Tag: Bhopal innocent rape case

  • भोपाल मासूम कांड: फांसी के फंदे और दोषी के बीच आया सुप्रीम कोर्ट; 'तिहरी मौत' की सजा पर फिलहाल लगी रोक

    भोपाल मासूम कांड: फांसी के फंदे और दोषी के बीच आया सुप्रीम कोर्ट; 'तिहरी मौत' की सजा पर फिलहाल लगी रोक



    भोपाल। राजधानी के शाहजहांनाबाद इलाके में 5 साल की मासूम से दरिंदगी और फिर उसकी हत्या करने वाले दोषी अतुल निहाले की फांसी की सजा पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने अतुल की याचिका को स्वीकार करते हुए निचली अदालतों द्वारा दिए गए ‘डेथ सेंटेंस’ के क्रियान्वयन (अमल) पर स्टे दे दिया है। अब न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की तीन सदस्यीय बेंच इस जघन्य मामले में दोषसिद्धि के तमाम कानूनी पहलुओं पर विस्तार से सुनवाई करेगी।

    स्पेशल कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: एक नहीं, तीन बार फांसी
    यह मामला कानून के इतिहास में इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भोपाल की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने 18 मार्च 2025 को अतुल निहाले को तीन अलग-अलग धाराओं में फांसी की सजा सुनाई थी। नए कानून (BNS) के लागू होने के बाद मध्य प्रदेश में यह पहला ऐसा मामला था, जहाँ किसी दोषी को ‘तिहरी फांसी’ और साथ में दो बार उम्रकैद की सजा मिली थी। अदालत ने इसे ‘दुर्लभतम से दुर्लभ’ (Rarest of Rare) मामला करार देते हुए कहा था कि यदि मौत से भी बड़ी कोई सजा होती, तो आरोपी उसका भी पात्र होता।

    हाईकोर्ट की टिप्पणी: ‘कल्पना ही रूह कंपा देने वाली है’
    जबलपुर हाईकोर्ट ने भी इस सजा को बरकरार रखते हुए बेहद सख्त टिप्पणी की थी। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने कहा था कि 5 साल की मासूम ने जिस अमानवीय पीड़ा को सहा, उसकी कल्पना मात्र से ही रूह कांप जाती है। कोर्ट ने माना था कि समाज में बच्चों की सुरक्षा के लिए ऐसे दरिंदों को जीने का कोई हक नहीं है।

    खौफनाक वारदात: पानी की टंकी में मिला था मासूम का शव
    यह खौफनाक वारदात 24 सितंबर 2024 को हुई थी। आरोपी अतुल ने घर से किताबें लेने नीचे आई मासूम को अगवा किया, उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी। हैवानियत की हद तो तब पार हो गई जब उसने बच्ची के शव को तीन दिनों तक अपने घर के बाथरूम के ऊपर रखी पानी की टंकी में छिपाकर रखा। दुर्गंध आने पर जब पुलिस ने तलाशी ली, तब इस काले सच का खुलासा हुआ।

    अब आगे क्या? सुप्रीम कोर्ट का रुख
    सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल फांसी पर रोक लगाते हुए मामले का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है। कोर्ट अब यह परखेगा कि क्या सजा के निर्धारण में किसी कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी हुई है या नहीं। केस में 22 गवाह, डीएनए रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट जैसे पुख्ता सबूत हैं।इस मामले में आरोपी की मां बसंती और बहन चंचल को भी सबूत छिपाने और आरोपी की मदद करने के जुर्म में दो-दो साल की सजा सुनाई जा चुकी है।

  • भोपाल में आठ साल की मासूम से रेप:पड़ोसी अधेड़ ने टॉफी का लालच देकर घर बुलाया, लोगों ने गंदी हरकत करते रंगे हाथ पकड़ा

    भोपाल में आठ साल की मासूम से रेप:पड़ोसी अधेड़ ने टॉफी का लालच देकर घर बुलाया, लोगों ने गंदी हरकत करते रंगे हाथ पकड़ा




    भोपाल।
     
    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ईंटखेड़ी इलाके में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ एक 41 वर्षीय अधेड़ ने पड़ोसी होने का भरोसा तोड़ते हुए 8 साल की मासूम छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया। हालांकि, आरोपी अपनी इस घिनौनी करतूत को छिपा पाता, उससे पहले ही स्थानीय लोगों की सतर्कता ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया और जमकर सबक सिखाया।

    वारदात: टॉफी का लालच और हैवानियत
    घटना शुक्रवार दोपहर की है, जब दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली मासूम अपने घर के बाहर खेल रही थी। तभी पड़ोस में रहने वाले धर्मेंद्र (41) की नीयत बिगड़ गई। उसने मासूम को टॉफी दिलाने का झांसा दिया और फुसलाकर अपने घर के भीतर ले गया। घर का दरवाजा बंद कर आरोपी ने बच्ची के साथ दरिंदगी शुरू कर दी।

    चीख ने खोली पोल: ग्रामीणों ने किया घेराव
    दरिंदगी के दौरान जब मासूम की चीखें घर से बाहर सुनाई दीं, तो आसपास के लोग अनहोनी की आशंका में तुरंत मौके पर पहुँचे। लोगों ने जब घर के भीतर का नजारा देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

    रंगे हाथ गिरफ्तारी: गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी धर्मेंद्र को रंगे हाथ दबोच लिया।

    जनता का इंसाफ: पुलिस के पहुँचने से पहले आक्रोशित भीड़ ने आरोपी की जमकर धुनाई कर दी। सूचना मिलते ही ईंटखेड़ी पुलिस मौके पर पहुँची और लहूलुहान हालत में आरोपी को हिरासत में लिया।

    पुलिस की कार्रवाई: मेडिकल में हुई पुष्टि
    पुलिस ने तत्काल मासूम को मेडिकल जांच के लिए भेजा, जहाँ डॉक्टरों ने रेप की पुष्टि की है।

    सख्त धाराएं: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ IPC (BNS) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत संगीन मामला दर्ज किया है।

    कोर्ट में पेशी: शुक्रवार दोपहर को ही आरोपी धर्मेंद्र को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।

    अपडेट: नाबालिग छात्रा केस में आरोपी माज खान का चौंकाने वाला खुलासा
    इधर, भोपाल के एक अन्य हाई-प्रोफाइल रेप केस (11वीं की छात्रा) में गिरफ्तार आरोपी माज खान ने पुलिस की पूछताछ में सनसनीखेज खुलासे किए हैं। माज ने कबूल किया है कि मुख्य आरोपी ओसाफ अली खान ने ‘थार’ गाड़ी के अंदर नाबालिग से रेप किया था।

    माज ने बताया कि यह सब एक सोची-समझी प्लानिंग का हिस्सा था। जब ओसाफ कार के अंदर था, तब माज बाहर खड़ा होकर कार के शीशे से अंदर झांक रहा था और उसने अपने मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो शूट किया। पुलिस अब इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों को और मजबूती से जुटा रही है।

  • भोपाल में मासूमियत शर्मसार: 8 साल की बच्ची को टॉफी का लालच देकर पड़ोसी ने किया रेप, भीड़ ने रंगे हाथ दबोचा

    भोपाल में मासूमियत शर्मसार: 8 साल की बच्ची को टॉफी का लालच देकर पड़ोसी ने किया रेप, भीड़ ने रंगे हाथ दबोचा



    भोपाल।  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ईंटखेड़ी इलाके में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ एक 41 वर्षीय अधेड़ ने पड़ोसी होने का भरोसा तोड़ते हुए 8 साल की मासूम छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया। 
    वारदात: टॉफी का लालच और हैवानियत
    घटना शुक्रवार दोपहर की है, जब दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली मासूम अपने घर के बाहर खेल रही थी। तभी पड़ोस में रहने वाले धर्मेंद्र (41) की नीयत बिगड़ गई। उसने मासूम को टॉफी दिलाने का झांसा दिया और फुसलाकर अपने घर के भीतर ले गया। घर का दरवाजा बंद कर आरोपी ने बच्ची के साथ दरिंदगी शुरू कर दी।

    चीख ने खोली पोल: ग्रामीणों ने किया घेराव
    दरिंदगी के दौरान जब मासूम की चीखें घर से बाहर सुनाई दीं, तो आसपास के लोग अनहोनी की आशंका में तुरंत मौके पर पहुँचे। लोगों ने जब घर के भीतर का नजारा देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

    रंगे हाथ गिरफ्तारी: गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी धर्मेंद्र को रंगे हाथ दबोच लिया।

    जनता का इंसाफ: पुलिस के पहुँचने से पहले आक्रोशित भीड़ ने आरोपी की जमकर धुनाई कर दी। सूचना मिलते ही ईंटखेड़ी पुलिस मौके पर पहुँची और लहूलुहान हालत में आरोपी को हिरासत में लिया।

    पुलिस की कार्रवाई: मेडिकल में हुई पुष्टि
    पुलिस ने तत्काल मासूम को मेडिकल जांच के लिए भेजा, जहाँ डॉक्टरों ने रेप की पुष्टि की है।

    सख्त धाराएं: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ IPC (BNS) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत संगीन मामला दर्ज किया है।

    कोर्ट में पेशी: शुक्रवार दोपहर को ही आरोपी धर्मेंद्र को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।

    अपडेट: नाबालिग छात्रा केस में आरोपी माज खान का चौंकाने वाला खुलासा
    इधर, भोपाल के एक अन्य हाई-प्रोफाइल रेप केस (11वीं की छात्रा) में गिरफ्तार आरोपी माज खान ने पुलिस की पूछताछ में सनसनीखेज खुलासे किए हैं। माज ने कबूल किया है कि मुख्य आरोपी ओसाफ अली खान ने ‘थार’ गाड़ी के अंदर नाबालिग से रेप किया था।

    माज ने बताया कि यह सब एक सोची-समझी प्लानिंग का हिस्सा था। जब ओसाफ कार के अंदर था, तब माज बाहर खड़ा होकर कार के शीशे से अंदर झांक रहा था और उसने अपने मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो शूट किया। पुलिस अब इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों को और मजबूती से जुटा रही है।