Tag: Bhopal IAS Murder

  • राकेश अग्रवाल हत्याकांड में फरार वरुण की तलाश तेज, आगरा से वृंदावन पहुंचा आरोपी, 50 हजार का इनाम और 12 टीमें पीछे

    राकेश अग्रवाल हत्याकांड में फरार वरुण की तलाश तेज, आगरा से वृंदावन पहुंचा आरोपी, 50 हजार का इनाम और 12 टीमें पीछे


    भोपाल । भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में फरार केयरटेकर वरुण कुमार की तलाश लगातार तेज होती जा रही है। पुलिस की जांच में वरुण की ताजा लोकेशन उत्तर प्रदेश के वृंदावन में मिली है। यह जगह भोपाल से करीब 612 किलोमीटर दूर है। इससे पहले उसकी लोकेशन आगरा और आगरा से वृंदावन जाने वाले रास्ते पर ट्रेस हुई थी। पुलिस अब CCTV फुटेज और तकनीकी लोकेशन के आधार पर उसके पूरे रूट को जोड़ने की कोशिश कर रही है।

    जांच में सामने आए नए CCTV फुटेज में वरुण बाइक से स्टेशन के आसपास जाता दिखाई दे रहा है। पुलिस के मुताबिक स्टेशन तक पहुंचने के लिए उसने दो अलग-अलग वाहनों का इस्तेमाल किया था। इससे पहले सामने आए फुटेज में वह पैदल जाता हुआ भी दिखाई दिया था। पुलिस को शक है कि वारदात के बाद वरुण लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है ताकि पुलिस की पकड़ से बच सके।

    पुलिस के अनुसार पिछले 24 घंटे में वरुण की गतिविधियां आगरा वृंदावन रोड और आसपास के इलाकों में सामने आई हैं। टीमों ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी लेकिन वह पुलिस के पहुंचने से पहले ही वहां से निकल गया। वह किसी एक स्थान पर ज्यादा देर नहीं रुक रहा है और यात्री वाहनों का इस्तेमाल कर लगातार जगह बदल रहा है। यही वजह है कि उसकी सटीक लोकेशन तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।

    वरुण की तलाश के लिए मध्यप्रदेश समेत पांच राज्यों में पुलिस की 12 टीमें लगाई गई हैं। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। पुलिस उसके पुराने संपर्कों और संभावित मददगारों की जानकारी भी जुटा रही है। इसी सिलसिले में भोपाल पुलिस की एक टीम पटियाला पहुंची थी। वहां वरुण की बहन से पूछताछ कर उसके संपर्क और संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई गई। पुलिस के मुताबिक परिवार से भी लंबे समय से उसका संपर्क नहीं था।

    जांच में एक अहम जानकारी यह भी सामने आई है कि हत्या के बाद वरुण राकेश अग्रवाल का मोबाइल अपने साथ लेकर गया था। आगरा पहुंचने के बाद उसने यह मोबाइल एक परिचित को दे दिया था। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल की गतिविधियों और वरुण से जुड़ी तकनीकी जानकारी खंगाली। इसी आधार पर उसकी गतिविधियों का ट्रेल आगरा और मथुरा क्षेत्र तक पहुंचा।

    राकेश अग्रवाल की 30 सितंबर की रात भोपाल के सूरज नगर स्थित घर में गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया था कि हत्या धारदार सर्जिकल ब्लेड से की गई। वारदात के बाद से ही उनका केयरटेकर वरुण फरार है। अब पुलिस CCTV फुटेज तकनीकी लोकेशन और उसके संपर्कों को जोड़कर यह पता लगाने में जुटी है कि वृंदावन से आगे वह किस दिशा में गया है। पुलिस का फोकस उसे जल्द पकड़ने के साथ हत्या के पीछे की पूरी वजह सामने लाने पर भी है।

  • IAS मर्डर केस में वरुण पर शिकंजा कसने की तैयारी, 5 राज्यों में छापेमारी, रेलवे स्टेशन से दिल्ली जाने का सुराग तलाश रही पुलिस

    IAS मर्डर केस में वरुण पर शिकंजा कसने की तैयारी, 5 राज्यों में छापेमारी, रेलवे स्टेशन से दिल्ली जाने का सुराग तलाश रही पुलिस


    भोपाल। भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। वारदात के बाद फरार चल रहे उनके केयरटेकर वरुण कुमार की तलाश में पुलिस ने अब बड़ा कदम उठाते हुए उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। आरोपी घटना के बाद से पुलिस की पकड़ से बाहर है और उसे गिरफ्तार करने के लिए मध्यप्रदेश समेत पांच राज्यों में पुलिस की करीब 12 टीमें लगातार काम कर रही हैं। जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है वैसे वैसे आरोपी के भागने और संभावित ठिकानों से जुड़े नए सुराग सामने आ रहे हैं।

    पुलिस के अनुसार वरुण कुमार की तलाश मध्यप्रदेश के अलावा पंजाब हरियाणा उत्तरप्रदेश और दिल्ली में की जा रही है। पुलिस की अलग अलग टीमें उसके रिश्तेदारों परिचितों और संभावित संपर्कों से जुड़े ठिकानों पर पहुंचकर जानकारी जुटा रही हैं। कुछ स्थानों पर परिजनों से पूछताछ भी की जा चुकी है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है और गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने परिचितों के संपर्क का सहारा ले सकता है।

    आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने अब तकनीकी जांच को भी तेज कर दिया है। उसकी मोबाइल गतिविधियों और डिजिटल फुटप्रिंट की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात के बाद उसने किन लोगों से संपर्क किया और किन स्थानों पर उसकी मौजूदगी रही। इसके साथ ही घटना के बाद उसके आने जाने के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज को जोड़कर आरोपी की गतिविधियों की पूरी कड़ी तैयार की जा सकेगी।

    जांच में एक महत्वपूर्ण जानकारी यह सामने आई है कि वारदात के बाद वरुण भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंचा था। इसके बाद उसके ट्रेन से दिल्ली की ओर जाने की जानकारी पुलिस को मिली है। इसी सुराग के आधार पर पुलिस की टीमें दिल्ली और आसपास के इलाकों के साथ दूसरे राज्यों में भी संभावित ठिकानों पर नजर रख रही हैं। पुलिस उसके संपर्कों की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि भोपाल से निकलने के बाद उसे किसने मदद दी या किन लोगों के संपर्क में वह रहा।

    राकेश अग्रवाल की हत्या ने भोपाल में सनसनी फैला दी थी। बुधवार सुबह सूरजनगर स्थित उनके घर में उनका शव कमरे के अंदर जमीन पर मिला था। शुरुआती जांच में उनके गले पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के निशान मिले थे। घर के अंदर अलमारी के लॉक टूटे हुए पाए गए थे जिससे पुलिस ने लूट की आशंका को भी जांच के दायरे में रखा। इसके अलावा किचन में LPG सिलेंडर का पाइप निकला हुआ मिला था। इससे पूरे घर में गैस भर गई थी और पुलिस को आशंका है कि वारदात के बाद आग लगाने की साजिश भी की गई हो सकती है।

    अब पुलिस इस पूरे मामले में हत्या के पीछे की वजह और आरोपी की भूमिका को लेकर अलग अलग पहलुओं की जांच कर रही है। फरार केयरटेकर पर इनाम घोषित होने के बाद उसकी तलाश और तेज होने की उम्मीद है। पांच राज्यों में फैली पुलिस टीमों के साथ तकनीकी विशेषज्ञ भी आरोपी के मोबाइल और डिजिटल गतिविधियों से जुड़े सुराग तलाश रहे हैं। पुलिस का फोकस अब वरुण को जल्द गिरफ्तार करने के साथ वारदात की पूरी कड़ी सामने लाने पर है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और घटना को अंजाम देने के बाद फरार होने में उसे किस स्तर पर मदद मिली।

  • भोपाल IAS मर्डर केस में बड़ा खुलासा, बैग और झोला लेकर निकला आरोपी, दिल्ली रूट की ट्रेन में सवार होकर हुआ गायब

    भोपाल IAS मर्डर केस में बड़ा खुलासा, बैग और झोला लेकर निकला आरोपी, दिल्ली रूट की ट्रेन में सवार होकर हुआ गायब


    भोपाल । भोपाल में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरज नगर स्थित उनके घर में हुई इस वारदात के बाद से केयरटेकर वरुण कुमार फरार है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से उसके भागने का संभावित रास्ता पता लगाया है। आरोपी की तलाश में मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश दिल्ली और पंजाब में पुलिस की कई टीमें जुटी हुई हैं। खबर के मुताबिक इस अभियान में 100 से अधिक पुलिसकर्मियों को लगाया गया है।

    पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार 30 सितंबर की रात करीब 12:30 बजे से सुबह 2 बजे के बीच राकेश अग्रवाल की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या की गई। वारदात के समय वह अपने कमरे में सो रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या के बाद घर की रसोई में गैस सिलेंडर का पाइप निकाल दिया गया था और आग लगाने की कोशिश की गई थी। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है कि ऐसा किस उद्देश्य से किया गया।

    घटना का पता सुबह करीब 4:40 बजे चला जब राकेश अग्रवाल की पत्नी निशी अग्रवाल की नींद खुली। उनका कमरा बाहर से बंद था। घर के कर्मचारी अमर की मदद से दरवाजा खुलवाया गया। इसके बाद राकेश अग्रवाल की हत्या की जानकारी सामने आई और पुलिस को सूचना दी गई।

    जांच में आरोपी के भागने का घटनाक्रम भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार वरुण रात करीब 2:40 बजे घर से निकला था। घटनास्थल से लगभग 200 मीटर दूर लगे सीसीटीवी कैमरों में वह पीठ पर बैग और हाथ में झोला लेकर जाता दिखाई दिया। इसके बाद वह करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर भदभदा चौराहे पहुंचा जहां से उसने ऑटोरिक्शा लिया।

    बताया जा रहा है कि ऑटो पॉलीटेक्निक चौराहे और कमला पार्क की ओर से भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंचा। स्टेशन से कुछ दूरी पहले उतरने के बाद आरोपी पैदल ही भोपाल जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 से होते हुए प्लेटफॉर्म नंबर 2 तक पहुंचा। पुलिस के अनुसार वह रात करीब 3:30 बजे दिल्ली रूट की ट्रेन में सवार होकर रवाना हुआ। अब झांसी ग्वालियर और आगरा रूट के विभिन्न स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है ताकि उसकी लोकेशन का पता लगाया जा सके।

    इस मामले में केयरटेकर की नियुक्ति करने वाली एजेंसी भी जांच के दायरे में है। जानकारी के मुताबिक वरुण को बाग सेवनिया के विश्वकर्मा नगर स्थित वर्मा होम हेल्थ केयर के माध्यम से नौकरी पर रखा गया था। पुलिस यह पता लगा रही है कि नियुक्ति से पहले उसका अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन कराया गया था या नहीं। नियमों की अनदेखी मिलने पर एजेंसी संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। आरोपी का पटियाला एसपी कार्यालय से 1 मई 2025 को जारी चरित्र प्रमाण पत्र भी सामने आया है। इस संबंध में पंजाब पुलिस से उसके पुराने रिकॉर्ड की जानकारी मांगी गई है।

    पुलिस हत्या के पीछे की वजह जानने के लिए लूट और आर्थिक लेन-देन समेत कई पहलुओं पर जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी घर से नकदी या कीमती सामान लेकर फरार हुआ हो सकता है। इसके अलावा राकेश अग्रवाल के कुछ लोगों के साथ हुए आर्थिक लेन-देन की जानकारी भी जांच का हिस्सा है। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 11 महीने पहले एक पूर्व परिचित के खिलाफ एक करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी को लेकर शिकायत किए जाने का पहलू भी सामने आया है। पुलिस इन घटनाओं के बीच किसी संभावित संबंध की जांच कर रही है। फिलहाल हत्या का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। आरोपी की गिरफ्तारी और आगे की जांच के बाद ही वारदात की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।