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  • Bihar: CM सम्राट चौधरी आज बिहारवासियों को दे सकते हैं बड़ी सौगात…. बुलाई कैबिनेट बैठक

    Bihar: CM सम्राट चौधरी आज बिहारवासियों को दे सकते हैं बड़ी सौगात…. बुलाई कैबिनेट बैठक


    पटना।
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Chief Minister Samrat Chaudhary) ने छह मई यानी आज शाम पांच बजे मुख्य सचिवालय में कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) बुलाई है। मंत्रिमंडल विस्तार से एक दिन पहले की यह बैठक खास होने वाली है। वह राज्यवासियों को बड़ी सौगात दे सकते हैं। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार को लेकर कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुहर लगा सकते हैं। उनके साथ दोनों उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव, मुख्य सचिव और सभी विभागों के सचिव मौजूद रहेंगे।


    दूसरी कैबिनेट में क्या हुआ था?

    इससे पहले वाली कैबिनेट की बैठक 29 अप्रैल को हुई थी। इसमें सीएम सम्राट चौधरी ने 63 प्रस्तावों पर मुहर लगाई थी। इसमें उन्होंने पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर पटना जू करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई थी। गृह विभाग के आरक्षी शाखा की ओर से जानकारी दी गई कि सीएम सम्राट चौधरी ने भागलपुर, मुजफ्फरपुर, नालंदा एवं गयाजी में यातायात पुलिस के विभिन्न कोटियों में 485 पदों के सृजन एवं पूर्व से सृजित 1606 पदों को कर्णांकित करने की स्वीकृति प्रदान की थी। वही बिहार पुलिस अवर निरीक्षक एवं इसके समकक्ष सृजित 20937 पदों में से 50% पद प्रोन्नति के लिए चिन्हित करने की भी स्वीकृति प्रदान की गई थी।

  • मुख्यमंत्री के प्रयासों से मप्र के किसानों को मिली बड़ी सौगात, केंद्र ने दी कई अहम मंजूरियां

    मुख्यमंत्री के प्रयासों से मप्र के किसानों को मिली बड़ी सौगात, केंद्र ने दी कई अहम मंजूरियां


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से प्रदेश के किसानों को केंद्र सरकार से कई और बड़ी महत्वपूर्ण मंजूरियां मिली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर राज्य के किसानों और ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया, जिस पर केंद्र ने सकारात्मक निर्णय लिए।

    बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस उच्च स्तरीय चर्चा में ग्रामीण सड़कों सहित अनेक विषयों पर मध्यप्रदेश को बड़ी राहत देने वाले निर्णय लिये गये। मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद सोशल मीडिया के माध्यम से केन्द्र के मप्र के किसानों के लिए निर्णयों की जानकारी साझा की है।


    सरसों किसानों को मिलेगा भावांतर भुगतान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आग्रह पर सरसों की खरीद से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने भावांतर भुगतान योजना के तहत मध्यप्रदेश के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए संबंधित विभागों को भुगतान प्रक्रिया तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। इससे राज्य के सरसों उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।


    तुअर की शत-प्रतिशत खरीद का मार्ग प्रशस्त

    केंद्रीय मंत्री चौहान ने बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को तुअर (अरहर) की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद का स्वीकृति-पत्र भी सौंपा। इस निर्णय से मध्य प्रदेश के तुअर उत्पादक किसानों की उपज का पूर्ण सरकारी उपार्जन सुनिश्चित होगा, जिससे उन्हें बाजार में भाव गिरने का जोखिम नहीं उठाना पड़ेगा और आय में स्थिरता आयेगी।


    दलहन–तिलहन उत्पादन बढ़ाने की दिशा में पहल

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश को दलहन और तिलहन उत्पादन का अग्रणी केंद्र बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस पर केंद्र और राज्य की संयुक्त टीम द्वारा मूंग, उड़द, चना, तिल, सरसों और पाम ऑयल जैसी फसलों के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने पर सहमति बनी।


    फसल बीमा में किसानों के हितों की सुरक्षा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों के हितों की बेहतर सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। केंद्रीय मंत्री चौहान ने निर्देश दिए कि सोयाबीन जैसी फसलों के आंकलन में केवल सैटेलाइट डेटा के बजाय क्रॉप कटिंग और रिमोट सेंसिंग तरीकों का उपयोग किया जाए, जिससे किसानों को वास्तविक नुकसान के आधार पर मुआवजा मिल सके।


    कृषि से जुड़े मुद्दों और योजनाओं की हुई समीक्षा

    बैठक में मध्य प्रदेश के लिए सरसों और सोयाबीन के भावांतर भुगतान, दलहन मिशन के तहत मूंग-उड़द के अतिरिक्त लक्ष्य, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता कार्यक्रम, मनरेगा मजदूरी और सामग्री भुगतान, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े मुद्दों पर बिंदुवार चर्चा की गई। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मध्यप्रदेश से जुड़े लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाया जाए, जिससे राज्य के किसानों, मजदूरों और ग्रामीण गरीबों को शीघ्र राहत मिल सके।


    ग्रामीण विकास योजनाओं को मिलेगी गति

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है और मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाते हुए किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण विकास को नई गति देने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान ने मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश मेरा अपना घर है। किसान कल्याण वर्ष में यह सुनिश्चित किया जायेगा कि सरसों, तुअर, मूंग, उड़द और तिलहनों की खेती करने वाले किसानों को हर संभव सहायता मिले और राज्य ग्रामीण विकास के हर पैमाने पर अग्रणी बने।

  • केंद्रीय मंत्री सिंधिया के प्रयासों से मप्र के कोलारस को मिली रेल कनेक्टिविटी की बड़ी सौगात

    केंद्रीय मंत्री सिंधिया के प्रयासों से मप्र के कोलारस को मिली रेल कनेक्टिविटी की बड़ी सौगात


    भोपाल।
    केन्द्रीय संचार मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों से मध्य प्रदेश के अशोकनगर और कोलारस क्षेत्र की जनता को बेहतर रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

    रेल मंत्रालय ने गुरुवार को अशोकनगर में सोगरिया–दानापुर एक्सप्रेस (19801/02) तथा कोलारस में उज्जैनी एक्सप्रेस (14309/10) के स्टॉपेज को स्वीकृति दी है। यह निर्णय क्षेत्र के यात्रियों के लिए आवागमन को अधिक सुगम और सुविधाजनक बनाएगा। यह जानकारी केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने सोशल मीडिया फेसबुक पर पोस्ट कर साझा की है।

    पत्र पर त्वरित कार्रवाई
    सिंधिया ने बताया कि उन्होंने 26 फरवरी 2026 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर अशोकनगर और कोलारस में इन ट्रेनों के ठहराव की आवश्यकता को रेखांकित किया था। उनके इस पत्र पर त्वरित संज्ञान लेते हुए रेल मंत्रालय ने दोनों स्टॉपेज को स्वीकृति प्रदान की है, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को सीधी और बेहतर रेल सुविधा मिल सकेगी।

    सिंधिया ने कहा कि अशोकनगर में सोगरिया–दानापुर एक्सप्रेस और कोलारस में उज्जैनी एक्सप्रेस के ठहराव से क्षेत्र के यात्रियों को देश के विभिन्न हिस्सों से बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। इससे न केवल दैनिक यात्रियों, छात्रों और व्यापारियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।


    रेल मंत्री के प्रति सिंधिया ने व्यक्त किया आभार

    इस बड़ी सौगात पर सिंधिया ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता की सुविधा मोदी सरकार के लिए सर्वोपरि है और सभी मंत्रालय एक साथ मिलकर (Whole of Government) अप्रोच के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह निर्णय अशोकनगर और कोलारस की जनता के लिए बड़ी राहत और सुविधा लेकर आएगा तथा क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

  • MP: होली पर CM ने सरकारी कर्मचारियों को दिया बड़ा तोहफा, डीए 3% बढ़ाकर केन्द्र के समान 58 प्रतिशत किया

    MP: होली पर CM ने सरकारी कर्मचारियों को दिया बड़ा तोहफा, डीए 3% बढ़ाकर केन्द्र के समान 58 प्रतिशत किया


    भोपाल।
    होली (Holi) से दो दिन पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने सरकारी कर्मचारियों (Government Employees) को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री के इस एलान के बाद यह बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया है। इसका फायदा राज्य के करीब 7.30 लाख कर्मचारियों को मिलेगा।

    मोहन यादव ने होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा ‘होली के पावन पर्व पर, मैं प्रदेश के सभी भाई-बहनों और देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। होली आपसी मेल-जोल को मजबूत करने, कड़वाहट मिटाने और प्रेम बढ़ाने का त्योहार है। सभी को मेरी तरफ से हार्दिक बधाई और होली की मंगलकामनाएं। इस अवसर पर राज्य सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करने का फैसला लिया है, जिससे यह बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया है।’

    करीब 10 महीने बाद बढ़ा डीए
    करीब 10 महीने पहले 27 अप्रैल 2025 को कर्मचारियों का डीए 5 फीसदी बढ़ाया गया था जिससे यह तब केंद्रीय कर्मचारियों के सामान हो गया था। कर्मचारियों को एरियर की राशि का भुगतान किया गया था। इससे पहले 28 अक्तूबर 2024 को इसमें 4 फीसदी तो 14 मार्च 2024 को 4 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई थी। 19 जुलाई 2023 और 27 जनवरी 2023 को भी 4-4 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई थी। वहीं 22 अगस्त 2022 को 3 फीसदी तो 21 मार्च 2022 को 11 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई थी।

    आपको बता दें कि सरकार महंगाई से निपटने के लिए सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देती है। इसकी दरें ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेंक्स के आधार पर तय की जाती हैं। कर्मचारियों के मंहगाई भत्ते में साल में दो बार (हर 6 महीने में) बढ़ोत्तरी की जाती है।

    जनजातीय बहुल बड़वानी जिले में सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कृषि कैबिनेट की बैठक की। बैठक के बाद उन्हें कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी जनजातीय इलाके में हुई इस बैठक में किसानों को कई सौगात देने पर मुहर लगी। मोहन यादव की पहली कृषि कैबिनेट में किसानों के लिए 27,746 करोड़ रुपये की राशि का प्रस्ताव रखा है।

  • पूर्वोत्तर को बड़ी सौगात… ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी देश की पहली सड़क-सह-रेल सुरंग

    पूर्वोत्तर को बड़ी सौगात… ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी देश की पहली सड़क-सह-रेल सुरंग


    नई दिल्ली।
    केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) ने असम में ब्रह्मपुत्र नदी (Brahmaputra River) के नीचे भारत (India) की पहली सड़क-सह-रेल सुरंग (Road-Cum-Rail Tunnel) के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना गोहपुर (NH-15) से नुमालीगढ़ (NH-715) तक 33.7 किलोमीटर लंबे चार-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का हिस्सा है, जिसमें ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे 15.79 किलोमीटर लंबी ट्विन-ट्यूब सुरंग शामिल है। कुल लागत 18,662 करोड़ रुपये है और इसे इंजीनियरिंग-प्रोक्योरमेंट-कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल पर विकसित किया जाएगा।

    यह भारत की पहली अंडरवाटर सड़क-सह-रेल सुरंग होगी, जो विश्व में अपनी तरह की दूसरी ऐसी संरचना होगी। वर्तमान में गोहपुर और नुमालीगढ़ के बीच की दूरी 240 किलोमीटर है, जो कालियाभम्भोरा पुल और काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से होकर गुजरती है। छह घंटे लगते हैं। नई सुरंग से यह दूरी मात्र 34 किलोमीटर रह जाएगी और यात्रा समय 20-30 मिनट तक कम हो जाएगा।

    इस परियोजना के प्रमुख फायदे पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे। यह असम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और अन्य राज्यों को सीधे लाभ पहुंचाएगी। माल ढुलाई की दक्षता बढ़ेगी, रसद लागत में भारी कमी आएगी और क्षेत्रीय व्यापार को गति मिलेगी। सुरंग में एक ट्यूब में सड़क (4 लेन) और दूसरी में रेलवे की व्यवस्था होगी, जो मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देगी। इससे चार प्रमुख रेलवे स्टेशन, दो हवाई अड्डे और दो अंतर्देशीय जलमार्गों से बेहतर जुड़ाव होगा। काजीरंगा जैसे पर्यटन स्थलों, आर्थिक केंद्रों और रसद हब्स की पहुंच आसान हो जाएगी, जिससे पर्यटन, उद्योग और व्यापार में नई संभावनाएं खुलेंगी।


    एक्ट ईस्ट पॉलिसी को मजबूती

    रणनीतिक दृष्टि से यह परियोजना एक्ट ईस्ट पॉलिसी को मजबूत करेगी और सीमा क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाएगी। पूर्वोत्तर को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने में यह मील का पत्थर साबित होगी। निर्माण से लगभग 80 लाख मानव-दिवसों का रोजगार सृजन होगा, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल देगा। सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी, क्योंकि प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन केंद्र निर्बाध रूप से जुड़ेंगे।


    पूर्वोत्तर भारत के लिए ऐतिहासिक कदम

    कुल मिलाकर, ब्रह्मपुत्र सुरंग परियोजना पूर्वोत्तर भारत के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह न केवल यात्रा और परिवहन को तेज व सुरक्षित बनाएगी, बल्कि क्षेत्र में औद्योगिक विकास, व्यापार वृद्धि और सामाजिक समृद्धि के नए द्वार खोलेगी। केंद्रीय सरकार की इस पहल से असम और पूरे पूर्वोत्तर का परिदृश्य बदल जाएगा, जो सबका साथ, सबका विकास के संकल्प को साकार करेगा।

  • निवेशकों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में सरकार … पेंशन के साथ हेल्थ इंश्योरेंस भी…डबल बेनेफिट

    निवेशकों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में सरकार … पेंशन के साथ हेल्थ इंश्योरेंस भी…डबल बेनेफिट


    नई दिल्ली।
    केंद्र सरकार (Central Government) अब निवेशकों (Investors) को पेंशन के साथ-साथ हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) कवर भी देने की तैयारी में है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) के चेयरमैन एस. रमन ने शुक्रवार को इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीन प्रमुख पेंशन फंड इस समय हेल्थ इंश्योरेंस कवर देने वाली पेंशन योजनाओं पर काम कर रहे हैं।

    यह नई पेंशन योजना या तो हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों के साथ साझेदारी में, या फिर सीधे हेल्थ सर्विस प्रोवाइडर्स के सहयोग से पेश की जा सकती है। रमन ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ‘स्वास्थ्य पेंशन योजना’ के तहत लोगों को चिकित्सा खर्चों के लिए अलग से बचत करने के लिए प्रेरित करना है, जिससे वे भविष्य में किसी भी आकस्मिक स्वास्थ्य स्थिति का सामना बेहतर तरीके से कर सकें।

    यह पहल निवेशकों के लिए एक बड़ा तोहफा साबित हो सकती है, जो अब अपनी पेंशन के साथ-साथ अपनी स्वास्थ्य सुरक्षा को भी सुनिश्चित कर सकेंगे।

    पीएफआरडीए के चेयरमैन ने कहा- हम चाहते हैं कि लोग खुद को सुरक्षित रखने की अहमियत को समझें। हम चाहते हैं कि लोग मेडिकल पेंशन योजना में पैसा बचत करें। यह राशि केवल चिकित्सा उद्देश्यों के भुगतान के लिए समर्पित होगी। बता दें कि PFRDA ने इस साल जनवरी में ‘स्वास्थ्य’ प्लेटफॉर्म की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत निवेशक की पेंशन राशि का अधिकतम 30 प्रतिशत हिस्सा चिकित्सा खर्चों के लिए अलग रखा जा सकता है।


    स्वास्थ्य बीमा कंपनियों से सस्ते टॉप-अप कवर

    पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) के प्रमुख ने कहा कि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत बड़ी संख्या में निवेशकों का एकसाथ आना पेंशन फंड को बेहतर सौदे तय करने में मदद करता है। इससे हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों से सस्ते टॉप-अप कवर और अस्पतालों से उपचार पर रियायतें मिल सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना में अस्पतालों को मरीज के इलाज के तुरंत बाद ही भुगतान मिल सकेगा जबकि केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना के तहत भुगतान में कई महीने लग जाते हैं। रमन ने बताया कि आईसीआईसीआई, एक्सिस और टाटा की तरफ से प्रायोजित पेंशन फंड इस तरह की हेल्थ कवरेज योजनाएं पेश करने को लेकर प्रयोग कर रहे हैं और आईसीआईसीआई जल्द ही अपना उत्पाद पेश कर देगा।

    सोना-चांदी ईटीएफ में निवेश की योजना
    उन्होंने कहा कि रिटर्न को लंबे समय तक दहाई अंकों में बनाए रखने के उपायों का अध्ययन किया जा रहा है। इसके लिए परियोजना वित्त, रियल एस्टेट, वैकल्पिक निवेश फंड (एआईएफ) के साथ सोना और चांदी ईटीएफ में सीमित निवेश की भी योजना है। उन्होंने एनपीएस के कम कवरेज (करीब एक करोड़ रुपये) को स्वीकार करते हुए कहा कि निवेशक आधार बढ़ाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) से बातचीत जारी है ताकि डिजिटल माध्यम से लोगों को जोड़ने में तेजी लाई जा सके। इसके साथ ही रमन ने कहा कि कम-से-कम चार बैंकों या बैंकों के समूह ने पेंशन कोष कारोबार में उतरने की इच्छा जताई है। इनमें एक्सिस बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक एवं स्टार डायची का समूह शामिल हैं।

  • इंदौर को मिली बड़ी सौगात, अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त मप्र के पहले गीता भवन हुआ लोकार्पण

    इंदौर को मिली बड़ी सौगात, अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त मप्र के पहले गीता भवन हुआ लोकार्पण


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव और गीता जयंती के पावन अवसर पर सोमवार शाम को इंदौर को एक बड़ी सौगात देते हुए प्रदेश में शासकीय क्षेत्र के पहले अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नये गीता भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि इस तरह के गीता भवन प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर पालिकाओं और नगर पंचायत स्तर पर भी बनाये जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि इंदौर का लोकार्पित यह नया गीता भवन परंपरा एवं आधुनिकता का अनूठा संगम है। राज्य शासन द्वारा धार्मिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन एवं इससे जुड़े विभिन्न आयामों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गीता भवन परियोजना के अंतर्गत ऐतिहासिक गोपाल मंदिर परिसर को आधुनिक गीता भवन के रूप में विकसित कर प्रदेश को समर्पित किया गया है। इस योजना के तहत स्मार्ट सिटी द्वारा इस नये गीता भवन में विकसित विविध आधुनिक सुविधाएँ नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं।

    कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलु शुक्ला, सुमित मिश्रा, श्रवण सिंह चावड़ा, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, गौरव रणदिवे, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी, स्मार्ट सिटी के सीईओ अर्थ जैन विशेष रूप से मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मालवा की गौरवशाली विरासत, कृष्ण भक्ति और गीता का संदेश मध्य प्रदेश की दिशा तय करते हैं। मालवा क्षेत्र कृष्ण लीलाओं से अछूता नहीं है। कृष्ण भगवान ने मालवा के उज्जैन में शिक्षा ग्रहण की। मालवा की अहिल्या बाई होलकर ने देश में अनेक धर्म स्थलों का जीर्णोद्धार कराया और सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा की।

    गीता का प्रत्येक अध्याय ज्ञान, विज्ञान, दर्शन, योग और कर्तव्य की भावना से परिपूर्ण
    उन्होंने कहा कि गीता संघर्ष में आत्मबल और जीवन में मार्गदर्शन देती है। गीता का प्रत्येक अध्याय ज्ञान, विज्ञान, दर्शन, योग और कर्तव्य की भावना से परिपूर्ण है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने विराट स्वरूप के माध्यम से मानव को भय से मुक्त कर कर्तव्य के प्रति जागरूक किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गीता जयंती के अवसर पर अनेक रिकार्ड कायम किये गये।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता जयंती के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि विजेताओं का नगद के साथ ही ई-रिक्शा, ई-बाईक, लैपटॉप आदि प्रदान किये जा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से संघठन, साहस, धर्म की रक्षा और अन्याय के प्रतिकार का संदेश मिलता है। गीता जीवन के हर चरण में मार्गदर्शक है। गीता से भक्ति मार्ग, ज्ञान मार्ग और कर्म मार्ग से मोक्ष प्राप्ति का रास्ता भी दिखायी देता है। गीता संकट में बल देती है, संघर्ष में आत्मबल, उलझन में सारथी और अंधकार में अटल साथी बनती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा ‍कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्मार्ट सिटी परियोजना प्रारंभ की है। इस परियोजना से विरासत का संरक्षण करते हुए हम विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत वीर भारत न्यास द्वारा प्रकाशित तथा रामेश्‍वर लखनलाल पाटीदार द्वारा ‍लिखित श्रीकृष्ण चरित मानस और राघवदास पंडितदास द्वारा लिखित अमृतस्य अवंतिका का विमोचन भी किया। उन्होंने श्रीकृष्ण चरित मानस के लेखक रामेश्वर लखनलाल पाटीदार को पाँच लाख रुपये ‍दिये जाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के बाद श्री संजीव मालवीय द्वारा निर्देशित कृष्ण लीलाओं पर आधारित नृत्य नाटिका को भी देखा।

    महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर के लिये आज गौरव का दिन है। उन्होंने कहा कि गीता ने ‍सिखाया है कि अगर हम सभी अपने-अपने धर्म एवं कर्तव्यों का पालन करेंगे तो अधिकारों का संरक्षण स्वत: होगा। पिछले दो वर्षों में मध्य प्रदेश में नया सांस्कृतिक प्रवाह देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेतृत्व में विरासत से ‍विकास की ओर तेजी से बढ़ रही है।

    मुख्यमंत्री ने गोपाल मंदिर में किया पूजन-अर्चन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के पूर्व ऐतिहासिक गोपाल मंदिर में पूजन-अर्चन किया। उन्होंने प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि के लिए कामना की। उन्होंने गोपाल मंदिर में हुए विकास कार्यों विशेषकर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त लाइब्रेरी और प्रदर्शनी विथिका का अवलोकन भी किया।

    अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त गीता भवन
    इंदौर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत राजवाड़ा स्थित गोपाल मंदिर में नया गीता भवन बनाया गया है। इस गीता भवन की विशेषता यह है कि यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रवचनों और शैक्षणिक आयोजनों हेतु अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 550 सीट का एक खूबसूरत सभागृह भी बनाया गया है।

    सकारात्मक एवं आध्यात्मिक वातावरण से युक्त 50-सीटर रीडिंग हॉल तथा आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। लाइब्रेरी में अध्यात्म, दर्शन, योग, ध्यान, भारतीय संस्कृति, माइंडफुलनेस तथा जीवन-प्रबंधन से संबंधित लगभग 1200 पुस्तकों का समृद्ध संग्रह उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, डिजिटल आर्काइव के माध्यम से अनेक ई-बुक्स, ऑडियो-वीडियो व्याख्यान, ऑनलाइन कोर्स तथा अन्य डिजिटल संसाधनों तक सरलतापूर्वक पहुँच सुनिश्चित की गई है। लाइब्रेरी की आंतरिक सज्जा को प्राकृतिक रंगों, आध्यात्मिक कलाकृतियों, इनडोर पौधों तथा सौम्य प्रकाश व्यवस्था के माध्यम से इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि उपयोगकर्ताओं को शांत, प्रेरणादायी तथा एकाग्रता-उन्मुख वातावरण प्राप्त हो सके।

    मंदिर परिसर के पुनर्विकसित भागों में प्रदर्शनी कक्ष विकसित किए गए हैं, जिससे यह स्थल धार्मिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ कला एवं संस्कृति को एक साथ बढ़ावा देते हुए जनता के लिए एक समावेशी सांस्कृतिक अवसंरचना भी प्रदान करेगा।