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  • भिंड विवाद: TI नशे में पकड़े गए, कर्नल ने एसपी से सख्त कार्रवाई की मांग की

    भिंड विवाद: TI नशे में पकड़े गए, कर्नल ने एसपी से सख्त कार्रवाई की मांग की



    नई दिल्ली। मिहोना थाना प्रभारी टीआई विजय केन और रिटायर्ड सूबेदार मेज़र राकेश सिंह कुशवाहा के बीच विवाद अब तूल पकड़ चुका है। यह मामला तब सामने आया जब आर्मी के पूर्व जवान और वर्तमान पुलिस अधिकारी के बीच कथित दुर्व्यवहार की खबर आर्मी अधिकारियों तक पहुंची। शनिवार को ग्वालियर से आर्मी के डिप्टी कमांडेंट कर्नल विशाल मिहोना थाने पहुंचे और पुलिस जवानों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

    कर्नल ने थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों से विवाद के विवरण के साथ कुछ जवानों के बयान भी दर्ज किए। इसके बाद कर्नल ने सीधे टीआई विजय केन के आवास का दौरा किया। वहां उन्होंने पाया कि टीआई नशे की हालत में थे और ठीक से संवाद करने की स्थिति में नहीं थे। कर्नल ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता बताया और कहा कि ड्यूटी के दौरान शराब पीना किसी भी अधिकारी के लिए स्वीकार्य नहीं है।

    इस गंभीर मामले को लेकर कर्नल ने भिंड के एसपी असित यादव से करीब 35 मिनट तक मुलाकात की और सख्त कार्रवाई की मांग की। कर्नल ने स्पष्ट कहा कि आर्मी के पूर्व जवान के साथ दुर्व्यवहार और ड्यूटी के दौरान शराब पीने जैसी घटनाओं को गंभीरता से लेना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस मामले की रिपोर्ट आर्मी के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी और पुलिस की कार्रवाई पर निगरानी रखी जाएगी।

    एसपी असित यादव ने बताया कि टीआई विजय केन को फिलहाल लाइन अटैच कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पहले भी टीआई के शराब पीने की शिकायतें आ चुकी हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    मिहोना थाना में इस विवाद ने स्थानीय प्रशासन और आर्मी अधिकारियों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। कर्नल विशाल ने कहा कि आर्मी के किसी भी पूर्व जवान के साथ दुर्व्यवहार को नज़रअंदाज नहीं किया जाएगा और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। कर्नल की मांग है कि पुलिस विभाग भी ऐसे मामलों में अनुशासनहीन अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करे।

    किसी भी संगठन में अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। यह मामला यह साबित करता है कि चाहे कोई अधिकारी कितना भी वरिष्ठ क्यों न हो, उसके कार्यों की निगरानी की जाती है और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्थानीय प्रशासन और आर्मी दोनों मिलकर इस मामले की निष्पक्ष जांच कर रहे हैं।

    इस विवाद ने यह भी उजागर किया है कि शराब और ड्यूटी का मेल किसी भी विभाग में गंभीर परिणाम ला सकता है। मिहोना थाना और भिंड जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल, टीआई को लाइन अटैच किया गया है, रिटायर्ड सूबेदार मेजर राकेश सिंह कुशवाहा अपनी बात प्रशासन के सामने रख चुके हैं, और पूरे मामले की निगरानी आर्मी द्वारा की जा रही है।

    स्थानीय लोग और आर्मी अधिकारी इस मामले की निष्पक्षता और उचित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। यह घटना पुलिस विभाग के लिए भी एक चेतावनी है कि अनुशासनहीनता के मामलों में कोई छूट नहीं होगी और हर अधिकारी अपने कर्तव्य के प्रति जिम्मेदार रहेगा।

  • भिंड में NH-719 पर भीषण टक्कर: लग्जरी कार का एयरबैग बचा चालक की जान, सभी यात्री सुरक्षित

    भिंड में NH-719 पर भीषण टक्कर: लग्जरी कार का एयरबैग बचा चालक की जान, सभी यात्री सुरक्षित


    भिंड भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 719 पर मंगलवार दोपहर को एक जोरदार सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक लग्जरी कार और यात्री बस आमने-सामने टकरा गए। हादसे के वक्त कार का एयरबैग खुलने से चालक की जान बच गई, जबकि सभी यात्री सुरक्षित रहे।

    जानकारी के अनुसार, दुर्घटना दोपहर करीब पौने दो बजे हुई। ग्वालियर की ओर तेज रफ्तार से आ रही लग्जरी कार लगभग 70-80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल रही थी। भिंड से ग्वालियर की ओर जा रही यात्री बस भी 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार में थी। ओवरटेक के प्रयास के दौरान दोनों वाहन आमने-सामने भिड़ गए।

    हादसे में कार का आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। लेकिन एयरबैग खुलने के कारण चालक गंभीर चोटिल होने से बच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल कार सवार को बाहर निकाला और डायल 112 पर सूचना दी।

    मौके पर पहुंची फर्स्ट रिस्पॉन्स टीम (FRV) और पुलिस ने तुरंत दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटाकर यातायात सुचारू किया। सभी यात्री सुरक्षित थे और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

    हादसे के कारणों में तेज रफ्तार और ओवरटेक की कोशिश मुख्य वजह बताई जा रही है। अधिकारियों ने वाहन चालकों से हाईवे पर सतर्क रहने और नियमों का पालन करने की अपील की है।

    इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर गति नियंत्रण और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर किया है।

  • भिंड के बरैठा टोल प्लाजा पर कर्मचारियों से मारपीट, मामला रिश्तेदारी के कारण सुलझा

    भिंड के बरैठा टोल प्लाजा पर कर्मचारियों से मारपीट, मामला रिश्तेदारी के कारण सुलझा


    भिंड भिंड-ग्वालियर नेशनल हाईवे-719 स्थित बरैठा टोल प्लाजा पर सोमवार को टोल टैक्स विवाद के कारण मारपीट की घटना हुई। स्कॉर्पियो सवार आधा दर्जन से अधिक युवकों ने टोल कर्मचारियों के साथ हाथापाई की। यह घटना टोल प्लाजा में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई।

    जानकारी के अनुसार, ग्वालियर की ओर जा रहे स्कॉर्पियो में सवार कुछ युवकों ने नियमानुसार टोल टैक्स चुकाने से इनकार किया और बिना टोल दिए बैरियर खोलने का दबाव बनाने लगे। जब टोल कर्मचारियों ने नियमों का हवाला देते हुए टोल भरने के लिए कहा, तो दोनों पक्षों में कहासुनी बढ़ गई और युवकों ने टोल कर्मचारी आनंद सिंह समेत अन्य कर्मचारियों के साथ हाथापाई शुरू कर दी।

    मारपीट की सूचना मिलने पर कर्मचारी महाराजपुरा थाने पहुंचे। थोड़ी देर बाद युवकों ने भी थाने का रुख किया। थाने में बातचीत के दौरान पता चला कि दोनों पक्षों के बीच आपसी रिश्तेदारी है। इसके बाद बातचीत के जरिए मामला शांत कराया गया और दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया।

    टोल प्लाजा प्रबंधन के मैनेजर अमित सिंह राठौड़ ने बताया कि विवाद हुआ था, लेकिन समझौते के बाद कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब वाहन सवार युवक बैरियर खुलवाने के लिए दबाव बना रहे थे और कर्मचारियों ने नियम का पालन किया।

    यह घटना दर्शाती है कि सड़क पर टोल टैक्स और नियमों का पालन न करने पर विवाद आसानी से बढ़ सकता है। हालांकि इस मामले में रिश्तेदारी और समझौते के कारण पुलिस कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन CCTV फुटेज भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद कर सकता है।

  • महिलाओं की स्थिति से तय होती है राष्ट्र की प्रगति: न्यायाधीश दिलीप गुप्ता

    महिलाओं की स्थिति से तय होती है राष्ट्र की प्रगति: न्यायाधीश दिलीप गुप्ता


    भिण्ड। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय अस्मिता खेल कार्यक्रम का आयोजन राजीव गांधी स्टेडियम में किया गया। कार्यक्रम में जिलेभर से आई महिलाओं और छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और खेल गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। पूरे आयोजन में ऊर्जा, उत्साह और आत्मविश्वास का माहौल देखने को मिला।

    कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कुटुम्ब न्यायालय के न्यायाधीश दिलीप गुप्ता द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित महिलाओं और छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति का वास्तविक आकलन वहां की महिलाओं की स्थिति से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी समाज में महिलाएं शिक्षित, सुरक्षित और सशक्त हैं तो वह समाज निश्चित रूप से विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ता है।

    न्यायाधीश दिलीप गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के संघर्ष, साहस और उनकी असीम क्षमताओं को सम्मान देने का दिन है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी महिलाओं को अवसर मिला है, उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा से हर क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल की हैं।

    उन्होंने आगे कहा कि समाज की धुरी नारी है और उसके बिना किसी भी परिवार, समाज या राष्ट्र की कल्पना अधूरी है। आज महिलाएं घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि न्यायपालिका, प्रशासन, शिक्षा, विज्ञान, खेल और रक्षा सहित हर क्षेत्र में अपनी योग्यता और क्षमता का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने छात्राओं और महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर जीवन में आगे बढ़ें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की भागीदार बनें।

    कार्यक्रम के दौरान विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिनमें छात्राओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपनी खेल प्रतिभा और टीम भावना का शानदार प्रदर्शन किया। आयोजन का उद्देश्य महिलाओं में खेल भावना को बढ़ावा देना, आत्मविश्वास विकसित करना और उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त बनाना था।

    इस अवसर पर जिला प्रशासन के अधिकारी, खेल विभाग के प्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्राएं और महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।

    आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं और समाज में उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को मजबूत करते हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम महिलाओं के सम्मान, समानता और सशक्तिकरण के संदेश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।

  • भिंड के शहीद हवलदार की अंतिम विदाई: 6 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, पत्नी ने रोना-धोना बंद करने की दी हिम्मत

    भिंड के शहीद हवलदार की अंतिम विदाई: 6 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, पत्नी ने रोना-धोना बंद करने की दी हिम्मत

    नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान हुए हादसे में शहीद हुए भिंड के हवलदार शैलेंद्र सिंह भदौरिया का शनिवार सुबह उनके पैतृक गांव चितावली (अटेर) में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान शहीद के 6 वर्षीय बेटे भावेश ने पिता को मुखाग्नि दी, वहीं शहीद की पत्नी शिवानी ने अदम्य साहस दिखाते हुए लोगों से कहा, “रोना-धोना बंद करो, कुछ नहीं होगा।”

    जब शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।

    सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर सलामी दी। डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरने से शैलेंद्र सिंह समेत 10 जवान शहीद हुए थे।

    पत्नी का दर्दनाक लेकिन साहसी रुख
    शहीद की पत्नी शिवानी ने अपने पति के शव के पास बैठकर बार-बार बलाएं लेकर अपने पति के गाल चूमा और सभी को हिम्मत दी। उनका यह साहस देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। उन्होंने बताया कि 21 जनवरी की रात शैलेंद्र से आखिरी कॉल पर शैलेंद्र ने कहा था कि उन्हें डर लग रहा है। उन्होंने सपना देखा था कि उनकी बेटियाँ पढ़ाई के बावजूद सफल नहीं हो रही हैं, और परिवार शादी के लिए परेशान है। शिवानी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि रिटायरमेंट के बाद प्लॉट बेचकर बेटियों की शादी कर देंगे, लेकिन शैलेंद्र ने कहा, “मुझे बहुत डर लग रहा है, कुछ होने वाला है।”

    इसके बाद उनकी शहादत की खबर आई।

    परिवार की शौर्य गाथा: दादा भी थे शहीद
    शैलेंद्र के पिता हनुमत सिंह ने गर्व और आंसूओं के साथ बताया कि उनके तीनों बेटे सेना में हैं और शैलेंद्र उनके दूसरे बेटे थे। उन्होंने कहा कि उनका दादा भी 1972 में शहीद हुए थे, और आज उनका बेटा भी देश के लिए शहीद हुआ है।

    शहीद के बड़े भाई देव सिंह ने कहा कि परिवार को दुख है, लेकिन फौजी होने पर गर्व भी है। उन्होंने बताया कि वे तीनों भाई सेना में सेवा कर चुके हैं और देश रक्षा में शैलेंद्र की शहादत पर उन्हें गर्व है।

    अंतिम यात्रा में भावुक माहौल
    अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने फूलों की वर्षा की और “शैलेंद्र सिंह भदौरिया अमर रहें” के नारे लगाए। शमशान घाट पर जब मासूम भावेश ने पिता का शव देखा तो वह फूट-फूटकर रो पड़ा और मुखाग्नि देने से पहले पिता से लिपट गया। इस मौके पर मेजर अक्षय कुमार, एसडीएम शिवानी अग्रवाल, तहसीलदार जगन सिंह कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

    ब्रिगेडियर अमित वर्मा ने कहा कि पूरा आर्मी परिवार शहीद के परिजनों के साथ खड़ा है और परिवार को मिलने वाली सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

  • मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला, 8 जिलों में बारिश की संभावना, ठंडक बनी रहेगी

    मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला, 8 जिलों में बारिश की संभावना, ठंडक बनी रहेगी



    भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर अपना रंग बदला है। अगले 24 घंटों में प्रदेश के आठ जिलों – ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में बादलों के छाए रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार से ही मौसम में बदलाव दिखाई दे रहा है और शुक्रवार को उत्तरी जिलों में हल्की-से-मध्यम बारिश हो सकती है।

    26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी बारिश के रूप में दिख सकता है। फिलहाल अगले दो दिनों तक तेज ठंड के आसार नहीं हैं, लेकिन सुबह के समय कोहरा रहने की संभावना बनी हुई है।

    गुरुवार को ग्वालियर, सतना, रीवा, गुना, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव और सिवनी में कोहरा देखा गया। वहीं, भोपाल, नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन और विदिशा में दिनभर बादल छाए रहे और ठंडी हवाओं का असर महसूस किया गया।

    मौसम विभाग ने बताया कि अगर बारिश हुई, तो यह इस सीजन का पहला मावठा होगा, क्योंकि नवंबर और दिसंबर में प्रदेश में बारिश नहीं हुई थी।

    गुरुवार रात कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा छतरपुर के नौगांव में 6.5, उमरिया में 6.9, रीवा में 7, खजुराहो में 7.4, दतिया में 7.6, दमोह और सतना में 8.8, मंडला में 9 और राजगढ़ व सीधी में 9.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों में ग्वालियर 9, जबलपुर 10.9, भोपाल 11.2, इंदौर 13.6 और उज्जैन 13.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ ठंडक महसूस हुई। 

    दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाओं के बीच मौसम अलर्ट, श्रीनगर एयरपोर्ट पर उड़ानों पर रोक
    नई दिल्ली । दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में शुक्रवार को मौसम ने अचानक बदलाव दिखाया। राजधानी में सुबह हल्की बारिश के साथ तेज हवाओं का असर महसूस किया गया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई इलाकों के लिए नाउकास्ट चेतावनी जारी की है।
    मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2-3 घंटों के दौरान इन राज्यों में गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है, और हवाओं की रफ्तार 40-60 किमी प्रति घंटे तक पहुँच सकती है। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर कुछ जगहों पर बारिश जारी रहने की संभावना है। बारिश से वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
    पंजाब, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के कई शहरों में भी मौसम का मिज़ाज बिगड़ सकता है। IMD ने लोगों से सतर्क रहने, कमजोर ढांचों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। वाहन चालक कम दृश्यता और जलभराव की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी बरतें।

    श्रीनगर में मौसम की अचानक खराब स्थिति के कारण इंडिगो एयरलाइंस ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की। बर्फबारी के चलते श्रीनगर एयरपोर्ट पर टेक-ऑफ और लैंडिंग पर अस्थायी रोक लगी है। एयरलाइन ने यात्रियों को आश्वस्त किया कि जैसे ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल अनुमति देगा, उड़ानें जल्द रवाना की जाएंगी।

  • बोर्ड परीक्षा में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस: कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश, नकल पर कड़ी नजर, छात्रों की सुविधा और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता

    बोर्ड परीक्षा में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस: कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश, नकल पर कड़ी नजर, छात्रों की सुविधा और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता



    भिंड। जिले में आगामी 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में कलेक्टर भिंड की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में केंद्राध्यक्ष एवं सहायक केंद्राध्यक्षों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि बोर्ड परीक्षा विद्यार्थियों के जीवन का अहम पड़ाव होती है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुविधा, परीक्षा की पारदर्शिता और नकलमुक्त वातावरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    कलेक्टर ने माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा आयोजित 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं की व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर बैठने की समुचित व्यवस्था, निर्बाध बिजली, स्वच्छ पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी केंद्र नहीं होना चाहिए, जहां विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी हो।

    नकल पर सख्ती दिखाते हुए कलेक्टर ने कहा कि नकल चाहे किसी भी रूप में हो, उसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए केंद्राध्यक्षों को स्वयं सतर्क रहने और परीक्षा ड्यूटी में लगे समस्त स्टाफ को पूरी तरह अलर्ट रखने के निर्देश दिए गए। प्रश्न पत्र वितरण से लेकर उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन तक प्रत्येक चरण में कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए गए।

    उन्होंने उत्तर पुस्तिकाओं की सीलिंग और अनसीलिंग प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी रखने पर विशेष जोर दिया। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि केंद्राध्यक्षों की सूची का पुनः परीक्षण कर केवल योग्य, अनुभवी और जिम्मेदार अधिकारियों को ही यह दायित्व सौंपा जाए।

    कलेक्टर ने सहायक केंद्राध्यक्षों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे मुख्य केंद्राध्यक्ष के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करें। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

    उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी परीक्षा केंद्र से यदि लापरवाही या अनियमितता की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी, परीक्षा प्रभारी सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।