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  • भोपाल में सीएम मोहन यादव का अनोखा अंदाज जनता के बीच पहुंचे कांग्रेस पर साधा निशाना

    भोपाल में सीएम मोहन यादव का अनोखा अंदाज जनता के बीच पहुंचे कांग्रेस पर साधा निशाना


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार को एक अलग ही राजनीतिक और जनसंवाद का नजारा देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव अचानक वीआईपी रोड स्थित एक रेस्टोरेंट पहुंच गए। उनके इस अचानक दौरे ने वहां मौजूद लोगों को चौंका दिया और माहौल उत्साह से भर गया। मुख्यमंत्री ने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात को सुना और आम लोगों के साथ बैठकर संवाद भी किया।

    सीएम का यह अंदाज काफी अलग और सहज था जहां उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के युवाओं और आम नागरिकों से बातचीत की। उन्होंने लोगों के साथ बैठकर स्वल्पाहार किया और विभिन्न मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार तीसरे साल यह अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के जरिए पुराने जल स्रोतों जैसे कुएं और बावड़ियों को नया जीवन मिल रहा है और मध्यप्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री ने किसानों के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी और कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह किसान हितैषी है। उन्होंने बताया कि सरकार गेहूं के साथ साथ चना और मसूर की भी खरीद कर रही है जिससे किसानों को बेहतर लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया।

    इस दौरान सीएम मोहन यादव ने विपक्ष विशेषकर कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बहनों के साथ जो अन्याय हुआ है उसे देश कभी नहीं भूलेगा और कांग्रेस को इसके लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकारों के प्रति सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया।

    सीएम ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय ऐतिहासिक है लेकिन विपक्षी दलों के रवैये के कारण यह पूरी तरह लागू नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की शिक्षा सुरक्षा और रोजगार के लिए लगातार प्रयास कर रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।

    इस पूरे कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का सहज और जनसरोकारों से जुड़ा रूप देखने को मिला जहां उन्होंने सीधे जनता के बीच जाकर संवाद स्थापित किया। लोगों ने भी उनके इस अंदाज की सराहना की और खुलकर अपने विचार साझा किए।

    कुल मिलाकर यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि आम लोगों से जुड़ने और उनके बीच भरोसा मजबूत करने की एक पहल के रूप में देखा जा रहा है जिसमें मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं के साथ साथ राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी स्पष्ट राय रखी।

  • महिला आरक्षण को लेकर सियासी संग्राम, भोपाल में CM मोहन यादव का तीखा वार, हजारों बहनों ने निकाली पदयात्रा

    महिला आरक्षण को लेकर सियासी संग्राम, भोपाल में CM मोहन यादव का तीखा वार, हजारों बहनों ने निकाली पदयात्रा

    भोपाल । भोपाल की सड़कों पर रविवार को महिला आक्रोश और राजनीतिक संदेशों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला जब ‘जन-आक्रोश महिला पदयात्रा’ में हजारों की संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों को कुचलने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और जरूरत पड़ी तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बहनों की इच्छा और अधिकार के खिलाफ जाने वालों को इतिहास कभी माफ नहीं करेगा।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि महिला आरक्षण बिल का विरोध करना देश की आधी आबादी के साथ अन्याय है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो नेता महिलाओं के अधिकार की बात करते हैं वही अब उनके हक को कमजोर करने में लगे हैं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाया कि उन्होंने महिलाओं की आकांक्षाओं को दबाने का काम किया है।

    सीएम डॉ. यादव ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारतीय समाज की परंपरा हमेशा से नारी शक्ति के सम्मान पर आधारित रही है। उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा कि समाज सुधारकों ने महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया है और आज भी वही विचारधारा आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बिना नारी शक्ति के किसी भी समाज का विकास संभव नहीं है और सरकार हमेशा महिलाओं के साथ खड़ी है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हजारों महिलाओं का अभिवादन किया और कहा कि यह आक्रोश केवल विरोध नहीं बल्कि अपने अधिकारों के लिए उठी आवाज है जिसे पूरे देश तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि महिलाएं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रही हैं और यह देश की शक्ति का प्रतीक है।

    इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि महिला आरक्षण कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि महिलाओं का अधिकार था जिसे जानबूझकर रोका गया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की भूमिका इस मामले में निराशाजनक रही है और यह कदम महिलाओं के सपनों पर चोट के समान है।

    कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने हाथों में स्लोगन लिखे पोस्टर लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। कई जगहों पर नारों और गीतों के माध्यम से महिलाओं ने अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। पूरे आयोजन के दौरान राजधानी की सड़कों पर एक अलग ही माहौल देखने को मिला जहां सामाजिक और राजनीतिक चेतना का संगम नजर आया।

    मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि सरकार हर स्तर पर महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और आगे भी इस दिशा में मजबूत कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा और अन्य मंचों पर महिलाओं के अधिकारों की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा। पूरा आयोजन केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि महिलाओं की शक्ति और उनके अधिकारों की अभिव्यक्ति के रूप में सामने आया, जिसने भोपाल की सड़कों को जनआंदोलन के रंग में रंग दिया।

  • भोपाल में दर्दनाक हादसा एलपीजी टैंकर दीवार तोड़कर घर में घुसा मासूम की मौत परिवार घायल

    भोपाल में दर्दनाक हादसा एलपीजी टैंकर दीवार तोड़कर घर में घुसा मासूम की मौत परिवार घायल


    भोपाल ।
    राजधानी के छोला मंदिर क्षेत्र में शनिवार देर रात एक भयावह सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया जब एक एलपीजी टैंकर अनियंत्रित होकर रिहायशी इलाके में घुस गया और दीवार तोड़ते हुए सीधे एक घर के अंदर जा घुसा। यह हादसा रात लगभग दो बजकर बीस मिनट पर हुआ जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे और अचानक हुए तेज धमाके ने पूरे मोहल्ले में अफरा तफरी मचा दी।

    हादसे के दौरान घर में सो रही सात वर्षीय मासूम बच्ची खुशी गेहार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। टैंकर के पहिये और मलबे के बीच वह करीब एक घंटे तक फंसी रही जिसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से उसका शव बाहर निकाला जा सका। इस हृदयविदारक घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।

    हादसे में बच्ची के पिता मोनू गेहार मां मनीषा गेहार और भाई आरुष सहित कुल चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और लगातार निगरानी में रखा गया है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एलपीजी टैंकर तेज रफ्तार में था और चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा जिसके बाद वह सीधे रिहायशी बस्ती की ओर बढ़ गया और घर की दीवार तोड़ते हुए अंदर घुस गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि आसपास के दो अन्य मकानों को भी नुकसान पहुंचा है जिससे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बन गया।

    घटना के बाद मौके पर भारी अफरा तफरी मच गई। स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे और मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास शुरू किया। सूचना मिलते ही छोला मंदिर और निशातपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिस ने टैंकर को कब्जे में ले लिया है जबकि चालक घटना के बाद फरार बताया जा रहा है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार वाहन की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा मानवीय लापरवाही का परिणाम था या फिर किसी तकनीकी खराबी के कारण हुआ। वहीं प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।

    स्थानीय लोगों ने इस हादसे के बाद प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग भी की जा रही है।

    एसीपी अक्षय चौधरी ने बताया कि हादसे में बच्ची खुशी गेहार की मौत हुई है जबकि चार लोग घायल हैं और सभी का इलाज जारी है। उन्होंने कहा कि आरोपी चालक की तलाश की जा रही है और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    यह हादसा एक बार फिर शहर में भारी वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

  • राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने किया करीब 2 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन

    राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने किया करीब 2 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन


    भोपाल :  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने शनिवार को गोविंदपुरा में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। उन्होंने बताया कि लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण निर्माण कार्य कराए जाएंगे, जिनमें मालीखेड़ी विसर्जन घाट का उन्नयन प्रमुख है।
    राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि मालीखेड़ी विसर्जन घाट को 1 करोड़ 45 लाख रुपये की लागत से आधुनिक एवं सुविधायुक्त बनाया जाएगा। घाट पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पक्का प्लेटफॉर्म, सुरक्षा रेलिंग, समुचित प्रकाश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था तथा स्वच्छता संबंधी आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे।
    राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि गोविंदपुरा क्षेत्र में विकास कार्यों को निरंतर प्राथमिकता दी जा रही है। क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
    गोविन्दपुरा में वार्ड 72 के मालीखेड़ी में सीसी रोड एवं आरसीसी नाली निर्माण कार्य तथा मेन रोड स्थित दुर्गा मंदिर के चबूतरे के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया गया, जिसकी लागत 7 लाख 18 हजार रुपये है। वार्ड 72 की लीलाधर कॉलोनी में आरसीसी नाली निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया गया, जिसकी लागत 2 लाख 86 हजार रुपये है। वार्ड 72 के गीता नगर में शंकर जी मंदिर के पास रिटेनिंग वॉल निर्माण, गीता नगर पार्श्व धाम स्थित कम्युनिटी हॉल में शेड निर्माण तथा बिहारी कॉलोनी में रोड एवं आंगनवाड़ी के पास आरसीसी नाली निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया गया, जिनकी कुल लागत 15 लाख रुपये है।
    वार्ड 72 के अटल नेहरू नगर में बालाजी मंदिर से आंगनवाड़ी तक, श्री महावीर हनुमान मंदिर के पास सड़क निर्माण तथा अप्रोच रोड से मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक तक सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया गया, जिसकी लागत 13 लाख रुपये है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं, जिससे नागरिकों को शीघ्र लाभ मिल सके।
  • स्वास्थ्य सेवा में एआई की नई छलांग: एम्स भोपाल में शुरू हुई डिजिटल नेविगेशन सुविधा, रोजाना 12 हजार मरीजों का सफर होगा आसान।

    स्वास्थ्य सेवा में एआई की नई छलांग: एम्स भोपाल में शुरू हुई डिजिटल नेविगेशन सुविधा, रोजाना 12 हजार मरीजों का सफर होगा आसान।


    मध्य प्रदेश की राजधानी स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान AIIMS भोपाल ने देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अक्सर बड़े अस्पतालों के विशाल परिसर और एक जैसी इमारतों के बीच मरीज और उनके परिजन विभाग ढूँढ़ते हुए भटक जाते हैं, लेकिन अब एम्स भोपाल में इस समस्या का अंत होने जा रहा है। संस्थान ने देश की पहली ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI आधारित नेविगेशन प्रणाली’ शुरू की है। इस स्मार्ट तकनीक की मदद से अब रोजाना अस्पताल आने वाले 10 से 12 हजार लोगों को अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए किसी से रास्ता पूछने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

    यह आधुनिक प्रणाली बिल्कुल वैसे ही काम करेगी जैसे हम अनजान शहरों में ‘गूगल मैप्स’ का उपयोग करते हैं। अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार और प्रमुख चौराहों पर विशेष क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं। जैसे ही कोई मरीज या परिजन अपने मोबाइल से इस कोड को स्कैन करेगा उसकी स्क्रीन पर पूरे अस्पताल का इंटरैक्टिव मैप खुल जाएगा। यह तकनीक आईआईटी इंदौर की विशेषज्ञ टीम और एक स्थानीय स्टार्टअप के सहयोग से तैयार की गई है, जो वेब और मोबाइल एप दोनों स्वरूपों में उपलब्ध होगी।

    अस्पताल प्रशासन ने इस सिस्टम को बेहद सटीक बनाने के लिए इमारतों के बाहर जीपीएस और भवनों के अंदर ‘रिले उपकरणों’ का उपयोग किया है। चूंकि इमारतों के भीतर जीपीएस सिग्नल कमजोर हो जाते हैं, इसलिए हर 15 मीटर पर विशेष सेंसर लगाए गए हैं जो मोबाइल को बिल्कुल सटीक दिशा संकेत देंगे। यह पायलट प्रोजेक्ट फिलहाल एक महीने के परीक्षण पर है, जिसकी सफलता के बाद इसे पूरे परिसर में स्थायी रूप से लागू कर दिया जाएगा। इस पहल से न केवल मरीजों का कीमती समय बचेगा, बल्कि भ्रम की स्थिति खत्म होने से अस्पताल के स्टाफ पर से भी मार्गदर्शन का अतिरिक्त बोझ कम होगा।

  • भोपाल वृत्त के 3 लाख उपभोक्ताओं को जनवरी में 2 करोड़ से ज्यादा की राहत, स्मार्ट मीटर से मिला टाइम ऑफ डे छूट का लाभ

    भोपाल वृत्त के 3 लाख उपभोक्ताओं को जनवरी में 2 करोड़ से ज्यादा की राहत, स्मार्ट मीटर से मिला टाइम ऑफ डे छूट का लाभ


    भोपाल। स्मार्ट मीटरिंग पहल के तहत भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने जनवरी 2026 में उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। कंपनी के कार्य क्षेत्र में कुल 5 लाख 20 हजार 457 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनके मासिक बिजली बिल में टाइम ऑफ डे छूट का लाभ दिया गया है। इस दौरान उपभोक्ताओं को कुल 3 करोड़ 61 लाख 26 हजार रुपये की रियायत प्रदान की गई।

    इसमें सबसे बड़ा लाभ भोपाल शहरी और ग्रामीण वृत्त के उपभोक्ताओं को मिला है। इन दोनों वृत्तों के 2 लाख 97 हजार 813 उपभोक्ताओं को केवल दिन के टैरिफ में 2 करोड़ 10 लाख 66 हजार रुपये की छूट दी गई। यह छूट स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनकी बिजली खपत के आधार पर प्रदान की गई है।

    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह छूट सरकारी सब्सिडी को छोड़कर दी गई है। यानी उपभोक्ताओं को जो भी राहत मिली है वह सीधे स्मार्ट मीटर और टाइम ऑफ डे टैरिफ व्यवस्था के कारण मिली है। यह पहल उपभोक्ताओं को दिन के समय खासकर सोलर ऑवर में बिजली उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लागू की गई है जिसमें 20 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान है।

    कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाने में सहयोग करें और इससे जुड़ी किसी भी तरह की आशंका से बचें। कंपनी का कहना है कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह सुरक्षित सटीक और पारदर्शी प्रणाली पर आधारित हैं। इनमें रीडिंग और बिलिंग में किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई संभावना नहीं रहती।

    स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत पर बेहतर नियंत्रण देने में भी मदद करते हैं। मोबाइल ऐप के जरिए उपभोक्ता रियल-टाइम डेटा देख सकते हैं और यह समझ सकते हैं कि किस समय अधिक बिजली की खपत हो रही है। इससे न केवल बिजली बचाने में मदद मिलती है बल्कि अनावश्यक खर्च पर भी रोक लगती है।

    इसके अलावा स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को ऊर्जा की गुणवत्ता की जानकारी भी देते हैं जिससे वे अपनी खपत की आदतों में सुधार कर सकते हैं। उपभोक्ता किसी भी समय और कहीं से भी मोबाइल एप के माध्यम से अपनी बिजली खपत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

    कंपनी का कहना है कि स्मार्ट मीटर न सिर्फ उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद हैं बल्कि इससे ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। बिजली की बचत से कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है जिससे पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

    कुल मिलाकर स्मार्ट मीटरिंग और टाइम ऑफ डे छूट योजना ने जनवरी 2026 में भोपाल क्षेत्र के लाखों उपभोक्ताओं को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचाया है और भविष्य में इससे और अधिक उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

  • भोपाल की सड़कों पर मौत से खेल: चलती बाइक पर खड़े होकर नाबालिग का खतरनाक स्टंट, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

    भोपाल की सड़कों पर मौत से खेल: चलती बाइक पर खड़े होकर नाबालिग का खतरनाक स्टंट, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप


    भोपाल। राजधानी भोपाल की सड़कों पर यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ताजा मामला एक ऐसे वायरल वीडियो का है, जिसने आम लोगों से लेकर प्रशासन तक को चौंका दिया है। इस वीडियो में वीआईपी चौराहे से इकबाल मैदान की ओर जाती सड़क पर एक नाबालिग बच्चा चलती दोपहिया गाड़ी पर खड़े होकर जानलेवा स्टंट करता नजर आ रहा है।

    वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बाइक पर पीछे बैठा बच्चा सीट पर खड़ा है और संतुलन बनाते हुए खतरनाक करतब दिखा रहा है, जबकि बाइक चालक पूरी तरह बेफिक्र होकर वाहन चला रहा है। सड़क पर अन्य वाहन भी चल रहे हैं और जरा सी चूक किसी बड़े हादसे में बदल सकती थी। यह दृश्य न सिर्फ डराने वाला है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

    यह मामला मोटर व्हीकल एक्ट के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। नाबालिग को इस तरह खुलेआम स्टंट करने देना उसकी जान से खिलवाड़ है, साथ ही यह अन्य वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है। नियमों के अनुसार, दोपहिया वाहन पर इस तरह का स्टंट और नाबालिग की सुरक्षा से समझौता करना दोनों ही दंडनीय अपराध हैं।

    सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। कई यूजर्स ने ट्रैफिक पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि सिर्फ चालान काटना ही काफी नहीं, बल्कि ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की लापरवाही न करे।

    गौरतलब है कि भोपाल में पिछले कुछ समय से इस तरह के स्टंट के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कुछ दिन पहले वीआईपी रोड पर एक बाइक पर सात लोग सवार होकर स्टंट करते पाए गए थे। इसके बावजूद ऐसे मामलों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।

    अब सवाल यह उठता है कि क्या ट्रैफिक पुलिस इस वायरल वीडियो के आधार पर वाहन चालक की पहचान कर पाएगी और क्या नाबालिग को खतरे में डालने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई होगी। राजधानी की सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन को अब सख्त कदम उठाने की जरूरत है, ताकि ऐसे जानलेवा स्टंट पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।

  • राजधानी की हरियाली पर स्लो प्वाइजन हमला: पेड़ काटे नहीं जा रहे, जहर देकर सुखाए जा रहे भोपाल की ग्रीनरी खतरे में

    राजधानी की हरियाली पर स्लो प्वाइजन हमला: पेड़ काटे नहीं जा रहे, जहर देकर सुखाए जा रहे भोपाल की ग्रीनरी खतरे में


    भोपाल। राजधानी भोपाल की पहचान मानी जाने वाली हरियाली पर अब खुलकर बुरी नजर लग चुकी है। विकास के नाम पर पहले ही लाखों पेड़ काटे जा चुके हैं और अब पेड़ों को खत्म करने का एक नया और खतरनाक तरीका सामने आया है। पेड़ काटने के बजाय उन्हें स्लो प्वाइजन देकर सुखाया जा रहा है, ताकि कटाई की अनुमति लेने की जरूरत ही न पड़े।

    राजधानी के सबसे अधिक ग्रीन कवर वाले इलाकों में शामिल प्रोफेसर कॉलोनी में यह गंभीर मामला सामने आया है। यहां वर्षों पुराने हरे-भरे पेड़ों में छेद करके केमिकल भरा गया है और ऊपर से मिट्टी लगा दी गई है। इसका असर यह हो रहा है कि पेड़ खड़े-खड़े सूख रहे हैं। कई पेड़ पहले ही सूख चुके हैं, जो इस बात की गवाही दे रहे हैं कि यह कोई पहला मामला नहीं है। अब बारी उन पेड़ों की है, जो अभी हरे हैं और लोगों को ऑक्सीजन व फल दोनों दे रहे हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह तरीका बेहद खतरनाक है, क्योंकि इससे न तो पेड़ काटने की अनुमति लेनी पड़ती है और न ही तत्काल कार्रवाई का शक होता है। धीरे-धीरे पेड़ सूख जाते हैं और फिर उन्हें काट दिया जाता है।

    एनजीटी की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में भोपाल में 6 लाख से अधिक पेड़ काटे जा चुके हैं। वर्ष 2016 की तुलना में राजधानी का ग्रीन कवर तेजी से घटा है। मेट्रो प्रोजेक्ट, स्मार्ट सिटी, सड़क चौड़ीकरण, वीवीआईपी बंगलों के पुनर्विकास और खनन परियोजनाओं के कारण हजारों पेड़ों की बलि दी गई है। रिपोर्ट बताती है कि शहर का ग्रीन कवर 22 से 26 प्रतिशत तक घट चुका है, जिससे तापमान और प्रदूषण दोनों में इजाफा हुआ है।

    इस मामले पर महापौर मालती राय ने कहा है कि मामला संज्ञान में आया है और इसकी जांच कराई जाएगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और हरियाली को नष्ट नहीं होने दिया जाएगा। वहीं कांग्रेस ने भी इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    पर्यावरण विशेषज्ञ नूर राशिद खान का कहना है कि यह सीधा कानूनी अपराध है। हरे-भरे पेड़ों को जहर देकर मारना अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने बताया कि यह इलाका रामसर साइट से भी जुड़ा हुआ है, जहां बिना अनुमति निर्माण और इस तरह की गतिविधियां पूरी तरह गैरकानूनी हैं।

    कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने सवाल उठाया कि नगर निगम आखिर क्या कर रहा है। जिन जगहों पर पेड़ों में सुराख कर जहर डाला गया है, वहां निगरानी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो वह दिन दूर नहीं जब भोपाल में पेड़ सिर्फ नाम के रह जाएंगे। हरियाली बचेगी तभी शहर की हवा साफ रहेगी, वरना भोपाल भी सिंगरौली जैसी स्थिति की ओर बढ़ सकता है।

  • आज भोपाल में इन इलाकों में रहेगी बिजली कटौती साथ ही जानें शहर में क्या-क्या खास है

    आज भोपाल में इन इलाकों में रहेगी बिजली कटौती साथ ही जानें शहर में क्या-क्या खास है


    भोपाल । आज भोपाल शहर के कई इलाकों में बिजली कटौती की जाएगी। बिजली के कनेक्शन में आने वाले बदलावों से कुछ इलाकों में आज सुबह से लेकर दोपहर तक बिजली नहीं रहेगी। प्रभावित इलाकों में यह कटौती होगी ।

    सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक

    अब्बास नगर नई बस्ती सेक्टर-5 महावीर बस्ती और आसपास के क्षेत्र
    सुबह 10 से शाम 4 बजे तक ,
    प्रगति परिसर MLA रेस्ट हाउस खजूरी गुर्जर अपार्टमेंट साईं स्पर्श-2 पलक विहार 11 मील और आसपास
    सुबह 11 से दोपहर 230
    बजे तक दानिशकुंज-1 व 2 फाइन कैंपस हरे-कृष्ण होम्स और आसपास
    दोपहर 12 से 2 बजे तक
    लेबर कॉलोनी अंजता कॉम्प्लेक्स अप्सरा कॉम्प्लेक्स रविदास नगर शांति नगर भारत नगर कर्मवीर नगर भवानी नगर सहित आसपास के इलाके
    नए साल से ट्रेनों की टाइमिंग में बदलाव भोपाल रानी कमलापति और संत हिरदाराम नगर बैरागढ़ से चलने वाली 26 ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है। अब रिजर्वेशन चार्ट 10 घंटे पहले जारी होगा।
    प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं ।
    22145 भोपाल–रीवा एक्सप्रेस रात 1105 की बजाय 1100 बजे
    19324 भोपाल–डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस शाम 500 की बजाय 510 बजे
    14814 भोपाल–जोधपुर एक्सप्रेस शाम 455 की बजाय 440 बजे
    12185 रानी कमलापति–रीवा एक्सप्रेस रात 1000 की बजाय 955 बजे
    22172 रानी कमलापति–पुणे एक्सप्रेस दोपहर 350 की बजाय 340 बजे
    01665 रानी कमलापति–अगरतला स्पेशल दोपहर 340 की बजाय 320 बजे

    आज के खास आयोजनों की जानकारी

    धोती-कुर्ता में क्रिकेट संस्कृत में कमेंट्री, स्थान अंकुर खेल मैदान शिवाजी नगर वेदिक ब्राह्मणों का अनोखा क्रिकेट टूर्नामेंट जिसमें खिलाड़ी धोती-कुर्ता पहनकर खेलेंगे और संस्कृत में कमेंट्री की जाएगी। आयोजन महर्षि मैत्री मैच श्रृंखला-6 5 से 9 जनवरी

    शलाका आर्ट एग्जीबिशन

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  • भोपाल के संजय नगर में बिजली डिस्ट्रीब्यूशन पाइंट में लगी भीषण आग राहत की बात – कोई जनहानि नहीं

    भोपाल के संजय नगर में बिजली डिस्ट्रीब्यूशन पाइंट में लगी भीषण आग राहत की बात – कोई जनहानि नहीं


    भोपाल । भोपाल के शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र स्थित संजय नगर में शुक्रवार रात एक बिजली डिस्ट्रीब्यूशन पाइंट डीपी में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें आसमान तक उठती हुईं और इलाके में घना धुआं फैल गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

    घटना का समय और स्थान
    यह घटना शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे के आसपास की है। संजय नगर क्षेत्र में एक बिजली पोल पर लगे डिस्ट्रीब्यूशन पाइंट डीपी से अचानक चिंगारी निकली जिसके बाद आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग तेज़ी से फैलने लगी और आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए।

    आग फैलने का कारण

    स्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआत में पोल के ऊपर से तेज आवाज के साथ चिंगारी निकली उसके बाद आग की लपटें उठने लगीं। प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है हालांकि बिजली विभाग की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। डीपी में लगी आग से तारों में जलन हुई जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।

    दमकल वाहन का न पहुंच पाना

    घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड को बुलाया गया लेकिन संजय नगर की संकरी गलियों के कारण दमकल वाहन मौके तक नहीं पहुंच सका। इस बीच बिजली विभाग ने आग के फैलने की संभावना को देखते हुए क्षेत्र की बिजली आपूर्ति तुरंत बंद कर दी जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

    स्थानीय लोगों की सतर्कता

    आग की लपटें तेज हो गईं तो स्थानीय लोगों ने बाल्टियों और अन्य संसाधनों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की। कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने आग बुझा दी। अगर यह प्रयास समय पर न किया जाता तो आग पास के घरों तक फैल सकती थी।

    प्रशासन और बिजली विभाग की प्रतिक्रिया
    घटना की जानकारी मिलने के बाद बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और जली हुई डीपी का निरीक्षण किया। अधिकारियों का कहना है कि डीपी को बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इलाके में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बिजली आपूर्ति बहाल करने की कोशिश की जा रही है। बिजली विभाग ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए इलाके में लगे पुराने उपकरणों की जांच की जाएगी। स्थानीय निवासियों ने भी यह मांग की है कि जर्जर बिजली ढांचे की समय रहते मरम्मत की जाए ताकि ऐसी घटनाएं फिर से न हों।