Tag: Big Win

  • DUSU चुनाव में ABVP की 3 सीटों पर जीत, भाजपा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा- ‘मुंह पर करारा तमाचा’

    DUSU चुनाव में ABVP की 3 सीटों पर जीत, भाजपा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा- ‘मुंह पर करारा तमाचा’


    नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने केंद्रीय पैनल की चार में से तीन सीटों पर जीत दर्ज की है। ABVP के यश डबास अध्यक्ष, रिया छाबड़ी सचिव और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव चुने गए हैं। वहीं उपाध्यक्ष पद पर पूर्व NSUI सदस्य और निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की। कांग्रेस से संबद्ध NSUI केंद्रीय पैनल की चारों सीटों में से कोई भी नहीं जीत सकी।

    चुनाव परिणाम सामने आने के बाद भाजपा ने इसे कांग्रेस नेता राहुल गांधी की राजनीति पर निशाना साधने का आधार बनाया। भाजपा प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव ने कहा कि डूसू का परिणाम राहुल गांधी के लिए ‘मुंह पर करारा तमाचा’ है। उन्होंने दावा किया कि नतीजों ने राहुल गांधी की ‘झूठ और नकारात्मक प्रचार’ की राजनीति को खारिज कर दिया है।

    ‘युवा राष्ट्रवादी विचारों से दूर जा रहे हैं’ वाला नैरेटिव खारिज हुआ : भाजपा

    भाजपा प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव ने पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहे थे कि देश के युवा राष्ट्रवादी विचारों से दूर जा रहे हैं और नई पीढ़ी झूठ एवं साजिश की राजनीति को पसंद कर रही है। यादव ने कहा कि डूसू चुनाव के नतीजे इस विमर्श को खारिज करते हैं।

    उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस, वाम दल और उनके पूरे तंत्र की ओर से जिस राजनीतिक विमर्श को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही थी, डूसू के परिणामों ने उसे ध्वस्त कर दिया है। यादव ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र पढ़ने आते हैं, इसलिए यहां का चुनाव व्यापक युवा रुझानों को भी दर्शाता है।

    ‘डूसू का नतीजा राहुल के खिलाफ Gen Z का जनादेश’

    सिद्धार्थ यादव ने डूसू चुनाव परिणाम को राहुल गांधी के खिलाफ ‘Gen Z का जनादेश’ बताया। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीति को ‘झूठ और नकारात्मक प्रचार’ की राजनीति बताते हुए कहा कि छात्र मतदाताओं ने इसे खारिज किया है।

    यादव ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह कई जगहों पर ‘झूठ की गूंज’ सुनाने का काम कर रहे हैं और पूछा कि क्या उन्हें छात्रों की ओर से उठ रही ‘सच की हुंकार’ की आवाज सुनाई दे रही है।

    अमित शाह बोले- युवा शक्ति को राष्ट्रविरोधी एजेंडे की प्रयोगशाला न बनाया जाए

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी ABVP की जीत पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में देश के हर हिस्से से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं और यहां का जनादेश पूरे भारत के युवाओं के मन का प्रतिबिंब होता है। शाह ने ABVP की जीत को उन ताकतों के लिए संदेश बताया, जो युवाओं को अपने एजेंडे के लिए ‘प्रयोगशाला’ में बदलना चाहती हैं।

    शाह ने कहा कि देश का युवा ‘राष्ट्र प्रथम’ की विचारधारा के साथ खड़ा है। उन्होंने ABVP की जीत का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे संगठन के कार्यकर्ताओं को छात्र हित और राष्ट्र निर्माण से जुड़े काम आगे बढ़ाने की ऊर्जा मिलेगी।

    भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी ABVP की जीत को सकारात्मक छात्र राजनीति में युवाओं के भरोसे से जोड़ते हुए इसका स्वागत किया।

    अध्यक्ष पद पर यश डबास ने 2,053 वोट से जीत दर्ज की

    अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास को 24,576 वोट मिले। उन्होंने NSUI के विजय शंकर मीणा को 2,053 वोटों के अंतर से हराया। मीणा को 22,523 वोट मिले।

    उपाध्यक्ष पद पर सबसे ज्यादा वोट पाने वाले उम्मीदवार भी निर्दलीय दीपांशु शौकीन रहे। उन्हें 30,615 वोट मिले। शौकीन पहले NSUI से जुड़े थे और टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे। उन्होंने ABVP के इशू मौर्य को हराया, जिन्हें 16,910 वोट मिले। NSUI के वीर छत्रथ को 4,313 वोट मिले।

    सचिव पद पर रिया छाबड़ी, संयुक्त सचिव लक्ष्य राज सिंह विजयी

    सचिव पद पर ABVP की रिया छाबड़ी ने 21,650 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। NSUI की नम्रता चौधरी को 14,869 वोट मिले। वहीं संयुक्त सचिव पद पर ABVP के लक्ष्य राज सिंह ने 16,615 वोट हासिल किए और समाजवादी छात्र सभा के विशेष यादव को 15,778 वोट मिले।

    इस तरह ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद अपने नाम किए, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय दीपांशु शौकीन के खाते में गया। इस बार के चुनाव में NSUI केंद्रीय पैनल की किसी भी सीट पर जीत दर्ज नहीं कर सकी।

    पिछले साल के चुनाव में भी ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पदों पर जीत दर्ज की थी, जबकि उपाध्यक्ष पद NSUI के खाते में गया था। इस बार उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार की जीत ने ABVP के तीन पदों की बढ़त के बीच चुनाव परिणाम को अलग राजनीतिक तस्वीर दी है।

  • Womens Asia Cup : श्रीलंका की बड़ी जीत, UAE को 9 विकेट से हराया… आज भारत का थाइलैंड से मुकाबला

    Womens Asia Cup : श्रीलंका की बड़ी जीत, UAE को 9 विकेट से हराया… आज भारत का थाइलैंड से मुकाबला


    दुबई।
    विमेंस एशिया कप 2026 (Womens Asia Cup 2026) का आगाज हो गया है। इस बार टूर्नामेंट की मेजबानी यूएई (UAE) कर रहा है। अभी तक खेले गए दो मुकाबलों में थाइलैंड (Thailand) और श्रीलंका (Sri Lanka) ने जीत दर्ज की है। थाइलैंड ने अपने पहले मुकाबले में हॉन्ग-कॉन्ग को हराया था, जबकि श्रीलंका ने मेजबान यूएई को 9 विकेट से धूल चटाई। यह श्रीलंका विमेंस टीम (Sri Lanka Women’s Team) की टी20 क्रिकेट में सबसे बड़ी जीत है। यूएई के खिलाफ उन्होंने मुकाबले महज 7.5 ओवर में ही खत्म कर दिया। उन्हें जीत के लिए 80 रनों का मामूली टारगेट मिला था, जिसे कप्तान चमारी अट्टापट्टू की 48 रनों की तूफानी पारी के दम पर उन्होंने आसानी से हासिल कर लिया। आज हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम इंडिया अपने अभियान का आगाज थाइलैंड के खिलाफ करने जा रही है। भारत इस टूर्नामेंट में बतौर फेवरेट उतरेगी।

    बता दें, विमेंस एशिया कप में इस बार कुल 8 टीमें हिस्सा ले रहीं हैं, जिन्हें 4-4 के दो ग्रुप में बांटा गया है।
    ग्रुप-ए- भारत, पाकिस्तान, थाइलैंड और हॉन्ग-कॉन्ग जैसी टीमें हैं।
    ग्रुप-बी- श्रीलंका, बांग्लादेश, यूएई और इंडोशनेशिया है।

    ग्रुप स्टेज में टॉप-2 में रहने वाली टीमों को सेमीफाइनल का टिकट मिलेगा। सेमीफाइनल 10 और 11 सितंबर को दुबई में खेले जाएंगे, जबकि खिताबी मुकाबला इसी मैदान पर 13 सितंबर को आयोजित होगा।

    वुमेंस एशिया कप का 10वां एडिशन है। पिछली बार इस टूर्नामेंट को श्रीलंका ने अपने घर पर जीता था। फाइनल में उन्होंने 7 बार की चैंपियन टीम इंडिया को हराया था। भारत इस टूर्नामेंट में जरूरत उनसे बदला लेना चाहेगा।

    ग्रुप-ए का पहला मैच थाइलैंड और हॉन्ग-कॉन्ग के बीच खेला गया था। इस मैच में पहले बैटिंग करते हुए थाइलैंड की टीम ने 120 रन बोर्ड पर लगाए थे, जिसके जवाब में हॉन्ग-कॉन्ग की विमेंस टीम 114 रन बना पाई थी। थाइलैंड ने यह मैच 6 रनों के अंतर से जीता। आज हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम इंडिया थाइलैंड के खिलाफ अपने अभियान का आगाज करेगी। भारत-पाकिस्तान बहुप्रतीक्षित मैच 5 सितंबर को खेला जाएगा।

    श्रीलंका ने यूएई के खिलाफ गेंदों के मामले में अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज करते हुए विमेंस एशिया कप का आगाज किया। श्रीलंका ने अपना पहला मैच 73 गेंदें शेष रहते जीता। यूएई ने पहले बैटिंग करते 79 रन ही बोर्ड पर लगाए, उनकी पूरी टीम 19.5 ओवर में सिमट गई। श्रीलंका ने इस टारगेट को 7.5 ओवर में 1 विकेट के नुकसान पर आसानी से चेज कर लिया। चमीरा अट्टापट्टू ने 48 रनों की तूफानी पारी खेली।

  • युवा बल्लेबाज का कमाल, गुजरात ने चेन्नई को आसानी से हराकर बढ़ाई रफ्तार..

    युवा बल्लेबाज का कमाल, गुजरात ने चेन्नई को आसानी से हराकर बढ़ाई रफ्तार..

    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के इस मुकाबले में गुजरात की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चेन्नई के खिलाफ एकतरफा जीत दर्ज की और अपनी स्थिति को मजबूत किया। मैच में टीम का संतुलित खेल और बल्लेबाजों की आक्रामकता साफ तौर पर देखने को मिली, जिसने मुकाबले को जल्दी ही उनके पक्ष में कर दिया। इस जीत के साथ टीम ने अंक तालिका में बढ़त हासिल की, जबकि दूसरी टीम को थोड़ा पीछे खिसकना पड़ा।

    मुकाबले की शुरुआत में बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई की टीम को शुरुआत से ही मुश्किलों का सामना करना पड़ा। शुरुआती ओवरों में लगातार विकेट गिरने के कारण टीम दबाव में आ गई और बड़ा स्कोर बनाने की राह कठिन हो गई। हालांकि मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी लेते हुए पारी को संभालने की कोशिश की और कुछ अहम साझेदारियां भी कीं, जिससे स्कोर को एक सम्मानजनक स्तर तक पहुंचाया जा सका।

    चेन्नई के बल्लेबाजों ने बीच के ओवरों में स्थिति को संभालने का प्रयास किया और कुछ महत्वपूर्ण रन जोड़े, लेकिन लगातार विकेट गिरने से टीम बड़ी बढ़त हासिल नहीं कर सकी। अंततः टीम एक ऐसे स्कोर तक पहुंची, जिसे चुनौतीपूर्ण तो कहा जा सकता था, लेकिन पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा रहा था।

    गुजरात की ओर से गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन किया और नियमित अंतराल पर विकेट हासिल करते हुए विपक्षी टीम को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। इस रणनीति का फायदा टीम को बाद में लक्ष्य का पीछा करते समय मिला।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। शुरुआती बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। कप्तान ने तेज पारी खेलकर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई, जिससे बाकी बल्लेबाजों के लिए काम आसान हो गया।

    इसके बाद साईं सुदर्शन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने बड़े शॉट्स और बेहतरीन स्ट्रोक प्ले के जरिए रन गति को लगातार बनाए रखा और विपक्षी गेंदबाजों को दबाव में ला दिया। उनके साथ दूसरे छोर पर मौजूद बल्लेबाज ने भी संयमित और प्रभावी खेल दिखाया, जिससे टीम को लक्ष्य हासिल करने में कोई कठिनाई नहीं हुई।

    सुदर्शन की पारी इस मुकाबले का मुख्य आकर्षण रही, जिसमें उन्होंने आत्मविश्वास और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। उनकी लगातार अच्छी फॉर्म टीम के लिए सकारात्मक संकेत है और आने वाले मैचों में भी उनसे इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

     यह मुकाबला गुजरात के लिए पूरी तरह सफल रहा, जहां टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में बेहतर प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, चेन्नई को अपनी रणनीति और प्रदर्शन पर दोबारा विचार करने की जरूरत है, ताकि आगामी मैचों में बेहतर नतीजे हासिल किए जा सकें।