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  • ट्विशा केस में रिटायर्ड जज सास की मुश्किलें बढ़ीं, मौत के अगले दिन CCTV फुटेज जुटाने का दावा, गवाहों को प्रभावित करने की आशंका

    ट्विशा केस में रिटायर्ड जज सास की मुश्किलें बढ़ीं, मौत के अगले दिन CCTV फुटेज जुटाने का दावा, गवाहों को प्रभावित करने की आशंका


    भोपाल । भोपाल की मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने काउंटर एफिडेविट में कई अहम तथ्यों का उल्लेख किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक ट्विशा की मौत के अगले ही दिन उनकी आरोपी सास गिरिबाला सिंह ने घटना से जुड़े CCTV फुटेज हासिल करने की कोशिश की थी। इतना ही नहीं उन्होंने उस ब्यूटी पार्लर के कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जुटाई थी जहां ट्विशा घटना से एक दिन पहले गई थीं। CBI ने इन गतिविधियों को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया है। एजेंसी ने यह आशंका भी जताई है कि आरोपी परिवार का प्रभाव भोपाल में चल रहे मुकदमे और गवाहों को प्रभावित कर सकता है।

    मौत के अगले दिन CCTV फुटेज जुटाने का दावा

    CBI के अनुसार 13 मई 2026 को गिरिबाला सिंह ने एक CCTV तकनीशियन से संपर्क किया था। उन्होंने घटना के समय की रिकॉर्डिंग की कॉपी हासिल करने का प्रयास किया। इसी दिन उन्होंने एक्सप्रेशन ब्यूटी पार्लर की संचालिका से भी ट्विशा के 12 मई को वहां आने-जाने की जानकारी मांगी थी। इसके बाद कुछ लोगों को पार्लर भेजकर वहां के CCTV फुटेज भी हासिल किए गए। जांच एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि घटना के तुरंत बाद इस तरह फुटेज जुटाने की गतिविधियां मामले में महत्वपूर्ण हैं। हालांकि इन गतिविधियों के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था यह अदालत में जांच और साक्ष्यों के आधार पर तय होगा।

    रिटायर्ड जिला जज हैं आरोपी सास

    CBI ने अपने जवाब में बताया कि गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं। घटना के समय वह भोपाल जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की अध्यक्ष थीं। उनके बेटे समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि दोनों आरोपियों का सामाजिक और पेशेवर प्रभाव भोपाल में चल रहे ट्रायल को प्रभावित कर सकता है। गवाहों को डराने या उन पर दबाव डालने की आशंका भी जताई गई है। इसी आधार पर CBI ने मुकदमे की निष्पक्ष सुनवाई को लेकर अपनी चिंता सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी है।

    17 अगस्त को दाखिल हो चुकी है चार्जशीट

    इस मामले में CBI ने 17 अगस्त 2026 को गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 85 108 और 3(5) के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। भोपाल की अदालत में आरोप तय करने की प्रक्रिया चल रही है और दहेज मृत्यु समेत अन्य पहलुओं की जांच जारी है। ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा ने भोपाल में चल रहे सेशन ट्रायल को दिल्ली स्थानांतरित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इसी याचिका के जवाब में CBI ने अपना काउंटर एफिडेविट दाखिल किया है। एजेंसी ने आरोपियों के प्रभाव और गवाहों की सुरक्षा से जुड़ी आशंकाओं का उल्लेख किया है।

    12 मई को ससुराल में संदिग्ध हालत में मिली थीं ट्विशा

    ट्विशा शर्मा की 12 मई 2026 की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। उनकी शादी 25 दिसंबर 2025 को समर्थ सिंह से हुई थी। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया था। शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर सवाल उठने के बाद हाईकोर्ट ने दिल्ली एम्स को दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 24 मई को दिल्ली एम्स के मेडिकल बोर्ड ने उनका दूसरा पोस्टमॉर्टम किया था।

    फिलहाल यह मामला अदालत में विचाराधीन है। CBI के खुलासों के बाद मुकदमे को भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग और गवाहों की सुरक्षा का मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है। अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और अदालत के फैसले पर सबकी नजर रहेगी।

  • भोपाल में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से सनसनी, घर में चार के गले कटे मिले शव, रेलवे ट्रैक पर मिला युवक

    भोपाल में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से सनसनी, घर में चार के गले कटे मिले शव, रेलवे ट्रैक पर मिला युवक


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मालीखेड़ी इलाके में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घर के अंदर चार सदस्यों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतकों में एक बुजुर्ग महिला एक महिला और दो बच्चे शामिल हैं। चारों के गले पर धारदार हथियार से काटे जाने के निशान मिले हैं। वहीं परिवार के एक युवक का शव रेलवे ट्रैक पर बरामद किया गया है। एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत की खबर सामने आते ही इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक घर के अंदर मिले चारों शवों की हालत बेहद गंभीर थी। सभी के गले पर धारदार हथियार से वार किए जाने के निशान पाए गए हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि चारों की हत्या की गई है। हालांकि घटना के पीछे की असली वजह अभी सामने नहीं आई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परिवार के भीतर ऐसा क्या हुआ जिसके कारण इतनी बड़ी घटना हुई। फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच और साक्ष्यों का इंतजार किया जा रहा है।

    रेलवे ट्रैक पर मिला परिवार के युवक का शव

    इस घटना का दूसरा पहलू तब सामने आया जब परिवार के एक युवक का शव रेलवे ट्रैक पर मिला। घर में चार लोगों की मौत और रेलवे ट्रैक पर युवक का शव मिलने के बाद पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। शुरुआती आशंका है कि युवक ने पहले घर में परिवार के चार सदस्यों की हत्या की और इसके बाद रेलवे ट्रैक पर जाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि पुलिस ने अभी इस आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और घर में मिले चारों शवों से उसका क्या संबंध है।

    पुलिस जांच में सामने आएंगे कई अहम सवालों के जवाब

    मालीखेड़ी की इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ना है। जांच में यह पता लगाना जरूरी होगा कि घर में घटना कब हुई और इसमें किसकी भूमिका रही। इसके साथ ही परिवार के सदस्यों के बीच किसी तरह का विवाद या तनाव था या नहीं इसकी भी जानकारी जुटाई जा सकती है। पुलिस घटनास्थल से मिलने वाले साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर जांच आगे बढ़ाएगी।

    फिलहाल इस मामले में हत्या और आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है लेकिन इसे अंतिम सच नहीं माना जा सकता। पुलिस की आधिकारिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत के कारणों और घटनाक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है जिससे इस दर्दनाक घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

  • भोपाल में आधी रात आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, महिला के घर से मिली अवैध शराब, गांधीनगर में 500 लीटर लहान जब्त

    भोपाल में आधी रात आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, महिला के घर से मिली अवैध शराब, गांधीनगर में 500 लीटर लहान जब्त


    भोपाल । भोपाल में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग ने शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात शहर के अलग-अलग इलाकों में अभियान चलाया। इस दौरान मदर इंडिया कॉलोनी में एक महिला के घर से अवैध देशी शराब बरामद की गई। आरोप है कि महिला घर में शराब जमा करके उसकी बिक्री कर रही थी। इसके अलावा गांधीनगर और बैरागढ़ क्षेत्र के होटल ढाबों और रेस्टोरेंट में भी जांच की गई। आबकारी विभाग की अलग-अलग टीमों ने रातभर कार्रवाई करते हुए कुल 10 प्रकरण दर्ज किए। इस अभियान में अवैध शराब के भंडारण और बिक्री के साथ शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले लहान पर भी कार्रवाई की गई।

    आबकारी कंट्रोलर वर्षा उइके के मुताबिक मदर इंडिया कॉलोनी में रहने वाली एक महिला के घर पर जांच के दौरान अवैध देशी शराब मिली। विभाग के अनुसार महिला पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रही है और घर में शराब का अवैध भंडारण कर उसे बेच रही थी। टीम ने मौके से शराब जब्त करने के बाद महिला के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) और 45 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। विभाग अब इस बात की भी जानकारी जुटा रहा है कि महिला तक शराब कहां से पहुंच रही थी और इस कारोबार में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।

    कार्रवाई का दायरा केवल मदर इंडिया कॉलोनी तक सीमित नहीं रहा। आबकारी विभाग की टीम ने बैरागढ़ इलाके में जैन मंदिर के पास स्थित एक घर पर भी दबिश दी। सहायक जिला आबकारी अधिकारी प्रीति उइके के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान घर से अवैध शराब जब्त की गई। वहीं उप निरीक्षक स्वाति बघेल ने करोंद क्षेत्र में जांच और कार्रवाई की। इन स्थानों पर मिली अनियमितताओं के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

    गांधीनगर की नई बस्ती में भी आबकारी विभाग को बड़ी मात्रा में अवैध शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल मिला। यहां टीम ने करीब 500 लीटर लहान बरामद किया। लहान का इस्तेमाल कच्ची शराब तैयार करने में किया जाता है। इतनी बड़ी मात्रा में लहान मिलने के बाद विभाग ने संबंधित लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। देर रात तक गांधीनगर में कार्रवाई जारी रही। अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री से जुड़े ठिकानों की पहचान करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

    इस अभियान के दौरान आबकारी विभाग ने दोपहिया वाहनों के जरिए शराब की सप्लाई करने वाले युवकों पर भी ध्यान केंद्रित किया है। सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ के मुताबिक भोपाल में कुछ युवक मोटरसाइकिल और अन्य दोपहिया वाहनों से शराब की आपूर्ति कर रहे हैं। ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है। विभाग के अनुसार बीते दिनों तीन युवकों को पकड़ा गया था। अब उनसे पूछताछ कर उनके संपर्कों और संभावित गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

    अधिकारियों का मानना है कि अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केवल बिक्री के ठिकानों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है बल्कि इसकी आपूर्ति करने वाले लोगों और नेटवर्क तक पहुंचना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से शहर के अलग-अलग इलाकों में जांच अभियान चलाया जा रहा है। मदर इंडिया कॉलोनी से लेकर बैरागढ़ और गांधीनगर तक हुई कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग ने अवैध शराब के भंडारण और परिवहन पर निगरानी बढ़ाने के संकेत दिए हैं। आने वाले दिनों में भी ऐसे ठिकानों की पहचान कर कार्रवाई जारी रखी जाएगी।

  • भोपाल के स्पा सेंटर में मिलीं युगांडा की दो महिलाएं, पासपोर्ट-वीजा नहीं दिखा सकीं, पुलिस ने संचालक पर दर्ज किया केस

    भोपाल के स्पा सेंटर में मिलीं युगांडा की दो महिलाएं, पासपोर्ट-वीजा नहीं दिखा सकीं, पुलिस ने संचालक पर दर्ज किया केस

    भोपाल । भोपाल में पुलिस की रूटीन चेकिंग के दौरान अयोध्या नगर स्थित एक स्पा सेंटर में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। शुक्रवार रात पुलिस ने थाई आरोमा वेलनेस सेंटर फैमिली सैलून एंड स्पा की जांच की तो वहां काम करने वाली युगांडा की दो महिलाएं पासपोर्ट और वीजा से जुड़े दस्तावेज पेश नहीं कर सकीं। इसके अलावा सेंटर में कार्यरत कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं कराया गया था। पुलिस ने इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए सेंटर संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फिलहाल दोनों विदेशी महिलाओं के भारत आने और यहां रहने से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    पुलिस के अनुसार 30 अक्टूबर की रात करीब आठ बजे अयोध्या नगर क्षेत्र में नियमित जांच के दौरान थाई आरोमा वेलनेस सेंटर का निरीक्षण किया गया। इस दौरान सेंटर के भीतर छह महिलाएं और एक पुरुष कर्मचारी मौजूद मिले। जांच के दौरान दो महिलाओं ने अपनी पहचान रशीम उर्फ मैसी और ईरीन उर्फ नीना के रूप में बताई। दोनों ने स्वयं को युगांडा का निवासी बताया। पुलिस ने जब उनसे भारत आने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि वे नौकरी की तलाश में भारत आई थीं।

    इसके बाद पुलिस ने दोनों महिलाओं से उनके पासपोर्ट और वीजा संबंधी दस्तावेज दिखाने को कहा। हालांकि वे मौके पर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकीं। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उनके भारत आगमन और यहां रहने की स्थिति से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी। विदेशी नागरिकों के मामले में उनकी पहचान और वैध दस्तावेजों की पुष्टि महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में पुलिस अब संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी जुटाकर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

    जांच के दौरान स्पा सेंटर में कर्मचारियों के पुलिस वेरिफिकेशन से जुड़ी अनियमितता भी सामने आई। सेंटर की मैनेजर पूजा नरवाड़े ने पुलिस को बताया कि वहां अन्य कर्मचारी भी काम करते हैं। हालांकि जांच के समय कर्मचारियों के पुलिस सत्यापन से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिले। पुलिस ने इस लापरवाही को निर्धारित निर्देशों का उल्लंघन माना है। इसी आधार पर सेंटर संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

    पुलिस के मुताबिक भोपाल पुलिस आयुक्त ने 15 सितंबर 2026 को स्पा सेंटर ब्यूटी पार्लर और अन्य संबंधित संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य करने का आदेश जारी किया था। इसका उद्देश्य ऐसे संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों की पहचान और पृष्ठभूमि का सत्यापन सुनिश्चित करना है। आदेश का पालन नहीं करने वाले संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। इसी व्यवस्था के तहत अयोध्या नगर स्थित स्पा सेंटर में मिली अनियमितताओं पर कार्रवाई की गई है।

    फिलहाल पुलिस दोनों विदेशी महिलाओं से जुड़े दस्तावेजों और भारत में उनके प्रवास की स्थिति की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि उनके पास आवश्यक दस्तावेज क्यों उपलब्ध नहीं थे और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है। साथ ही सेंटर में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों के पुलिस वेरिफिकेशन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। इस घटना के बाद स्पा सेंटर और अन्य व्यावसायिक संस्थानों में कर्मचारियों के सत्यापन की व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

  • रिटायर्ड IAS की हत्या के 26 दिन बाद भी फरार वरुण का सुराग नहीं, मोबाइल की सर्च हिस्ट्री और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही SIT

    रिटायर्ड IAS की हत्या के 26 दिन बाद भी फरार वरुण का सुराग नहीं, मोबाइल की सर्च हिस्ट्री और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही SIT


    भोपाल । भोपाल में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में फरार केयरटेकर वरुण कुमार को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस की जांच में उसके पुराने पारिवारिक विवादों और आक्रामक व्यवहार से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। जांच से जुड़े इनपुट के मुताबिक वरुण अपने पिता की दूसरी शादी से नाराज था और इस वजह से उन पर हमला भी कर चुका था। इसके अलावा पंजाब में रहने वाली अपनी नाबालिग गर्लफ्रेंड के साथ मारपीट के मामले में भी उसका नाम सामने आया है। हालांकि पुलिस के अनुसार इन पुराने विवादों का राकेश अग्रवाल की हत्या से सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है। फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस आरोपी की तलाश और हत्या से जुड़े सबूतों की पड़ताल पर है।

    राकेश अग्रवाल की हत्या 30 सितंबर को भोपाल के रातीबड़ इलाके के सूरज नगर स्थित उनके घर में हुई थी। वारदात के बाद से केयरटेकर वरुण कुमार फरार है। मामले में गठित विशेष जांच टीम यानी एसआईटी अब नए सिरे से जांच कर रही है। पुलिस अलग-अलग शहरों में आरोपी के संपर्कों और संभावित ठिकानों का पता लगाने में जुटी है। जांच के दौरान सामने आया है कि वरुण ग्वालियर आगरा दिल्ली और भोपाल जैसे शहरों में केयरटेकर के तौर पर काम कर चुका है। वह करीब छह साल से अपने परिवार से अलग रह रहा था। उसके परिजनों और करीबी लोगों से पूछताछ के दौरान पुराने विवादों और उसके व्यवहार से संबंधित जानकारियां मिली हैं।

    इस हत्याकांड की जांच में एक महत्वपूर्ण सुराग मृतक का मोबाइल फोन भी है। पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद वरुण राकेश अग्रवाल का मोबाइल अपने साथ ले गया था। क्राइम ब्रांच ने बाद में फोन बरामद कर लिया। जांच से जुड़े इनपुट के अनुसार आरोपी ने करीब दो दिन तक इस मोबाइल का इस्तेमाल किया था। अब पुलिस फोन की सर्च हिस्ट्री कॉल रिकॉर्ड मैसेज और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की पड़ताल कर रही है। जांच अधिकारियों को उम्मीद है कि इन डिजिटल साक्ष्यों से वारदात के बाद आरोपी की गतिविधियों और उसके संपर्क में रहे लोगों के बारे में जानकारी मिल सकती है।

    पुलिस ने वरुण की तलाश में कई जगहों पर जांच की है। उसकी आखिरी लोकेशन आगरा-वृंदावन रोड पर ट्रेस किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद से उसका कोई पुख्ता सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस पंजाब में रहने वाली उसकी बहन आगरा में उसके दोस्तों और ग्वालियर में रहने वाले पिता से भी पूछताछ कर चुकी है। अलग-अलग शहरों में उसके पुराने संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि फरारी के दौरान उसे मदद मिलने की संभावनाओं की जांच की जा सके।

    एसआईटी अब सीसीटीवी फुटेज और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों का दोबारा विश्लेषण कर रही है। वारदात के बाद आरोपी के भागने के रास्ते और उसकी गतिविधियों को समझने के लिए उपलब्ध फुटेज की जांच की जा रही है। पहले सामने आई जानकारी के अनुसार हत्या के बाद वरुण घर से निकलकर करीब दो किलोमीटर तक गया था और फिर ट्रेन से फरार होने की आशंका जताई गई थी। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों को अन्य तथ्यों से मिलाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।

    इस मामले में पुराने आर्थिक विवाद का पहलू भी जांच के दायरे में बताया गया है। सामने आई जानकारी के अनुसार राकेश अग्रवाल ने करीब 11 महीने पहले अपने पूर्व परिचित अजीत पाटनी के खिलाफ एक करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी को लेकर शिकायत की थी। पुलिस जांच में इस पहलू की क्या भूमिका है यह अभी स्पष्ट नहीं है। फिलहाल वरुण की गिरफ्तारी इस मामले की जांच के लिए अहम बनी हुई है। पुलिस के सामने चुनौती यह है कि फरार आरोपी का पता लगाकर हत्या के पीछे की परिस्थितियों और घटनाक्रम को साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट किया जाए।

  • भोपाल में कहां चल रहा था कच्ची शराब का धंधा, आधी रात छापे में टंकियों से मिला 1600 लीटर शराब का भंडार

    भोपाल में कहां चल रहा था कच्ची शराब का धंधा, आधी रात छापे में टंकियों से मिला 1600 लीटर शराब का भंडार

    भोपाल । राजधानी भोपाल में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग ने रविवार रात शहर के अलग अलग इलाकों में सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान होटल ढाबों और रेस्टोरेंट में दबिश देकर अवैध शराब जब्त की गई। विभाग की कार्रवाई में एक ही दिन में 30 से ज्यादा प्रकरण बनाए गए। सबसे चौंकाने वाला मामला ग्राम बगोनिया से सामने आया जहां टंकियों में पानी की जगह हाथ भट्टी से तैयार की गई शराब भरकर रखी गई थी। आबकारी टीम ने मौके से करीब 1600 लीटर हाथ भट्टी शराब और लहान जब्त किया।

    आबकारी विभाग की यह कार्रवाई उपायुक्त आबकारी केसी अग्निहोत्री और सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र कुमार धाकड़ के निर्देश पर की गई। कंट्रोलर वर्षा उइके ने कार्रवाई के लिए अलग अलग टीमें गठित की थीं। ये टीमें रविवार रात शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचीं और संदिग्ध स्थानों पर जांच शुरू की। अभियान का उद्देश्य अवैध शराब की बिक्री और परिवहन पर रोक लगाना था। कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर जांच की गई और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रकरण दर्ज किए गए।

    भीम नगर की झुग्गी बस्ती और टीला जमालपुरा क्षेत्र में भी आबकारी विभाग की टीम ने कार्रवाई की। सहायक जिला आबकारी अधिकारी शेखर लिखार ने भीम नगर क्षेत्र में जांच की जबकि सीमा कशीसिया की टीम ने टीला जमालपुरा में कार्रवाई की। इसी दौरान टीला जमालपुरा निवासी रमेश अडवाणी को ऑटो में देशी शराब ले जाते हुए पकड़ा गया। विभाग ने शराब के परिवहन से जुड़े मामले में कार्रवाई की।

    इस अभियान में ग्राम बगोनिया की कार्रवाई सबसे अहम रही। आबकारी उप निरीक्षक स्वाति बघेल ने टीम के साथ यहां दबिश दी। जांच के दौरान राहुल पिता प्रेम अहिरवार के पास से 1600 लीटर हाथ भट्टी शराब और लहान बरामद किया गया। जानकारी के मुताबिक शराब को टंकियों में भरकर रखा गया था। इतनी बड़ी मात्रा में शराब मिलने के बाद विभाग ने जब्ती की कार्रवाई की। हाथ भट्टी शराब के निर्माण और भंडारण से जुड़े इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की गई।

    आबकारी विभाग ने भोपाल इंदौर रोड पर संचालित होटलों में भी जांच की। सहायक जिला आबकारी अधिकारी प्रीति उइके की टीम ने बैरागढ़ क्षेत्र के होटल रौनक होटल पटेल दआर्क किंग्स क्लबक बाना और बिग चिल की जांच की। टीम ने यहां शराब से संबंधित नियमों का परीक्षण किया और कार्रवाई की। इसके अलावा एमपी नगर क्षेत्र में होटल दिल्ली दरबार होटल वाइड और होटल एवेन्यू सहित अरेरा कॉलोनी के कुसीन कल्चर में भी जांच की गई।

    शरद मिश्रा और उनकी टीम ने इन स्थानों पर कार्रवाई की। विभाग के मुताबिक होटल और रेस्टोरेंट में की गई जांच के दौरान 26 प्रकरण दर्ज किए गए। अन्य इलाकों में हुई कार्रवाई को मिलाकर एक ही दिन में 30 से ज्यादा केस बनाए गए। इस अभियान के जरिए आबकारी विभाग ने अवैध शराब के भंडारण परिवहन और बिक्री के मामलों पर निगरानी बढ़ाने का संकेत दिया है।

    भोपाल में देर रात हुई इस कार्रवाई के बाद अब अवैध शराब के कारोबार से जुड़े मामलों पर विभाग की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। बड़ी मात्रा में हाथ भट्टी शराब और लहान की बरामदगी ने ग्रामीण क्षेत्र में अवैध शराब तैयार करने और उसे जमा करके रखने के मामले को सामने ला दिया है। वहीं शहर के होटलों और ढाबों में जांच से शराब संबंधी नियमों के पालन पर भी ध्यान केंद्रित हुआ है। आबकारी विभाग का यह अभियान अवैध शराब के कारोबार पर नियंत्रण की दिशा में की गई कार्रवाई के रूप में सामने आया है।

  • बेटी की मौत से टूटे पिता का छलका दर्द, भोपाल में बच्ची की हत्या के बाद थाने का घेराव, परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

    बेटी की मौत से टूटे पिता का छलका दर्द, भोपाल में बच्ची की हत्या के बाद थाने का घेराव, परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप


    भोपाल । भोपाल के बैरागढ़ इलाके में 12 साल की बच्ची की हत्या के मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। रोजाना की तरह कबाड़ा बीनने के लिए घर से निकली बच्ची का शव अगले दिन एक खंडहर में मिला। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और इलाके के लोगों में भारी आक्रोश है। बच्ची के पिता आरोपी को कठोरतम सजा देने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे अपनी बेटी को बचा नहीं सके और अब चाहते हैं कि दोषी को ऐसी सजा मिले जिससे भविष्य में कोई इस तरह का अपराध करने की हिम्मत न करे। परिजनों ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं।
    परिवार के मुताबिक बच्ची 15 अक्टूबर की शाम करीब सात बजे घर से कबाड़ा बीनने के लिए निकली थी। इसी दौरान रास्ते में उसकी मुलाकात मोबिन नाम के युवक से हुई। परिजनों का आरोप है कि वह बच्ची को अपने साथ ले गया और इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटी। काफी देर तक बच्ची के नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। पिता का कहना है कि उसी रात करीब 11 से 12 बजे के बीच वे बैरागढ़ थाने पहुंचे और बच्ची के लापता होने की सूचना दी। परिवार का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी बच्ची की तलाश के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
    परिजन रातभर बच्ची को खोजते रहे और अगले दिन भी तलाश जारी रखी। 16 अक्टूबर की दोपहर एक अन्य बच्ची कचरा बीनने के लिए एक खंडहर में पहुंची तो वहां उसे लापता बच्ची का शव दिखाई दिया। इसके बाद परिवार और पुलिस को सूचना दी गई। शव मिलने की खबर फैलते ही इलाके में तनाव और आक्रोश बढ़ गया। परिवार के लिए यह खबर असहनीय थी क्योंकि वे पूरी रात अपनी बेटी को सुरक्षित वापस लाने की उम्मीद में तलाश कर रहे थे।
    बच्ची के पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के साथ गलत काम करने के बाद उसकी हत्या की गई। उनका यह भी दावा है कि सबूत छिपाने के लिए बच्ची के मुंह में कपड़ा ठूंसा गया और शव के ऊपर पुरानी अलमारी डालकर उसे कपड़े से ढक दिया गया। ये आरोप परिवार की ओर से लगाए गए हैं और मामले की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा। पिता आरोपी मोबिन को फांसी देने की मांग कर रहे हैं। गहरे दुख और गुस्से के बीच उन्होंने यह भी कहा कि यदि कानून दोषी को सजा नहीं दिला सकता तो आरोपी को उनके हवाले कर दिया जाए।
    परिवार के सदस्यों ने पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। बच्ची की बुआ का आरोप है कि मोहल्ले की एक बच्ची ने उनकी भतीजी को आखिरी बार मोबिन के साथ जाते हुए देखा था। इस जानकारी के आधार पर परिजनों को उस पर संदेह हुआ और उन्होंने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया। बुआ के मुताबिक पुलिस ने पूछताछ की लेकिन बच्ची के बारे में जानकारी होने से इनकार करने पर उसे छोड़ दिया गया। उनका दावा है कि शव मिलने के बाद आरोपी को दोबारा पकड़ा गया। परिजन चाहते हैं कि शुरुआती शिकायत पर हुई कार्रवाई की भी जांच हो और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
    घटना के बाद बैरागढ़ में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और थाने का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बनी और किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया। लोगों की मांग है कि बच्ची को न्याय मिले और मामले की निष्पक्ष जांच हो। परिवार का कहना है कि उनकी बेटी अब लौटकर नहीं आएगी लेकिन दोषियों को सजा मिलना जरूरी है। फिलहाल इस मामले में आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और पुलिस की कथित लापरवाही से जुड़े आरोप जांच के महत्वपूर्ण पहलू बने हुए हैं।

  • भोपाल में 12 साल की बच्ची की हत्या से उबाल, बैरागढ़ थाने में घुसने की कोशिश, लोगों की मांग आरोपी को हमारे हवाले करो

    भोपाल में 12 साल की बच्ची की हत्या से उबाल, बैरागढ़ थाने में घुसने की कोशिश, लोगों की मांग आरोपी को हमारे हवाले करो


    भोपाल। भोपाल के बैरागढ़ इलाके में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। शनिवार को बड़ी संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे और बैरागढ़ थाने का घेराव कर दिया। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को उनके हवाले करने या उसे फांसी देने की मांग की। इस दौरान कुछ लोगों ने थाने के अंदर घुसने का प्रयास भी किया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने थाने के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
    बच्ची की मौत की खबर सामने आने के बाद से ही क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है। प्रदर्शनकारी थाने के बाहर एकत्र हुए और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए नारे लगाए। उनका कहना था कि बच्ची के साथ हुई घटना बेहद गंभीर है और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को पुलिस के हवाले रखने के बजाय उन्हें सौंपने की मांग भी की। हालांकि कानून के तहत किसी भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई और सजा तय करने का अधिकार न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही होता है।
    प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने बैरागढ़ थाने में प्रवेश करने की कोशिश की। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने लोगों को थाने के भीतर जाने से रोक दिया। पुलिस की मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों को बाहर ही रोके रखा गया। घटना के बाद इलाके में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता कानून व्यवस्था बनाए रखना और मामले की जांच को आगे बढ़ाना है।
    जानकारी के मुताबिक बच्ची गुरुवार रात घर से निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश की। शुक्रवार को उसका शव बैरागढ़ क्षेत्र में कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे स्थित एक खंडहर में मिला। शव मिलने की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। बच्ची की हत्या की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने घटना पर नाराजगी जताई और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग शुरू कर दी।
    पुलिस ने मामले की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर 23 वर्षीय एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। शुरुआती पूछताछ में उसके अपराध स्वीकार करने की बात सामने आने की जानकारी दी गई है। हालांकि मामले में आरोपों की पुष्टि और दोष तय करने की प्रक्रिया जांच तथा न्यायालय के माध्यम से पूरी होगी।
    प्रदर्शन के दौरान लोगों ने बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। इस घटना ने क्षेत्र में गुस्से और भय का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की जांच कर रही है। वहीं प्रशासन के सामने कानून व्यवस्था बनाए रखने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की चुनौती है। लोगों की मांग है कि मामले में तेजी से कार्रवाई हो और दोषी को कानून के अनुसार सजा मिले।
  • बैरागढ़ में मासूम की हत्या पर उबाल, आरोपी को सख्त सजा दिलाने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी, मुख्य मार्ग पर लगा जाम

    बैरागढ़ में मासूम की हत्या पर उबाल, आरोपी को सख्त सजा दिलाने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी, मुख्य मार्ग पर लगा जाम


    भोपाल । भोपाल के बैरागढ़ इलाके में 12 साल की बच्ची की हत्या के मामले ने लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। शनिवार को बड़ी संख्या में लोग बैरागढ़ थाने के बाहर जमा हुए और आरोपी मोबिन को उनके हवाले करने के साथ उसे फांसी देने की मांग करने लगे। प्रदर्शन के दौरान लोगों का गुस्सा बढ़ता गया और कुछ प्रदर्शनकारियों ने थाने के भीतर जाने की कोशिश की। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने थाने के गेट बंद कर दिए और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। पुलिस अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने और हालात नियंत्रित करने में जुटे रहे।
    बच्ची की हत्या की खबर सामने आने के बाद से ही क्षेत्र में तनाव का माहौल है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मासूम के साथ हुई घटना बेहद गंभीर है और आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर लोग थाने के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान मुख्य मार्ग पर जाम लग गया जिससे आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाते हुए स्थिति पर नजर रखी। लोग आरोपी को उनके हवाले करने की मांग पर अड़े रहे जबकि पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की।
    जानकारी के मुताबिक बैरागढ़ क्षेत्र में रहने वाली 12 वर्षीय बच्ची गुरुवार रात घर से निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश की। शुक्रवार को बच्ची का शव कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे स्थित एक सुनसान खंडहर में मिला। शव मिलने की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई। बच्ची कबाड़ बीनने का काम करती थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आसपास के लोगों से पूछताछ की।
    जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। परिजनों से मिली जानकारी और अन्य शुरुआती तथ्यों के आधार पर 23 वर्षीय मोबिन को हिरासत में लिया गया। खबर के मुताबिक शुरुआती पूछताछ में उसके द्वारा अपराध स्वीकार करने की बात सामने आई है। हालांकि मामले में आरोपों की पुष्टि और अपराध से जुड़े तथ्यों को स्थापित करना पुलिस की जांच तथा कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। पुलिस साक्ष्य जुटाने और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में लगी है।
    घटना के बाद लोगों में बच्ची के लिए न्याय की मांग तेज हो गई है। शनिवार को थाने के बाहर जमा भीड़ ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने थाने के गेट तक पहुंचकर अंदर जाने का प्रयास किया। भीड़ की संख्या बढ़ने और तनाव की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया। अधिकारियों की कोशिश रही कि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो और कानून व्यवस्था कायम रहे।
    इस मामले में बच्ची के शव की बरामदगी के बाद सामने आई परिस्थितियों ने भी लोगों को विचलित किया है। शुरुआती खबरों के मुताबिक बच्ची के मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था और उसके शरीर पर चोट से जुड़े कुछ संकेत मिले थे। इन तथ्यों की विस्तृत पुष्टि जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकेगी। पुलिस के लिए अब जरूरी है कि घटना से जुड़े सभी साक्ष्य सुरक्षित किए जाएं और जांच को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाया जाए।
    बैरागढ़ में जारी प्रदर्शन के बीच लोगों की मांग है कि बच्ची को जल्द न्याय मिले और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। हालांकि किसी भी आरोपी को सजा देने का फैसला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही किया जा सकता है। फिलहाल पुलिस इलाके की स्थिति पर नजर रखे हुए है। इस संवेदनशील मामले में आगे की जांच और प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

  • दोस्त को आखिरी ऑडियो भेजकर फंदे पर झूला नेपाल का युवक, भोपाल में नाबालिग गर्लफ्रेंड के साथ मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

    दोस्त को आखिरी ऑडियो भेजकर फंदे पर झूला नेपाल का युवक, भोपाल में नाबालिग गर्लफ्रेंड के साथ मिला शव, जांच में जुटी पुलिस


    भोपाल । भोपाल की अरेरा कॉलोनी में एक युवक और नाबालिग लड़की की मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों के शव एक बंगले के सर्वेंट क्वार्टर में फंदे पर लटके मिले। मृतक युवक की उम्र 22 वर्ष बताई गई है और वह मूल रूप से नेपाल का रहने वाला था। वहीं उसके साथ मृत मिली लड़की 16 वर्ष की थी और हबीबगंज क्षेत्र की निवासी थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    पुलिस के मुताबिक युवक की पहचान अमन सारूमगर के रूप में हुई है। वह अरेरा कॉलोनी के ई-7 क्षेत्र में एक बंगले के सर्वेंट क्वार्टर में रहता था। उसकी मां उसी बंगले में खाना बनाने का काम करती थीं। अमन अपने पिता के साथ भोपाल में 11 नंबर क्षेत्र स्थित गणेश मंदिर के पास फास्ट फूड का ठेला भी लगाता था। परिवार में उसका एक बड़ा भाई और छोटी बहन हैं। बताया गया है कि करीब एक सप्ताह पहले उसका परिवार नेपाल गया था। परिवार के बाहर होने के कारण अमन घर में अकेला रह रहा था।

    घटना से पहले गुरुवार शाम अमन ने अपने दोस्त आर्यन से शराब लाने के लिए कहा था। दोस्त शराब पहुंचाने के बाद अपने कमरे पर लौट गया। रात करीब आठ बजे अमन ने उसे मोबाइल पर एक ऑडियो संदेश भेजा। इस संदेश में उसने दोस्त के प्रति आभार जताया और अलविदा कहा। संदेश सुनकर आर्यन को किसी अनहोनी की आशंका हुई और वह तुरंत अमन के कमरे पर पहुंचा। हालांकि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। जब उसने खिड़की से अंदर झांककर देखा तो अमन और लड़की फंदे पर लटके मिले। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।


    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अमन और लड़की की पहचान करीब एक साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और वे एक-दूसरे के करीब आ गए। लड़की दसवीं कक्षा में पढ़ती थी। वह अपने परिवार की इकलौती बेटी बताई गई है। उसके पिता कपड़े की दुकान पर सेल्समैन का काम करते हैं और परिवार में उसका एक बड़ा भाई भी है। दोनों की मौत की खबर मिलने के बाद परिवारों में शोक का माहौल है।

    पुलिस जांच के दौरान अमन के इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक प्रेगनेंसी टेस्ट किट की तस्वीर पोस्ट किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि इस तस्वीर का घटना से क्या संबंध है यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने फिलहाल इसे मौत की वजह घोषित नहीं किया है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

    जांच अधिकारी सी अजय दुबे के मुताबिक दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज की मॉर्च्यूरी में रखवाया गया है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ऑडियो संदेश सहित घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर किन परिस्थितियों में दोनों की मौत हुई। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।