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  • Chardham Yatra: केदारनाथ में उमड़ रही भारी भीड़…वीडियो देख CM धामी ने किया बड़ा ऐलान

    Chardham Yatra: केदारनाथ में उमड़ रही भारी भीड़…वीडियो देख CM धामी ने किया बड़ा ऐलान


    देहरादून।
    पिछले दिनों केदारनाथ दर्शन (Kedarnath Darshan) को लेकर लोगों की भारी-भरकम भीड़ और रोते-बिलखते श्रद्धालुओं (Devotees.) की आपबीती वाले वायरल वीडियो सामने आए थे। इसके बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami.) ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) के दौरान धामों की धारण क्षमता के अनुरूप दर्शन को लेकर व्यवस्था बनाई जाएगी। उन्होंने चारधाम यात्रा को लेकर अधिकारियों को कई निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धामों में दर्शन के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करें। किसी भी धाम या पड़ाव के लिए तय क्षमता से अधिक लोगों के आने की स्थिति में नीचे के होल्डिंग एरिया-प्रमुख चेक प्वाइंट्स पर वाहनों व श्रद्धालुओं की आवाजाही नियंत्रित की जाए। भीड़ प्रबंधन के लिए चरणबद्ध व्यवस्था अपनाते हुए यात्रियों को भेजा जाए ताकि धामों में अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।


    भीड़ नियंत्रण पर क्या प्लान

    सीएम ने कहा कि भीड़ नियंत्रण के तहत श्रद्धालुओं को रोकने पर उन्हें इस के कारण, संभावित प्रतीक्षा समय और आगे की व्यवस्था की सूचना नियमित उपलब्ध कराई जाए। यात्रियों को किसी भी परिस्थिति में जानकारी के अभाव का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए सार्वजनिक सूचना प्रणाली, एलईडी डिस्प्ले, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और एफएम रेडियो से सूचनाएं पहुंचाई जाएं। मौसम में बदलाव, सड़क बंद होने, यातायात जाम या दर्शन में देरी जैसी स्थितियों के बारे में यात्रियों को समय रहते बताया जाए ताकि उनमें भ्रम और असंतोष पैदा न हो। सीएम ने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर श्रद्धालुओं को रोका या ठहराया जा रहा है, वहां पार्किंग, भोजन, पेयजल, शौचालय समेत सभी जरूरी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


    रात 10 से सुबह चार बजे तक यात्री वाहनों पर रोक

    चारधाम यात्रा मार्गों पर रात 10 बजे से सुबह चार बजे तक यात्री वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को अफसरों को यह व्यवस्था सख्ती से लागू करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि, ट्रक और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े भारी वाहनों को केवल रात के समय संचालन की अनुमति दी जाएगी। उनके अनुसार, चारधाम यात्रा अब दूसरे और अधिक चुनौतीपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही है, जहां प्रतिकूल मौसम की सबसे बड़ी चुनौती होगी। लिहाजा, संवेदनशील स्थलों पर जेसीबी, पोकलैंड व सैटेलाइट फोन के साथ एम्बुलेंस और राहत-बचाव के जरूरी उपकरणों की व्यवस्था कराई जाए। सभी अफसरों को फील्ड में रहकर सारे इंतजाम का निरीक्षण और श्रद्धालुओं को सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।


    दिन में मालवाहक वाहनों पर रोक

    चारधाम यात्रा रूट पर दिन में मध्यम व भारी मालवाहक वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। तीर्थयात्रियों को जाम से निजात के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद चारधाम यात्रा के नोडल अफसर संदीप सैनी ने यह आदेश किए।


    हेली एम्बुलेंस के लिए नोडल अफसर बनेंगे

    मुख्यमंत्री ने गंभीर मरीजों को त्वरित उपचार दिलाने के लिए हेली एम्बुलेंस के लिए राज्य स्तर पर नोडल अफसर नियुक्त करने के निर्देश दिए। जरूरत पड़ने पर डीएम समन्वय बनाकर मरीजों को मदद मुहैया करवा सकेंगे। उन्होंने केदारनाथ पैदल मार्ग पर पर्याप्त संख्या में शेड और बारिश-धूप से बचाव की बेहतर व्यवस्था के साथ स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। इस बैठक में मंत्री सतपाल महाराज, भरत सिंह चौधरी, विधायक अनिल नौटियाल, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन आदि मौजूद रहे।


    होटल-रेस्टोरेंट और ढाबों में अनिवार्य होगी रेट लिस्ट

    मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा मार्ग पर संचालित होटल-रेस्टोरेंट और ढाबों में रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित सैंपलिंग को कहा। गढ़वाल आयुक्त और आईजी गढ़वाल को नियमित समीक्षा, श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही इस यात्रा से जुड़े जिलों के जिला अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को यात्रा प्रबंधन की निरंतर निगरानी और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

  • चीनी के दाम नियंत्रित करने के लिए सरकार का बड़ा ऐलान… निर्यात पर लगाया प्रतिबंध

    चीनी के दाम नियंत्रित करने के लिए सरकार का बड़ा ऐलान… निर्यात पर लगाया प्रतिबंध


    नई दिल्ली।
    केंद्र सरकार (Central Government) ने बुधवार को बड़ा ऐलान किया. इसमें चीनी के निर्यात (Sugar Export) पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध (Ban Immediate Effect) लगाया गया है. कच्ची, सफेद और रिफाइंड चीनी के निर्यात (एक्सपोर्ट) पर सितंबर 2026 तक रोक रहेगी. इस रोक को आगे भी बढ़ाया जा सकता है. ये फैसला देश में चीनी की कीमतों को कंट्रोल में रखने के लिए किया गया है।

    बता दें कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश है. केंद्र सरकार ने बुधवार को एक अधिसूचना में कहा कि उसने 30 सितंबर, 2026 तक या अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से चीनी निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है. बताया गया कि ये स्थानीय कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश है।


    उत्पादन खपत से कम रहने की आशंका

    भारत, ब्राजील के बाद दुनिया का सबसे बड़ा चीनी निर्यातक देश है. भारत ने घरेलू मांग से अधिक उत्पादन की उम्मीद में मिलों को 15 लाख मीट्रिक टन चीनी निर्यात करने की अनुमति दी थी. लेकिन अब आशंका है कि प्रमुख गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में गन्ने की पैदावार कमजोर होने की वजह से उत्पादन लगातार दूसरे वर्ष खपत से कम रहेगा।

    अल नीनो वेदर कंडीशन की वजह से मानसून में रुकावट होने की आशंका है. इसने पैदावार के प्रारंभिक अनुमानों से कम होने के जोखिम को भी बढ़ा दिया है। एक खबर के मुताबिक, डीलरों ने बताया कि निर्यात के लिए स्वीकृत 15 लाख मीट्रिक टन में से व्यापारियों ने लगभग 8 लाख टन के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए, जिसमें से 6 लाख टन से अधिक पहले ही भेजा जा चुका है।

    सरकार ने भी कहा है कि जो माल पहले से निर्यात प्रक्रिया में है उनको नहीं रोका जाएगा. अधिसूचना में कहा गया है कि पहले ही माल की लोडिंग शुरू हो चुकी हो तो माल की ढुलाई की अनुमति दी जाएगी. ये अनुमति उन मामलों में भी दी जाएगी जहां शिपिंग बिल दाखिल किया गया हो और जहाज पहले ही किसी भारतीय बंदरगाह पर लंगर डाल चुका हो। भारत द्वारा निर्यात पर प्रतिबंध के ऐलान के बाद न्यूयॉर्क में कच्चे चीनी के वायदा भाव में 2% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि लंदन में सफेद चीनी के वायदा भाव में 3% की उछाल आया।

  • MP: सिंधिया का बड़ा ऐलान…. शिवपुरी के कोलारस में बनेगा 2500 करोड़ का डिफेंस प्लांट

    MP: सिंधिया का बड़ा ऐलान…. शिवपुरी के कोलारस में बनेगा 2500 करोड़ का डिफेंस प्लांट


    शिवपुरी।
    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने कोलारस (Kollars) में 2,500 करोड़ के डिफेंस प्लांट (Defense Plant) की घोषणा की, जिससे 2,000 रोजगार मिलेंगे। साथ ही 19.68 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू कर क्षेत्रीय विकास, कनेक्टिविटी और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा।

    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को मध्य प्रदेश के शिवपुरी के कोलारस नगर के लिए बड़े औद्योगिक विकास की घोषणा की। उन्होंने 2,500 करोड़ रुपये के रक्षा निर्माण संयंत्र (डिफेंस प्लांट) की स्थापना के साथ-साथ क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शुभारंभ किया। शिवपुरी-कोलारस दौरे के पहले दिन एक जनसभा को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि प्रस्तावित रक्षा संयंत्र अगले दो महीनों के भीतर स्थापित किया जाएगा।

    सिंधिया ने कहा कि कोलारस को 2,500 करोड़ रुपये का रक्षा प्लांट मिलेगा, जो क्षेत्र के औद्योगिक परिदृश्य को बदल देगा और लगभग दो दशकों से लंबित मांग को पूरा करेगा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह संयंत्र कोलारस से लगभग 15 किलोमीटर दूर कोटा हाईवे और मुंबई-ग्वालियर हाईवे के जंक्शन पर स्थापित किया जाएगा, जिसे उन्होंने कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स के लिहाज से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान बताया।

    2,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे
    उन्होंने कहा कि इस परियोजना से लगभग 2,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा। परियोजना के व्यापक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए सिंधिया ने कहा कि कोलारस, जो अब तक मुख्य रूप से कृषि, खासकर टमाटर उत्पादन के लिए जाना जाता था, अब देश के रक्षा निर्माण क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।

    उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा
    उन्होंने कहा कि कोलारस लंबे समय से अपनी कृषि क्षमता के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन अब यह देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में भी योगदान देगा। यहां निर्मित उपकरण हमारी सीमाओं की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस निवेश से सहायक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय व्यापारियों और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। यह परियोजना गुणक प्रभाव (मल्टीप्लायर इफेक्ट) पैदा करेगी, जिससे आगे औद्योगिक विकास और आर्थिक विस्तार को बढ़ावा मिलेगा।

    कनेक्टिविटी में सुधार और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा
    औद्योगिक घोषणा के अलावा, केंद्रीय मंत्री ने कोलारस में 19.68 करोड़ रुपये की विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। पीएम-जनमन योजना के तहत उन्होंने छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावासों का भूमिपूजन किया और जनपद पंचायत भवन का शिलान्यास किया। सिंधिया ने एक नए बस स्टैंड और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन भी किया, जिसका उद्देश्य कनेक्टिविटी में सुधार और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, उन्होंने एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की आधारशिला भी रखी, जिससे क्षेत्र में स्वच्छता और शहरी ढांचे को मजबूती मिलेगी। संतुलित विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए सिंधिया ने कहा कि प्रयास किए जा रहे हैं ताकि क्षेत्र के हर हिस्से तक बुनियादी ढांचा, रोजगार और आवश्यक सेवाएं पहुंच सकें।

  • MP में अब सप्ताह में 6 दिन गेहूं खरीदी…. किसान 9 मई तक कर सकेंगे स्लॉट बुक- CM ने की घोषणा

    MP में अब सप्ताह में 6 दिन गेहूं खरीदी…. किसान 9 मई तक कर सकेंगे स्लॉट बुक- CM ने की घोषणा


    भोपाल।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए किसानों के हित में कई अहम घोषणाएं की हैं. उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन (Record Wheat Production) को देखते हुए राज्य ने केंद्र सरकार से खरीदी सीमा बढ़ाने का आग्रह किया था, जिसे स्वीकार करते हुए अब गेहूं उपार्जन लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है. इससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा. उन्होंने यह भी ऐलान किया कि अब गेहूं खरीदी सप्ताह में 6 दिन होगी और स्लॉट बुकिंग की तारीख 9 मई तक बढ़ा दी गई है।

    CM यादव ने बताया कि रिकॉर्ड उत्पादन को देखते हुए सरकार ने खरीदी व्यवस्था को और सुगम बनाया है. गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर अब 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है।


    6 दिन होगी गेहूं खरीदी

    अब गेहूं उपार्जन सप्ताह में 6 दिन होगा. शनिवार का अवकाश समाप्त कर दिया गया है ताकि किसान निर्बाध रूप से अपनी फसल बेच सकें. वहीं, 30 अप्रैल तक समाप्त होने वाली स्लॉट बुकिंग की अवधि को अब 9 मई 2026 तक बढ़ा दिया गया है।


    भूमि अधिग्रहण पर 4 गुना मुआवजा

    मुख्यमंत्री ने भू-अर्जन को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय की जानकारी दी. अब किसानों को उनकी अधिग्रहित भूमि के बदले 4 गुना तक मुआवजा दिया जाएगा. यह कदम किसानों के अधिकारों की रक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से उठाया गया है.


    फसलों पर बोनस और अन्य प्रोत्साहन

    तय समर्थन मूल्य (MSP) पर उड़द की खरीदी के साथ किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल की अतिरिक्त बोनस राशि दी जाएगी। सरसों पर भावांतर योजना के सकारात्मक परिणाम मिले हैं, जिससे किसानों को MSP से भी अधिक दाम मिल रहे हैं। ‘किसान कल्याण वर्ष’ के तहत मात्र 5 रुपये में कृषि पंप कनेक्शन दिया जा रहा है. साथ ही, कृषक मित्र योजना में 90% सब्सिडी पर सोलर पंप दिए जा रहे हैं।


    मध्य प्रदेश बनेगा ‘मिल्क कैपिटल’

    पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को आय का मुख्य जरिया बनाने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है. प्रदेश में 1752 नई दुग्ध समितियों का गठन किया गया है. हर दिन का दूध संकलन 10 लाख किलो के पार पहुंच गया है. दुग्ध उत्पादक किसानों को अब दूध का दाम 8 से 10 रुपये प्रति किलो बढ़कर मिल रहा है।


    यूरिया की उपलब्धता

    वैश्विक युद्ध स्थितियों के बावजूद प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं होने दी गई है. वर्तमान में 5.90 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है. वितरण प्रणाली को डिजिटल और आधुनिक बनाया गया है ताकि किसानों को बिना लंबी लाइनों के खाद मिल सके।

  • फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों का बड़ा ऐलान, बोले- अपने दूसरे कार्यकाल के बाद छोड़ दूंगा राजनीति

    फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों का बड़ा ऐलान, बोले- अपने दूसरे कार्यकाल के बाद छोड़ दूंगा राजनीति


    पेरिस।
    फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (French President Emmanuel Macron) ने घोषणा की है कि वे 2027 में अपने दूसरे और अंतिम कार्यकाल के बाद राजनीति छोड़ (Leave Politics) देंगे। साइप्रस की यात्रा के दौरान निकोसिया में छात्रों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, “मैं राष्ट्रपति बनने से पहले राजनीति में शामिल नहीं था और उसके बाद भी नहीं रहूंगा।” यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ महीने पहले उन्होंने अपने भविष्य को लेकर लंबी राजनीतिक संभावनाओं का संकेत दिया था। जुलाई 2025 में पेरिस में अपनी पार्टी के युवा विंग की 10वीं वर्षगांठ पर उन्होंने कहा था कि मुझे दो साल, पांच साल और दस साल बाद भी आपकी जरूरत पड़ेगी। अब यह स्पष्ट है कि मैक्रों फ्रांस की राजनीति में कोई नई भूमिका नहीं निभाएंगे।

    मैक्रों 2017 में मात्र 39 वर्ष की आयु में फ्रांस के राष्ट्रपति बने थे, जो 1958 में पांचवीं गणराज्य की स्थापना के बाद सबसे युवा राष्ट्रपति थे। 2022 में वे दोबारा चुने गए, लेकिन फ्रांसीसी संविधान के अनुसार तीसरा लगातार कार्यकाल नहीं मिल सकता। राष्ट्रपति बनने से पहले वे 2014 से 2016 तक फ्रांसुआ ओलांद की सरकार में अर्थव्यवस्था मंत्री रह चुके थे। साइप्रस में उन्होंने अपने शेष कार्यकाल की चुनौतियों पर भी चर्चा की और कहा कि 9 वर्ष बाद अच्छे कार्यों को बनाए रखना और गलतियों को सुधारना सबसे कठिन काम है।

    कैसा रहा अब तक का राजनीतिक सफर
    इमैनुएल मैक्रों ने अपने भविष्य की कोई योजना नहीं बताई, लेकिन स्पष्ट कर दिया कि अब राजनीति से दूर रहेंगे। मैक्रों के कार्यकाल में सबसे प्रमुख सुधार पेंशन सुधार था, जिसमें रिटायरमेंट की आयु 62 से बढ़ाकर 64 वर्ष कर दी गई। इस फैसले के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हुए और ट्रेड यूनियनों ने इसका कड़ा विरोध किया। उनके दूसरे कार्यकाल में संसद भी बंटी हुई रही। 2022 के संसदीय चुनावों में उनकी पार्टी का बहुमत चला गया, जिससे बड़े सुधारों को पास करना मुश्किल हो गया।

    जून 2024 में यूरोपीय संसद चुनावों में दक्षिणपंथी नेशनल रैली की मजबूत प्रदर्शन के बाद मैक्रों ने संसद भंग कर स्नैप चुनाव कराए। इस फैसले की उनकी अपनी पार्टी में भी आलोचना हुई और इससे राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी। 2025 के नए साल के संबोधन में उन्होंने खुद स्वीकार किया कि यह कदम फ्रांसीसी लोगों के लिए समाधान लाने के बजाय अस्थिरता का कारण बना। मैक्रों का यह फैसला फ्रांस की राजनीति में एक नई शुरुआत का संकेत देता है। 2027 के चुनाव के बाद नया राष्ट्रपति चुना जाएगा और मैक्रों सक्रिय राजनीति से दूर होकर शायद निजी जीवन या अन्य क्षेत्रों में काम करेंगे।

  • MP: CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान…सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर स्थापित करेंगे 1.01 करोड़ का पुरस्कार

    MP: CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान…सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर स्थापित करेंगे 1.01 करोड़ का पुरस्कार


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने उज्जैन (Ujjain.) के शासक रहे सम्राट विक्रमादित्य (Emperor Vikramaditya) के नाम पर पुरस्कार देने की घोषणा की है। उज्जैन में विक्रमोत्सव 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने इसकी घोषणा की। यादव ने कहा कि विक्रमादित्य का शासनकाल स्वर्ण युग के रूप में प्रसिद्ध है।

    मध्य प्रदेश सरकार ने उज्जैन के शासक रहे सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर 1.01 करोड़ रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को उज्जैन के महान शासक की स्मृति में 21 लाख रुपए के राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार और 5-5 लाख रुपए के तीन राज्य स्तरीय पुरस्कारों की भी घोषणा की।


    उज्जैन में विक्रमोत्सव में की घोषणा

    सीएम यादव ने उज्जैन में विक्रमोत्सव 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य की गौरवशाली स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने और उनके शौर्य, न्याय तथा प्रजावत्सल आदर्शों को अमर बनाने के लिए उनकी स्मृति में एक करोड़ एक लाख रुपए का सम्राट विक्रमादित्य अंतरराष्ट्रीय अलंकरण सम्मान शुरू किया जाएगा।


    सबसे बड़े धार्मिक आयोजन का पुरस्कार

    उन्होंने कहा कि यह देश का सबसे प्रतिष्ठित अलंकरण भारत की सांस्कृतिक गरिमा को विश्व मंच पर नई ऊंचाइयां प्रदान करेगा। यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव की ख्याति तेजी से बढ़ रही है और यह प्रसन्नता का विषय है कि विक्रमोत्सव को एशिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन का पुरस्कार मिला। ज्ञात हो कि विक्रमोत्सव-2025 को ईमैक्सम ग्लोबल अवार्ड द्वारा ‘लांगस्टैडिंग आईपी ऑफ द इयर’ से सम्मानित किया गया है।


    विक्रमादित्य का शासनकाल स्वर्ण युग

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष और आने वाले समय में भी विक्रमोत्सव अपनी उत्सवधर्मी सांस्कृतिक पहचान को दुनिया में स्थापित करेगा। यादव ने कहा कि विक्रमादित्य का शासनकाल दुनिया भर में शिक्षा, विज्ञान, ज्योतिष और साहित्य के स्वर्ण युग के रूप में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि विक्रम संवत और भारतीय कैलेंडर हमारी वैज्ञानिक सोच और सांस्कृतिक समृद्धि के गौरवशाली प्रतीक हैं। उज्जैन का सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक आयोजन, विक्रमोत्सव, हमारी परंपराओं को सशक्त करेगा।


    उज्जैन पृथ्वी का नाभि स्थल

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन पृथ्वी का नाभि स्थल कहा जाता है और सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था इसे सनातन के विश्वास का केंद्र भी बनाती है। उन्होंने कहा कि इसी दिव्य परंपरा को अधिक भव्य व्यवस्थित और श्रद्धालु केंद्रित बनाने के लिए सिंहस्थ की तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।


    शिप्रा नदी में 30 किमी घाटों की व्यवस्था

    उन्होंने कहा कि उज्जैन तथा आसपास के क्षेत्रों में विकास के कार्य तेजी से जारी हैं। श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए उज्जैन के आसपास ‘फोर लेन’ और ‘सिक्स लेन’ सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। शिप्रा नदी में स्नान के लिए 30 किमी घाटों की व्यवस्था की गई है। इसे निर्मल और अविरल बनाए रखने के लिए व्यवस्थित कार्य योजना प्रगति पर है।