Tag: Bhopal Crime News

  • बैरसिया रोड पर तेज रफ्तार ट्रक ने ली मैकेनिक की जान, पीछे से टक्कर के बाद दो ट्रकों के बीच फंसे प्यारे मियां

    बैरसिया रोड पर तेज रफ्तार ट्रक ने ली मैकेनिक की जान, पीछे से टक्कर के बाद दो ट्रकों के बीच फंसे प्यारे मियां


    भोपाल । भोपाल के ईंटखेड़ी इलाके में रविवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 54 वर्षीय फोर व्हील मैकेनिक की मौत हो गई। प्यारे मियां रोज की तरह अपने परिवार के साथ लांबाखेड़ा स्थित घर पर थे और रात करीब 8 बजे दूध लेने के लिए चौरसिया ढाबे की तरफ निकले थे। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि घर से कुछ दूरी पर हुआ एक सड़क हादसा उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। ढाबे के पास पहुंचते ही पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे एक ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वे संभल भी नहीं सके और ट्रक के आगे बढ़ने के साथ ही सामने खड़े दूसरे ट्रक की चपेट में आ गए।

    बताया जा रहा है कि सड़क पर पहले से एक ट्रक खड़ा हुआ था। पीछे से आ रहे ट्रक ने प्यारे मियां को टक्कर मारने के बाद आगे खड़े ट्रक को भी टक्कर मार दी। इस दौरान प्यारे मियां दोनों भारी वाहनों के बीच फंस गए। हादसा इतना भीषण था कि उन्हें बचने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई। हादसे की जानकारी तत्काल पुलिस को दी गई।

    सूचना मिलते ही ईंटखेड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। सोमवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। प्यारे मियां के अचानक चले जाने से परिजन सदमे में हैं।

    पुलिस के मुताबिक हादसे के बाद ट्रक चालक मौके पर वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस अब ट्रक को कब्जे में लेकर चालक की तलाश कर रही है। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ के साथ हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ट्रक की रफ्तार कितनी थी और सड़क पर खड़े दूसरे ट्रक की स्थिति क्या थी।

    बैरसिया रोड और आसपास के इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में सड़क पर खड़े वाहनों और तेज रफ्तार ट्रकों के कारण हादसों का खतरा बढ़ जाता है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की रफ्तार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। रात के समय सड़क पर पर्याप्त सावधानी नहीं बरतने और वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी नहीं होने की स्थिति कितनी खतरनाक हो सकती है इसका दर्दनाक उदाहरण यह हादसा बन गया है।

    फिलहाल ईंटखेड़ी थाना पुलिस फरार ट्रक चालक की तलाश में जुटी है। पुलिस हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। वहीं पोस्टमार्टम के बाद प्यारे मियां का शव परिजनों को सौंप दिया गया है। परिवार के लिए यह हादसा अचानक आई ऐसी त्रासदी है जिसने कुछ ही देर में एक सामान्य रात को मातम में बदल दिया।

  • आयुष्मान क्लेम में बड़ा खेल सामने आया, कहीं ओवर डायग्नोसिस तो कहीं टेलीफोन पर इलाज; भोपाल के 3 अस्पतालों पर कार्रवाई

    आयुष्मान क्लेम में बड़ा खेल सामने आया, कहीं ओवर डायग्नोसिस तो कहीं टेलीफोन पर इलाज; भोपाल के 3 अस्पतालों पर कार्रवाई


    भोपाल भोपाल में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज में कथित गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। आयुष्मान योजना की टीम ने शहर के तीन निजी अस्पतालों में औचक निरीक्षण कर कई अनियमितताएं पकड़ी हैं। जांच के बाद तीनों अस्पतालों को तत्काल प्रभाव से आयुष्मान योजना से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर 10 दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। अब इन अस्पतालों में पहले इलाज करा चुके मरीजों के रिकॉर्ड और आयुष्मान क्लेम की भी जांच की जाएगी।

    आयुष्मान भारत के अधिकारियों और विभागीय टीम ने यश्वी मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल सूर्यांश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और मारुति मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान सबसे गंभीर मामला मरीजों को दूसरे जिलों से बड़ी संख्या में भोपाल बुलाकर भर्ती करने का सामने आया। यश्वी अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि सिंगरौली और दूसरे जिलों के गांवों से मरीजों को एक साथ बड़ी संख्या में भोपाल लाया गया था। उन्हें मुफ्त इलाज का भरोसा देकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच टीम ने 30 मरीजों के रिकॉर्ड खंगाले जिनमें करीब 20 मरीज दूसरे जिलों के पाए गए।

    आयुष्मान योजना के अधिकारियों ने माना कि मामले की पूरी तस्वीर पुराने रिकॉर्ड की जांच के बाद ही साफ होगी। इसी वजह से तीनों अस्पतालों के पहले के आयुष्मान क्लेम का डेस्क ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए हैं। पुराने मरीजों से भी संपर्क कर यह पता लगाया जाएगा कि उन्हें किस बीमारी के लिए भर्ती किया गया था उनका वास्तविक इलाज क्या हुआ और अस्पताल में कितने दिन रखा गया। मरीजों के बयान और अस्पताल के दस्तावेजों का मिलान किया जाएगा।

    जांच के दौरान एक मरीज के मामले ने भी सवाल खड़े किए। ब्रजनारायण नाम के मरीज को पेट में दर्द की शिकायत थी। अस्पताल की फाइल में उन्हें गंभीर संक्रमण ब्लड प्रेशर गिरने और अंगों पर असर जैसी स्थिति बताते हुए 8 से 11 अगस्त तक आईसीयू में भर्ती दिखाया गया। लेकिन 11 अगस्त की सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर उन्हें अस्पताल के बाहर देखा गया। बाद में रात 9 बजकर 36 मिनट पर वह आईसीयू वार्ड में दूसरे मरीजों के साथ बातचीत करते नजर आए। इस मामले ने आईसीयू में भर्ती दिखाकर किए गए क्लेम की वास्तविकता पर सवाल खड़े किए हैं।

    मारुति मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल की जांच में भी आईसीयू में भर्ती मरीजों के मामलों में ओवर डायग्नोसिस की आशंका सामने आई। जांच टीम को वहां मरीजों का इलाज करते हुए BAMS डॉक्टर भी मिले। अधिकारियों ने ऐसे मामलों के रिकॉर्ड की जांच करने और यह पता लगाने के निर्देश दिए हैं कि मरीजों को जिस गंभीर स्थिति में भर्ती दिखाया गया था वह चिकित्सकीय रूप से वास्तव में सही थी या नहीं।

    सूर्यांश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की जांच में भी गंभीर अनियमितता सामने आई। रिकॉर्ड में जिन डॉक्टरों के नाम मरीजों के इलाज से जुड़े थे वे मौके पर मरीजों का इलाज करते नहीं मिले। जांच के दौरान टेलीफोन पर इलाज किए जाने की बात भी सामने आई। अब अस्पताल के रिकॉर्ड में दर्ज डॉक्टरों की भूमिका और मरीजों के इलाज से जुड़े दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जाएगी।

    आयुष्मान योजना के सीईओ अरविंद कुमार शाह के मुताबिक तीनों अस्पतालों में तत्काल प्रभाव से नए आयुष्मान मरीजों की भर्ती पर रोक लगा दी गई है। पुराने मरीजों के क्लेम का भी ऑडिट किया जाएगा। अस्पतालों से जवाब मिलने और जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

    इस कार्रवाई के बाद आयुष्मान योजना से जुड़े दूसरे अस्पतालों पर भी जांच की नजर रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि यदि कहीं मरीजों को अनावश्यक रूप से भर्ती करने फर्जी या बढ़े हुए क्लेम लगाने अथवा इलाज की स्थिति को गलत तरीके से दर्ज करने जैसी गड़बड़ी मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल तीन अस्पतालों पर हुई कार्रवाई ने आयुष्मान योजना के नाम पर होने वाले संभावित फर्जीवाड़े को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • पत्नी से कहासुनी के बाद कमरे में गया था विनोद, कुछ देर बाद फंदे पर मिला शव; भोपाल के कृषक नगर में सनसनी

    पत्नी से कहासुनी के बाद कमरे में गया था विनोद, कुछ देर बाद फंदे पर मिला शव; भोपाल के कृषक नगर में सनसनी


    भोपाल । भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक दर्दनाक घटना सामने आई। कृषक नगर में रहने वाले 55 वर्षीय लोडिंग ऑटो चालक विनोद कुशवाहा ने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से कुछ देर पहले ही विनोद शराब के नशे में घर पहुंचा था। पत्नी ने उसके शराब पीकर आने का विरोध किया तो दोनों के बीच विवाद हो गया। कहासुनी के बाद विनोद अपने कमरे में चला गया। कुछ देर बाद जब परिजनों ने कमरे में जाकर देखा तो वह फंदे पर लटका मिला। घटना के बाद परिवार में चीख पुकार मच गई। सूचना मिलने पर निशातपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम किया। पुलिस अब आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजहों का पता लगाने में जुटी है।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान विनोद कुशवाहा पिता लालूराम कुशवाहा के रूप में हुई है। वह निशातपुरा के कृषक नगर में अपने परिवार के साथ रहता था और लोडिंग ऑटो चलाकर परिवार की जिम्मेदारियां संभालता था। उसके परिवार में पत्नी एक बेटा और दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि विनोद लंबे समय से शराब का सेवन करता था। शराब पीने के बाद उसका व्यवहार कई बार बदल जाता था और घर में पत्नी तथा बच्चों के साथ विवाद की स्थिति बन जाती थी।

    परिजनों के मुताबिक परिवार के लोग विनोद को शराब छोड़ने के लिए लगातार समझाते थे। पत्नी और बच्चों की ओर से उसे शराब से दूर रहने की सलाह दी जाती थी लेकिन वह कई बार इस बात पर नाराज हो जाता था। शराब छोड़ने की बात को लेकर भी घर में कहासुनी होने की जानकारी पुलिस को दी गई है। रविवार देर रात भी विनोद शराब के नशे में घर पहुंचा। पत्नी ने जब शराब पीकर आने पर आपत्ति जताई तो दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद के बाद विनोद अपने कमरे में चला गया और परिवार के लोग भी कुछ देर बाद शांत हो गए।

    कुछ समय बीतने के बाद परिजनों को विनोद की कोई गतिविधि नजर नहीं आई। जब उन्होंने कमरे में जाकर देखा तो उनके होश उड़ गए। विनोद फंदे पर लटका हुआ था। परिजनों ने उसे बचाने की कोशिश की और तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही परिवार के सदस्यों से पूछताछ शुरू कर दी है।

    फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी में पत्नी से विवाद और शराब की लत को घटना से जोड़कर देखा जा रहा है लेकिन पुलिस का कहना है कि वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।

    विनोद की मौत से परिवार सदमे में है। एक ओर घर के मुखिया की अचानक मौत से परिजन टूट गए हैं तो दूसरी ओर इस घटना ने शराब की लत से पैदा होने वाले पारिवारिक तनाव और उसके गंभीर परिणामों को भी सामने ला दिया है। फिलहाल निशातपुरा पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

  • करोड़ों कमाने के लालच में खौफनाक साजिश! 17 वर्षीय किशोर की हत्या मामले में 20 साल का युवक और तीन नाबालिग पकड़े गए

    करोड़ों कमाने के लालच में खौफनाक साजिश! 17 वर्षीय किशोर की हत्या मामले में 20 साल का युवक और तीन नाबालिग पकड़े गए


    भोपाल । भोपाल में 17 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक एक कथित फर्जी डॉक्टर ने करोड़ों रुपये कमाने का लालच देकर किशोर की हत्या की साजिश रची और इस वारदात को अंजाम देने के लिए तीन नाबालिगों समेत अन्य आरोपियों का इस्तेमाल किया। मामले में 20 वर्षीय जोहेब खान 18 वर्षीय आमिर कुरैशी और तीन विधि-विरुद्ध बालकों को पकड़ा गया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में और कौन लोग शामिल थे।

    पुलिस के अनुसार मृतक किशोर इकबाल मैदान और मोती मस्जिद इलाके में पेन तथा चाबी के छल्ले बेचता था। उसकी मां मजदूर नगर स्थित सुलभ कॉम्प्लेक्स में सफाई का काम करती है। आरोपियों ने करीब एक महीने पहले किशोर से दोस्ती की थी। पुलिस का कहना है कि इसी दोस्ती का फायदा उठाकर उसे वारदात वाली जगह तक ले जाने की योजना बनाई गई।

    बताया गया कि 6 अगस्त को दो नाबालिग किशोर के पास पहुंचे और उसे खट्टापुरा के पास कुछ लड़कों से विवाद होने की बात बताई। उन्होंने किशोर से अपने साथ चलने को कहा और बदले में पैसे देने का लालच दिया। पुलिस के मुताबिक किशोर उनके साथ चला गया। रास्ते में एक और नाबालिग उनके साथ जुड़ गया। इसके बाद वे किशोर को गिन्नौरी और किलोल पार्क होते हुए छोटे तालाब के धोबीघाट की तरफ ले गए।

    पुलिस के अनुसार इस दौरान मुख्य आरोपी जोहेब मोबाइल फोन के जरिए आरोपियों के संपर्क में था। सुनसान जगह पहुंचने के बाद आरोपियों ने किशोर पर हमला कर दिया। पुलिस का दावा है कि इसके बाद उस पर चाकू से वार किए गए जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर वीडियो कॉल के जरिए जोहेब से संपर्क किया और आगे के निर्देश लिए।

    पुलिस पूछताछ में सामने आया कि जोहेब खुद को डॉक्टर बताता था। पुलिस के मुताबिक उसने अपने साथियों को एक वीडियो दिखाकर किशोर के शरीर के एक अंग के बदले बड़ी रकम मिलने का लालच दिया था। इसी कथित लालच को वारदात की मुख्य वजह बताया जा रहा है। पुलिस अब इस दावे की भी जांच कर रही है कि वास्तव में इस तरह के किसी सौदे की योजना थी या आरोपियों को किसी अन्य मकसद से गुमराह किया गया था।

    श्यामला हिल्स पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू और मृतक का मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस मोबाइल फोन की जांच कर रही है ताकि हत्या से पहले और बाद में हुई बातचीत की जानकारी सामने आ सके। आरोपियों के मोबाइल फोन और संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस उनके बयानों का मिलान घटनास्थल से मिले साक्ष्यों पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच सामग्री से कर रही है।

    पुलिस को 10 अगस्त को किशोर का शव मिला था। पहचान नहीं होने के कारण शव को दफना दिया गया था। बाद में कपड़ों चप्पलों और हाथ पर बने निशान के आधार पर परिजनों ने उसकी पहचान की। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई और अब शव को कब्र से निकालकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की कार्रवाई की जा रही है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हत्या की पूरी साजिश उसके पीछे की वजह और संभावित अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश जारी है। मामले में सामने आए आरोप पुलिस जांच का हिस्सा हैं और अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • भोपाल में कानून के रखवालों की शर्मनाक करतूत: मासूम छात्रा को बंधक बनाकर SAF जवान ने किया रेप, साथी आरक्षक बाहर देता रहा पहरा

    भोपाल में कानून के रखवालों की शर्मनाक करतूत: मासूम छात्रा को बंधक बनाकर SAF जवान ने किया रेप, साथी आरक्षक बाहर देता रहा पहरा


    भोपाल । राजधानी भोपाल में कानून की रक्षा का दम भरने वाली पुलिस की साख को बट्टा लगाने वाला एक बेहद सनसनीखेज और शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ विशेष सशस्त्र बल (SAF) में तैनात दो जवानों ने हैवानियत और आपराधिक साजिश की सारी हदें पार करते हुए एक 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा को अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया। वारदात को अंजाम देने के लिए मुख्य आरोपी आरक्षक ने अपनी ही बेटी के जन्मदिन की पार्टी का झांसा देकर छात्रा का भरोसा जीता और फिर उसे बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। हैरान करने वाली बात यह है कि इस घिनौने कृत्य में उसका साथी पुलिसकर्मी भी बराबर का साझेदार रहा, जो वारदात के दौरान अपने 3-4 साल के मासूम बेटे को साथ लेकर घर के बाहर पहरा देता रहा ताकि किसी को शक न हो। पीड़िता की आपबीती सुनने के बाद हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया है।

    मिली जानकारी के मुताबिक मुख्य आरोपी संतोष सेन धार में आरक्षक के पद पर पदस्थ है और पीड़िता का पड़ोसी भी है। बीते 22 जुलाई की शाम आरोपी संतोष ने एक परिचित महिला के मोबाइल से किशोरी को फोन किया और अपनी बेटी के जन्मदिन का हवाला देते हुए उसे लाल परेड मैदान के पास मिलने के लिए बुलाया। मासूम छात्रा पड़ोसी पर भरोसा करके शाम करीब 6:30 बजे तय जगह पर पहुँच गई। वहाँ संतोष सेन अपने साथी आरक्षक जितेंद्र राजपूत के साथ कार में मौजूद था, जो ग्वालियर में पदस्थ है। जितेंद्र की कार में उसका छोटा बेटा भी बैठा हुआ था। आरोपी संतोष ने बेहद चालाकी से छात्रा का विश्वास हासिल किया और उसे झांसा देकर एमपी नगर स्थित एक मकान में ले गया।

    मकान में पहुँचते ही मुख्य आरोपी संतोष ने कमरा अंदर से बंद कर लिया और छात्रा को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान साथी आरक्षक जितेंद्र राजपूत अपने मासूम बच्चे के साथ बाहर खड़ा होकर पहरा देता रहा ताकि कोई अचानक वहाँ न आ पहुँचे। हैवानियत का शिकार होने के बाद जब पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुँची, तो उसने अपने परिजनों को इस खौफनाक घटना की पूरी जानकारी दी। परिजनों के होश उड़ गए और वे तुरंत पीड़िता को लेकर कमला नगर थाने पहुँचे।

    घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए कमला नगर थाने में तुरंत जीरो एफआईआर दर्ज की गई, जिसके बाद मामले को जहांगीराबाद थाने स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपी जवानों को हिरासत में लिया और गहन पूछताछ के बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत कड़ा मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और पीड़िता के बयानों के आधार पर निष्पक्ष व कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

  • राजधानी में विधायक का सरकारी बंगला भी नहीं सुरक्षित, चोरों ने की बड़ी वारदात

    राजधानी में विधायक का सरकारी बंगला भी नहीं सुरक्षित, चोरों ने की बड़ी वारदात


    मध्यप्रदेश । राजधानी भोपाल में विधायकों के सरकारी आवासों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। मऊगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रदीप पटेल के सरकारी रेस्ट हाउस स्थित कमरे में अज्ञात चोरों ने सेंध लगाकर लैपटॉप, नकदी, एटीएम कार्ड, पेन ड्राइव, घड़ी और विधानसभा से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी कर लिए। घटना अरेरा हिल्स थाना क्षेत्र में स्थित विधायक रेस्ट हाउस की है, जहां सुरक्षा व्यवस्था के बीच दिनदहाड़े चोरी होने से हड़कंप मच गया।

    जानकारी के अनुसार विधायक प्रदीप पटेल के निजी सहायक (पीए) डॉ. रामानंद पटेल 7 जून को मऊगंज से भोपाल आए थे। वे विधायक रेस्ट हाउस के खंड-3 स्थित कमरा नंबर-74 में ठहरे हुए थे। डॉ. पटेल ने पुलिस को बताया कि सुबह करीब 10:30 बजे वे कमरे को बाहर से बंद कर पानी लेने गए थे। इसके बाद वे अपने एक परिचित के कमरा नंबर-39 में बैठकर बातचीत करने लगे।

    करीब दो घंटे बाद जब वे दोपहर लगभग 12:30 बजे अपने कमरे में लौटे तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गए। कमरे में रखा उनका लैपटॉप गायब था और अलमारी का ताला टूटा हुआ मिला। जांच करने पर पता चला कि चोर अलमारी में रखे बैग से कई महत्वपूर्ण सामान भी ले गए हैं।

    चोरी हुए सामान में करीब 25 हजार रुपए कीमत का लैपटॉप, दो एटीएम कार्ड, नकदी, पेन ड्राइव, टाइटन और टाइमेक्स ब्रांड की घड़ियां तथा अन्य निजी दस्तावेज शामिल हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि लैपटॉप और पेन ड्राइव में विधानसभा कार्य से संबंधित महत्वपूर्ण डेटा और दस्तावेज सुरक्षित थे। ऐसे में यह मामला केवल सामान्य चोरी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि संवेदनशील सरकारी जानकारी के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    घटना के बाद विधायक रेस्ट हाउस की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल उठने लगे हैं। जिस परिसर में जनप्रतिनिधियों और उनके स्टाफ का आना-जाना रहता है तथा जहां सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षाकृत अधिक सख्त मानी जाती है, वहां दिन के समय चोरी की घटना होना प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

    पीड़ित की शिकायत के आधार पर अरेरा हिल्स थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस अब रेस्ट हाउस और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर जल्द आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

    फिलहाल पुलिस चोरी हुए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की बरामदगी के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। घटना ने एक बार फिर सरकारी परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता को लेकर बहस छेड़ दी है।

  • भोपाल में संदिग्ध हालात में केमिस्ट की मौत, घर में मिली लाश; हाथ पर फफोले और सिर में चोट के निशान

    भोपाल में संदिग्ध हालात में केमिस्ट की मौत, घर में मिली लाश; हाथ पर फफोले और सिर में चोट के निशान


    भोपाल। Bhopal के कजलीखेड़ा थाना क्षेत्र में रहने वाले एक केमिस्ट की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सोमवार तड़के उसका शव घर में मिला। परिजनों ने शरीर पर चोट के निशान और हाथों पर जलने जैसे फफोले मिलने के कारण हत्या की आशंका जताई है।पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान Padam Solanki (42) पुत्र रमेशचंद सोलंकी के रूप में हुई है। वह गेहूंखेड़ा इलाके में अकेले रहते थे और Arera Colony स्थित एक अस्पताल के मेडिकल स्टोर में काम करते थे।

    शरीर पर मिले चोट के निशान
    परिजनों का आरोप है कि मृतक के सिर में चोट, हाथों पर फफोले और पीठ पर नील के निशान मिले हैं। इस कारण उन्होंने मामले में हत्या की आशंका जताई है।

    पत्नी से अलग रह रहे थे
    पुलिस के मुताबिक पदम सोलंकी की पत्नी और दो बेटे करीब एक साल से उनसे अलग रह रहे थे। इस कारण वह मानसिक तनाव में थे और शराब का सेवन भी करने लगे थे।

    भतीजे ने लगाए आरोप
    मृतक के भतीजे Mahendra Solanki ने आरोप लगाया कि चाचा और चाची के बीच अक्सर विवाद होता था। उनका दावा है कि चाची किसी अन्य युवक के प्रभाव में आकर अलग रहने लगी थीं और बच्चों को भी साथ ले गई थीं।

    पुलिस कर रही जांच
    पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा होगा और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

    भोपाल के कजलीखेड़ा इलाके में एक केमिस्ट की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शरीर पर चोट और फफोले मिलने से परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है, जबकि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

  • भोपाल में सनसनी: हमीदिया अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर फायरिंग, घायल का पीछा करते पहुंचे बदमाश

    भोपाल में सनसनी: हमीदिया अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर फायरिंग, घायल का पीछा करते पहुंचे बदमाश


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अपराधियों के बढ़ते हौसलों का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालहमीदिया अस्पताल के इमरजेंसी गेट के पास बदमाशों ने फायरिंग कर सनसनी फैला दी। बताया जा रहा है कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपी ने पहले एक बदमाश के घर में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं और जब घायल को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया तो उसका पीछा करते हुए यहां भी फायरिंग कर दी।

    जानकारी के अनुसार अशोका गार्डन इलाके में रहने वाले पुराने बदमाश लल्लू रईस के घर पर शनिवार को अचानक बदमाशों ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी शादाब अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा और घर में घुसकर करीब 8 से 9 राउंड फायरिंग कर दी। इस हमले में लल्लू रईस का बेटा इमरान गंभीर रूप से घायल हो गया। गोली उसके पैर में लगी जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा।

    फायरिंग की घटना के बाद इलाके में अफरा तफरी मच गई। परिजन और आसपास के लोग तुरंत घायल इमरान को इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। आरोप है कि हमलावर बदमाशों ने घायल का पीछा करते हुए अस्पताल तक पहुंचकर इमरजेंसी गेट के पास फिर से फायरिंग कर दी। अस्पताल परिसर में गोली चलने की खबर फैलते ही वहां मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अस्पताल के बाहर अचानक गोलियों की आवाज सुनाई दी जिससे कुछ समय के लिए अफरा तफरी का माहौल बन गया। अस्पताल परिसर में मौजूद सुरक्षा कर्मियों और लोगों ने तत्काल स्थिति को संभालने की कोशिश की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और आसपास के इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया।

    प्राथमिक जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपी और लल्लू रईस के बीच पहले से विवाद चल रहा था जिसके चलते यह हमला किया गया। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

    घायल इमरान का इलाज अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल परिसर में फायरिंग जैसी गंभीर घटना को लेकर सख्ती से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

    राजधानी भोपाल के बीचोंबीच अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के सबसे बड़े अस्पताल में इस तरह खुलेआम फायरिंग की घटना से लोगों में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है।