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  • ओवैसी की चुनौती पर रामेश्वर शर्मा का जवाब काजी कैंप और UCC को लेकर फिर आमने सामने आए दोनों नेता

    ओवैसी की चुनौती पर रामेश्वर शर्मा का जवाब काजी कैंप और UCC को लेकर फिर आमने सामने आए दोनों नेता


    भोपाल । AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी के भोपाल में दिए गए बयान के बाद भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पलटवार किया है। ओवैसी ने मंगलवार को भोपाल के सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में आयोजित UCC विरोधी सभा के दौरान रामेश्वर शर्मा के काजी कैंप में मिसाइल लॉन्च करने वाले बयान का जिक्र किया था। उन्होंने विधायक को काजी कैंप आने की चुनौती दी थी। इसके बाद बुधवार को रामेश्वर शर्मा ने ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अपने पुराने बयान पर कायम रहने की बात कही।

    रामेश्वर शर्मा ने ओवैसी को संबोधित करते हुए कहा कि अगर वह बैरिस्टर हैं तो उन्हें बदतमीजी की भाषा छोड़ देनी चाहिए। इसके बाद विधायक ने बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए ओवैसी पर व्यक्तिगत टिप्पणी की। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के वैज्ञानिकों की ओर से तैयार की गई मिसाइलों का इस्तेमाल भारतीय सेना ने किया और पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। शर्मा ने दावा किया कि आतंकवाद और भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़े ठिकानों के खिलाफ भारत की मिसाइल कार्रवाई जारी रहेगी।

    विधायक ने कहा कि मिसाइल चलती थी और मिसाइल चलती रहेगी। उन्होंने कहा कि जहां आतंकवाद के कैंप होंगे और जहां भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़े कैंप होंगे वहां भारत की मिसाइल तैयार है। शर्मा ने कहा कि वह अपने पहले दिए गए बयान पर कल भी कायम थे और आज भी कायम हैं। उन्होंने ओवैसी को पूरा भाषण सुनने की बात कहते हुए कहा कि अगर उन्हें आपत्ति है तो वह वकील होने के नाते इसे अदालत में ले जा सकते हैं।

    इसके बाद रामेश्वर शर्मा ने समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर भी ओवैसी के बयान पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल हिंदुओं से वोट मांगते हैं तो हिंदुओं से जुड़े कानूनों को लेकर सवाल क्यों उठाए जाते हैं। उन्होंने UCC को लेकर अपनी पार्टी के समर्थन की बात दोहराई और कहा कि मध्यप्रदेश में UCC लागू हो चुका है। शर्मा ने यह भी दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2029 तक 21 राज्यों में UCC लागू होने की बात कही है।

    ओवैसी ने भोपाल में आयोजित अपनी सभा में UCC को लेकर अलग रुख रखा था। उन्होंने सवाल उठाया था कि यदि मध्यप्रदेश में आदिवासी समुदाय को उनकी संस्कृति परंपरा और धार्मिक पहचान के कारण UCC से बाहर रखा गया है तो मुसलमानों को इसके दायरे में क्यों शामिल किया गया। उन्होंने UCC के जरिए RSS का एजेंडा चलाने का आरोप लगाया था। ओवैसी ने धार्मिक स्वतंत्रता और संविधान में दिए गए अधिकारों का भी हवाला दिया था।

    इस तरह भोपाल में UCC को लेकर दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर ओवैसी UCC के प्रावधानों और इसके दायरे को लेकर सवाल उठा रहे हैं तो दूसरी ओर रामेश्वर शर्मा इसे लागू करने के समर्थन में अपना पक्ष रख रहे हैं। मिसाइल संबंधी पुराने बयान को लेकर ओवैसी की चुनौती के बाद शर्मा के जवाब ने इस राजनीतिक विवाद को और चर्चा में ला दिया है।

  • ओवैसी के बाद टी राजा की एंट्री की मांग: मई में कैंसिल सभा के लिए फिर अनुमति लेने की तैयारी

    ओवैसी के बाद टी राजा की एंट्री की मांग: मई में कैंसिल सभा के लिए फिर अनुमति लेने की तैयारी


    भोपाल। भोपाल में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की सभा के बाद अब तेलंगाना के विधायक टी राजा की प्रस्तावित धर्मसभा को लेकर सियासत तेज होती दिखाई दे रही है। हिंदू उत्सव समिति ने प्रशासन से टी राजा की सभा के लिए अनुमति देने की मांग उठाने का फैसला किया है। समिति का कहना है कि जिस सेंट्रल लाइब्रेरी मैदान में ओवैसी की सभा आयोजित की गई है वहां टी राजा की सभा के लिए भी अनुमति पर विचार किया जाना चाहिए। समिति इस मुद्दे को लेकर पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से मुलाकात करने की तैयारी में है।

    हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के मुताबिक समिति इकबाल मैदान अग्रसेन चौक या सेंट्रल लाइब्रेरी मैदान में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगेगी। उनका कहना है कि मई में टी राजा की प्रस्तावित सभा को सुरक्षा कारणों का हवाला देकर रद्द किया गया था। अब ओवैसी की सभा आयोजित होने के बाद समिति ने प्रशासन के सामने समान नियमों के आधार पर अनुमति देने का सवाल उठाने की बात कही है।

    दरअसल मंगलवार रात भोपाल के सेंट्रल लाइब्रेरी मैदान में असदुद्दीन ओवैसी की सभा हुई थी। कार्यक्रम में ओवैसी ने समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी को लेकर मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने मुस्लिम समुदाय को यूसीसी से बाहर रखने की मांग रखी और सरकार पर आरएसएस के एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। ओवैसी ने लव जिहाद कानून का मुद्दा उठाते हुए भी सरकार से सवाल किए। सभा के दौरान उन्होंने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के बयानों और सागर शराब मामले को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।

    इसी घटनाक्रम के बाद टी राजा की सभा का मुद्दा फिर सामने आया है। टी राजा की भोपाल के गांधीनगर क्षेत्र में 31 मई को धर्मसभा प्रस्तावित थी लेकिन पुलिस प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के कारण कार्यक्रम रद्द कर दिया गया था। कार्यक्रम निरस्त होने के बाद टी राजा ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों के जरिए नाराजगी जाहिर की थी। उनके कुछ बयानों को लेकर विवाद भी हुआ था।

    धर्मसभा को लेकर सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में भोपाल के तलैया थाने में शिकायत दर्ज हुई थी। शिकायत में दो इंस्टाग्राम अकाउंट संचालकों पर धमकी अभद्र भाषा और भड़काऊ टिप्पणियां करने के आरोप लगाए गए थे। मामले में सामाजिक तनाव बढ़ने की आशंका का भी उल्लेख किया गया था।

    टी राजा तेलंगाना के गोशामहल विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और अपने आक्रामक बयानों को लेकर अक्सर राजनीतिक चर्चा में रहते हैं। उनकी प्रस्तावित भोपाल सभा की अनुमति का मामला पहले न्यायालय तक भी पहुंचा था। अब ओवैसी की सभा के बाद हिंदू उत्सव समिति की ओर से टी राजा के कार्यक्रम की अनुमति मांगने की तैयारी ने इस पूरे मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। आने वाले दिनों में प्रशासन इस प्रस्ताव पर क्या फैसला करता है इस पर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की नजर रहेगी।

  • भोपाल से बड़ा संदेश ,देने की तैयारी में CM मोहन यादव, रात 9 बजे लाइव संबोधन से बढ़ी हलचल

    भोपाल से बड़ा संदेश ,देने की तैयारी में CM मोहन यादव, रात 9 बजे लाइव संबोधन से बढ़ी हलचल


    भोपाल । भोपाल में आज रात प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल एक बार फिर बढ़ने वाली है क्योंकि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रात 9 बजे सोशल मीडिया पर लाइव आकर प्रदेशवासियों को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर इस बात की जानकारी साझा की है जिसके बाद से ही लोगों के बीच उत्सुकता और अटकलों का दौर तेज हो गया है।

    मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा है कि वे एक महत्वपूर्ण विषय को लेकर प्रदेश की जनता से सीधा संवाद करेंगे। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह विषय क्या होगा लेकिन इसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। माना जा रहा है कि यह संबोधन किसी बड़ी योजना घोषणा नीति बदलाव या जनकल्याण से जुड़े अहम फैसले से जुड़ा हो सकता है।

    इस लाइव कार्यक्रम को केवल औपचारिक संबोधन नहीं माना जा रहा है बल्कि इसे मध्यप्रदेश के विकास और आने वाले समय की दिशा तय करने वाला संवाद बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री का यह कदम उनकी संवादात्मक और पारदर्शी कार्यशैली को भी दर्शाता है जिसमें वे सीधे जनता से जुड़कर उनकी राय और सुझावों को महत्व देते हैं।

    पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री मोहन यादव लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से संवाद करते रहे हैं और विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी इसी माध्यम से साझा करते आए हैं। उनकी यह शैली सरकार और जनता के बीच विश्वास और संवाद को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही है।

    राजनीतिक और प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह लाइव संबोधन किसी नई विकास योजना या बड़े प्रशासनिक निर्णय से जुड़ा हो सकता है। इसके अलावा यह भी संभावना जताई जा रही है कि इसमें किसानों युवाओं या रोजगार से जुड़े किसी बड़े फैसले की घोषणा हो सकती है। हालांकि आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है जिससे लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई है।

    प्रदेशभर में लोग इस लाइव संबोधन का इंतजार कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं। कई लोग इसे संभावित बड़े राजनीतिक या प्रशासनिक बदलाव से जोड़कर देख रहे हैं जबकि कुछ इसे सरकार की जनसंपर्क रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं।

    कुल मिलाकर मुख्यमंत्री का यह संबोधन आज रात प्रदेश की नजरों का केंद्र रहने वाला है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे जनता के सामने क्या बड़ा संदेश रखते हैं और क्या कोई नई घोषणा प्रदेश के विकास की दिशा को और गति देती है या नहीं।