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आरिफ मसूद का पुलिस प्रशासन पर बड़ा हमला: समर्थक को कानूनी नोटिस मिलने से आगबबूला हुए कांग्रेस विधायक, बोले- खाकी की धौंस नहीं चलेगी, कोर्ट में भुगतना पड़ेगा
भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर खाकी और खादी के बीच का टकराव खुलकर सामने आ गया है, जिसने शहर के सियासी पारे को अचानक सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। पूरा मामला भोपाल मध्य विधानसभा सीट से कांग्रेस के कद्दावर विधायक आरिफ मसूद के एक बेहद करीबी समर्थक को पुलिस द्वारा कानूनी नोटिस थमाए जाने से जुड़ा हुआ है। अपने समर्थक को पुलिसिया कार्रवाई के दायरे में आता देख विधायक आरिफ मसूद का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए तलैया थाना प्रभारी (TI) को खुले मंच से एक बड़ी और सीधी चुनौती दे डाली है। विधायक ने तल्ख लहजे में पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए साफ शब्दों में कहा है कि “तैयार रहना टीआई साहब, अब इस पूरी मनमानी का जवाब आपको एनजीटी यानी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की अदालत में देना होगा।”इस पूरे फसाद की जड़ दरअसल भोपाल के तलैया थाना क्षेत्र में आधी रात को हुई एक प्रशासनिक कार्रवाई है, जहां नगर निगम और पुलिस की टीम एक कथित निर्माण कार्य को लेकर मुस्तैद हुई थी। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान विधायक आरिफ मसूद के समर्थक शारिक ने मौके पर पहुंचकर न सिर्फ हंगामा किया बल्कि शासकीय कार्य में सीधे तौर पर बाधा डालने का प्रयास भी किया। इसी मामले को लेकर तलैया थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए शारिक को एक कानूनी नोटिस जारी कर दिया, जिसे विधायक मसूद ने सीधे तौर पर अपने समर्थकों को प्रताड़ित करने और राजनीतिक द्वेष भावना से की गई कार्रवाई करार दिया है। नोटिस की खबर मिलते ही आरिफ मसूद ने पुलिस और नगर निगम के गठजोड़ पर तीखा हमला बोला और आधी रात को की गई इस संयुक्त कार्रवाई की वैधानिकता पर ही गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए।आरिफ मसूद ने सार्वजनिक रूप से इस बात पर गहरी आपत्ति जताई है कि आखिर किस हैसियत और किस कानूनी अधिकार के तहत नगर निगम का दस्ता और स्थानीय पुलिस की टीम आधी रात के सन्नाटे में वहां कार्रवाई करने के लिए पहुंची थी। उन्होंने सीधे तौर पर तलैया टीआई को लपेटे में लेते हुए कहा कि वे इस पूरी रात वाली कार्रवाई के पीछे की असल मंशा को बेनकाब करके रहेंगे। कांग्रेस विधायक ने साफ कर दिया है कि वे इस मामले को इतनी आसानी से ठंडा नहीं होने देंगे और पुलिस की इस कथित मनमानी को चुनौती देने के लिए देश की सबसे बड़ी पर्यावरण अदालत यानी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाएंगे। मसूद के इस बेहद कड़े और आक्रामक तेवर ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में भोपाल पुलिस और नगर निगम प्रशासन की मुश्किलें अदालत के कटघरे में बढ़ सकती हैं, क्योंकि विधायक अब इस आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं और उन्होंने साफ कह दिया है कि कानून का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों को इसका हर्जाना भुगतना ही पड़ेगा। -

मासूम जान ने चुना मौत का रास्ता: भोपाल के सूखी सेवनिया में किशोरी ने घर में की खुदकुशी, सुसाइड नोट न मिलने से उलझी गुत्थी!
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सूखी सेवनिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक दुखद घटना घटी, जहाँ एक 15 साल की किशोरी ने अपने घर के कमरे में दुपट्टे का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। घटना के वक्त किशोरी घर में अकेली थी और उसके माता-पिता अपने काम पर गए हुए थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक आत्मघाती कदम उठाने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।छोटे भाई ने देखा खौफनाक मंजर
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका के माता-पिता फेरी लगाकर प्लास्टिक का सामान बेचने का काम करते हैं और रोज की तरह शुक्रवार सुबह भी काम पर निकल गए थे। दोपहर के समय जब छोटा भाई घर पहुँचा, तो उसने अपनी बहन को कमरे में पंखे से लटके हुए देखा। बहन की यह हालत देख मासूम भाई सहम गया और उसने तुरंत फोन कर अपने माता-पिता को इस भयावह स्थिति की जानकारी दी। शोर सुनकर इकट्ठा हुए पड़ोसियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।जांच में जुटी पुलिस, कारणों पर सस्पेंस
घटनास्थल पर पहुँची पुलिस को कमरे से कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने जब परिजनों से प्रारंभिक पूछताछ की, तो उन्होंने किसी भी तरह के घरेलू विवाद या किशोरी को डांट-फटकार लगाने जैसी बात से साफ इनकार किया है। बताया जा रहा है कि किशोरी ने पांचवीं कक्षा के बाद अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी और वह घर के कामों में हाथ बटाती थी। सुसाइड नोट न होने और परिजनों के बयानों के चलते पुलिस के लिए यह मामला एक रहस्य बन गया है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
शनिवार को पुलिस की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक समय और अन्य तकनीकी पहलुओं की जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल, पुलिस किशोरी के मोबाइल फोन और उसके दोस्तों से पूछताछ करने की योजना बना रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह पिछले कुछ दिनों से किसी मानसिक तनाव में थी। -

भोपाल में प्रोफेसर की खुदकुशी: 'बीमारी से तंग आ गया हूं…' सुसाइड नोट लिख फंदे पर झूले शैलेंद्र, पत्नी भी लड़ रही कैंसर से जंग
भोपाल। राजधानी के रातीबड़ इलाके में एक निजी कॉलेज के प्रोफेसर द्वारा सुसाइड करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात 32 वर्षीय प्रोफेसर शैलेंद्र सिंह ठाकुर ने अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। बुधवार सुबह जब परिजनों ने उन्हें फंदे पर लटका देखा तो इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस को मौके से एक भावुक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें मृतक ने अपनी बीमारी और मानसिक पीड़ा का जिक्र किया है।मूल रूप से सीहोर जिले के आष्टा गोपालपुर के रहने वाले शैलेंद्र पिछले 6 महीनों से भोपाल की गोल्डन सिटी में किराए से रह रहे थे और रातीबड़ के ही एक प्राइवेट कॉलेज में अध्यापन कार्य कर रहे थे। पुलिस के अनुसार शैलेंद्र के कमरे से मिले सुसाइड नोट में लिखा है मैं अपनी बीमारी से बहुत तंग आ चुका हूं… इसलिए अब जीना नहीं चाहता। मैं आप सभी से बहुत प्यार करता हूं कृपया अपना ध्यान रखें और स्वस्थ रहें।
हैरानी की बात यह है कि परिजनों ने शैलेंद्र को किसी भी तरह की ‘गंभीर’ बीमारी होने से इनकार किया है। भाई के मुताबिक शैलेंद्र अक्सर मामूली मौसमी बीमारियों जैसे सर्दी-जुकाम और उसके बाद होने वाली शारीरिक कमजोरी से परेशान रहते थे। हालांकि पुलिस जांच में एक और दुखद पहलू सामने आया है। बताया जा रहा है कि शैलेंद्र की पत्नी ‘बच्चेदानी के कैंसर’ से जूझ रही हैं और पिछले एक साल से उनका इलाज चल रहा है। वर्तमान में पत्नी अपने मायके में रहकर उपचार करा रही हैं जिसे लेकर शैलेंद्र काफी समय से गहरे तनाव में थे।
जांच अधिकारी SI गब्बर सिंह ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अब इस मामले की जांच मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक परिस्थितियों के नजरिए से भी कर रही है। यह घटना दर्शाती है कि कभी-कभी छोटी दिखने वाली शारीरिक समस्याएं और अपनों की बीमारी का बोझ एक व्यक्ति को भीतर से कितना कमजोर कर सकता है।
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22KM तक पीछा कर युवक पर जानलेवा हमला: भोपाल में पुरानी रंजिश में मारी गोली पत्नी-बहन को भी चाकू
भोपाल के ईटखेड़ी में एक दहला देने वाली वारदात सामने आई है जहाँ पुरानी रंजिश में एक युवक को बेरहमी से गोली मारी गई और चाकुओं से गोदा गया। दर्दनाक घटनाक्रम: हमले का शिकार हुए दानिश अली अब होश में हैं और उन्होंने घटना का पूरा ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार देर रात वह पत्नी के साथ दोस्त की रिसेप्शन पार्टी से लौट रहे थे। ईटखेड़ी कलारी के पास जब उन्होंने अपनी स्कॉर्पियो रोकी तभी पहले दो बाइक सवार युवक आए और संदेह होने पर वह कार में बैठ गए। इसके तुरंत बाद दो और बाइकों पर सवार होकर आए करीब आधा दर्जन आरोपियों ने उन्हें घेर लिया।दानिश के मुताबिक आरोपियों ने उन्हें कार से घसीटकर बाहर निकाला और तीन से अधिक राउंड फायरिंग की जिसमें दो गोलियां उन्हें लगीं। इसके बाद उन पर चाकुओं से भी कई वार किए गए जिससे उन्हें हाथ और पांव में गंभीर चोटें आईं। पत्नी को भी लगी चोट: हमले के दौरान दानिश की पत्नी मदद के लिए चिल्लाती रहीं लेकिन दहशत के कारण राहगीर आगे नहीं आए। इस दौरान बचाव करने आईं उनकी पत्नी खबर के एक हिस्से में बहन का भी ज़िक्र है के हाथ में भी चाकू लग गया। भागते समय आरोपियों ने धमकाते हुए कहा हमने बोला था गोली मारेंगे गोली मार दी।
22KM तक किया पीछा: दानिश ने बताया कि उनका आरोपियों से पुराना झगड़ा था जो स्टेशन पर रहने वाले रूसी से हुआ था। उनके ही साथियों ने यह हमला किया। दानिश के अनुसार हमलावर करीब 22 किलोमीटर तक उनका पीछा करते रहे और पार्टी से निकलते ही मौका देखकर हमला कर दिया। पुलिस कार्रवाई और पीड़ित की हालत: शनिवार देर रात पुलिस ने आरोपी शाहबेज और फरदीन को हिरासत में लिया है। फरार चल रहे शन्नू और जुबैर समेत अन्य आरोपियों की तलाश के लिए दो टीमें लगाई गई हैं। सर्जरी के बाद दानिश के पांव से गोली निकाली गई है और उनकी हालत में सुधार हो रहा है हालांकि वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उन्हें चाकू से एक दर्जन से अधिक वार किए गए हैं और अलग-अलग जख्मों पर करीब 42 टांके लगाए गए हैं।