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  • बैरसिया में कारोबारी की हत्या से दहशत बाइक सवार बदमाशों ने मारी गोली

    बैरसिया में कारोबारी की हत्या से दहशत बाइक सवार बदमाशों ने मारी गोली


    नरसिंहपुर । मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां दो शातिर आरोपियों ने एक महिला को जेवर तीन गुना करने का झांसा देकर करीब 10 लाख रुपये के गहने ठग लिए। इस घटना ने एक बार फिर अंधविश्वास के नाम पर होने वाली ठगी की सच्चाई को उजागर कर दिया है।

    जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने महिला को अपने जाल में फंसाते हुए कहा कि यदि वह अपने जेवर को किसी सुनसान स्थान पर रात के समय गाड़ दे और उस पर तंत्र-मंत्र किया जाए तो उसके गहने तीन गुना हो जाएंगे। साथ ही आरोपियों ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया को पूरी तरह गोपनीय रखना होगा और किसी को बताने पर अनहोनी हो सकती है। इसी डर और विश्वास के चलते महिला आरोपियों की बातों में आ गई।

    इसके बाद महिला ने रात के अंधेरे में सुनसान स्थान पर अपने जेवर रख दिए। इसी मौके का फायदा उठाकर दोनों आरोपी गहने लेकर फरार हो गए। घटना के बाद महिला को जब ठगी का एहसास हुआ तो उसने तुरंत इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दर्ज कराई।

    पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और तकनीकी तथा सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की। जांच में सामने आया कि एक आरोपी अनिल राय उर्फ मुल्ला बाबा डोभी क्षेत्र का रहने वाला है जबकि दूसरा आरोपी अजय मेहरा बॉसकुंवारी गांव का निवासी है।

    पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अनिल राय को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार किया जबकि अजय मेहरा को नरसिंहपुर से ही पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 10 लाख रुपये मूल्य के जेवर भी बरामद कर लिए हैं।

    इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को आसानी से निशाना बनाया जाता है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है जहां बैरसिया क्षेत्र के किराना व्यापारी हनीफ खान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।

    जानकारी के अनुसार 42 वर्षीय हनीफ खान बुधवार को अपने किसी काम से निकले थे, लेकिन देर शाम उनका शव शमशाबाद रोड स्थित एक ढाबे के पास बरामद हुआ। यह स्थान उनके घर से लगभग 10 किलोमीटर दूर है। शुरुआती स्थिति में शव के पास बाइक मिलने से इसे सड़क दुर्घटना समझा गया, लेकिन जब पुलिस ने जांच की तो स्पष्ट हुआ कि उनकी मौत गोली लगने से हुई है।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने हनीफ खान को नजदीक से गोली मारी। गोली सीने के आर-पार हो गई जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। आसपास के लोगों ने कुछ बाइक सवारों को तेजी से भागते हुए देखा, जिससे पुलिस को अहम सुराग मिले हैं।

    परिजनों के अनुसार हनीफ खान का किसी से कोई पुराना विवाद या दुश्मनी नहीं थी और वह सामान्य रूप से अपना व्यवसाय चला रहे थे। घटना के समय वह शमशाबाद स्थित रिश्तेदार के घर जा रहे थे। हालांकि पुलिस इस बयान के साथ-साथ अन्य सभी संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है।

    एडिशनल एसपी नीरज चौरसिया ने बताया कि फिलहाल मामला संदिग्ध है और पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। शुरुआती जांच में लूट की संभावना कम नजर आ रही है, लेकिन पुरानी रंजिश और व्यक्तिगत विवाद की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही कुछ रिलेशनशिप संबंधी पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

    पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि जल्द से जल्द अपराधियों तक पहुंचा जा सके।

    फिलहाल इस वारदात ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है और लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • भोपाल: विजय मेवाड़ा मर्डर केस को लेकर सड़कों पर उतरे हिंदू संगठन, आरोपी के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की मांग

    भोपाल: विजय मेवाड़ा मर्डर केस को लेकर सड़कों पर उतरे हिंदू संगठन, आरोपी के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की मांग

    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में हुए चर्चित हत्या मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम को शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई बुधवार को उस समय हुई, जब शहर में हिंदू संगठनों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा था।

    यह है मामला
    जानकारी के अनुसार, रविवार और सोमवार की दरमियानी रात अशोका गार्डन इलाके में एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। इस दौरान 35 वर्षीय चाय कारोबारी विजय मेवाड़ा की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। विजय सुभाष कॉलोनी का निवासी था और अशोका गार्डन व कोलार इलाके में चाय की दो दुकानें संचालित करता था।

    घटना की रात करीब 1:30 बजे वह अपनी होटल बंद कर कर्मचारियों को छोड़ने प्रगति नगर गया था। इसी दौरान मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम अपने साथियों फरमान, कालू और इमरान के साथ वहां पहुंचा और विवाद शुरू हो गया।

    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कर्मचारियों को अपने साथ चलने के लिए कहा, लेकिन उनके इनकार करने पर उनसे अभद्रता की गई। जब विजय ने बीच-बचाव करते हुए आसिफ को समझाने की कोशिश की और ‘बेटा’ कहकर संबोधित किया, तो विवाद और बढ़ गया। गुस्से में आकर आसिफ ने चाकू से विजय के पेट पर वार कर दिया, जबकि उसके साथियों ने भी मारपीट की। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल विजय को तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    केरवा के जंगल में छिपा था आरोपी

    हत्या के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम की तलाश में जुटी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वह केरवा के जंगलों में छिपा हुआ है। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस पर हमला कर भागने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसके पैर में गोली मारकर उसे पकड़ लिया।

    अशोका गार्डन थाना प्रभारी अनुराग लाल ने बताया कि आरोपी को रोकने और आत्मरक्षा के तहत यह कदम उठाया गया। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

    हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

    वहीं, इस घटना के विरोध में बुधवार को विजय मेवाड़ा के परिजन और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। सकल हिंदू समाज के आह्वान पर हिंदू उत्सव समिति और बजरंग दल समेत कई संगठनों के लोग रोशनपुरा चौराहे पर एकत्र हुए।

    प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने लगी। प्रदर्शनकारी पॉलिटेक्निक चौराहे तक पहुंच गए, जो मुख्यमंत्री निवास से लगभग 100 मीटर दूर है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। साथ ही, प्रदर्शनकारियों में से पांच लोगों को मुख्यमंत्री से मिलने की अनुमति दी गई।