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  • बोधगया में वेब सीरीज की शूटिंग करते दिखे तेज प्रताप यादव, भगवा वस्त्र में योग और पूजा के दृश्य शूट; पिता लालू यादव की फिल्मी एंट्री भी फिर चर्चा में

    बोधगया में वेब सीरीज की शूटिंग करते दिखे तेज प्रताप यादव, भगवा वस्त्र में योग और पूजा के दृश्य शूट; पिता लालू यादव की फिल्मी एंट्री भी फिर चर्चा में

    नई दिल्ली। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव इन दिनों अपनी नई वेब सीरीज की शूटिंग को लेकर चर्चा में हैं। गुरुवार को तेज प्रताप यादव बोधगया में भगवा वस्त्र पहने शूटिंग करते नजर आए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    बताया जा रहा है कि वेब सीरीज के कुछ खास दृश्यों की शूटिंग के लिए बोधगया और भूटान मंदिर को चुना गया। शूटिंग के दौरान तेज प्रताप योग करते और भक्ति भाव में डूबे दिखाई दिए। फिल्म यूनिट का कैमरा और डायरेक्शन क्रू लगातार उन्हें सीन समझाता नजर आया।

    हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इस वेब सीरीज का नाम क्या है, इसे कौन-सी प्रोडक्शन कंपनी बना रही है और यह कब रिलीज होगी। लेकिन शूटिंग की तस्वीरों और वीडियो ने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा बढ़ा दी है।

    शूटिंग खत्म होने के बाद तेज प्रताप यादव गया के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने गर्भगृह में पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर से पूजा सामग्री भी खरीदी।

    इस बीच लोगों को साल 2005 में रिलीज हुई फिल्म पद्मश्री लालू प्रसाद यादव भी याद आ गई, जिसमें लालू प्रसाद यादव ने खुद कैमियो रोल किया था। अब बेटे तेज प्रताप के वेब सीरीज में नजर आने से लालू परिवार की “फिल्मी कनेक्शन” वाली चर्चा फिर तेज हो गई है।

  • नारी शक्ति के मुद्दे पर घिरी राजनीति, सम्राट चौधरी बोले विपक्ष नहीं चाहता आम महिलाओं को मिले हक

    नारी शक्ति के मुद्दे पर घिरी राजनीति, सम्राट चौधरी बोले विपक्ष नहीं चाहता आम महिलाओं को मिले हक


    नई दिल्ली। महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के पारित न होने के बाद देश की राजनीति में आरोप प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि यह नारी शक्ति के सम्मान के खिलाफ है और लोकतांत्रिक मूल्यों को आघात पहुंचाने वाला कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की सोच सीमित है और वह समाज के गरीब और वंचित वर्ग की महिलाओं को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहता।

    पटना में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक अवसर था जब देश में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को एक नई दिशा दी जा सकती थी, लेकिन विपक्षी दलों ने इसका विरोध कर अपनी मानसिकता स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा कि कुछ दलों की सोच केवल अपने परिवार तक सीमित है और वे आम परिवारों की महिलाओं को अवसर देने के पक्ष में नहीं हैं।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि यह विधेयक पारित हो जाता तो बिहार जैसे राज्य में बड़ी संख्या में महिलाएं विधानसभा और संसद में पहुंच सकती थीं। वर्तमान स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि महिलाओं की भागीदारी अभी भी अपेक्षाकृत कम है, जबकि संभावनाएं कहीं अधिक हैं। उनके अनुसार यह विधेयक महिलाओं को समान अवसर देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता था।

    उन्होंने केंद्र और राज्य स्तर पर महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि पंचायत और नगर निकाय चुनावों में महिलाओं को आरक्षण देने से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं निर्वाचित होकर नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं, जो समाज में बदलाव का संकेत है।

    सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि प्रस्तावित विधेयक के माध्यम से संसद में महिलाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती थी और नीति निर्माण में उनकी भूमिका मजबूत होती। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे इस परिवर्तन को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं और उनके विरोध का जवाब जनता समय आने पर देगी।

    उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के अधिकारों और समान अवसर के मुद्दे को राजनीति से ऊपर उठकर देखने की आवश्यकता है। यह केवल एक विधेयक का विषय नहीं बल्कि समाज में समानता और न्याय स्थापित करने का प्रश्न है।

    इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है और विभिन्न दलों के बीच इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है। महिला आरक्षण को लेकर देशभर में चर्चा जारी है और यह मुद्दा आने वाले समय में भी राजनीतिक विमर्श का केंद्र बना रह सकता है।

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    संक्षिप्त विवरण
    महिला आरक्षण विधेयक पर सियासी विवाद गहरा गया है। सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।

  • निरहुआ बोले नीतीश का राज्यसभा जाना गर्व की बात पवन सिंह और खेसारी पर भी रखी खुलकर राय

    निरहुआ बोले नीतीश का राज्यसभा जाना गर्व की बात पवन सिंह और खेसारी पर भी रखी खुलकर राय

    नई दिल्ली: भोजपुरी स्टार से नेता बने दिनेश लाल यादव निरहुआ ने बिहार की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले को पूरी तरह सही और सकारात्मक कदम बताया है निरहुआ ने कहा कि नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री के रूप में बिहार को मजबूत दिशा दी है और अब वे जिस भी मंच पर रहेंगे वहां से राज्य के विकास के लिए काम करते रहेंगे

    निरहुआ ने इस फैसले को बिहार के लिए गर्व की बात बताते हुए कहा कि यह राजनीतिक दृष्टि से एक संतुलित और दूरदर्शी निर्णय है उन्होंने कहा कि अनुभव और नेतृत्व क्षमता का लाभ राज्य को आगे भी मिलता रहेगा

    निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चाओं पर निरहुआ ने संयमित प्रतिक्रिया दी उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं और इस पर अभी अटकलें लगाना ठीक नहीं है उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन और गठबंधन के वरिष्ठ नेता मिलकर ही ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय लेते हैं

    वहीं भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव के राजनीति को लेकर दिए गए बयान पर निरहुआ ने कड़ा रुख अपनाया उन्होंने कहा कि राजनीति ईमानदारी और जिम्मेदारी का क्षेत्र है और इसमें बेवजह आरोप लगाने वालों के लिए कोई जगह नहीं है उनके इस बयान को भोजपुरी इंडस्ट्री और राजनीति के बीच चल रही बहस से जोड़कर देखा जा रहा है

    समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के पेट्रोल डीजल को लेकर दिए गए बयान पर भी निरहुआ ने प्रतिक्रिया दी उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान नेताओं की सोच को दर्शाते हैं और ऐसे समय में देश को एकजुट रखने की जरूरत होती है न कि भ्रम फैलाने की

    भोजपुरी सिनेमा के कलाकारों के बीच विवाद को लेकर भी उन्होंने स्थिति साफ की निरहुआ ने कहा कि पवन सिंह और खेसारी लाल यादव के बीच किसी तरह का कोई विवाद नहीं है सभी कलाकार एक परिवार की तरह हैं और समाज के विकास के लिए काम करते हैं

    पवन सिंह को राज्यसभा न भेजे जाने के सवाल पर निरहुआ ने कहा कि भाजपा में जिम्मेदारियां समय और परिस्थिति के अनुसार दी जाती हैं उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में पवन सिंह को भी बड़ी जिम्मेदारी जरूर मिलेगी

    आगामी चुनावों में अपनी भूमिका को लेकर निरहुआ ने कहा कि वे एक कार्यकर्ता के रूप में पार्टी के लिए काम करते रहेंगे उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार ही उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और जहां भी पार्टी को उनकी जरूरत होगी वे वहां मौजूद रहेंगे

    निरहुआ ने अंत में कहा कि वे राजनीति में किसी पद या प्रतिष्ठा के लिए नहीं बल्कि विचारधारा के लिए आए हैं और एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में पार्टी के साथ खड़े रहेंगे उनका यह बयान साफ तौर पर दिखाता है कि वे पार्टी लाइन पर मजबूती से कायम हैं और नेतृत्व के फैसलों का समर्थन करते हैं