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  • गुजरात में कुपोषण के खिलाफ बड़ा कदम, राज्य के सभी आदिजाति आईसीडीएस ब्लॉकों तक पहुंची दूध संजीवनी योजना..

    गुजरात में कुपोषण के खिलाफ बड़ा कदम, राज्य के सभी आदिजाति आईसीडीएस ब्लॉकों तक पहुंची दूध संजीवनी योजना..


    नई दिल्ली ।
    गुजरात सरकार ने आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में कुपोषण को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ‘दूध संजीवनी योजना’ का विस्तार राज्य के सभी आदिजाति आईसीडीएस ब्लॉकों तक कर दिया है। इस फैसले के बाद अब प्रदेश के उन सभी क्षेत्रों में भी योजना का लाभ मिलेगा, जहां अब तक इसका संचालन नहीं हो रहा था। सरकार का उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं तक अधिक पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण पोषण पहुंचाकर कुपोषण की समस्या को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करना है।

    महिला एवं बाल विकास विभाग की मंजूरी के बाद शेष 53 आईसीडीएस ब्लॉकों को योजना में शामिल कर लिया गया है। इसके साथ ही पहली बार चयनित जिलों में अधिक फैट वाले फोर्टिफाइड दूध के पायलट प्रोजेक्ट को भी स्वीकृति दी गई है। इस पहल के माध्यम से लाभार्थियों को पहले की तुलना में अधिक पोषणयुक्त दूध उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे बच्चों के शारीरिक विकास और माताओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

    दूध संजीवनी योजना की शुरुआत वर्ष 2009 में सीमित स्तर पर छह आदिजाति जिलों में की गई थी। योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को 200 मिलीलीटर फोर्टिफाइड फ्लेवर्ड दूध उपलब्ध कराया जाता है। योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद इसका दायरा लगातार बढ़ाया गया और कुछ वर्षों के भीतर इसे राज्य के कई अन्य आदिवासी बहुल जिलों तक विस्तारित किया गया।

    योजना के विस्तार के दौरान सहकारी डेयरी संस्थाओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभिन्न डेयरियों ने फोर्टिफाइड दूध के उत्पादन और आपूर्ति की जिम्मेदारी संभालकर इस व्यवस्था को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाया। इससे लाभार्थियों तक नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण दूध पहुंचाने में सुविधा मिली और योजना का संचालन अधिक मजबूत हुआ।

    सरकार ने अब योजना की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए दूध में फैट की मात्रा बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। अब तक लाभार्थियों को कम फैट वाला फोर्टिफाइड दूध दिया जाता था, लेकिन पायलट परियोजना के तहत चयनित जिलों में तीन प्रतिशत और साढ़े चार प्रतिशत फैट वाला दूध उपलब्ध कराया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार अधिक फैट वाला दूध बच्चों की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति, शारीरिक विकास तथा पोषण स्तर को बेहतर बनाने में सहायक साबित हो सकता है।

    योजना के विस्तार और हाई-फैट पायलट प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार ने अलग-अलग वित्तीय प्रावधान भी किए हैं। पूरा खर्च राज्य सरकार स्वयं वहन करेगी, जिससे योजना के प्रभावी संचालन में किसी प्रकार की वित्तीय बाधा न आए। इसके साथ ही सभी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था, सरकारी खरीद प्रणाली, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, सोशल ऑडिट और थर्ड पार्टी सत्यापन जैसी व्यवस्थाओं को भी लागू किया जाएगा।

    सरकार का मानना है कि यह पहल केवल दूध वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण सुरक्षा में दीर्घकालिक निवेश है। योजना का राज्य के सभी आदिजाति आईसीडीएस ब्लॉकों तक विस्तार होने से हजारों नए बच्चे और माताएं इसके दायरे में आएंगे। इससे आदिवासी क्षेत्रों में पोषण संबंधी असमानताओं को कम करने, कुपोषण के खिलाफ अभियान को गति देने और महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य को मजबूत आधार प्रदान करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलने की उम्मीद है।

  • पेट्रोल गैस और खाद की सप्लाई पर गुजरात सरकार सख्त सीएम भूपेंद्र पटेल ने की समीक्षा..

    पेट्रोल गैस और खाद की सप्लाई पर गुजरात सरकार सख्त सीएम भूपेंद्र पटेल ने की समीक्षा..


    नई दिल्ली: 
    Bhupendra Patel की अध्यक्षता में Gandhinagar में एक अहम हाई लेवल मीटिंग आयोजित की गई जिसमें राज्य में पेट्रोल डीजल गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता और सप्लाई सिस्टम की विस्तृत समीक्षा की गई यह बैठक मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बुलाई गई थी

    यह बैठक Narendra Modi द्वारा सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों के साथ की गई वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद आयोजित की गई जिसमें उन्होंने पेट्रोल डीजल गैस फर्टिलाइजर और खाद्य सामग्री की आपूर्ति को लेकर जरूरी दिशा निर्देश दिए थे

    बैठक में स्पष्ट किया गया कि गुजरात में फिलहाल पेट्रोल डीजल गैस और खाद समेत सभी जरूरी वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है और सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि भविष्य में भी सप्लाई में किसी तरह की कमी न आए इसके लिए सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने और बेहतर तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए गए

    इस दौरान राज्य में पीएनजी कनेक्शन को तेजी से बढ़ाने पर भी जोर दिया गया मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की गाइडलाइंस को जल्द लागू करने और खासकर रिहायशी इलाकों शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए

    मीटिंग में जानकारी दी गई कि गुजरात देश में सबसे अधिक लगभग 23 प्रतिशत पीएनजी कनेक्शन वाला राज्य है वहीं देश के करीब 12 प्रतिशत सीएनजी फिलिंग स्टेशन भी यहीं संचालित हैं पिछले 10 दिनों में राज्य में 12 हजार से ज्यादा नए पीएनजी कनेक्शन और 300 से अधिक कमर्शियल कनेक्शन दिए गए हैं जो तेजी से बढ़ती मांग को दर्शाता है

    राज्य में एलपीजी सप्लाई को लेकर भी सरकार सतर्क है करीब 1.28 करोड़ घरेलू एलपीजी कनेक्शन धारकों को नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तेल और गैस कंपनियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है साथ ही उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन भी शुरू की गई है जिसमें अब तक 10 हजार शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है

    मुख्यमंत्री ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है ताकि लोगों में किसी भी तरह की कमी का डर न फैले

    इसके अलावा फर्टिलाइजर की उपलब्धता पर भी संतोष जताया गया और कृषि विभाग को खरीफ सीजन के लिए पूरी तैयारी रखने को कहा गया पोर्ट्स पर कार्गो मैनेजमेंट को बेहतर बनाने और सप्लाई चेन में किसी भी रुकावट को रोकने के निर्देश भी दिए गए

    सरकार ने कर्मचारियों को समय पर वेतन देने पर भी जोर दिया ताकि वैश्विक हालात के बीच आर्थिक दबाव कम किया जा सके साथ ही राज्य और जिला स्तर पर कोऑर्डिनेशन कमेटी बनाने का फैसला लिया गया ताकि सप्लाई चेन मजबूत बनी रहे