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  • गोपाल भार्गव बोले बीजेपी का हर कार्यकर्ता मुख्यमंत्री, ‘भौंकने वालों’ वाले बयान से मध्य प्रदेश की राजनीति में बढ़ी हलचल

    गोपाल भार्गव बोले बीजेपी का हर कार्यकर्ता मुख्यमंत्री, ‘भौंकने वालों’ वाले बयान से मध्य प्रदेश की राजनीति में बढ़ी हलचल

    मध्य प्रदेश:  के पूर्व मंत्री और रहली विधानसभा क्षेत्र से लगातार नौ बार विधायक रहे गोपाल भार्गव का एक बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। रहली में वीर दुर्गादास राठौर जयंती समारोह के दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की भूमिका पर बात करते हुए कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता मुख्यमंत्री जैसा है। इसी दौरान उन्होंने अपने आलोचकों पर भी तीखा तंज कसा।

    कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भार्गव ने कहा कि बीजेपी में प्रत्येक कार्यकर्ता का अपना महत्व है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पुराने प्रसंग का उल्लेख करते हुए कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, पार्टी में किसी कार्यकर्ता की अहमियत किसी पद या बाहरी प्रमाण से तय नहीं होती, बल्कि संगठन के प्रति उसकी भूमिका और योगदान महत्वपूर्ण होता है।

    इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि बीजेपी का हर कार्यकर्ता मुख्यमंत्री जैसा है। उनके इस बयान की चर्चा इसलिए भी तेज हुई क्योंकि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर उनके नाम से जुड़ा एक स्थानीय विवाद सामने आया था। इसी विवाद को उनके ताजा बयान से जोड़कर देखा जा रहा है।

    दरअसल, कुछ दिन पहले एक वीडियो सामने आया था, जिसमें एक व्यक्ति गोपाल भार्गव के गढ़ाकोटा स्थित निवास के बाहर लगे बोर्ड पर एक पर्चा चिपकाता दिखाई दिया था। इस पर्चे में भार्गव को ‘स्वघोषित मुख्यमंत्री’ कहकर निशाना बनाया गया था। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में इसकी चर्चा शुरू हो गई थी।

    रहली के कार्यक्रम में भार्गव ने इसी तरह की आलोचनाओं का जवाब देते हुए हाथी और कुत्ते का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि हाथी अपनी चाल से आगे बढ़ता रहता है और उसके पीछे कुत्ते भौंकते रहते हैं। उनके बयान का आशय यह था कि आलोचना के बावजूद व्यक्ति को अपने रास्ते और काम से विचलित नहीं होना चाहिए।

    भार्गव ने अपने संबोधन में चींटियों और गन्ने का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को यह संदेश देने की कोशिश की कि सार्वजनिक जीवन में आलोचनाएं होती रहती हैं, लेकिन उन्हें अपनी जिम्मेदारी और लक्ष्य से प्रभावित नहीं होना चाहिए।

    बीजेपी कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री के समान बताने वाला उनका बयान पार्टी के भीतर कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर उनकी सोच को भी सामने रखता है। उन्होंने कहा कि संगठन में कोई सेवक की भूमिका निभाता है तो कोई जनप्रतिनिधि के तौर पर जिम्मेदारी संभालता है। उनके अनुसार, पार्टी में हर स्तर के कार्यकर्ता का अपना महत्व है।

    गोपाल भार्गव का मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबा अनुभव रहा है। वह रहली विधानसभा सीट से लगातार नौ बार निर्वाचित हो चुके हैं और राज्य सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। लंबे राजनीतिक अनुभव और क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण उनके सार्वजनिक बयानों पर राजनीतिक नजर बनी रहती है।

    इस बार भी उनके बयान के दो हिस्से सबसे अधिक चर्चा में हैं। पहला, बीजेपी के हर कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री जैसा बताना और दूसरा, आलोचकों के लिए ‘भौंकने वालों’ वाली टिप्पणी करना। उनके समर्थक इसे कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने वाला बयान बता रहे हैं, जबकि आलोचक इसे राजनीतिक कटाक्ष के रूप में देख रहे हैं।

    फिलहाल बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, भार्गव ने अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं के महत्व और आलोचनाओं से प्रभावित न होने का संदेश दिया। स्थानीय स्तर पर शुरू हुआ विवाद अब उनके बयान के कारण व्यापक राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।

  • वित्त वर्ष 2031 तक 63 लाख यूनिट पहुंच सकता है भारतीय कार बाजार: आरसी भार्गव

    वित्त वर्ष 2031 तक 63 लाख यूनिट पहुंच सकता है भारतीय कार बाजार: आरसी भार्गव

    नई दिल्ली ।भारतीय कार उद्योग आने वाले वर्षों में विस्तार की मजबूत संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन आरसी भार्गव ने रविवार, 9 अगस्त 2026 को कहा कि वित्त वर्ष 2030-31 तक देश का कार बाजार बढ़कर 61 से 63 लाख यूनिट तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में छोटी कारों की बाजार हिस्सेदारी में भी सुधार देखने को मिल सकता है।

    आरसी भार्गव के अनुसार, भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार की भविष्य की वृद्धि का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हालिया जीएसटी सुधारों से केवल वाहन उद्योग को ही नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था के कई अन्य क्षेत्रों को भी गति मिली है। कंपनी अगले पांच वर्षों के दौरान कार बाजार की संभावित वृद्धि का अधिक सटीक अनुमान तैयार करने की प्रक्रिया में है।

    मारुति सुजुकी इंडिया की वित्त वर्ष 2025-26 की वार्षिक एकीकृत रिपोर्ट में कंपनी के कारोबार और भविष्य की रणनीति से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, छोटी कारों के बाजार में सुधार, एसयूवी पोर्टफोलियो की मजबूती, अलग-अलग पावरट्रेन विकल्प, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और निर्यात में बेहतर प्रदर्शन ने कंपनी की वृद्धि को समर्थन दिया है।

    वित्त वर्ष 2025-26 में मारुति सुजुकी ने 24.22 लाख वाहनों की रिकॉर्ड वार्षिक बिक्री दर्ज की। यह कंपनी की अब तक की सबसे अधिक सालाना बिक्री है। इसी अवधि में कंपनी ने 4.47 लाख वाहनों का निर्यात किया, जो उसके निर्यात कारोबार का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।

    कंपनी लगातार तीसरे वर्ष 20 लाख से अधिक वाहनों की बिक्री करने में सफल रही है। आरसी भार्गव ने बिक्री के अगले दस लाख यूनिट के माइलस्टोन को लेकर भी सकारात्मक रुख जताया। उन्होंने कहा कि कंपनी इस उपलब्धि को पहले की अपेक्षा जल्दी हासिल करने को लेकर आशावादी है।

    मारुति सुजुकी इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने बताया कि कंपनी ने उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजनाओं को तेज किया है। वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान कंपनी ने 5 लाख यूनिट की अतिरिक्त मैन्युफैक्चरिंग क्षमता जोड़ी है। इसका उद्देश्य बदलती मांग और ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप उत्पादन को मजबूत करना है।

    ताकेउची ने कहा कि भारतीय ग्राहकों की पसंद और अपेक्षाएं तेजी से बदल रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी अपने एसयूवी पोर्टफोलियो को और मजबूत करने की तैयारी कर रही है। मारुति सुजुकी अगले पांच से छह वर्षों में सात नई एसयूवी लॉन्च करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में घरेलू मांग के साथ निर्यात, तकनीकी विकास और उत्पादन क्षमता का महत्व भी लगातार बढ़ रहा है। मारुति सुजुकी ने विनिर्माण, निर्यात, तकनीकी विकास, रोजगार सृजन, कौशल विकास और टिकाऊ मोबिलिटी के माध्यम से देश की आर्थिक विकास यात्रा में योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई है।

    कंपनी के अनुसार, भारत के 2047 तक विकसित देश बनने के लक्ष्य में ऑटोमोबाइल उद्योग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऐसे में कार बाजार का संभावित विस्तार केवल बिक्री के आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उत्पादन, रोजगार, निर्यात और तकनीकी क्षमताओं को भी प्रभावित कर सकता है।