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  • उज्जैन में श्रद्धा का संगम: एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने किए महाकाल दर्शन

    उज्जैन में श्रद्धा का संगम: एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने किए महाकाल दर्शन


    नई दिल्ली । साउथ और बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री तमन्ना भाटिया मंगलवार तड़के उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं। यहां उन्होंने भगवान महाकाल की प्रातःकालीन भस्म आरती में शामिल होकर दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। तमन्ना भाटिया करीब सुबह 3 बजे मंदिर पहुंचीं और नंदी हाल में बैठकर पूरी श्रद्धा के साथ भस्म आरती में शामिल हुईं। इस दौरान वे चंदन और त्रिपुंड लगाए भक्ति भाव में लीन नजर आईं।

    दो घंटे तक देखा भस्म आरती का दिव्य दृश्य
    अभिनेत्री ने लगभग दो घंटे तक भस्म आरती का दिव्य और अनोखा दृश्य देखा। आरती के दौरान पूरा वातावरण भक्ति और ऊर्जा से भर गया। आरती समाप्त होने के बाद उन्होंने नंदी जी का पूजन-अभिषेक किया और नंदी के कान में अपनी मनोकामना भी कही। इसके बाद उन्होंने चांदी द्वार से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

    तमन्ना बोलीं- यह अनुभव शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता
    दर्शन के बाद तमन्ना भाटिया ने कहा कि यह अनुभव उनके लिए बेहद खास और आध्यात्मिक रूप से ऊर्जा देने वाला था। उन्होंने कहा आज भगवान ने मुझे बुलाया था। बाबा महाकाल के बुलावे पर ही भक्त यहां आते हैं। यहां आकर बहुत अच्छा लगा। जो आरती मैंने देखी, उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती। उन्होंने आगे कहा कि भस्म आरती में शामिल होकर उन्हें एक अलग ही सकारात्मक ऊर्जा महसूस हुई और ऐसा अनुभव कहीं और नहीं मिलता।

    श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
    मंदिर परिसर में अभिनेत्री की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कई भक्त उनके दर्शन के लिए मंदिर परिसर में मौजूद रहे। इस दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया गया था ताकि दर्शन और आरती शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

    महाकालेश्वर मंदिर में तमन्ना भाटिया की उपस्थिति ने इस धार्मिक आयोजन को और खास बना दिया। उनका यह आध्यात्मिक अनुभव एक बार फिर उज्जैन के महाकाल मंदिर की वैश्विक आस्था और आकर्षण को दर्शाता है।

  • महाकाल की शरण में रवि किशन: गोरखपुर की खुशहाली के लिए कामना

    महाकाल की शरण में रवि किशन: गोरखपुर की खुशहाली के लिए कामना


    नई दिल्ली। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार सुबह आस्था का खास दृश्य देखने को मिला, जब गोरखपुर से सांसद और फिल्म अभिनेता रवि किशन बाबा महाकाल की शरण में पहुंचे। उन्होंने भस्म आरती के पश्चात मंदिर में प्रवेश कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया।

    भस्म आरती के बाद पहुंचे, नंदी हॉल में किया पूजन
    रवि किशन मंदिर पहुंचने के बाद सबसे पहले नंदी हॉल में रुके, जहां उन्होंने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे चांदी द्वार से गर्भगृह के दर्शन के लिए पहुंचे और जल अर्पित कर भगवान महाकाल का स्मरण किया। इस दौरान वे लगातार “हर हर महादेव” का जाप करते नजर आए।

    15 मिनट तक किए दिव्य दर्शन
    करीब 15 मिनट तक मंदिर परिसर में रहकर उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मंदिर में उनकी मौजूदगी के दौरान श्रद्धालुओं में भी उत्साह का माहौल देखा गया।

    गोरखपुर की खुशहाली के लिए मांगी प्रार्थना
    दर्शन के बाद रवि किशन ने कहा कि बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन का अवसर मिलना जीवन को धन्य कर देता है। उन्होंने विशेष रूप से गोरखपुर की जनता के लिए भगवान से आशीर्वाद मांगा और सभी के अच्छे स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि की कामना की।

    आस्था और श्रद्धा का केंद्र महाकाल
    महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां रोजाना देशभर से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भस्म आरती का विशेष महत्व है, जिसे देखने के लिए भक्त दूर-दूर से उज्जैन आते हैं।

  • महाकाल भस्म आरती: भांग चंदन और बेलपत्र से सजा बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार, गूंजे जय महाकाल के जयकारे

    महाकाल भस्म आरती: भांग चंदन और बेलपत्र से सजा बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार, गूंजे जय महाकाल के जयकारे


    उज्जैन । धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार तड़के आयोजित भस्म आरती के दौरान भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर तड़के करीब 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए जिसके बाद विधि-विधान से भगवान महाकालेश्वर की भस्म आरती संपन्न हुई। इस दौरान बाबा महाकाल का भव्य और दिव्य श्रृंगार किया गया जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।

    मंदिर के पट खुलने के बाद पुजारियों ने सबसे पहले गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन-अर्चन किया। इसके पश्चात भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद दूध दही घी शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक कर विशेष पूजन संपन्न किया गया। पूरे अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और घंटियों की ध्वनि से गूंजता रहा जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया।

    अभिषेक के बाद भगवान महाकाल का आकर्षक श्रृंगार किया गया। बाबा को चंदन का त्रिपुंड और त्रिनेत्र से अलंकृत किया गया वहीं भांग और बेलपत्र से भी विशेष सजावट की गई। सुगंधित पुष्पों और मालाओं से सजे भगवान महाकाल का स्वरूप अत्यंत मनमोहक नजर आ रहा था। इसके बाद भस्म अर्पण की परंपरा निभाई गई। भस्म अर्पण से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया।

    कपूर आरती के पश्चात ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर पवित्र भस्म रमाई गई। यह परंपरा महाकाल मंदिर की सबसे विशेष और प्राचीन परंपराओं में से एक मानी जाती है। भस्म आरती के बाद भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट रजत की मुण्डमाल रुद्राक्ष की माला और विभिन्न प्रकार के सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। इसके साथ ही कई आभूषणों से भगवान का अलंकरण किया गया जिससे उनका स्वरूप और भी दिव्य दिखाई दे रहा था।

    तड़के आयोजित इस भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर बाबा महाकाल के दर्शन किए और पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर परिसर में हर ओर जय महाकाल के जयकारे गूंज रहे थे जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के पास पहुंचकर उनके कान में अपनी मनोकामनाएं भी व्यक्त कीं और बाबा से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।

    उज्जैन के महाकाल मंदिर में प्रतिदिन तड़के होने वाली भस्म आरती का विशेष धार्मिक महत्व है। देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु इस अद्भुत परंपरा को देखने और बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए यहां पहुंचते हैं। माना जाता है कि सच्चे मन से बाबा महाकाल के दर्शन और आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।