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  • टैक्सी किराया बढ़ाने की मांग पर आर-पार की तैयारी, भोपाल में आज जुटेंगे चालक; कंपनियों के खिलाफ मोर्चा

    टैक्सी किराया बढ़ाने की मांग पर आर-पार की तैयारी, भोपाल में आज जुटेंगे चालक; कंपनियों के खिलाफ मोर्चा


    भोपाल । भोपाल में ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं को लेकर विवाद अब बड़े आंदोलन की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। एग्रीगेटर कंपनियों की किराया व्यवस्था से नाराज टैक्सी चालकों ने शनिवार को दोपहर 12 बजे लिंक रोड नंबर-1 स्थित चेनार पार्क में महाबैठक बुलाई है। भोपाल टैक्सी चालक संघ भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में होने वाली इस बैठक में शहरभर के ड्राइवर शामिल होंगे और उनकी समस्याओं व सुझावों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। संघ का कहना है कि यदि सरकार और एग्रीगेटर कंपनियों ने किराया व्यवस्था में सुधार नहीं किया तो आंदोलन को पूरे मध्य प्रदेश में फैलाया जा सकता है और अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला भी लिया जा सकता है।

    टैक्सी चालक संघ के मुताबिक 23 से 25 जून तक एयरपोर्ट राइड के बहिष्कार के दौरान कंपनियों पर दबाव बना था और कुछ राइड के किराए में करीब 5 से 10 प्रतिशत तक सुधार किया गया था। हालांकि आंदोलन खत्म होने के बाद दोबारा पुराने किराए लागू कर दिए गए। ड्राइवरों का आरोप है कि अब कई छोटी राइड के लिए उन्हें महज 30 से 40 रुपये तक मिल रहे हैं जबकि पहले इसी तरह की बुकिंग पर 50 से 60 रुपये तक का भुगतान होता था। चालकों का कहना है कि ईंधन की बढ़ती लागत वाहन की सर्विसिंग बीमा परमिट और दूसरे खर्चों के बीच इतनी कम कमाई में परिवार चलाना मुश्किल होता जा रहा है।

    संघ के महामंत्री राजेश कुमार नागले के अनुसार शनिवार की बैठक में सभी ड्राइवरों को अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह बैठक केवल किराया बढ़ाने तक सीमित नहीं है बल्कि पूरी किराया प्रणाली में बदलाव की मांग को लेकर है। संघ के मुताबिक सरकार को ऐसी स्पष्ट नीति बनानी चाहिए जिसमें प्रत्येक राइड के लिए 50 से 60 रुपये का बेस फेयर तय हो। इसके साथ यात्रा के समय के आधार पर 1 से 1.50 रुपये प्रति मिनट टाइम चार्ज और वाहन की श्रेणी के अनुसार 22 से 30 रुपये प्रति किलोमीटर की दर लागू की जानी चाहिए।

    ड्राइवरों का कहना है कि केवल प्रतिशत के आधार पर किराया बढ़ाने से उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। उनके मुताबिक वर्ष 2014 में एग्रीगेटर कंपनियों की किराया व्यवस्था में बेस फेयर टाइम चार्ज और दूरी के हिसाब से भुगतान शामिल था लेकिन अब कई मामलों में केवल तय दूरी के आधार पर किराया दिया जाता है। इससे ट्रैफिक में फंसने या यात्री का इंतजार करने के दौरान ड्राइवर को अतिरिक्त समय का भुगतान नहीं मिलता।

    संघ के प्रस्तावित किराया मॉडल के अनुसार अरेरा हिल्स से राजा भोज एयरपोर्ट तक मौजूदा 246 से 282 रुपये का किराया बढ़कर करीब 416 से 552 रुपये तक हो सकता है। इसी तरह न्यू मार्केट से रेलवे स्टेशन का किराया 95 से 108 रुपये की जगह करीब 205 से 270 रुपये तक पहुंच सकता है। लालघाटी से एमपी नगर का किराया 152 से 167 रुपये से बढ़कर 302 से 401 रुपये और रातीबड़ थाना से भोपाल रेलवे स्टेशन का किराया 274 से 314 रुपये से बढ़कर 474 से 638 रुपये तक हो सकता है।

    टैक्सी चालकों की मांगों में निर्धारित किराया नीति लागू करने के अलावा एग्रीगेटर कंपनियों की मनमानी पर रोक निजी नंबर वाले वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर कार्रवाई अवैध बाइक टैक्सी संचालन पर रोक और ड्राइवरों के लिए सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था शामिल है। इससे पहले भी ड्राइवरों ने फटे कपड़े पहनकर और हाथों में कटोरा लेकर प्रदर्शन कर अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर नाराजगी जाहिर की थी।

    अब शनिवार की महाबैठक को आंदोलन की दिशा तय करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। संघ का कहना है कि अगर सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाया तो भोपाल से शुरू हुआ यह आंदोलन प्रदेशव्यापी रूप ले सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में टैक्सी सेवाओं पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है।

  • 23 से 25 जून तक भोपाल एयरपोर्ट पर टैक्सी संकट: एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ हड़ताल पर ड्राइवर, यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल

    23 से 25 जून तक भोपाल एयरपोर्ट पर टैक्सी संकट: एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ हड़ताल पर ड्राइवर, यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल


    मध्यप्रदेश । भोपाल से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अगले सप्ताह मुश्किलें बढ़ सकती हैं। 23 जून से 25 जून तक भोपाल एयरपोर्ट पर टैक्सी सेवाएं प्रभावित रहेंगी, क्योंकि टैक्सी चालकों ने एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। इस दौरान चालक ऑनलाइन टैक्सी बुकिंग एप्स के जरिए आने वाली राइड्स स्वीकार नहीं करेंगे, जिससे एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है।

    भोपाल टैक्सी चालक संघ का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। संघ के महामंत्री राजेश कुमार नागले के अनुसार, इससे पहले 7 फरवरी और 12 जून को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर सांकेतिक धरना प्रदर्शन कर शासन और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण संगठन ने आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया है।

    संघ का आरोप है कि ऐप आधारित टैक्सी कंपनियां राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किराया दरों का पालन नहीं कर रही हैं। ड्राइवरों का कहना है कि उन्हें तय मानकों से कम भुगतान किया जा रहा है, जिससे उनकी आय लगातार प्रभावित हो रही है। संगठन का दावा है कि वर्तमान परिस्थितियों में ड्राइवरों के लिए परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल होता जा रहा है।

    हड़ताल के चलते सबसे अधिक प्रभाव भोपाल एयरपोर्ट पर देखने को मिल सकता है। रोजाना सैकड़ों यात्री एयरपोर्ट तक पहुंचने और वहां से शहर के विभिन्न हिस्सों में जाने के लिए टैक्सी सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में यात्रियों को निजी वाहन, ऑटो रिक्शा, पारिवारिक सहायता या अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है। संघ ने आम लोगों से भी अपील की है कि आंदोलन के समर्थन में इन तीन दिनों के दौरान एग्रीगेटर कंपनियों के मोबाइल एप का उपयोग न करें।

    टैक्सी चालक संघ ने अपनी मांगों में राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किराए को लागू करने, बेस फेयर 40 रुपये और प्रति किलोमीटर 20 से 25 रुपये किराया तय करने, राइड टाइम का अलग भुगतान, गूगल मैप के आधार पर दूरी की सटीक गणना, ड्राइवरों का बीमा, रात के समय अतिरिक्त शुल्क और भोपाल में कंपनियों के स्थानीय कार्यालय स्थापित करने जैसी मांगें शामिल की हैं। इसके अलावा ड्राइवरों ने बंद की गई आईडी को दोबारा सक्रिय करने और वन-वे बुकिंग व्यवस्था समाप्त कर दोनों तरफ का किराया देने की भी मांग की है।

    गौरतलब है कि हाल ही में राजधानी भोपाल में टैक्सी चालकों ने अपनी मांगों को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन भी किया था। बोर्ड ऑफिस चौराहे पर बड़ी संख्या में चालक फटे कपड़े पहनकर और हाथों में कटोरा लेकर प्रतीकात्मक रूप से भीख मांगते नजर आए थे। इस प्रदर्शन का उद्देश्य यह बताना था कि मौजूदा व्यवस्था में उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

    अब सभी की निगाहें प्रशासन और एग्रीगेटर कंपनियों पर टिकी हैं। यदि जल्द कोई समाधान नहीं निकला तो टैक्सी चालक संघ ने आंदोलन को और तेज करने तथा शहर में टैक्सी और ऑटो सेवाओं को पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे 23 से 25 जून के बीच अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाकर रखें और वैकल्पिक परिवहन साधनों की व्यवस्था कर लें।