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  • 23 से 25 जून तक भोपाल एयरपोर्ट पर टैक्सी संकट: एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ हड़ताल पर ड्राइवर, यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल

    23 से 25 जून तक भोपाल एयरपोर्ट पर टैक्सी संकट: एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ हड़ताल पर ड्राइवर, यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल


    मध्यप्रदेश । भोपाल से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अगले सप्ताह मुश्किलें बढ़ सकती हैं। 23 जून से 25 जून तक भोपाल एयरपोर्ट पर टैक्सी सेवाएं प्रभावित रहेंगी, क्योंकि टैक्सी चालकों ने एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। इस दौरान चालक ऑनलाइन टैक्सी बुकिंग एप्स के जरिए आने वाली राइड्स स्वीकार नहीं करेंगे, जिससे एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है।

    भोपाल टैक्सी चालक संघ का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। संघ के महामंत्री राजेश कुमार नागले के अनुसार, इससे पहले 7 फरवरी और 12 जून को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर सांकेतिक धरना प्रदर्शन कर शासन और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण संगठन ने आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया है।

    संघ का आरोप है कि ऐप आधारित टैक्सी कंपनियां राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किराया दरों का पालन नहीं कर रही हैं। ड्राइवरों का कहना है कि उन्हें तय मानकों से कम भुगतान किया जा रहा है, जिससे उनकी आय लगातार प्रभावित हो रही है। संगठन का दावा है कि वर्तमान परिस्थितियों में ड्राइवरों के लिए परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल होता जा रहा है।

    हड़ताल के चलते सबसे अधिक प्रभाव भोपाल एयरपोर्ट पर देखने को मिल सकता है। रोजाना सैकड़ों यात्री एयरपोर्ट तक पहुंचने और वहां से शहर के विभिन्न हिस्सों में जाने के लिए टैक्सी सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में यात्रियों को निजी वाहन, ऑटो रिक्शा, पारिवारिक सहायता या अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है। संघ ने आम लोगों से भी अपील की है कि आंदोलन के समर्थन में इन तीन दिनों के दौरान एग्रीगेटर कंपनियों के मोबाइल एप का उपयोग न करें।

    टैक्सी चालक संघ ने अपनी मांगों में राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किराए को लागू करने, बेस फेयर 40 रुपये और प्रति किलोमीटर 20 से 25 रुपये किराया तय करने, राइड टाइम का अलग भुगतान, गूगल मैप के आधार पर दूरी की सटीक गणना, ड्राइवरों का बीमा, रात के समय अतिरिक्त शुल्क और भोपाल में कंपनियों के स्थानीय कार्यालय स्थापित करने जैसी मांगें शामिल की हैं। इसके अलावा ड्राइवरों ने बंद की गई आईडी को दोबारा सक्रिय करने और वन-वे बुकिंग व्यवस्था समाप्त कर दोनों तरफ का किराया देने की भी मांग की है।

    गौरतलब है कि हाल ही में राजधानी भोपाल में टैक्सी चालकों ने अपनी मांगों को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन भी किया था। बोर्ड ऑफिस चौराहे पर बड़ी संख्या में चालक फटे कपड़े पहनकर और हाथों में कटोरा लेकर प्रतीकात्मक रूप से भीख मांगते नजर आए थे। इस प्रदर्शन का उद्देश्य यह बताना था कि मौजूदा व्यवस्था में उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

    अब सभी की निगाहें प्रशासन और एग्रीगेटर कंपनियों पर टिकी हैं। यदि जल्द कोई समाधान नहीं निकला तो टैक्सी चालक संघ ने आंदोलन को और तेज करने तथा शहर में टैक्सी और ऑटो सेवाओं को पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे 23 से 25 जून के बीच अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाकर रखें और वैकल्पिक परिवहन साधनों की व्यवस्था कर लें।

  • भोपाल एयरपोर्ट पर नया आईएलएस सिस्टम: उड़ानें अब समय पर, यात्रियों को मिली राहत

    भोपाल एयरपोर्ट पर नया आईएलएस सिस्टम: उड़ानें अब समय पर, यात्रियों को मिली राहत


    भोपाल । भोपाल राजा भोज एयरपोर्ट पर अब यात्रियों को मौसम के खराब होने और कोहरे के कारण होने वाली उड़ान देरी से राहत मिल गई है। एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक कैटेगरी-2 इंस्टूमेंट लैंडिंग सिस्टम आईएलएस की स्थापना के साथ अब उड़ानों की टाइमिंग पर ब्रेक लग गया है। पहले जहां मौसम खराब होने और घने कोहरे के कारण उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ता था, वहीं अब इस नए सिस्टम की मदद से ऐसी घटनाओं में काफी कमी आई है। पिछले दिसंबर-जनवरी के महीने में भोपाल एयरपोर्ट पर उड़ानें लेट होने और डायवर्ट होने की समस्या आम थी, लेकिन अब नए सिस्टम के चलते एक भी उड़ान डायवर्ट नहीं हुई है।
    आईएलएस सिस्टम की स्थापना का काम तीन साल से चल रहा था, जिसमें मौसम उपकरणों के अपग्रेडेशन के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। रनवे से लगी कुछ ज़मीन सेना की थी, जिसके कारण इस उपकरण की स्थापना में रुकावट आ रही थी। हालांकि, इस समस्या का समाधान होते ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस अत्याधुनिक सिस्टम की स्थापना पूरी की। अब जब दृश्यता 350 मीटर तक घट जाती है, तब भी विमान इस सिस्टम की मदद से सुरक्षित लैंड कर सकते हैं।
    नए सिस्टम की स्थापना से न केवल उड़ान की देरी में कमी आई है, बल्कि यात्रियों को भी राहत मिली है। इस अपग्रेडेशन को नागर विमानन महानिदेशालय डीजीसीए से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद पूरी तरह से लागू किया गया है। अब यह सिस्टम अपनी पूरी क्षमता से काम कर रहा है और यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोहरे और खराब मौसम के बावजूद उड़ानें समय पर चल सकें।
    एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, इस अपग्रेडेशन से यात्रा की सुरक्षा और सुविधा दोनों बढ़ी हैं। पिछले कुछ समय से एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है, और यह नया सिस्टम उनके लिए एक बड़ी राहत साबित हो रहा है। अब भोपाल एयरपोर्ट देश के उन चुनिंदा एयरपोर्ट्स में शामिल हो गया है, जहां अत्याधुनिक कैटेगरी-2 आईएलएस सिस्टम की स्थापना की गई है। यह एयरपोर्ट इस प्रणाली के साथ प्रदेश का पहला और देश का तीसरा एयरपोर्ट बन चुका है, जिसने अपने उड़ान संचालन को और भी सुरक्षित और प्रभावी बना लिया है।

  • MP: भोपाल एयरपोर्ट यात्री संतुष्टि सर्वे में लगातार दूसरी बार देश में नंबर बन, खजुराहो एयरपोर्ट भी अव्वल

    MP: भोपाल एयरपोर्ट यात्री संतुष्टि सर्वे में लगातार दूसरी बार देश में नंबर बन, खजुराहो एयरपोर्ट भी अव्वल


    भोपाल।
    भारतीय विमानन प्राधिकरण (एएआई) (Aviation Authority of India -AAI) के एक सर्वेक्षण में भोपाल और खजुराहो एयरपोर्ट (Bhopal and Khajuraho Airport) ने देश के 62 हवाईअड्डों को पीछे छोड़ दिया है। यह सर्वेक्षण रिपोर्ट देश भर के 62 हवाई अड्डों में से 58 से प्राप्त फीडबैक पर आधारित है। असम का रूपासी हवाई अड्डा सबसे निचले स्थान पर रहा, जिसे 5 में से केवल 3 अंक मिले।

    भारतीय विमानन प्राधिकरण (एएआई) के अखिल भारतीय ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण (All India Customer Satisfaction Survey) में मध्य प्रदेश के भोपाल और खजुराहो के हवाईअड्डों को सबसे ज्यादा अंक प्राप्त हुए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि सर्वेक्षण रिपोर्ट देश भर के 62 हवाईअड्डों में से 58 से मिले फीडबैक पर आधारित है।

    अधिकारी ने बताया कि जनवरी से जून के बीच आयोजित सर्वेक्षण के पहले चरण में ग्राहक संतुष्टि के मामले में भोपाल, खजुराहो और राजस्थान के उदयपुर के हवाई अड्डों ने पूरे अंक प्राप्त करके शीर्ष स्थान हासिल किया। सर्वेक्षण का दूसरा चरण जून से दिसंबर के बीच आयोजित किया गया। इस दौरान भोपाल, खजुराहो और महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के हवाई अड्डों को 5 में से 4.99 अंक प्राप्त हुए।

    चार हवाई अड्डों – शिमला (हिमाचल प्रदेश), भावनगर (गुजरात), तेजपुर (असम) और कालाबुर्गी (कर्नाटक) को यात्री उड़ानें नहीं होने के कारण सर्वेक्षण में शामिल नहीं किया गया। असम का रूपासी हवाई अड्डा सबसे निचले स्थान पर रहा, जिसे 5 में से केवल 3 अंक मिले।

    मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित खजुराहो अपनी मंदिर शिल्पकला के लिए प्रसिद्ध है। यहां भारी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। सर्वेक्षण रिपोर्ट से पता चलता है कि विश्व स्तरीय यात्री सेवाएं अब भारत के छोटे शहरों में भी पहुंच रही हैं।

    खजुराहो हवाई अड्डे के निदेशक संतोष सिंह ने बताया कि 2025 में लगातार दो बार शीर्ष स्थान प्राप्त करना गर्व की बात है। यह हमारी पूरी टीम की प्रतिबद्धता, कड़ी मेहनत और यात्रियों को सर्वोत्तम सुविधाएं प्रदान करने के हमारे निरंतर प्रयासों का परिणाम है।