Tag: Bhind Murder Case

  • भिंड में पशुशाला में सो रहे युवक की धारदार हथियार से हत्या, परिजनों ने हाईवे पर शव रखकर किया चक्काजाम

    भिंड में पशुशाला में सो रहे युवक की धारदार हथियार से हत्या, परिजनों ने हाईवे पर शव रखकर किया चक्काजाम


    भिंड । मध्‍य प्रदेश के भिंड जिले के मिहोना थाना क्षेत्र के चांदौख गांव में 35 वर्षीय युवक की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। युवक बुधवार रात गांव के पास स्थित पशुशाला में सोने गया था। शुक्रवार सुबह परिजनों को उसका शव चारपाई पर मिला। उसकी गर्दन पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। शुरुआती तौर पर कुल्हाड़ी से हमला किए जाने की आशंका जताई जा रही है। परिजनों ने संदेहियों के खिलाफ नामजद एफआईआर की मांग को लेकर हाइवे पर चक्काजाम कर दिया।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान विश्व प्रताप सिंह राजावत उर्फ वीपी सिंह (35), निवासी चांदौख गांव के रूप में हुई है। वह गुरुवार रात करीब 10 बजे खाना खाने के बाद गांव के पास बनी पशुशाला में सोने गया था। शुक्रवार सुबह परिजन मवेशियों की देखभाल के लिए वहां पहुंचे तो वीपी सिंह चारपाई पर मृत मिला। उसकी गर्दन पर धारदार हथियार से हमले के निशान दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। शुरुआती जानकारी के आधार पर हत्या में कुल्हाड़ी जैसे धारदार हथियार के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, वारदात में इस्तेमाल हथियार और हत्या के कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    परिजनों ने परिवार के कुछ नजदीकी लोगों पर हत्या में शामिल होने का संदेह जताया है। उनका कहना है कि संबंधित लोगों के साथ पुरानी बातों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। दो-तीन दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था। परिजनों को आशंका है कि इसी रंजिश के चलते वीपी सिंह की हत्या की गई है। हालांकि, परिजनों की ओर से जताई गई आशंका और आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    परिजनों ने परिवार के कुछ नजदीकी लोगों पर हत्या में शामिल होने का संदेह जताया है। उनका कहना है कि संबंधित लोगों के साथ पुरानी बातों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। दो-तीन दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था। परिजनों को आशंका है कि इसी रंजिश के चलते वीपी सिंह की हत्या की गई है। हालांकि, परिजनों की ओर से जताई गई आशंका और आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग-552 पर पहुंचे और सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनकी मांग थी कि जिन लोगों पर उन्हें हत्या का संदेह है, उनके खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की जाए। परिजनों ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच किए जाने की बात पर आपत्ति जताई। इस दौरान मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई और हाईवे पर आवागमन प्रभावित हुआ। जिसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों की ओर से मामले की जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद चक्काजाम समाप्त हुआ।

    मामले में एसडीओपी प्रवीण त्रिपाठी ने बताया कि वीपी सिंह की हत्या की जांच की जा रही है। परिजनों की बात सुनी गई है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • तानों से टूटा सब्र, कैंसर पीड़ित छोटे भाई ने दोस्त के साथ मिलकर सगे बड़े भाई को उतारा मौत के घाट!

    तानों से टूटा सब्र, कैंसर पीड़ित छोटे भाई ने दोस्त के साथ मिलकर सगे बड़े भाई को उतारा मौत के घाट!


    नई दिल्ली। रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। भिंड जिले में 11 मार्च को हुई किसान कृष्णकांत पाराशर की हत्या का राज फाश करते हुए पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। अपने ही बड़े भाई के तानों से तंग आकर एक कैंसर पीड़ित नाबालिग ने अपने दोस्त के साथ मिलकर मौत की खौफनाक पटकथा लिखी।

    वारदात की जड़:60 लाख का इलाज और कड़वे बोल
    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी नाबालिग लंबे समय से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहा है। उसके इलाज के लिए परिवार को अपनी पैतृक संपत्ति बेचनी पड़ी, जिसमें करीब 60 लाख रुपये खर्च हो गए। इसी आर्थिक तंगी और बीमारी के बोझ के चलते फरवरी में उनके पिता का भी निधन हो गया।

    बड़ा भाई कृष्णकांत अक्सर छोटे भाई को यह कहकर प्रताड़ित करता था कि “तेरी बीमारी की वजह से सब बिक गया और पिता भी चले गए।” इन्हीं तानों से आहत होकर छोटे भाई ने भाई को ही रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।

    साजिश: मुंबई से कीमो कराकर लौटा और थाम लिया कट्टा
    नाबालिग 9 मार्च को मुंबई से कीमोथेरेपी कराकर लौटा और अपने दोस्त अरमान खान के साथ मिलकर हत्या की प्लानिंग की। अरमान ने दो देसी कट्टे और कारतूसों का इंतजाम किया। 11 मार्च को साजिश के तहत नाबालिग ने कृष्णकांत को मौसी के घर मिलने के बहाने बुलाया। जामपुरा रेलवे लाइन के पास दोनों भाइयों में बहस हुई, हाथापाई के दौरान नाबालिग का निशाना चूक गया, लेकिन पीछे खड़े दोस्त अरमान ने भागते हुए कृष्णकांत पर फायरिंग कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    पुलिस की कार्रवाई: 100 कैमरे और ‘मुंडन’ का खेल
    वारदात के बाद आरोपी मुरैना भाग गए और पहचान छिपाने के लिए अपने सिर मुंडवा लिए। पुलिस अधीक्षक डॉ. असित यादव के नेतृत्व में टीम ने 100 से अधिक CCTV कैमरों को खंगाला। जब नाबालिग घर से गायब मिला, तो पुलिस का शक यकीन में बदल गया। रविवार को मुखबिर की सूचना पर फूप कस्बे के पास एक खाली कमरे से दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    दोस्ती या पुरानी दुश्मनी?
    सह-आरोपी अरमान खान के पिता की हत्या 20 साल पहले हुई थी, जिसका आरोप कृष्णकांत के चाचा पर था। पुलिस पूछताछ में अरमान ने कहा कि उसने “दोस्ती निभाने” के लिए गोली चलाई, लेकिन पुलिस इसे पुराने पारिवारिक विवाद और बदले की भावना से भी जोड़कर देख रही है।

    एक और सनसनी: आष्टा में जमीन के लिए दो सगे भाई-बहनों का कत्ल
    अभी भिंड का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि सीहोर के आष्टा (धर्मपुरी) से एक और रूह कंपा देने वाली खबर आई। यहाँ जमीन विवाद में एक ताऊ (हरिसिंह मालवीय) ने अपने ही छोटे भाई के दो जवान बच्चों, शीतल (20) और कुलदीप (19) की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को हिरासत में ले लिया है।