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  • BHEL के शीर्ष पद पर यतींद्र मोहन की दावेदारी, CMD बनने की दौड़ में शामिल, फरवरी में होगा बड़ा बदलाव

    BHEL के शीर्ष पद पर यतींद्र मोहन की दावेदारी, CMD बनने की दौड़ में शामिल, फरवरी में होगा बड़ा बदलाव


    भोपाल। भारत की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की इंजीनियरिंग कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड यानी BHEL में शीर्ष नेतृत्व को लेकर हलचल तेज हो गई है। कंपनी के कार्यकारी निदेशक यतींद्र मोहन चेयरमैन-सह-प्रबंध निदेशक यानी CMD पद की दौड़ में शामिल हैं। यह महत्वपूर्ण पद फरवरी 2027 में खाली होने वाला है। ऐसे में कंपनी के अगले प्रमुख को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। यतींद्र मोहन की दावेदारी को BHEL के भावी नेतृत्व के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि उनके चयन और नियुक्ति को लेकर अंतिम निर्णय की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

    BHEL देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की इंजीनियरिंग और विनिर्माण कंपनियों में शामिल है। कंपनी बिजली उत्पादन से जुड़े उपकरणों के निर्माण के साथ औद्योगिक और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। देश की ऊर्जा जरूरतों और औद्योगिक विकास में BHEL का योगदान लंबे समय से रहा है। ऐसे में कंपनी के CMD का पद केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी तक सीमित नहीं है बल्कि इसके साथ रणनीतिक फैसलों और भविष्य की कारोबारी दिशा तय करने की बड़ी जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है।

    यतींद्र मोहन फिलहाल कंपनी में कार्यकारी निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। CMD पद की दौड़ में उनका शामिल होना कंपनी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया को लेकर अहम घटनाक्रम है। फरवरी 2027 में मौजूदा पद रिक्त होने की संभावना के बीच नए प्रमुख के चयन की प्रक्रिया पर नजरें टिकी हैं। इस पद पर नियुक्त होने वाले अधिकारी को कंपनी के संचालन और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने होंगे। इसमें उत्पादन क्षमता को मजबूत करना और परियोजनाओं को समय पर पूरा करना जैसी प्राथमिकताएं शामिल हो सकती हैं।

    बदलते औद्योगिक परिदृश्य में BHEL के सामने नई तकनीकों को अपनाने और प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखने की चुनौती भी है। बिजली क्षेत्र में बदलती जरूरतों के साथ पारंपरिक ऊर्जा परियोजनाओं के अलावा आधुनिक तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े क्षेत्रों में भी कंपनियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऐसे माहौल में BHEL के भावी प्रमुख से कंपनी की क्षमताओं का बेहतर इस्तेमाल करने और नए अवसरों के अनुरूप रणनीति बनाने की अपेक्षा होगी।

    CMD कंपनी का सर्वोच्च कार्यकारी पद होता है। इस पद पर नियुक्त अधिकारी को व्यावसायिक प्राथमिकताओं के निर्धारण से लेकर प्रशासनिक समन्वय और महत्वपूर्ण परियोजनाओं की निगरानी तक कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी होने के कारण BHEL के फैसलों का असर औद्योगिक विकास और सरकारी परियोजनाओं पर भी पड़ सकता है। इसलिए नए CMD का चयन कंपनी के कर्मचारियों निवेशकों और औद्योगिक क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

    फिलहाल यतींद्र मोहन के नाम को लेकर चर्चा का केंद्र CMD पद की दावेदारी है। उनके चयन को लेकर आगे की आधिकारिक जानकारी और नियुक्ति प्रक्रिया के घटनाक्रम महत्वपूर्ण होंगे। फरवरी 2027 में पद खाली होने की संभावना को देखते हुए आने वाले समय में इस मामले पर गतिविधियां तेज हो सकती हैं। अंतिम निर्णय सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि BHEL की कमान किस अधिकारी को सौंपी जाएगी और कंपनी भविष्य की चुनौतियों के लिए किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

  • जंग और वैश्विक तनाव के बीच चमके भारतीय मिडकैप स्टॉक्स, Suzlon और BHEL समेत कई कंपनियों ने दिया जोरदार रिटर्न

    जंग और वैश्विक तनाव के बीच चमके भारतीय मिडकैप स्टॉक्स, Suzlon और BHEL समेत कई कंपनियों ने दिया जोरदार रिटर्न

    नई दिल्ली । वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध जैसे हालात और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों और निवेशकों की धारणा पर पड़ा है। इसके बावजूद भारतीय बाजार में कुछ मिडकैप कंपनियों ने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर निवेशकों को चौंका दिया है। खासतौर पर ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में मजबूत तेजी दर्ज की गई है।

    बाजार में कमजोरी और भारी बिकवाली के माहौल के बावजूद कुछ मिडकैप शेयरों ने 20 प्रतिशत से लेकर 51 प्रतिशत तक की तेजी दिखाई है। इन कंपनियों में BHEL, Suzlon Energy, Thermax, Premier Energies और Ola Electric Mobility जैसी कंपनियां प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन शेयरों में आई तेजी ने यह संकेत दिया है कि निवेशक फिलहाल उन सेक्टरों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, जिनका सीधा संबंध ऊर्जा सुरक्षा और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों से है।

    भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड यानी BHEL इस रैली में सबसे आगे दिखाई दी है। कंपनी के शेयरों में पिछले कुछ महीनों के दौरान जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया और इसने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बढ़ते निवेश तथा सरकारी परियोजनाओं से कंपनी को मजबूत समर्थन मिल रहा है।

    वहीं, रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की चर्चित कंपनी Suzlon Energy ने भी बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। पवन ऊर्जा क्षेत्र में कंपनी की सक्रियता और स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती मांग ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। हाल के महीनों में कंपनी के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली है, हालांकि लंबे समय के उतार-चढ़ाव के कारण निवेशक अब भी सतर्क नजर आ रहे हैं।

    Thermax और Premier Energies जैसी कंपनियों को भी बढ़ती ऊर्जा मांग और वैकल्पिक ऊर्जा समाधानों पर बढ़ते फोकस का फायदा मिला है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में तेजी ने निवेशकों का ध्यान रिन्यूएबल और ऊर्जा दक्षता आधारित कंपनियों की ओर मोड़ दिया है। इसी कारण इन कंपनियों के शेयरों में भी लगातार मजबूती बनी हुई है।

    इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र से जुड़ी Ola Electric Mobility ने भी इस दौरान तेज रिकवरी दिखाई है। हालांकि कंपनी के शेयर पहले दबाव में थे, लेकिन बाजार में सुधार और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर के प्रति बढ़ते भरोसे ने इसमें तेजी वापस ला दी।

    विशेषज्ञों का मानना है that वैश्विक तनाव के दौर में निवेशक ऐसे सेक्टरों में अवसर तलाशते हैं जो भविष्य की जरूरतों और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े हों। यही वजह है कि रिन्यूएबल एनर्जी, स्मार्ट पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

    कुल मिलाकर, बाजार में अस्थिरता और वैश्विक दबाव के बावजूद भारतीय मिडकैप सेक्टर के कुछ चुनिंदा शेयरों ने यह साबित किया है कि मजबूत बिजनेस मॉडल और भविष्य की संभावनाओं वाली कंपनियां कठिन परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।