक के नाम से विख्यात भारत रत्न स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने कर्पूरी ठाकुर के सादगीपूर्ण जीवन और पिछड़ों के उत्थान के लिए किए गए उनके ऐतिहासिक संघर्ष को याद करते हुए उन्हें सामाजिक समानता का सच्चा प्रतीक बताया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर का संपूर्ण जीवन राष्ट्र निर्माण और समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मुख्यधारा में लाने के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा गरीबों, शोषितों और वंचितों के कल्याण के लिए जननायक कर्पूरी ठाकुर जी द्वारा किया गया त्याग और अटूट समर्पण हम सभी के लिए एक मार्गदर्शक की तरह है। उनका सादगीपूर्ण राजनीतिक जीवन हमें सदैव निष्काम समाज सेवा की प्रेरणा देता रहेगा।

    सामाजिक न्याय के प्रणेता थे कर्पूरी ठाकुर

    स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर का भारतीय राजनीति में स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्हें उनकी ईमानदारी और दलितों-पिछड़ों के अधिकारों की वकालत के लिए जाना जाता है।सामाजिक समानता: मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि कर्पूरी ठाकुर ने शासन व्यवस्था में समानता लाने के जो बीज बोए थे, उन्हीं पर चलते हुए आज की सरकारें वंचितों के सशक्तिकरण का कार्य कर रही हैं।

    भारत रत्न का सम्मान मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार द्वारा उन्हें भारत रत्न मरणोपरांत से सम्मानित करना, उनके संघर्षों और भारतीय लोकतंत्र के प्रति उनके योगदान का सच्चा सम्मान है। मुख्यमंत्री के इस नमन ने प्रदेश के सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में कर्पूरी ठाकुर की विरासत और उनके आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता को पुन दोहराया है।

     सामाजिक न्याय के पुरोधा और जननायक के नाम से विख्यात भारत रत्न स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने कर्पूरी ठाकुर के सादगीपूर्ण जीवन और पिछड़ों के उत्थान के लिए किए गए उनके ऐतिहासिक संघर्ष को याद करते हुए उन्हें सामाजिक समानता का सच्चा प्रतीक बताया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर का संपूर्ण जीवन राष्ट्र निर्माण और समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मुख्यधारा में लाने के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा गरीबों, शोषितों और वंचितों के कल्याण के लिए जननायक कर्पूरी ठाकुर जी द्वारा किया गया त्याग और अटूट समर्पण हम सभी के लिए एक मार्गदर्शक की तरह है। उनका सादगीपूर्ण राजनीतिक जीवन हमें सदैव निष्काम समाज सेवा की प्रेरणा देता रहेगा।

    सामाजिक न्याय के प्रणेता थे कर्पूरी ठाकुर

    स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर का भारतीय राजनीति में स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्हें उनकी ईमानदारी और दलितों-पिछड़ों के अधिकारों की वकालत के लिए जाना जाता है।सामाजिक समानता: मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि कर्पूरी ठाकुर ने शासन व्यवस्था में समानता लाने के जो बीज बोए थे, उन्हीं पर चलते हुए आज की सरकारें वंचितों के सशक्तिकरण का कार्य कर रही हैं।

    भारत रत्न का सम्मान मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार द्वारा उन्हें भारत रत्न मरणोपरांत से सम्मानित करना, उनके संघर्षों और भारतीय लोकतंत्र के प्रति उनके योगदान का सच्चा सम्मान है। मुख्यमंत्री के इस नमन ने प्रदेश के सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में कर्पूरी ठाकुर की विरासत और उनके आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता को पुन दोहराया है।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने भारत रत्न डॉ. एम.जी. रामचंद्रन को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की

    प्रधानमंत्री मोदी ने भारत रत्न डॉ. एम.जी. रामचंद्रन को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत रत्न डॉ. एम.जी. रामचंद्रनजिन्हें एमजीआर के नाम से भी जाना जाता हैको उनकी जन्‍म जयंती के अवसर पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने अपने बयान में एमजीआर की बहुआयामी विरासत की सराहना करते हुए उनकी तमिलनाडु के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका को याद किया। एमजीआर ने न केवल राज्य के विकास में अहम योगदान दियाबल्कि तमिल संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में भी अपना योगदान दिया। प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि एमजीआर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। उन्होंने तमिलनाडु की प्रगति में एमजीआर के योगदान को उत्कृष्ट बताया और तमिल संस्कृति को लोकप्रिय बनाने में उनकी भूमिका को उल्लेखनीय करार दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके दृष्टिकोण और आदर्शों को समाज के लिए साकार करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।

    एमजीआर का जीवन राजनीतिफिल्म और समाज सेवा के क्षेत्र में प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने तमिलनाडु में शिक्षास्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल कीजो आज भी लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही हैं। उनके नेतृत्व में तमिलनाडु ने औद्योगिक विकासआर्थिक सुदृढ़ता और सामाजिक उत्थान में नए आयाम हासिल किए। प्रधानमंत्री ने एमजीआर की छवि को केवल एक राजनीतिक नेता तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने बताया कि एमजीआर ने तमिल संस्कृति और भाषा को व्यापक रूप से फैलाने में भी योगदान दियाजिससे तमिल साहित्यकला और सांस्कृतिक पहचान का वैश्विक स्तर पर सम्मान बढ़ा। उनके प्रयासों की वजह से तमिलनाडु की सांस्कृतिक विरासत आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित महसूस कराती है।

    एमजीआर की जयंती पर प्रधानमंत्री की श्रद्धांजलि केवल उनके योगदान को याद करने तक सीमित नहीं हैबल्कि यह नागरिकों और युवा पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरित होने का संदेश भी देती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एमजीआर का दृष्टिकोणउनकी सामाजिक सोच और तमिलनाडु के प्रति उनका समर्पण आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री की श्रद्धांजलि ने एमजीआर की याद और उनके योगदान को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया। उनके जीवन की उपलब्धियां न केवल तमिलनाडुबल्कि पूरे भारत के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

  • ‘भारत रत्न नीतीश कुमार’ केसी त्यागी की मांग पर जीतन राम मांझी ने जताया समर्थन

    ‘भारत रत्न नीतीश कुमार’ केसी त्यागी की मांग पर जीतन राम मांझी ने जताया समर्थन


    नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग चर्चा का विषय बन गई है। जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि समाजवादी आंदोलन के बचे अनमोल रत्न नीतीश कुमार इस सर्वोच्च सम्मान के योग्य हैं। त्यागी ने पत्र में लिखा कि नीतीश कुमार ने समाज सेवा, किसानों और हाशिए पर गए लोगों को संगठित करने में अनमोल योगदान दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से निवेदन किया कि करोड़ों लोगों की उम्मीदों को देखते हुए नीतीश कुमार को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए, ताकि उनके योगदान का इतिहास लंबे समय तक सराहा जाए।
    हमें पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने फैसले से सबको चौंकाते हुए बिहार के मुख्यमंत्री को भारत रत्न से नवाजेंगे।” उन्होंने कहा कि यह सम्मान नीतीश कुमार के जीवन और राजनीति में किए गए योगदान को सही मायने में दर्शाएगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि नीतीश कुमार के लिए भारत रत्न की मांग कोई नई बात नहीं है। पहले भी कई नेताओं और समर्थकों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। उनका मानना है कि नीतीश कुमार के लंबे समय तक किए गए समाजसेवी और राजनीतिक प्रयासों को देखते हुए यह सम्मान उनके व्यक्तित्व और योगदान का सही मूल्यांकन होगा।

    नीतीश कुमार की सादगी, समाज सेवा और समाजवादी आंदोलन में योगदान को देखकर समर्थक मानते हैं कि भारत रत्न उनके लिए उचित और न्यायसंगत सम्मान होगा। केसी त्यागी और जीतन राम मांझी की यह पहल दिखाती है कि बिहार में उनकी लोकप्रियता और उनके योगदान की राजनीतिक पार्टियों और नेताओं के बीच भी सराहना की जाती है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस प्रस्ताव पर विचार कर सकते हैं और नीतीश कुमार को देश का सर्वोच्च सम्मान देने की दिशा में कदम उठा सकते हैं। इस मांग से न केवल राजनीतिक समर्थन दिखता है, बल्कि जनता के बीच नीतीश कुमार की छवि और योगदान भी मजबूत होता है।

    अंततः, केसी त्यागी की पहल और जीतन राम मांझी का समर्थन नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की दिशा में एक मजबूत संदेश है। यह मामला राजनीतिक, ऐतिहासिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और आने वाले समय में इस पर और चर्चाएं होने की संभावना है।