Tag: Bhopal News Today

  • भोपाल में 7 हजार से ज्यादा दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन, रात 8 बजे से शुरू होंगे झांकियों के जुलूस, घर से निकलने से पहले देख लें वैकल्पिक रास्ते

    भोपाल में 7 हजार से ज्यादा दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन, रात 8 बजे से शुरू होंगे झांकियों के जुलूस, घर से निकलने से पहले देख लें वैकल्पिक रास्ते


    भोपाल । भोपाल में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार 21 अक्टूबर को शहर में भव्य झांकियों के चल समारोह निकलेंगे। रात 8 बजे से शुरू होने वाले इन समारोहों के कारण पुराने भोपाल समेत कई प्रमुख इलाकों में यातायात व्यवस्था प्रभावित होगी। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रूट प्लान जारी किया है। ऐसे में घर से बाहर निकलने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे पहले वैकल्पिक मार्गों की जानकारी ले लें ताकि जाम और रास्ते बंद होने की परेशानी से बचा जा सके।
    शहर में अब तक छोटी बड़ी 883 दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा चुका है जबकि कुल सात हजार से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन होना है। यह प्रक्रिया गुरुवार को भी जारी रहेगी। प्रशासन ने खटलापुरा प्रेमपुरा बैरागढ़ हथाईखेड़ा शाहपुरा आर्च ब्रिज मालीखेड़ी सीहोर नाका अनंतपुरा ईंटखेड़ी और नरोन्हा सांकल सहित प्रमुख विसर्जन घाटों पर इंतजाम किए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई है। सुरक्षा सफाई और विसर्जन की व्यवस्था संभालने के लिए करीब पांच हजार अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। घाटों पर गोताखोरों के साथ क्रेन जेसीबी और लाइफ जैकेट की व्यवस्था भी रखी गई है।

    मुख्य चल समारोह रात आठ बजे भारत टॉकीज तिराहे से शुरू होकर सेंट्रल लाइब्रेरी इतवारा चौराहा गणेश चौक मंगलवारा गल्ला मंडी हनुमानगंज छोटे भैया चौराहा जनकपुरी जुमेराती पुराना पोस्ट ऑफिस सिंधी मार्केट पीरगेट मोती मस्जिद रेतघाट और कमला पार्क से होते हुए कमलापति घाट पहुंचेगा। वहीं कुछ झांकियां पॉलीटेक्निक चौराहा डिपो चौराहा और 25वीं वाहिनी के सामने से भदभदा तिराहे के रास्ते प्रेमपुरा घाट जाएंगी। झांकियों की आवाजाही के अनुसार अलग अलग मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लागू होंगे।

    ट्रैफिक व्यवस्था के तहत बुधवार शाम पांच बजे के बाद भारत टॉकीज चौराहा अल्पना तिराहा नादरा बस स्टैंड चौराहा और भोपाल टॉकीज चौराहे के बीच सिटी बसों मैजिक और चार पहिया वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। शाम छह बजे से मंगलवारा थाना तिराहा दयानंद चौक जुमेराती पानी की टंकी तिराहा और पुरानी सब्जी मंडी की ओर से घोड़ा नक्कास तथा बस स्टैंड की तरफ जाने वाले वाहनों को भी रोक दिया जाएगा। भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर शुक्रवार सुबह आठ बजे तक प्रतिबंध रहेगा। यह प्रतिबंध खजूरी सड़क मुबारकपुर लांबाखेड़ा इस्लाम नगर पटेल नगर रातीबड़ लालघाटी एयरपोर्ट चौराहा करोंद भानपुर और रत्नागिरी सहित प्रमुख मार्गों पर लागू रहेगा।

    बैरागढ़ और खजूरी क्षेत्र की दुर्गा प्रतिमाओं का चल समारोह बीआरटीएस कॉरिडोर से होते हुए सीहोर रोड स्थित बैरागढ़ विसर्जन स्थल पहुंचेगा। इस दौरान भोपाल इंदौर मार्ग पर यातायात प्रभावित हो सकता है। इंदौर और देवास की ओर जाने वाले वाहन लालघाटी नूरगंज तिराहा गांधीनगर एयरपोर्ट तिराहा मुबारकपुर चौराहा और नए बायपास से होकर जा सकेंगे। वहीं इंदौर और सीहोर की ओर आने जाने वाले वाहन झागरिया रातीबड़ नीलबड़ और भदभदा चौराहे का वैकल्पिक मार्ग अपना सकते हैं।

    रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भारत टॉकीज की ओर से रास्ता बंद मिलने पर एमपी नगर न्यू मार्केट अशोका गार्डन 80 फीट रोड प्रभात चौराहा सुभाष नगर ओवरब्रिज और मैदा मिल वाले मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। रात दो बजे के बाद रेतघाट की ओर चल समारोह बढ़ने पर पॉलीटेक्निक चौराहे से रेतघाट और वीआईपी रोड बंद हो सकता है। एयरपोर्ट जाने वाले यात्री लिंक रोड नंबर एक बोर्ड ऑफिस चौराहा डीबी मॉल तिराहा सुभाष नगर रेलवे ओवरब्रिज और प्रभात चौराहे से होकर जा सकते हैं। बस यात्रियों के लिए भी बदलाव किए गए हैं। इंदौर और सीहोर की बसें हलालपुर बस स्टैंड तक आएंगी जबकि आईएसबीटी से चलने वाली बसों को होशंगाबाद रोड और बायपास का इस्तेमाल करना होगा। इसलिए जरूरी है कि लोग यात्रा से पहले अपने मार्ग की जानकारी लें और अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें।

  • शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय: 369 सांदीपनि विद्यालयों से संवरेगा प्रदेश का भविष्य, CM डॉ. यादव का बड़ा ऐलान

    शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय: 369 सांदीपनि विद्यालयों से संवरेगा प्रदेश का भविष्य, CM डॉ. यादव का बड़ा ऐलान


    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और मूल्य-आधारित बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि साझा की है। बुधवार को जारी एक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे राष्ट्र की अनमोल पूंजी हैं और उनका भविष्य संवारना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 369 नए सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ किए गए हैं, जो अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को भी आत्मसात करेंगे।

    सांदीपनि विद्यालय: आधुनिकता और परंपरा का संगम

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सांदीपनि विद्यालयों की परिकल्पना गुरुकुल शिक्षा पद्धति से प्रेरणा लेकर की गई है। अत्याधुनिक सुविधाएं इन विद्यालयों में केवल भवन ही नहीं, बल्कि बेहतर अधोसंरचना, स्मार्ट क्लास और कुशल मानव प्रबंधन शिक्षक सुनिश्चित किए गए हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा इसका उद्देश्य हर विद्यार्थी तक समावेशी और उच्च स्तरीय शिक्षा की पहुंच बनाना है, ताकि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें।

    शिक्षा का अधिकार 8.50 लाख बच्चों के लिए पुख्ता

    मुख्यमंत्री ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम’ RTE के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश की सरकार हर बच्चे को अनिवार्य शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। स्थायी प्रबंधन प्रदेश के 8.50 लाख से अधिक विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए सरकार ने स्थायी और पुख्ता इंतजाम किए हैं। समावेशी दृष्टिकोण आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को भी मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के लिए निजी स्कूलों में आरक्षण और सरकारी स्कूलों के उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री का संकल्प भविष्य संवारने में नहीं होगी कमी

    डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की शिक्षा प्रणाली अब केवल साक्षरता तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि यह बच्चों के समग्र विकास और कौशल संवर्धन पर आधारित होगी। उन्होंने कुशल मानव प्रबंधन को शिक्षा की रीढ़ बताते हुए शिक्षकों की ट्रेनिंग और शैक्षणिक वातावरण में सुधार के लिए निरंतर कार्य करने की बात कही। मुख्यमंत्री के अनुसार, ये 369 सांदीपनि विद्यालय भविष्य में प्रदेश के शैक्षणिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल देंगे और मध्य प्रदेश को एक एजुकेशन हब के रूप में स्थापित करेंगे।