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  • नगर पालिका कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान के लिए भारतीय मजदूर संघ ने मध्य प्रदेश कर्मचारी महासंघ की स्थापना की

    नगर पालिका कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान के लिए भारतीय मजदूर संघ ने मध्य प्रदेश कर्मचारी महासंघ की स्थापना की


    इंदौर नगर पालिका निगम कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों के त्वरित और प्रभावी निराकरण के साथ शासन स्तर पर सशक्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए भारतीय मजदूर संघ ने प्रदेश स्तर पर मध्य प्रदेश नगर पालिका निगम कर्मचारी महासंघ की स्थापना की नगर निगम कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जाते रहे किंतु निगम प्रशासन द्वारा उनका निराकरण न कर सीधे शासन स्तर पर भेज दिया जाता रहा शासन स्तर पर भी इन मांगों के समाधान में अत्यधिक विलंब या असफलता के कारण कर्मचारियों में असंतोष और निराशा बनी रही

    इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए महासंघ की स्थापना की गई ताकि नगर पालिका निगम कर्मचारियों के हितों की रक्षा की जा सके और उनकी आवाज को सशक्त मंच प्रदान किया जा सके महासंघ का प्रथम त्रिवार्षिक प्रदेश अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ प्रदेश अधिवेशन में अखिल भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एम पी सिंह क्षेत्रीय संगठन मंत्री सुनील किरवाई प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अरविंद मिश्रा और इंदौर धार संभाग प्रमुख मुरारी राठौर की उपस्थिति में संगठनात्मक दायित्वों का गठन किया गया

    इस अवसर पर महासंघ में केदार यादव को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष और सुनील बंसल को संगठन मंत्री के पद पर नियुक्त किया गया नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त किया और आश्वस्त किया कि वे नगर पालिका निगम कर्मचारियों की जायज मांगों के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए शासन और प्रशासन स्तर पर सतत संघर्ष करेंगे

    महासंघ के माध्यम से कर्मचारियों की समस्याओं को एकजुट होकर मजबूती से उठाया जाएगा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के हितों को संरक्षित करने और उनकी आवाज को मजबूती से उठाने के लिए महासंघ निरंतर सक्रिय रहेगा तथा प्रशासन और शासन दोनों स्तरों पर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष करेगा

    महासंघ की स्थापना से कर्मचारियों में उत्साह और आशा की भावना पैदा हुई है कर्मचारियों ने विश्वास जताया कि उनके समस्याओं का समाधान अब मजबूती से और त्वरित तरीके से होगा महासंघ की यह पहल नगर निगम कर्मचारियों के लिए निर्णायक कदम माना जा रहा है जिससे उनकी लंबित मांगों को शासन स्तर पर प्राथमिकता के साथ देखा जाएगा

    केदार यादव और सुनील बंसल ने कहा कि संगठन कर्मचारियों के हितों के लिए प्रतिबद्ध रहेगा और उनकी समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक और कानूनी सभी उपाय किए जाएंगे उन्होंने महासंघ के माध्यम से कर्मचारियों को एकजुट करके उनके अधिकारों की सुरक्षा करने का संकल्प लियामध्य प्रदेश नगर पालिका निगम कर्मचारी महासंघ का यह गठन कर्मचारियों के लिए नए अवसर और सुरक्षा का संकेत है और यह कर्मचारियों के संघर्ष को एक नई दिशा देगा

  • ये हमारे हनुमान हैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान, संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए बनेगी विशेष समिति

    ये हमारे हनुमान हैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान, संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए बनेगी विशेष समिति


    भोपाल । मध्य प्रदेश के लाखों संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संविदा कर्मचारियों के हितों में एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए उन्हें ‘सरकार का हनुमान’ बताया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले इन कर्मचारियों को नियमित पदों पर नियुक्ति के उचित अवसर प्रदान किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2023 की संविदा नीति के सभी प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार संविदा कर्मचारियों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी जायज मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जा रहा है।

    समिति का होगा गठन, मजदूर संघ भी होगा शामिल

    नियमितीकरण की प्रक्रिया और अन्य सेवा शर्तों को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय समिति बनाने का निर्णय लिया है समिति के सदस्य: इसमें सामान्य प्रशासन विभाग और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा। कार्य यह समिति संविदा कर्मचारियों से जुड़े सभी तकनीकी विषयों और नीतिगत बाधाओं पर विचार कर अपनी रिपोर्ट देगी जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

    2023 की नीति का होगा पालन

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि 2023 में बनाई गई संविदा नीति के लाभ प्रत्येक पात्र कर्मचारी तक पहुँचने चाहिए। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मचारियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी सरकार की योजनाओं को जमीन पर उतारा है, इसलिए उन्हें उनका हक मिलना ही चाहिए।