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  • भिंड में BSP नेता पर FIR: सीवेज पाइप तोड़ने और धमकी देने का आरोप, राजनीतिक विवाद भी गरमाया

    भिंड में BSP नेता पर FIR: सीवेज पाइप तोड़ने और धमकी देने का आरोप, राजनीतिक विवाद भी गरमाया


    मध्य प्रदेश । भिंड जिले के गौरी तालाब क्षेत्र में निर्माणाधीन सीवेज पाइप लाइन को लेकर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। कोतवाली थाना पुलिस ने बीएसपी नेता रक्षपाल सिंह कुशवाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उन पर सीवेज पाइप लाइन को नुकसान पहुंचाने, गाली-गलौज करने और कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं।

    पुलिस के अनुसार, रविवार देर शाम रक्षपाल कुशवाह अपने कुछ समर्थकों के साथ गौरी तालाब क्षेत्र में पहुंचे, जहां लंबे समय से निर्माणाधीन सीवेज लाइन का कार्य चल रहा है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि अधूरे कार्य और सड़क पर खोदे गए गड्ढों को लेकर क्षेत्र में पहले से ही असंतोष था।

    इसी दौरान विवाद की स्थिति बन गई और आरोप है कि नेता ने मौके पर सीवेज पाइप लाइन को नुकसान पहुंचाया तथा कर्मचारियों को धमकाया। लगभग 20 से 30 मिनट तक मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा, जिसके बाद मामला कोतवाली थाने पहुंचा। सीवेज कार्य से जुड़े कर्मचारियों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    गौरतलब है कि रक्षपाल सिंह कुशवाह पर इससे पहले भी बरेठा टोल प्लाजा आंदोलन के दौरान सीसीटीवी कैमरा तोड़ने का आरोप लग चुका है। उस मामले में भी उनके खिलाफ महाराजपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिससे यह मामला और चर्चा में आ गया है।

    वहीं दूसरी ओर बीएसपी नेता रक्षपाल कुशवाह ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है और यह कार्रवाई एक जनप्रतिनिधि से चल रहे राजनीतिक मतभेदों के कारण कराई गई है।

    फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की आगे जांच कर रही है। घटना ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक माहौल को भी गर्मा दिया है।

  • संतों संग दिखे विधायक-पूर्व विधायक, जैन समाज के स्वागत कार्यक्रम में भारी भीड़

    संतों संग दिखे विधायक-पूर्व विधायक, जैन समाज के स्वागत कार्यक्रम में भारी भीड़


    मध्य प्रदेश । भिंड में सोमवार सुबह धार्मिक आस्था और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज सहित 25 जैन मुनियों का शहर में आगमन हुआ। उमरी स्थित महावीर स्वामी तीर्थ स्थल के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे संतों के स्वागत के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ सड़कों पर उमड़ पड़ी।

    जैन मुनियों का विहार मानपुरा से शुरू होकर अटेर रोड के रास्ते भिंड शहर में प्रवेश हुआ। रास्तेभर श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर दर्शन किए और “जयकारों” से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। शहर के विभिन्न स्थानों पर फूलों की वर्षा की गई और रंगोलियों से मार्ग सजाया गया, जिससे पूरा शहर आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया।

    लहार चुंगी क्षेत्र में विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने जैन संतों का स्वागत किया और अपने निवास पर चरण पखारकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद सैनिक कल्याण बोर्ड कार्यालय के पास पूर्व विधायक संजीव सिंह कुशवाह ने भी संतों की सेवा-पूजन कर सम्मान व्यक्त किया।

    इस दौरान एक भावनात्मक और चर्चित दृश्य भी सामने आया, जब विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह और पूर्व विधायक संजीव सिंह कुशवाह दोनों संतों के साथ पैदल चलते नजर आए। दोनों जनप्रतिनिधि लगभग दो किलोमीटर तक जैन मुनियों के साथ विहार में शामिल रहे, जिसने श्रद्धालुओं के बीच विशेष चर्चा और आकर्षण का केंद्र बना दिया।

    विहार के बाद संतों का काफिला उदोतगढ़ स्थित रोशनलाल दैपुरिया कॉलेज पहुंचा, जहां दोपहर में विश्राम किया गया। जानकारी के अनुसार जैन मुनियों का अगला विहार शाम को आगे की यात्रा के लिए निर्धारित है। पूरे आयोजन ने भिंड शहर को धार्मिक उत्साह, अनुशासन और आस्था के रंग में सराबोर कर दिया।

  • भिण्ड में अवैध हथियार लाइसेंस गिरोह पकड़ा गया, सरकारी सिस्टम में सेंध का खुलासा

    भिण्ड में अवैध हथियार लाइसेंस गिरोह पकड़ा गया, सरकारी सिस्टम में सेंध का खुलासा


    भिण्ड । मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में पुलिस ने एक बड़े और संगठित फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि जांच में कलेक्ट्रेट कार्यालय के दो कर्मचारियों की संलिप्तता भी सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह गिरोह लंबे समय से अवैध रूप से आर्म्स लाइसेंस तैयार कर लोगों को उपलब्ध करा रहा था। इसके बदले में आरोपियों द्वारा मोटी रकम वसूली जाती थी। जानकारी के अनुसार एक फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार करने के लिए करीब तीन लाख रुपए तक लिए जाते थे। इस तरह यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था और दस्तावेजों की प्रक्रिया में भी गड़बड़ी की जा रही थी।

    लहार क्षेत्र से सुनील शर्मा और उसके बेटे प्रांशु शर्मा की गिरफ्तारी इस मामले में अहम मानी जा रही है। पुलिस के अनुसार सुनील शर्मा के खिलाफ पहले से ही सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद उसने अपने प्रभाव और नेटवर्क का उपयोग करते हुए अपने बेटे के नाम पर भी फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवा लिया था।

    जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस पूरे रैकेट में केवल बाहरी लोग ही नहीं बल्कि सरकारी सिस्टम के भीतर से भी सहयोग मिल रहा था। कलेक्ट्रेट में कार्यरत दो कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिनसे पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि इनकी मदद से ही दस्तावेजों को आगे बढ़ाया जाता था और लाइसेंस जारी कराए जाते थे।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है। इसी संभावना को देखते हुए अब पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। डिजिटल रिकॉर्ड, आवेदन फाइलें और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितने फर्जी लाइसेंस जारी किए गए हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस रैकेट के जरिए कई ऐसे लोगों तक भी हथियार पहुंचे हैं जिनका आपराधिक रिकॉर्ड हो सकता है। इस कारण यह मामला सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद गंभीर माना जा रहा है।

    फिलहाल पुलिस ने सभी 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही कलेक्ट्रेट कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच तेज कर दी गई है। इस पूरे मामले ने सरकारी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी दोबारा न हो।

  • भिंड में दर्दनाक हादसा फर्नीचर दुकान में आग महिला की मौत तीन झुलसे

    भिंड में दर्दनाक हादसा फर्नीचर दुकान में आग महिला की मौत तीन झुलसे


    भिंड । मध्यप्रदेश के भिंड जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। मेहगांव अनुभाग के गोरमी क्षेत्र में स्थित एक फर्नीचर दुकान में देर रात भीषण आग लग गई, जिसमें एक महिला की मौत हो गई जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए।

    यह घटना मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जब अचानक दुकान में आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि उसने देखते ही देखते तीन मंजिला मकान को भी अपनी चपेट में ले लिया। उस समय परिवार के सभी सदस्य ऊपर की मंजिल पर सो रहे थे, जिससे उन्हें संभलने का भी मौका नहीं मिल सका।

    आग लगते ही पूरे मकान में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हालांकि, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि एक महिला बाहर नहीं निकल सकी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।

    सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था और दुकान व मकान का बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो गया था।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी कारण की आशंका जताई जा रही है, लेकिन असली वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके में शोक का माहौल बना दिया है और स्थानीय लोग पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जता रहे हैं।

  • भिंड जिले की बड़ी उपलब्धि 8 विद्यार्थियों ने प्रदेश मेरिट सूची में दर्ज कराया नाम

    भिंड जिले की बड़ी उपलब्धि 8 विद्यार्थियों ने प्रदेश मेरिट सूची में दर्ज कराया नाम


    भिंड । मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणाम में इस बार भिंड जिले के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन कर पूरे जिले का नाम रोशन किया है। परिणामों में जिले के कुल आठ विद्यार्थियों ने प्रदेश की प्रावीण्य सूची में जगह बनाकर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

    इस साल भिंड जिले का कुल परीक्षा परिणाम 67.37 प्रतिशत रहा जो औसत से बेहतर माना जा रहा है। हालांकि सबसे खास बात यह रही कि कई विद्यार्थियों ने व्यक्तिगत स्तर पर उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में स्थान हासिल किया।

    जिले की अंशू गुप्ता जो आरपीएस सेंट्रल हाई स्कूल भिंड की छात्रा हैं उन्होंने 494 अंक प्राप्त कर प्रदेश में छठवां स्थान हासिल किया है। उनका यह प्रदर्शन जिले के लिए गर्व का विषय बन गया है और स्कूल में भी खुशी का माहौल है।

    इसी क्रम में शासकीय हाई स्कूल जाखौली के वेदप्रकाश कौरव ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मेरिट सूची में अपनी जगह बनाई है। उनके साथ अन्य विद्यार्थियों ने भी उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर जिले की शैक्षणिक स्थिति को मजबूत किया है।

    शिक्षा विभाग के अनुसार इस बार विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन का सकारात्मक परिणाम देखने को मिला है। लगातार बेहतर हो रहे परिणाम यह संकेत देते हैं कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। भिंड जिले के इन विद्यार्थियों की सफलता से अन्य छात्रों को भी प्रेरणा मिलेगी और आने वाले वर्षों में जिले का प्रदर्शन और बेहतर होने की उम्मीद है।

  • भिंड: गुलाल लगाने पर मचा 'गदर'; अकोड़ा में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, लाठी-डंडों से हमले में 4 घायल

    भिंड: गुलाल लगाने पर मचा 'गदर'; अकोड़ा में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, लाठी-डंडों से हमले में 4 घायल


    भिंड।  मध्य प्रदेश के भिंड जिले के अकोड़ा गांव में शुक्रवार की सुबह रंगों के त्योहार का उल्लास उस वक्त चीख-पुकार में बदल गया, जब एक महिला को जबरन गुलाल लगाने की कोशिश ने हिंसक मोड़ ले लिया। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ यह विवाद लाठी-डंडों के तांडव तक जा पहुँचा, जिसमें दोनों पक्षों के कुल चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। फिलहाल, उमरी थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    विवाद की शुरुआत: ‘मना करने पर बदसलूकी’
    घटना शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे की है। पीड़ित महिला सीमा के अनुसार, दो युवक आए और उन्हें जबरन गुलाल लगाने की कोशिश करने लगे। जब सीमा ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ अभद्रता की और उन्हें जमीन पर पटक दिया।

    बीच-बचाव और हमला: सीमा की चीख सुनकर जब उनके पति और जीजा धर्मा मौके पर पहुँचे, तो आरोपी पक्ष के प्रदीप और हरविलास ने लाठी-डंडों से उन पर हमला बोल दिया। इस हमले में सीमा, उनके पति और जीजा को गंभीर चोटें आई हैं।

    दूसरा पक्ष: ‘हम पर हुआ हमला’
    वहीं, दूसरी ओर से अंजली प्रजापति ने अलग कहानी बयां की है। उनका आरोप है कि उनके भाई प्रदीप और दादा हरविलास के साथ कुछ लोग मारपीट कर रहे थे। जब वे लोग बीच-बचाव करने पहुँचे, तो विपक्षी पक्ष ने लाठी-डंडों से उन पर भी हमला कर दिया। इस संघर्ष में प्रदीप और बुजुर्ग हरविलास सहित उनके छोटे भाई को भी चोटें आई हैं।

    पुलिस की कार्रवाई और इलाज
    घटना की सूचना मिलते ही अकोड़ा चौकी पुलिस सक्रिय हुई और घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भिजवाया।घायलों में से तीन की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। उमरी थाना पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों को दर्ज कर मामले की तहकीकात कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की असली वजह क्या गुलाल ही था या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश छिपी हुई थी।

  • भिण्ड: पेड़ पर लटकी लाश का सनसनीखेज खुलासा; आत्महत्या नहीं, पीट-पीटकर की गई थी सुखबीर की हत्या

    भिण्ड: पेड़ पर लटकी लाश का सनसनीखेज खुलासा; आत्महत्या नहीं, पीट-पीटकर की गई थी सुखबीर की हत्या


    भिण्ड । मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में पुलिस ने 11 जनवरी को हुई एक अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया है। ऊमरी थाना क्षेत्र के बजरंगगढ़ अकोड़ा गांव में पेड़ से लटके मिले 55 वर्षीय सुखबीर बघेल के शव के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी बदल दी है। पुलिस जांच में यह साफ हो गया है कि सुखबीर ने आत्महत्या नहीं की थी बल्कि उनकी बेरहमी से हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को पेड़ से लटकाया गया था।

    संदिग्ध चोटों ने खोला राज 11 जनवरी को जब सुखबीर बघेल का शव गांव के पास बांध वाले खेत में एक पेड़ से फंदे पर लटका मिला तो पहली नजर में यह खुदकुशी का मामला लग रहा था। हालांकि, मौके पर पहुँची ऊमरी थाना पुलिस को मृतक के सिर हाथ और पैरों पर गहरे जख्म और चोट के निशान मिले। इन निशानों ने पुलिस के मन में संदेह पैदा कर दिया, जिसके बाद शव को बारीकी से पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुराना विवाद हाल ही में आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने पुष्टि की है कि मृतक के शरीर पर पाए गए घाव किसी संघर्ष या मारपीट के हैं। रिपोर्ट में एंटी-मॉर्टम चोटों मौत से पहले की चोटें का जिक्र होने के बाद पुलिस ने अपनी जांच की दिशा बदल दी। परिजनों ने भी पुलिस को बताया था कि गांव के ही कुछ प्रभावशाली लोगों के साथ सुखबीर का पुराना विवाद चल रहा था।

    चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज वैज्ञानिक साक्ष्यों और परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने गांव के ही चार संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ हत्या धारा 302 और साक्ष्य छुपाने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पहले सुखबीर के साथ मारपीट की और जब उनकी मौत हो गई, तो मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को खेत में लगे पेड़ पर फंदे से लटका दिया। ऊमरी थाना पुलिस अब नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।