Tag: Bhopal suicide case

  • कटारा हिल्स केस में नया खुलासा, ट्विशा शर्मा का आखिरी चैट आया सामने, मौत से पहले दोस्त को दी शादी न करने की सलाह

    कटारा हिल्स केस में नया खुलासा, ट्विशा शर्मा का आखिरी चैट आया सामने, मौत से पहले दोस्त को दी शादी न करने की सलाह



    भोपाल। भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में पूर्व जज की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। अब इस हाई-प्रोफाइल केस में मृतका का आखिरी इंस्टाग्राम चैट सामने आया है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। ट्विशा ने मौत से पहले अपनी करीबी दोस्त मीनाक्षी को मैसेज कर लिखा था “मैं फंस गई हूं ब्रो… बस तुम मत फंसना। ज्यादा बात नहीं कर सकती, सही समय आने पर फोन करूंगी।”

    ट्विशा के इस मैसेज के जवाब में उसकी दोस्त ने चिंता जताते हुए लिखा था कि वह उसके साथ खड़ी है। हालांकि ट्विशा का वह फोन कभी नहीं आया और अगले ही दिन उसका शव घर की छत पर फंदे से लटका मिला। इस चैट के सामने आने के बाद परिवार ने दावा किया है कि ट्विशा मानसिक दबाव में थी और उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।

    मामले में यह भी सामने आया है कि ट्विशा करीब दो महीने की गर्भवती थी। बताया जा रहा है कि उसने अपनी दोस्त को शादी न करने की सलाह भी दी थी। परिवार का कहना है कि यह चैट साफ संकेत देता है कि ट्विशा किसी गंभीर तनाव और परेशानी से गुजर रही थी।

    घटना के बाद से मृतका का परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी के शव को सही तरीके से सुरक्षित नहीं रखा जा रहा। उनका दावा है कि उन्होंने शव को माइनस 4 डिग्री तापमान पर रखने की मांग की थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने ऐसा नहीं किया। परिवार का आरोप है कि सबूतों को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।

    इसी मांग को लेकर परिवार मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर भी बैठा रहा। परिजनों ने कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, वे शांत नहीं बैठेंगे।

    परिवार ने पुलिस जांच पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि ट्विशा की सास रिटायर्ड जज होने के कारण मामले में प्रभाव का इस्तेमाल किया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि घटना के दो दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई, जबकि मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह अब तक फरार है।

    मृतका के परिवार का यह भी दावा है कि ट्विशा के कान और हाथों पर चोट के निशान थे, जो मामले को संदिग्ध बनाते हैं। परिजन इसे आत्महत्या मानने को तैयार नहीं हैं और हत्या की आशंका जता रहे हैं। उन्होंने मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने और बाहरी एजेंसी से जांच की मांग की है।

    पुलिस की ओर से मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। टीम में महिला पुलिसकर्मियों समेत कई अधिकारियों को शामिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।

    ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं। उन्होंने साउथ फिल्मों और मॉडलिंग में भी काम किया था। बाद में उन्होंने एमबीए करने के बाद निजी कंपनी में नौकरी शुरू की थी। डेटिंग एप के जरिए उनकी मुलाकात समर्थ सिंह से हुई थी, जिसके बाद दोनों ने परिवार की सहमति से शादी की थी। अब उनकी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और पूरे मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है।

  • भोपाल में सनसनी: रिटायर्ड जज की गर्भवती बहू ने लगाई फांसी, आखिरी कॉल में कहा- अब और सहन नहीं होता

    भोपाल में सनसनी: रिटायर्ड जज की गर्भवती बहू ने लगाई फांसी, आखिरी कॉल में कहा- अब और सहन नहीं होता

     
    भोपाल (कटारा हिल्स) राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां रिटायर्ड महिला जज की 31 वर्षीय प्रेग्नेंट बहू ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर मानसिक प्रताड़ना और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
    मृतका की पहचान ट्विशा शर्मा (31) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं। उनकी शादी करीब एक साल पहले भोपाल निवासी वकील सामर्थ शर्मा से हुई थी। बताया जा रहा है कि ट्विशा गर्भवती थीं और इसी दौरान यह दुखद घटना हुई।

    परिजनों के अनुसार, मंगलवार रात ट्विशा ने अपने भाई, जो भारतीय सेना में मेजर पद पर कार्यरत हैं, को फोन किया था। बातचीत के दौरान उन्होंने भावुक होकर कहा था कि वह अब और बर्दाश्त नहीं कर पा रही हैं और उन्हें वहां से ले जाया जाए। परिवार का दावा है कि वह लंबे समय से मानसिक तनाव में थीं और ससुराल पक्ष से प्रताड़ना झेल रही थीं।

    भाई मेजर हर्षित शर्मा के मुताबिक, पिछले करीब 8 दिनों से लगातार पति द्वारा मानसिक रूप से परेशान किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि छोटी-छोटी बातों पर उन्हें अपमानित किया जाता था और उनका मानसिक उत्पीड़न बढ़ता जा रहा था।

    परिवार का यह भी आरोप है कि नौकरी छोड़ने के बाद ट्विशा को ससुराल पक्ष द्वारा “नाकारा” जैसे शब्दों से अपमानित किया जाता था। इसके साथ ही प्रेग्नेंसी को लेकर भी दबाव बनाए जाने की बात सामने आई है। परिजनों का कहना है कि ट्विशा अनियोजित गर्भावस्था के कारण पहले से मानसिक दबाव में थीं, जबकि ससुराल पक्ष बच्चे को लेकर लगातार दबाव बना रहा था।

    परिवार के अनुसार, फोन कॉल के कुछ ही समय बाद सास ने संपर्क कर बताया कि ट्विशा ने आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही मायके पक्ष भोपाल पहुंचा और मामले की गंभीर जांच की मांग की।

    पुलिस को अभी तक घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मानकर सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    कटारा हिल्स पुलिस का कहना है कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। बयान, डिजिटल साक्ष्य और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • भोपाल में सनसनी: छात्रा की मौत के बाद मकान मालिक की आत्महत्या, जांच पर उठे सवाल

    भोपाल में सनसनी: छात्रा की मौत के बाद मकान मालिक की आत्महत्या, जांच पर उठे सवाल

    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के कोहेफिजा इलाके से एक रूह कपा देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ न्याय और जांच के चक्रव्यूह में फंसकर एक और जिंदगी खत्म हो गई। गांधी मेडिकल कॉलेज की 19 वर्षीय एमबीबीएस छात्रा रोशनी की आत्महत्या के करीब तीन महीने बाद, उसी मकान के मालिक विजय राठौर ने शनिवार देर रात अपने घर में खुदकुशी कर ली। इस घटना ने न केवल इलाके में सनसनी फैला दी है, बल्कि पुलिसिया कार्यप्रणाली और सामाजिक दबाव पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    विजय राठौर की मौत के बाद उनकी पत्नी करुणा राठौर ने व्यवस्था और छात्रा के परिवार पर तीखे प्रहार किए हैं। करुणा का आरोप है कि उनके पति पूरी तरह बेकसूर थे, लेकिन छात्रा की मौत के बाद से ही उन्हें ‘अपराधी’ की तरह प्रताड़ित किया जा रहा था। पत्नी के मुताबिक, छात्रा के परिजन लगातार उनके घर आकर हत्या के झूठे केस में फंसाने की धमकियां देते थे। इतना ही नहीं, पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि बयानों के नाम पर विजय को थाने बुलाकर घंटों बैठाया जाता था, जिससे वे गहरे मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) में चले गए थे।

    पढ़ाई का दबाव बना काल, पर संदेह ने ली दूसरी जान
    घटना की जड़ें फरवरी माह से जुड़ी हैं, जब छात्रा रोशनी का शव बाथरूम में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। उस समय छात्रा के परिजनों और साथी मेडिकल छात्रों ने इसे हत्या करार देते हुए थाने का घेराव किया था। हालांकि, बाद में पुलिस जांच और मोबाइल की फॉरेंसिक रिपोर्ट में एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था। रोशनी ने मरने से पहले खुद को व्हाट्सएप किए गए मैसेज में लिखा था  “सॉरी मम्मी-पापा, नीट निकालना आसान है, लेकिन एमबीबीएस करना उससे भी कठिन है।” स्पष्ट था कि छात्रा पढ़ाई के दबाव के कारण जान दे रही थी, लेकिन इस सच्चाई के बावजूद मकान मालिक पर शक की सुई और दबाव कम नहीं हुआ।

    पत्नी की न्याय की गुहार
    विजय राठौर की पत्नी ने मांग की है कि उनके पति को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले छात्रा के परिजनों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि विजय बार-बार कहते थे कि पुलिस और छात्रा का परिवार उन्हें जीने नहीं देगा। शनिवार रात इसी प्रताड़ना से हारकर उन्होंने मौत को गले लगा लिया।

    वर्तमान में कोहेफिजा पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। विजय की बेटी बेंगलुरु में रहती है, जिसके आने के बाद शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। थाना प्रभारी केजी शुक्ला का कहना है कि परिजनों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। एक छात्रा के करियर के दबाव ने पहले एक घर का चिराग बुझाया, और अब जांच के दबाव ने दूसरे हंसते-खेलते परिवार के मुखिया को छीन लिया है।

  • भोपाल: 'इश्क, धोखा और ब्लैकमेलिंग', प्रेमिका की धमकी से टूटे इकलौते बेटे ने माँ की साड़ी से लगाया फंदा

    भोपाल: 'इश्क, धोखा और ब्लैकमेलिंग', प्रेमिका की धमकी से टूटे इकलौते बेटे ने माँ की साड़ी से लगाया फंदा


    भोपाल । राजधानी के सेठी नगर में एक 24 वर्षीय युवक की आत्महत्या ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। फेब्रिकेशन का काम करने वाले दीपक गुर्जर ने अपनी प्रेमिका के कथित विश्वासघात और ‘रेप केस’ में फंसाने की धमकी से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। शनिवार सुबह जब माँ की नींद खुली, तो घर के जीने (सीढ़ियों) की रेलिंग पर बेटे का शव लटका देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। दीपक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था, जिसकी मौत ने हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है।

    घटना की जड़ें 7 साल पुराने एक प्रेम संबंध से जुड़ी हैं। पुलिस को दीपक की जेब से मिले एक भावुक और सनसनीखेज सुसाइड नोट ने इस मौत के पीछे के खौफनाक सच को बेनकाब कर दिया है।घटना की जड़ें 7 साल पुराने एक प्रेम संबंध से जुड़ी हैं। पुलिस को दीपक की जेब से मिले एक भावुक और सनसनीखेज सुसाइड नोट ने इस मौत के पीछे के खौफनाक सच को बेनकाब कर दिया है। दीपक ने अपने आखिरी खत में सीधे तौर पर अपनी मुस्लिम प्रेमिका और उसके एक दोस्त को जिम्मेदार ठहराया है। नोट के अनुसार, दोनों के बीच लंबे समय से शादी का वादा था, लेकिन हाल ही में युवती ने दीपक के ‘हिंदू’ होने का हवाला देकर निकाह से साफ इनकार कर दिया।

    दीपक का दर्द सिर्फ शादी टूटने तक सीमित नहीं था; सुसाइड नोट में ब्लैकमेलिंग की एक डरावनी दास्तां दर्ज है। दीपक ने लिखा कि युवती अब किसी और के साथ संबंध में थी और जब वह विरोध करता, तो उसे झूठे ‘रेप केस’ में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी जाती थी। दो दिन पहले युवती ने कथित तौर पर दीपक का मोबाइल भी तोड़ दिया था और बेहद ठंडे लहजे में कहा था— “तुम मर भी जाओ तो मेरा कुछ नहीं होगा, मेरी पहुँच बहुत ऊपर है।” इसी मानसिक प्रताड़ना और कानूनी फंदे के डर ने दीपक को इतना लाचार कर दिया कि उसे सुसाइड ही एकमात्र रास्ता नजर आया।

    अशोका गार्डन पुलिस ने मौके पर पहुँचकर सुसाइड नोट और दीपक का पर्स जब्त कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी और युवक के मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाले जा रहे हैं। परिजनों के विस्तृत बयानों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद, पुलिस इस मामले में ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ (IPC 306/BNS) के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

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  • भोपाल में मातम: बैंक क्लर्क ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में खुद को बताया जिम्मेदार।

    भोपाल में मातम: बैंक क्लर्क ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में खुद को बताया जिम्मेदार।


    भोपाल । राजधानी भोपाल के व्यस्ततम एमपी नगर इलाके से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है जहां जीवन की भागदौड़ और मानसिक तनाव ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। भारतीय स्टेट बैंक SBI में क्लर्क के पद पर कार्यरत 35 वर्षीय अभिनाष जैन ने मंगलवार को चेतक ब्रिज के नीचे ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह घटना उस समय हुई जब ऑफिस में उनका अपनी पत्नी के साथ किसी बात को लेकर तीखा विवाद हुआ था।

    दफ्तर से निकले और फिर कभी नहीं लौटे जानकारी के अनुसार लाला लाजपत राय कॉलोनी निवासी अभिनाष जैन और उनकी पत्नी रोली जैन दोनों ही मैदा मील स्थित एसबीआई की एक ही शाखा में कार्यरत थे। मंगलवार की सुबह दोनों हमेशा की तरह साथ में घर से दफ्तर के लिए निकले थे लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी मुलाकात होगी। ऑफिस पहुंचने के बाद पति-पत्नी के बीच किसी गंभीर विषय पर बहस हुई। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के मुताबिक विवाद के बाद अभिनाष मानसिक रूप से काफी विचलित हो गए और अचानक बैंक से बाहर निकल गए।

    व्हाट्सएप पर अंतिम विदाई: अब कभी वापस नहीं आऊंगा बैंक से निकलने के कुछ ही समय बाद अभिनाष ने अपने पिता भाई और पत्नी को व्हाट्सएप पर एक भावुक संदेश भेजा। इस संदेश को सुसाइड नोट के रूप में देखा जा रहा है जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा कि वे अब कभी वापस नहीं लौटेंगे और अपने इस कठोर फैसले के लिए वे किसी और को नहीं बल्कि स्वयं को जिम्मेदार मानते हैं। संदेश भेजने के तुरंत बाद उन्होंने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया जिससे परिजनों में हड़कंप मच गया। घबराए हुए परिजनों ने तत्काल एमपी नगर पुलिस को इसकी सूचना दी जिसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की।

    चेतक ब्रिज के पास मिला क्षत-विक्षत शव पुलिस और परिजन जब शहर के विभिन्न कोनों में अभिनाष की तलाश कर रहे थे तभी चेतक ब्रिज के पास रेलवे ट्रैक पर लोगों की भारी भीड़ जमा होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे मृतक के साले ने कपड़ों और हुलिए से अभिनाष की पहचान की। ट्रेन की चपेट में आने के कारण शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था। सूचना मिलते ही एमपी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल रवाना किया।

    जांच के घेरे में वो आखिरी विवाद पुलिस अब इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। एएसआई अनूप के अनुसार प्राथमिक तौर पर यह मामला आत्महत्या का ही है लेकिन पुलिस उस विवाद की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जो बैंक परिसर में पति-पत्नी के बीच हुआ था। क्या तनाव केवल उस क्षण का था या लंबे समय से कोई पारिवारिक कलह चल रही थी पुलिस इन सभी बिंदुओं पर परिजनों के बयान दर्ज करेगी। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।यह दुखद घटना समाज में बढ़ते मानसिक तनाव और छोटी-छोटी बातों पर उपजे विवादों के भयावह परिणाम की याद दिलाती है। एक सुरक्षित भविष्य और प्रतिष्ठित नौकरी होने के बावजूद क्षणिक आवेश ने एक युवा जीवन का अंत कर दिया।