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  • होली पर सड़कों पर बढ़ा खतरा: मध्य प्रदेश में 948 हादसे, सागर 67 मामलों के साथ टॉप पर, भोपाल भी टॉप-10 में

    होली पर सड़कों पर बढ़ा खतरा: मध्य प्रदेश में 948 हादसे, सागर 67 मामलों के साथ टॉप पर, भोपाल भी टॉप-10 में



    नई दिल्ली। होली के त्योहार के बीच मध्य प्रदेश में सड़क हादसों का आंकड़ा चिंताजनक रूप से बढ़ गया। 108 एंबुलेंस सेवा के आंकड़ों के मुताबिक 4 मार्च को एक ही दिन में प्रदेशभर में 948 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। सबसे ज्यादा हादसे सागर जिले में सामने आए, जहां 67 दुर्घटनाएं हुईं। वहीं राजधानी भोपाल में 39 हादसे दर्ज किए गए, जिससे शहर प्रदेश में आठवें स्थान पर रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहार के दौरान नशे में वाहन चलाना, तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी इन दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रही है।

    हादसों के मामले में सागर के बाद विदिशा में 55, इंदौर में 46 और जबलपुर में 45 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इसके अलावा रीवा और सतना में 42-42 तथा रायसेन में 41 हादसे सामने आए। अन्य जिलों में भी स्थिति चिंताजनक रही, जहां छिंदवाड़ा में 30, धार में 28, सिंगरौली में 27 और खरगोन व बालाघाट में 25-25 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं।

    108 एंबुलेंस सेवा के सीनियर मैनेजर तरुण सिंह परिहार के अनुसार होली के दौरान नशे में वाहन चलाने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। इस बार बीते साल की तुलना में शराब के नशे में हुई दुर्घटनाओं की संख्या अधिक देखने को मिली है। उन्होंने बताया कि कई मामलों में लोग तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हैं, जिससे मामूली टक्कर भी गंभीर हादसे में बदल जाती है।

    राजधानी भोपाल के सरकारी अस्पतालों में भी होली के दौरान सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा घायल पहुंचे। जहां आमतौर पर 20 से 25 लोग सड़क दुर्घटना में घायल होकर इलाज के लिए आते हैं, वहीं इस बार यह संख्या बढ़कर 62 तक पहुंच गई। अस्पताल सूत्रों के अनुसार अधिकतर घायल बाइक सवार थे और कई मामलों में हेलमेट का उपयोग नहीं किया गया था, जिसके कारण सिर में गंभीर चोटें आईं।

    कम्युनिटी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कुलदीप गुप्ता का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में सिर की चोट सबसे खतरनाक होती है। रिसर्च के अनुसार ट्रॉमा में लाए गए 10 गंभीर घायलों में से लगभग 3 लोगों की जान नहीं बच पाती। उनका कहना है कि हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग कई मामलों में जान बचा सकता है, लेकिन लोग अक्सर इन जरूरी नियमों की अनदेखी कर देते हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। उत्सव का माहौल लोगों को लापरवाह बना देता है, लेकिन थोड़ी सी सावधानी बड़ी दुर्घटनाओं से बचा सकती है। इसलिए वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करना, नशे में ड्राइविंग से बचना और ट्रैफिक नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे हादसों की संख्या को कम किया जा सके।

  • भोपाल में दर्दनाक हादसा: पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने दौड़ी 6 साल की मासूम, तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत

    भोपाल में दर्दनाक हादसा: पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने दौड़ी 6 साल की मासूम, तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत


    भोपाल। राजधानी के ईटखेड़ी थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक मर्मांतक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार के कहर ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। अपने पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने की कोशिश कर रही 6 वर्षीय बच्ची को एक बेकाबू कार ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल बच्ची ने अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    इलाज कराकर लौट रहे थे घर मृतक बच्ची की पहचान 6 वर्षीय आसिया अली के रूप में हुई है, जो परेवा खेड़ा (पतलोन) की रहने वाली थी। परिजनों के अनुसार, आसिया पिछले तीन दिनों से वायरल फीवर (बुखार) से पीड़ित थी। शनिवार रात करीब 10 बजे उसके पिता इकबाल अली उसे हाईवे स्थित एक क्लीनिक पर डॉक्टर को दिखाने ले गए थे। डॉक्टर से दवाई लेने के बाद पिता-पुत्री पैदल ही अपने घर की ओर लौट रहे थे। उन्हें क्या मालूम था कि घर पहुँचने से पहले ही काल उनके सामने खड़ा है।

    एक पल की चूक और मातम में बदली रात हादसा परेवा खेड़ा के पास मुख्य मार्ग पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिता इकबाल ने बच्ची का हाथ पकड़ रखा था, लेकिन अचानक आसिया ने पिता का हाथ छुड़ाया और सड़क के दूसरी तरफ जाने के लिए दौड़ लगा दी। इसी दौरान अंधेरे में आ रही एक तेज रफ्तार कार ने मासूम को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्ची सड़क पर काफी दूर जाकर गिरी और लहूलुहान हो गई।

    ड्राइवर ही लेकर पहुँचा अस्पताल हादसे के बाद कार चालक ने इंसानियत दिखाते हुए भागने के बजाय अपनी ही कार से घायल बच्ची और उसके पिता को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुँचाया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने जांच के बाद मासूम आसिया को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की सूचना पर ईटखेड़ी पुलिस मौके पर पहुँची और कार को जब्त कर लिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। इस घटना के बाद से ही गांव में मातम पसरा हुआ है।

    भोपाल के ईटखेड़ी में पिता के साथ डॉक्टर के पास से लौट रही 6 साल की आसिया की कार की टक्कर से मौत हो गई। सड़क पार करते समय पिता का हाथ छूटने से यह हादसा हुआ। कार चालक बच्ची को अस्पताल ले गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। पुलिस जांच जारी है।

  • भोपाल में ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडिंग वाहन की टक्कर, 5 की मौत: सभी मृतक एक ही परिवार के

    भोपाल में ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडिंग वाहन की टक्कर, 5 की मौत: सभी मृतक एक ही परिवार के


    नई दिल्ली। भोपाल के बैरसिया थाना इलाके में बुधवार रात करीब साढ़े 9 बजे एक भयावह सड़क हादसा हुआ। सिरोंज के एक ही परिवार के 15 लोग लोडिंग वाहन में नर्मदापुरम जा रहे थे, जहां किसी परिजन की अंतिम क्रिया होने वाली थी। इसी दौरान ठाकुर लाल सिंह स्कूल के पास सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से उनकी गाड़ी की आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में लोडिंग वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार कई लोग अंदर ही फंस गए।
    जान-माल का नुकसान
    हादसे में 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान इस प्रकार है
    लक्ष्मीबाई अहिरवार
    बबली बाई
    हरि बाई
    दीपक
    मुकेश
    इसके अलावा 9 लोग घायल हुए हैं। ट्रैक्टर सवार 3 लोग भी चोटिल हुए। सभी घायलों को बैरसिया शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    घटना के पीछे वजह
    बैरसिया के एसडीएम आशुतोष शर्मा, एएसपी नीरज चौरसिया और टीआई वीरेंद्र सेन ने मौके पर पहुंचकर घायलों का हाल जाना और अस्पताल में उचित इलाज के निर्देश दिए। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।

    हालांकि, पुलिस ने कहा कि वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी।

    परिवार की यात्रा और हादसे का शोक
    लोडिंग वाहन में सवार परिवार नर्मदापुरम किसी परिजन की अंतिम क्रिया में शामिल होने जा रहा था। ट्रक और लोडिंग वाहन की भिड़ंत ने पूरे परिवार को अंधेरे में छोड़ दिया। यह हादसा सड़क सुरक्षा और तेज गति के खतरों को फिर से उजागर करता है।इसी तरह इंदौर में शुक्रवार को भी सड़क हादसा हुआ था, जिसमें पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन की बेटी प्रेरणा बच्चन (26) की मौत हुई थी। पुलिस के अनुसार कार चालक शराब के नशे में 130–140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन चला रहा था।