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  • MP में रेल यात्रियों की बढ़ी परेशानी, बीना यार्ड रीमॉडलिंग से आज 4 मेमू ट्रेनें रद्द; भोपाल समेत कई रूट पर बदले स्टेशन

    MP में रेल यात्रियों की बढ़ी परेशानी, बीना यार्ड रीमॉडलिंग से आज 4 मेमू ट्रेनें रद्द; भोपाल समेत कई रूट पर बदले स्टेशन


    भोपाल। मध्य प्रदेश में बीना रेलवे स्टेशन पर चल रहे यार्ड रीमॉडलिंग के काम का असर रेल संचालन पर पड़ रहा है। रविवार 25 अक्टूबर को बीना और रूठियाई के बीच चलने वाली चार मेमू ट्रेनें निरस्त रहेंगी। इसके अलावा भोपाल कटनी कोटा नागदा दमोह और ललितपुर रूट पर चलने वाली कई ट्रेनों के शुरुआती या अंतिम स्टेशन में बदलाव किया गया है। कुछ एक्सप्रेस ट्रेनों को भी निर्धारित मार्ग के बजाय वैकल्पिक रूट से चलाने की व्यवस्था की गई है। इन बदलावों के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना में बदलाव करना पड़ सकता है।

    रेलवे के अनुसार बीना स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग के दौरान ट्रैक और प्लेटफॉर्म की उपलब्धता के साथ परिचालन संबंधी परिस्थितियों को देखते हुए अस्थायी बदलाव किए गए हैं। रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति और बदले हुए स्टॉपेज की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। इसके लिए रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 या आधिकारिक पूछताछ माध्यमों का उपयोग किया जा सकता है।

    रविवार को बीना-रूठियाई मेमू ट्रेन नंबर 61611 और रूठियाई-बीना मेमू ट्रेन नंबर 61612 के साथ बीना-रूठियाई मेमू ट्रेन नंबर 61625 तथा रूठियाई-बीना मेमू ट्रेन नंबर 61626 निरस्त रहेंगी। इन ट्रेनों के बंद रहने से इस रूट पर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी हो सकती है।

    भोपाल और बीना के बीच चलने वाली ट्रेनों के संचालन में भी बदलाव किया गया है। भोपाल-बीना मेमू ट्रेन नंबर 61631 और 11605 बीना के बजाय मंडी बामोरा स्टेशन पर अपनी यात्रा समाप्त करेंगी। वहीं बीना-भोपाल मेमू ट्रेन नंबर 11606 और 61632 मंडी बामोरा से रवाना होंगी। यह बदलाव 25 अक्टूबर तक निर्धारित है। ऐसे में भोपाल और बीना के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को मंडी बामोरा से आगे जाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है।

    दमोह और ग्वालियर रूट पर भी ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है। बीना-दमोह पैसेंजर ट्रेन नंबर 51885 मालखेड़ी स्टेशन से शाम 6 बजकर 10 मिनट पर रवाना होने के लिए निर्धारित थी। वहीं दमोह-बीना पैसेंजर ट्रेन नंबर 51886 की यात्रा मालखेड़ी में समाप्त होने का समय सुबह 11 बजकर 45 मिनट तय किया गया था। बीना-ग्वालियर पैसेंजर ट्रेन नंबर 51883 भी 24 अक्टूबर तक मालखेड़ी से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर रवाना होने के लिए निर्धारित थी। इन ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों को तारीख के अनुसार परिचालन की पुष्टि करनी चाहिए।

    नागदा रूट पर नागदा-बीना एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 19341 गुना स्टेशन पर यात्रा समाप्त करेगी जबकि बीना-नागदा एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 19342 25 अक्टूबर तक गुना से रवाना होने के लिए निर्धारित है। ललितपुर रूट पर ललितपुर-बीना मेमू ट्रेन नंबर 64618 आगासोद स्टेशन पर समाप्त होगी और बीना-ललितपुर मेमू ट्रेन नंबर 64617 आगासोद से शुरू होगी।

    कटनी रूट पर कटनी-बीना मेमू ट्रेन नंबर 11602 खुरई स्टेशन पर समाप्त होगी जबकि बीना-कटनी मेमू ट्रेन नंबर 11601 26 अक्टूबर तक खुरई से रवाना होगी। कोटा रूट पर कोटा-बीना मेमू ट्रेन नंबर 11603 महादेवखेड़ी में समाप्त होगी और बीना-कोटा मेमू ट्रेन नंबर 61634 वहीं से शुरू होगी। कोटा-बीना मेमू ट्रेन नंबर 61633 मुंगावली में समाप्त होगी जबकि बीना-कोटा मेमू ट्रेन नंबर 11604 26 अक्टूबर तक मुंगावली से रवाना होने के लिए निर्धारित है।

    बीना-कटनी मुड़वारा मेमू ट्रेन नंबर 61619 भी 26 अक्टूबर तक महादेवखेड़ी से फ्लाईओवर मार्ग के जरिए सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर चलने के लिए निर्धारित है। वहीं कटनी मुड़वारा-बीना मेमू ट्रेन नंबर 61620 को 25 अक्टूबर तक महादेवखेड़ी तक विस्तारित किया गया है। इसका निर्धारित आगमन समय रात 12 बजकर 50 मिनट है।

    रेलवे की सूचना के अनुसार कुछ एक्सप्रेस ट्रेनों को भी अलग-अलग तारीखों में वैकल्पिक मार्ग से चलाने की व्यवस्था की गई थी। इनमें बांद्रा टर्मिनस-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस अहमदाबाद-दरभंगा एक्सप्रेस दरभंगा-अहमदाबाद एक्सप्रेस अहमदाबाद-बनारस सिटी एक्सप्रेस और बनारस सिटी-अहमदाबाद एक्सप्रेस शामिल हैं। इन ट्रेनों के लिए बताई गई कई तारीखें 20 से 24 अक्टूबर के बीच की हैं। इसलिए यात्रियों को अपनी यात्रा की तारीख के अनुसार ताजा स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए। बीना यार्ड रीमॉडलिंग के चलते हुए इन अस्थायी बदलावों के बीच सही जानकारी लेकर स्टेशन पहुंचना यात्रियों के लिए जरूरी है।

  • बिना टिकट पकड़े जाने पर विवाद हुआ तो कैमरा खोलेगा राज, भोपाल मंडल के TTE को मिलेंगे बॉडी वियरिंग कैमरे

    बिना टिकट पकड़े जाने पर विवाद हुआ तो कैमरा खोलेगा राज, भोपाल मंडल के TTE को मिलेंगे बॉडी वियरिंग कैमरे


    भोपाल । ट्रेनों में टिकट चेकिंग के दौरान यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के बीच होने वाले विवादों को सुलझाने के लिए पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने नई पहल की है। अब टिकट चेकिंग स्टाफ की वर्दी पर बॉडी वियरिंग कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए रेलवे ने 56 कैमरों का ऑर्डर दिया है। इन कैमरों की मदद से टिकट चेकिंग के दौरान यात्री और कर्मचारी के बीच होने वाली बातचीत तथा घटनाक्रम को रिकॉर्ड किया जा सकेगा। रेलवे को उम्मीद है कि इससे शिकायतों की जांच आसान होगी और टिकट चेकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी।

    भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया के मुताबिक पिछले दो साल से टिकट चेकिंग स्टाफ के लिए बॉडी वियरिंग कैमरों की जरूरत महसूस की जा रही थी। अब इन्हें उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रेलवे की तैयारी अगले दो से तीन महीने में कैमरों का इस्तेमाल शुरू करने की है। शुरुआती चरण में इनका उपयोग प्रमुख ट्रेनों में किया जाएगा। इसके बाद जरूरत और उपलब्धता के अनुसार दूसरे चरण में अधिक कर्मचारियों को भी कैमरों से लैस किया जा सकता है।

    दरअसल टिकट चेकिंग स्टाफ यात्रियों के सीधे संपर्क में रहता है। ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान कई बार बहस या विवाद की स्थिति बन जाती है। कुछ मामलों में यात्री कर्मचारियों पर दुर्व्यवहार करने या उनकी बात नहीं सुनने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराते हैं। दूसरी ओर कर्मचारियों को भी ड्यूटी के दौरान विवादों का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में शिकायत मिलने के बाद रेलवे को यह पता लगाने के लिए जांच करनी पड़ती है कि घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था। इसमें समय लग सकता है।

    बॉडी वियरिंग कैमरों से रिकॉर्ड होने वाली बातचीत और घटनाक्रम शिकायतों की जांच में मददगार साबित हो सकते हैं। रेलवे के अनुसार रेल मदद पर मिलने वाली शिकायतों का मंडल स्तर पर विश्लेषण किया जाता है। यदि किसी घटना की रिकॉर्डिंग उपलब्ध होगी तो संबंधित अधिकारियों के लिए दोनों पक्षों की भूमिका समझना और शिकायत का उचित निराकरण करना आसान हो सकता है। इससे बिना टिकट यात्रा पर कार्रवाई या टिकट चेकिंग के दौरान हुए विवादों की जांच में भी मदद मिलेगी।

    रेलवे पहले चरण में शान-ए-भोपाल और वंदे भारत जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों में कैमरों का इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा भोपाल मंडल से शुरू होने वाली या यहां से गुजरने वाली अन्य प्रमुख ट्रेनों में भी इन्हें लगाया जा सकता है। शुरुआत में 56 कैमरे उपलब्ध कराए जाएंगे। आगे चलकर इस व्यवस्था का विस्तार करने की योजना है।

    भोपाल मंडल में टिकट चेकिंग स्टाफ की संख्या करीब 300 से 320 बताई गई है। ऐसे में शुरुआती कैमरों के बाद बाकी कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से इस सुविधा से जोड़ने की तैयारी की जा सकती है। रेलवे बुकिंग और रिजर्वेशन काउंटरों पर तैनात कर्मचारियों के लिए भी बॉडी वियरिंग कैमरों की संभावनाओं पर विचार करेगा।
    रेलवे का उद्देश्य केवल शिकायतों की जांच करना नहीं बल्कि टिकट चेकिंग प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ाना भी है।

    रिकॉर्डिंग से यात्रियों और कर्मचारियों दोनों को अपना पक्ष रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि इस व्यवस्था का वास्तविक असर कैमरों के नियमित इस्तेमाल और रिकॉर्डिंग के उचित प्रबंधन पर निर्भर करेगा। फिलहाल कैमरों की खरीद की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आने वाले दो से तीन महीनों में इन्हें इस्तेमाल में लाने की तैयारी है।

  • रानी कमलापति स्टेशन पर यात्रियों की जेब पर बोझ, मुफ्त यूरिन की सुविधा भी नहीं, टॉयलेट और स्नान के लिए देने पड़ रहे पैसे

    रानी कमलापति स्टेशन पर यात्रियों की जेब पर बोझ, मुफ्त यूरिन की सुविधा भी नहीं, टॉयलेट और स्नान के लिए देने पड़ रहे पैसे


    भोपाल । भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन यानी RKMP पर यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी भुगतान करना पड़ रहा है। स्टेशन पर पे एंड यूज व्यवस्था के तहत यूरिनल के लिए 5 रुपए टॉयलेट इस्तेमाल करने के लिए 10 रुपए और स्नान करने के लिए 15 रुपए शुल्क लिया जा रहा है। शुल्क व्यवस्था को लेकर यात्रियों के बीच चर्चा है वहीं राष्ट्रीय रेल उपयोगकर्ता सलाहकार परिषद के सदस्य नितेश लाल ने इसे लेकर भोपाल मंडल के DRM को पत्र लिखा है। उन्होंने यूरिनल की सुविधा निशुल्क करने के साथ पे एंड यूज शौचालयों की सफाई व्यवस्था बेहतर कराने की मांग की है।

    रानी कमलापति स्टेशन पर ऐसे पांच पे एंड यूज टॉयलेट बताए गए हैं जिनका रोजाना 2500 से अधिक यात्री इस्तेमाल करते हैं। यात्रियों का कहना है कि रेलवे यात्रा के दौरान टिकट के लिए पहले ही भुगतान किया जाता है ऐसे में यूरिन जैसी बुनियादी सुविधा के लिए अलग से शुल्क लिया जाना अतिरिक्त बोझ हो सकता है। NRUCC सदस्य नितेश लाल ने भी अपने पत्र में इसी मुद्दे को उठाते हुए कहा है कि यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं उचित तरीके से उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

    उन्होंने पे एंड यूज टॉयलेट की सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार शुल्क लेने के बावजूद कई बार शौचालयों में गंदगी और बदबू की शिकायत सामने आती है। ऐसे में केवल शुल्क निर्धारित करना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि यात्रियों को साफ और व्यवस्थित सुविधा उपलब्ध कराना भी जरूरी है। उन्होंने संबंधित संचालन एजेंसी को नियमित सफाई और बेहतर रखरखाव के निर्देश देने की मांग की है।

    हालांकि रेलवे की ओर से इस मामले में अलग स्थिति बताई गई है। बंसल की ओर से महाप्रबंधक मोहित समैया ने कहा है कि प्लेटफॉर्म पर यूरिनल की सुविधा निशुल्क है। वहीं पे एंड यूज सुविधा के लिए लिया जा रहा शुल्क रेलवे के निर्धारित नियमों के अनुसार है। यानी स्टेशन पर उपलब्ध सभी यूरिनल के लिए शुल्क नहीं लिया जा रहा है बल्कि पे एंड यूज व्यवस्था वाले स्थानों पर निर्धारित राशि ली जाती है।

    जबलपुर से रानी कमलापति स्टेशन पहुंचे यात्री शैलेश ने यूरिनल के लिए 5 रुपए भुगतान किया। उन्होंने कहा कि यात्रियों पर पहले से कई तरह के खर्च होते हैं और छोटी छोटी सुविधाओं के लिए अलग शुल्क लगने से आम आदमी पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। उन्होंने जबलपुर और सतना की व्यवस्थाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां यूरिनल के इस्तेमाल के लिए इस तरह का शुल्क नहीं लिया जाता।

    RKMP पर शुल्क की व्यवस्था को समझने के लिए स्टेशन के विकास मॉडल को भी देखना जरूरी है। रेलवे अधिकारी के अनुसार स्टेशन का टेंडर भोपाल रेल मंडल ने नहीं बल्कि रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी RLDA ने अवॉर्ड किया है। रेलवे बोर्ड ने कई स्टेशनों को विकास के लिए RLDA के अधीन किया है। ऐसे स्टेशनों के विकास और कमर्शियल गतिविधियों के लिए टेंडर की शर्तें लागू होती हैं।

    RKMP के विकास में बंसल समूह ने निवेश किया है। इसके बदले तय अवधि तक उसे कुछ कमर्शियल गतिविधियों के संचालन के अधिकार दिए गए हैं। इनमें कैटरिंग विज्ञापन पार्किंग और पे एंड यूज जैसी सुविधाएं शामिल हैं। रेलवे अधिकारी के मुताबिक पे एंड यूज की दरें भी RLDA की स्वीकृत व्यवस्था के तहत आती हैं। भोपाल रेल मंडल की मुख्य जिम्मेदारियां ट्रेन संचालन और टिकट से जुड़ी व्यवस्थाएं हैं जबकि स्टेशन की कई कमर्शियल गतिविधियां RLDA के अधिकार क्षेत्र में आती हैं।

    इस पूरे मामले में एक तरफ यात्रियों की निशुल्क मूलभूत सुविधा की मांग है तो दूसरी ओर स्टेशन के विकास और संचालन से जुड़ी कमर्शियल व्यवस्था है। अब देखने वाली बात होगी कि यात्रियों की शिकायत और NRUCC की मांग के बाद पे एंड यूज शुल्क को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।

  • बीना स्टेशन पर रेलवे का मेगा ब्लॉक, ट्रेनों के नंबर और रूट बदले; मालखेड़ी भोपाल और कटनी में मिलेगा अस्थाई ठहराव

    बीना स्टेशन पर रेलवे का मेगा ब्लॉक, ट्रेनों के नंबर और रूट बदले; मालखेड़ी भोपाल और कटनी में मिलेगा अस्थाई ठहराव


    भोपाल । मध्य प्रदेश से होकर ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए सितंबर और अक्टूबर में बड़ी परेशानी सामने आ सकती है। पश्चिम मध्य रेलवे के बीना स्टेशन यार्ड में चल रहे रीमॉडलिंग कार्य के कारण ट्रेनों के संचालन में व्यापक बदलाव किया गया है। रेलवे के संशोधित आदेश के अनुसार 16 ट्रेनें पूरी तरह निरस्त रहेंगी जबकि 48 ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। इसके अलावा कुछ ट्रेनों के नंबर में बदलाव किया गया है और कई प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए अस्थाई ठहराव की व्यवस्था की गई है। बीना यार्ड रीमॉडलिंग के कारण 20 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच रेल परिचालन में बड़े स्तर पर बदलाव प्रस्तावित है।

    बीना स्टेशन पर आगासौद और बीना के बीच तीसरी रेल लाइन को बीना स्टेशन से जोड़ने का काम किया जा रहा है। इसके लिए प्री नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग से जुड़े कार्य किए जाएंगे। रेलवे के मुताबिक सुरक्षित रेल संचालन के लिए इस दौरान कुछ ट्रेनों को रद्द करना पड़ेगा जबकि कई ट्रेनों के मार्ग बदले जाएंगे। यह काम कई चरणों में पूरा किया जा रहा है और नॉन इंटरलॉकिंग का अंतिम चरण 13 से 15 अक्टूबर तक निर्धारित है।

    इस बदलाव के तहत दादर से बलिया जाने वाली ट्रेन को नए नंबर 11043 के साथ चलाया जाएगा जबकि बलिया से दादर की सेवा 11044 नंबर से संचालित होगी। इसी तरह दादर से गोरखपुर जाने वाली ट्रेन को 11047 और गोरखपुर से दादर जाने वाली ट्रेन को 11048 नंबर दिया गया है। यानी जिन यात्रियों ने पुराने ट्रेन नंबर देखकर टिकट या यात्रा की योजना बनाई है उन्हें यात्रा से पहले संशोधित नंबर जरूर जांचना होगा।

    गुना रूठियाई और मक्सी क्षेत्र से परिवर्तित मार्ग पर चलने वाली कई ट्रेनों को मालखेड़ी स्टेशन पर अस्थाई ठहराव दिया गया है। इनमें डॉ अंबेडकर नगर रीवा ट्रेन 11704 हावड़ा इंदौर ट्रेन 22912 अहमदाबाद दरभंगा ट्रेन 15560 भुज शालीमार ट्रेन 22829 और अहमदाबाद गोरखपुर ट्रेन 19489 समेत कई सेवाएं शामिल हैं। इन ट्रेनों को मालखेड़ी स्टेशन पर करीब दो मिनट रुकने की व्यवस्था की गई है। वापसी दिशा की कई ट्रेनों को भी इसी तरह का अस्थाई ठहराव मिलेगा।

    वेरावल और जबलपुर के बीच चलने वाली 11465 और 11466 ट्रेन को भी परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। यात्रियों को राहत देने के लिए इन दोनों ट्रेनों का निशातपुरा के बजाय भोपाल स्टेशन पर करीब पांच मिनट का अस्थाई ठहराव रखा गया है। यह बदलाव संबंधित निर्धारित तारीखों पर लागू रहेगा।

    कटनी स्टेशन पर भी चार ट्रेनों को दो मिनट का अस्थाई ठहराव मिलेगा। इनमें लोकमान्य तिलक टर्मिनस बलिया ट्रेन 11071 और 11072 तथा रानी कमलापति रीवा ट्रेन 12185 और 12186 शामिल हैं। इसके अलावा कटनी साउथ स्टेशन पर हावड़ा भोपाल ट्रेन 13025 और 13026 सहित भोपाल धनबाद भोपाल चोपन भोपाल सिंगरौली और सिंगरौली भोपाल जैसी सेवाओं को अस्थाई ठहराव दिया जाएगा।

    यार्ड के काम का असर मेमू ट्रेनों पर भी पड़ेगा। कोटा बीना मेमू 61633 को निर्धारित अवधि में बीना के बजाय मुंगावली में शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा। वहीं बीना भोपाल की कुछ मेमू सेवाओं को बीना के बजाय मंडी बामोरा से शुरू किया जाएगा। भोपाल बीना मेमू भी निर्धारित अवधि में मंडी बामोरा में शॉर्ट टर्मिनेट होगी।

    रीमॉडलिंग के दौरान बीना स्टेशन पर कई ट्रेनों के ठहराव समय में भी कटौती की गई है। जिन ट्रेनों का निर्धारित ठहराव 10 मिनट था उनमें इसे घटाकर दो मिनट किया गया है। पांच मिनट वाले ठहराव को भी दो मिनट किया गया है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि सितंबर और अक्टूबर में बीना होकर यात्रा करने से पहले ट्रेन का नंबर रूट ठहराव और शुरुआती या अंतिम स्टेशन जरूर जांच लें। यार्ड रीमॉडलिंग पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन सामान्य व्यवस्था के अनुसार किया जाएगा।