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  • आधे एमपी में बारिश का अलर्ट, लेकिन गर्मी बरकरार: भोपाल 43.7°C पर पहुंचा, 10 साल का रिकॉर्ड बराबर

    आधे एमपी में बारिश का अलर्ट, लेकिन गर्मी बरकरार: भोपाल 43.7°C पर पहुंचा, 10 साल का रिकॉर्ड बराबर

    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में इन दिनों आसमान से आग बरस रही है और गर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। राजधानी Bhopal में बुधवार को तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। खास बात यह है कि यह आंकड़ा पिछले 10 साल के रिकॉर्ड की बराबरी करता है, जब 30 अप्रैल 2019 को भी इतना ही तापमान दर्ज किया गया था। हालांकि अप्रैल का ऑल टाइम रिकॉर्ड 44.4 डिग्री (1996) अब भी बरकरार है।
    तेज गर्मी के बावजूद मौसम में बदलाव के संकेत भी मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के कारण कई हिस्सों में बादल, गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना बन रही है। यही वजह है कि अगले 3–4 दिनों में लू से कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है।

     इन जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट
    मौसम विभाग ने Gwalior, Morena, Bhind, Shivpuri, Sagar, Rewa, Satna, Singrauli, Chhindwara और Balaghat समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में मौसम अचानक बदल सकता है, जिससे तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।
    वहीं दूसरी ओर Indore, Ujjain, Jabalpur और आसपास के क्षेत्रों में गर्मी का असर फिलहाल बना रहेगा।

    सीधी सबसे गर्म, कई शहर 43°C के पार
    बुधवार को Sidhi प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा रायसेन में 43.6°C, नरसिंहपुर और खंडवा में 43°C, जबकि सतना, टीकमगढ़ और रीवा जैसे शहरों में भी पारा 42°C के पार पहुंच गया। प्रदेश के बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल के बाद इंदौर में 40.1°C, ग्वालियर में 39.4°C, उज्जैन में 40°C और जबलपुर में 40.8°C तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    2 मई से नया सिस्टम, बदल सकता है मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार, 2 मई से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने जा रहा है। इसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा, जिससे आंधी, बादल और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

     हीट वेव से बचाव के लिए जरूरी एडवाइजरी
    तेज गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासतौर पर दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचने को कहा गया है, क्योंकि इस समय लू का असर सबसे ज्यादा होता है।
    लोगों को पर्याप्त पानी पीने, हल्के और सूती कपड़े पहनने, और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

    राहत के संकेत, लेकिन गर्मी अभी जारी
    मध्य प्रदेश में फिलहाल गर्मी का कहर जारी है, लेकिन कुछ जिलों में बारिश और मौसम बदलाव के संकेत राहत दे सकते हैं। आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।

  • मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का कहर, भोपाल में मंगलवार रहा सीजन का सबसे गर्म दिन

    मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का कहर, भोपाल में मंगलवार रहा सीजन का सबसे गर्म दिन

    भोपाल। मध्य प्रदेश में गर्मी लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। राज्य का प्रमुख पर्यटन स्थल खजुराहो इस समय सबसे ज्यादा तप रहा है, जहां मंगलवार को तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में भी पारा 43.6 डिग्री तक पहुंच गया, जो पिछले 10 वर्षों में दूसरा सबसे अधिक और इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा।

    मौसम में बदलाव का कारण सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन है, जिसकी वजह से राज्य के उत्तरी क्षेत्रों ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिली है। हालांकि, बुधवार को प्रदेश के 15 जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, विदिशा, सागर, रायसेन, मंडला और छिंदवाड़ा शामिल हैं।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) भोपाल केंद्र के अनुसार, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, सतना और रीवा में दिन के समय लू का प्रभाव रहेगा, जबकि शाम के बाद मौसम में बदलाव के संकेत हैं। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, बालाघाट, सिवनी और बैतूल में भी वर्षा की संभावना जताई गई है।

    भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेष रूप से दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि इस समय लू का असर सबसे ज्यादा रहता है। भोपाल सहित कई शहरों में गर्मी का प्रभाव अभी जारी रहने वाला है।

    मंगलवार को खजुराहो के अलावा कई शहरों में तापमान 44 डिग्री के पार दर्ज किया गया। सीधी में 44.6 डिग्री और श्योपुर में 44 डिग्री तापमान रहा। वहीं रायसेन में 43.8, उमरिया में 43.5, खंडवा में 43.4, मुरैना में 43.3, मंडला में 43.2 और रतलाम-दमोह में 43 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल 43.6 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि इंदौर में 42.2, जबलपुर में 42.7 और ग्वालियर व उज्जैन में 41 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

  • एमपी में गर्मी ने दिखाए तेवर, 40 डिग्री सेल्सियस पहुंचा पारा, भोपाल-इंदौर-उज्जैन में बढ़ी गर्मी

    एमपी में गर्मी ने दिखाए तेवर, 40 डिग्री सेल्सियस पहुंचा पारा, भोपाल-इंदौर-उज्जैन में बढ़ी गर्मी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने तेजी से असर दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार को इस सीजन में पहली बार प्रदेश में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रतलाम सबसे गर्म शहर रहा। वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई बड़े शहरों में भी गर्मी के तेवर तेज दिखाई दिए।

    मौसम विभाग के अनुसार, तेज गर्मी के बीच 14 और 15 मार्च को प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम बदल सकता है। इन दिनों बारिश, बादल छाने और गरज-चमक की स्थिति बनने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के प्रभाव के कारण विभाग ने दो दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है।

    बुधवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में गर्मी का असर देखने को मिला। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ग्वालियर और उज्जैन में 37.7 डिग्री, भोपाल में 36.4 डिग्री तथा जबलपुर में 36.5 डिग्री तापमान रहा।

    अन्य शहरों में भी पारा तेजी से बढ़ा। रतलाम में तापमान 40 डिग्री दर्ज किया गया। नर्मदापुरम में 39.9 डिग्री, धार में 39.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 38.4 डिग्री, खजुराहो में 38.2 डिग्री और गुना में 38.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा दमोह, मंडला, उमरिया, सागर, खरगोन, खंडवा और श्योपुर में भी अधिकतम तापमान 37 डिग्री या उससे अधिक रहा। मार्च में पहली बार इतना अधिक तापमान दर्ज किया गया है।

    दूसरे सप्ताह से तेज हुई गर्मी
    प्रदेश में मार्च के दूसरे सप्ताह से ही गर्मी का असर बढ़ने लगा है। ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और इंदौर संभाग के शहरों में तापमान अधिक दर्ज किया जा रहा है। आने वाले दिनों में भी इन क्षेत्रों में गर्मी का प्रभाव ज्यादा रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस समय हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से बदलकर पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हो गई है। हवा में नमी कम है और यह रेगिस्तानी इलाकों से होकर मध्य प्रदेश तक पहुंच रही है, जिससे गर्मी बढ़ रही है।

    इन जिलों में बदलेगा मौसम
    14 मार्च: ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, मुरैना, श्योपुर और भिंड।
    15 मार्च: ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम और बैतूल।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार अप्रैल और मई में प्रदेश में हीट वेव यानी लू चलने की संभावना है। अनुमान है कि करीब 15 से 20 दिन तक लू का असर रह सकता है। आमतौर पर पिछले 10 वर्षों में 15 मार्च के बाद गर्मी तेज होती थी, लेकिन इस बार मार्च की शुरुआत में ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

  • MP में कुदरत के दोहरे तेवर: कड़ाके की ठंड के बीच 28 जिलों में बारिश का अलर्ट, 4.9 डिग्री तक लुढ़का पारा

    MP में कुदरत के दोहरे तेवर: कड़ाके की ठंड के बीच 28 जिलों में बारिश का अलर्ट, 4.9 डिग्री तक लुढ़का पारा


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में इस समय कुदरत के दोहरे तेवर देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां कोहरे और शीतलहर ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया हैवहीं दूसरी तरफ अब बारिश की दस्तक ने ठंड की तीव्रता को और बढ़ा दिया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, प्रदेश के ऊपर इस समय साइक्लोनिक सर्कुलेशन चक्रवातीय परिसंचरण और एक ट्रफ लाइन सक्रिय है। इस सिस्टम के प्रभाव से अगले दो दिन यानी 27 और 28 जनवरी को प्रदेश के 28 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

    मौसम के इस बदले मिजाज के कारण तापमान में 4.9 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा संभाग समेत कई इलाकों में सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। कड़ाके की ठंड का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राजगढ़ में पारा गिरकर 6.6 डिग्री तक पहुंच गया है, जबकि दतिया, शिवपुरी और पचमढ़ी जैसे पर्यटन स्थलों में भी रात का तापमान 8 डिग्री के आसपास बना हुआ है। ग्वालियर में पारा 7.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जिससे उत्तर मध्य प्रदेश में कंपकंपी बढ़ गई है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 30 जनवरी को एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से न केवल जनवरी के अंतिम दिन बल्कि फरवरी की शुरुआत भी बारिश और बूंदाबांदी के साथ हो सकती है। बारिश होने के कारण रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट आने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में ठंड का अहसास और ज्यादा तीखा होगा।

    इन इलाकों में रहें सावधान आज यानी 27 जनवरी को भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, शिवपुरी, भिंड, मुरैना और सागर जैसे संभागों में बारिश का येलो अलर्ट है। वहीं कल 28 जनवरी को पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों जैसे जबलपुर, शहडोल, सीधी, रीवा और कटनी में पानी गिरने की प्रबल संभावना है। प्रशासन ने बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

  • MP में मौसम का बदला मिजाज: सीजन का पहला घना कोहरा, मुरैना-रीवा में विजिबिलिटी 50 मीटर; 14 जिलों में अलर्ट

    MP में मौसम का बदला मिजाज: सीजन का पहला घना कोहरा, मुरैना-रीवा में विजिबिलिटी 50 मीटर; 14 जिलों में अलर्ट


    मध्यप्रदेश में ठंड ने अब अपना असली असर दिखाना शुरू कर दिया है। सोमवार की सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में इस सीजन का पहला घना कोहरा देखने को मिला। हालात सबसे ज्यादा खराब रीवा में रहे, जहां विजिबिलिटी घटकर महज 50 मीटर रह गई। मुरैना और रायसेन में भी यही स्थिति रही जिससे सुबह के समय सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए और ड्राइवरों को हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा। राजधानी भोपाल में भी कोहरे का असर साफ दिखा। यहां दृश्यता 500 मीटर से 1 किलोमीटर के बीच दर्ज की गई। कई इलाकों में सुबह 11 बजे तक भी 2 से ढाई किलोमीटर दूर तकसाफ नजर नहीं आ रहा था। मौसम विभाग के अनुसार ठंड के इस सीजन में यह पहली सुबह रही, जब प्रदेश के इतने बड़े हिस्से में एक साथ घना कोहरा छाया।

    मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, रीवा के अलावा छतरपुर के खजुराहो में विजिबिलिटी 50 से 200 मीटर रही। भोपाल, ग्वालियर, दतिया और सीधी में दृश्यता 500 से 1000 मीटर के बीच दर्ज की गई। वहीं इंदौर, नर्मदापुरम, सागर, रतलाम, दमोह और मंडला में 1 से 2 किलोमीटर तक विजिबिलिटी रही। अशोकनगर, पचमढ़ी, टीकमगढ़, विदिशा, शाजापुर, सीहोर और देवास में भी सुबह कोहरे की चादर छाई रही। कोहरे के साथ-साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश के पांच बड़े शहरों में भोपाल सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इंदौर में 6.6 डिग्री, ग्वालियर में 9.1 डिग्री, उज्जैन में 9.3 डिग्री और जबलपुर में 9.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा।

    प्रदेश में सबसे ठंडे स्थान पचमढ़ी और राजगढ़ रहे, जहां पारा 5.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। बैतूल में 5.8 डिग्री, उमरिया में 7 डिग्री, रीवा में 7.5 डिग्री, रायसेन में 7.6 डिग्री, मलाजखंड और नौगांव में 7.8 डिग्री, खजुराहो में 8.1 डिग्री और नरसिंहपुर में 8.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने प्रदेश के 14 जिलों में कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। हालांकि राहत की बात यह है कि अगले तीन दिनों तक शीतलहर चलने की संभावना कम है। लेकिन 17 दिसंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय होने जा रहा है जिसका असर मध्यप्रदेश में भी देखने को मिलेगा। इसके चलते ठंड फिर से तेज हो सकती है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय जेट स्ट्रीम भी सक्रिय है। यह जमीन से करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर लगभग 176 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। यही तेज ऊंची हवाएं उत्तर भारत और मध्य भारत में ठंड बढ़ाने का काम कर रही हैं। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं के साथ जब जेट स्ट्रीम सक्रिय होती है, तो ठंड का असर दोगुना हो जाता है।इस बार नवंबर में ही सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे लंबा दौर माना जा रहा है। 17 नवंबर की रात भोपाल में तापमान 5.2 डिग्री तक पहुंच गया था, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

    मौसम विभाग का कहना है कि दिसंबर और जनवरी ठंड के लिहाज से सबसे अहम महीने होते हैं। आने वाले दिनों में ग्वालियर-चंबल, उज्जैन, भोपाल, सागर, रीवा और जबलपुर संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है। विशेषज्ञों के मुताबिक, दिसंबर और जनवरी में 20 से 22 दिन तक कोल्ड वेव चल सकती है। कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश में ठंड का असली दौर अब शुरू हो चुका है। कोहरा, गिरता तापमान और आने वाले पश्चिमी विक्षोभ के संकेत बताते हैं कि अगले कुछ हफ्तों में लोगों को ठिठुरन के लिए तैयार रहना होगा।