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  • एलन मस्क की संपत्ति 36.4 अरब डॉलर घटी, स्पेसएक्स और टेस्ला के शेयरों में गिरावट से फिर एक ट्रिलियन डॉलर से नीचे पहुंचे

    एलन मस्क की संपत्ति 36.4 अरब डॉलर घटी, स्पेसएक्स और टेस्ला के शेयरों में गिरावट से फिर एक ट्रिलियन डॉलर से नीचे पहुंचे

    नई दिल्ली ।दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में शामिल एलन मस्क की कुल संपत्ति एक बार फिर एक ट्रिलियन डॉलर से नीचे आ गई है। स्पेसएक्स और टेस्ला के शेयरों में गिरावट के कारण उनकी संपत्ति में एक ही कारोबारी सत्र के दौरान 36.4 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई। 8 अक्टूबर 2026 को उनकी अनुमानित कुल संपत्ति घटकर 991.6 अरब डॉलर रह गई। इससे केवल तीन दिन पहले ही मस्क ने दोबारा एक ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति का आंकड़ा पार किया था। शेयर बाजार में आई कमजोरी ने उनकी संपत्ति पर सीधा असर डाला।

    स्पेसएक्स के शेयरों में लगभग 3.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ने की एक वजह चिप निर्माता एनवीडिया से चिप खरीदने के लिए 40 अरब डॉलर जुटाने की संभावित योजना बताई गई। इस योजना को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच कंपनी के शेयर कमजोर हुए। वहीं, टेस्ला के शेयरों में भी दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। दोनों कंपनियों के शेयरों में कमजोरी का असर मस्क की कुल संपत्ति पर पड़ा और वह फिर ट्रिलियन डॉलर के स्तर से नीचे आ गए।

    मस्क ने पहली बार जून में एक ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति का आंकड़ा पार किया था। उस समय स्पेसएक्स के सार्वजनिक बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद उनकी अनुमानित संपत्ति लगभग 1.45 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई थी। इसके बाद उनकी संपत्ति में उतार-चढ़ाव जारी रहा। ताजा गिरावट के साथ उनकी कुल संपत्ति 991.6 अरब डॉलर रह गई, जिससे वह एक बार फिर इस स्तर से नीचे आ गए। उनकी संपत्ति में बदलाव का प्रमुख कारण स्पेसएक्स और टेस्ला के शेयरों के मूल्य में आई कमी रही।

    टेक्नोलॉजी शेयरों में गिरावट का असर दूसरे प्रमुख अरबपतियों पर भी पड़ा। एनवीडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेन्सन हुआंग की अनुमानित संपत्ति एक दिन में 6.1 अरब डॉलर घटकर 199.3 अरब डॉलर रह गई। इस गिरावट के बाद उनकी संपत्ति 200 अरब डॉलर के स्तर से नीचे आ गई। इसी तरह, ओरेकल के सह-संस्थापक लैरी एलिसन की संपत्ति में 8.9 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई और यह घटकर 176.8 अरब डॉलर रह गई। दोनों कारोबारियों की संपत्ति में आई गिरावट ने टेक क्षेत्र के शेयरों में कमजोरी के व्यापक असर को दिखाया।

    अरबपतियों की संपत्ति में गिरावट के बावजूद जेन्सन हुआंग और लैरी एलिसन की सूची में स्थिति में बदलाव नहीं हुआ। वास्तविक समय में अरबपतियों की संपत्ति का आकलन करने वाली सूची में हुआंग सातवें और एलिसन आठवें स्थान पर बने रहे। हालांकि, गुरुवार के कारोबारी सत्र में दोनों की संपत्ति में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। शेयरों के बाजार मूल्य में होने वाले बदलाव के साथ इन कारोबारियों की अनुमानित संपत्ति भी घटती-बढ़ती रहती है।

    अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर भी टेक शेयरों में बिकवाली का असर दिखाई दिया। नैस्डैक-100 सूचकांक 1.4 प्रतिशत गिर गया। यह पिछले सात सप्ताह में उसकी सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट रही। वहीं, एसएंडपी 500 सूचकांक में 0.5 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। बाजार में आई इस गिरावट के पीछे टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित शेयरों में बढ़ती बिकवाली को प्रमुख कारण बताया गया। इससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई और प्रमुख अमेरिकी सूचकांक दबाव में रहे।

    इसके विपरीत, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी कंपनियों के शेयरों में मजबूती देखने को मिली। शुरुआती कारोबार के दौरान निफ्टी आईटी सूचकांक तीन प्रतिशत से अधिक चढ़ गया और 28,600 के स्तर को पार कर गया। इस तरह अमेरिकी बाजार में टेक शेयरों की कमजोरी के बीच भारतीय आईटी सूचकांक में तेजी दर्ज की गई।

  • किसी के 100 तो किसी के 14 बच्चे: अरबपतियों की दुनिया में बड़े परिवारों का चलन, जानिए इसके पीछे की सोच

    किसी के 100 तो किसी के 14 बच्चे: अरबपतियों की दुनिया में बड़े परिवारों का चलन, जानिए इसके पीछे की सोच

    नई दिल्ली: दुनिया के अति-अमीर लोगों की जीवनशैली में कई ऐसी बातें देखने को मिलती हैं, जो आम लोगों की जिंदगी से काफी अलग हैं। इनमें बड़ी संख्या में बच्चे पैदा करना और उनकी देखभाल के लिए सहायकों की पूरी टीम रखना भी शामिल है। जहां बहुत से परिवारों के लिए एक बच्चे की परवरिश का खर्च और जिम्मेदारी बड़ी चुनौती होती है, वहीं कुछ अरबपति दर्जनों बच्चों के माता-पिता बन रहे हैं। इस चलन ने परिवार, संपत्ति, सामाजिक प्रतिष्ठा और बच्चों के पालन-पोषण को लेकर नई चर्चा शुरू की है। कुछ मामलों में बच्चों की संख्या इतनी अधिक है कि उनकी देखभाल के लिए कई नैनी और सहायक नियुक्त किए जाते हैं। ऐसे परिवारों में बच्चों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए अलग-अलग लोगों की जिम्मेदारी तय रहती है। इससे यह सवाल भी उठता है कि आर्थिक संपन्नता के बावजूद माता-पिता अपने बच्चों के साथ कितना समय बिता पाते हैं और उनके भावनात्मक विकास में उनकी व्यक्तिगत भागीदारी कितनी रहती है।

    कारोबारी और मनोरंजन जगत की चर्चित हस्ती किम कार्दशियन का उदाहरण इस व्यवस्था को समझने में मदद करता है। उनके पूर्व पति से चार बच्चे हैं और उनकी देखभाल के लिए पांच नैनी नियुक्त होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि इन सहायकों की ड्यूटी अलग-अलग पालियों में चलती है। एक समय में एक नैनी बच्चों की देखभाल करती है, जबकि अन्य अपनी निर्धारित पाली के अनुसार जिम्मेदारी संभालती हैं। इस तरह बच्चों की दिनचर्या, उनकी जरूरतों और देखभाल के लिए एक व्यवस्थित व्यवस्था बनाई गई है। आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों में घरेलू सहायकों की मदद लेना असामान्य नहीं है। बच्चों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित लोगों की सहायता से माता-पिता अपने काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर सकते हैं। लेकिन जब बच्चों की संख्या अधिक हो और उनकी देखभाल का बड़ा हिस्सा सहायकों के जिम्मे हो, तो माता-पिता की व्यक्तिगत भागीदारी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

    तकनीक क्षेत्र के कारोबारी पावेल दुरुव का मामला भी बड़ी संख्या में बच्चों को लेकर चर्चा में रहा है। रूस में जन्मे दुरुव के बारे में बताया गया है कि शुक्राणु दान के माध्यम से दुनिया के 12 देशों में उनके 100 से अधिक जैविक बच्चे हैं। इस मामले में बच्चों का जन्म पारंपरिक पारिवारिक व्यवस्था से अलग माध्यम के जरिए हुआ है। चीन के उद्योगपति शू बो के बारे में भी सरोगेसी के माध्यम से 100 से अधिक बच्चे होने का विवरण सामने आया है। इन उदाहरणों से पता चलता है कि प्रजनन तकनीकों और आर्थिक संसाधनों की उपलब्धता ने कुछ संपन्न लोगों के लिए परिवार बनाने के विकल्पों का दायरा बढ़ाया है। हालांकि, ऐसे मामलों में बच्चों की परवरिश, उनके साथ संबंध और पारिवारिक जिम्मेदारियों का स्वरूप व्यक्ति तथा परिवार की परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

    अत्यधिक संपन्नता के बीच बड़े परिवारों का चलन सामाजिक प्रतिष्ठा से भी जोड़कर देखा जा रहा है। कुछ लोगों के लिए अधिक संतान होना परिवार की निरंतरता या व्यक्तिगत पसंद का विषय हो सकता है, जबकि अन्य मामलों में इसके पीछे अलग-अलग विचार और परिस्थितियां हो सकती हैं। हालांकि, केवल बच्चों की संख्या के आधार पर किसी व्यक्ति की मंशा तय नहीं की जा सकती। बड़ी संख्या में बच्चों की परवरिश के लिए आर्थिक संसाधनों के साथ समय, भावनात्मक सहयोग और नियमित देखभाल की भी जरूरत होती है। नैनी और दूसरे सहायकों की मदद से बच्चों की दैनिक जरूरतें पूरी की जा सकती हैं, लेकिन माता-पिता के साथ उनका व्यक्तिगत संबंध भी उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।

    बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास पर परिवार के माहौल, देखभाल की निरंतरता और माता-पिता के साथ संबंधों का प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में बड़ी संख्या में बच्चों वाले परिवारों के सामने यह चुनौती रहती है कि प्रत्येक बच्चे को पर्याप्त ध्यान और व्यक्तिगत समय कैसे दिया जाए। दूसरी ओर, यह भी महत्वपूर्ण है कि किसी परिवार की परिस्थितियों को समझे बिना बच्चों के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने का निष्कर्ष नहीं निकाला जाए। हर बच्चे की जरूरतें और पारिवारिक अनुभव अलग हो सकते हैं। अंततः संपत्ति और सुविधाएं बच्चों के जीवन को आसान बनाने में मदद कर सकती हैं, लेकिन उनके पालन-पोषण में भावनात्मक जुड़ाव और जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण हैं। अरबपतियों के बड़े परिवारों के उदाहरण इसी व्यापक बहस को सामने लाते हैं कि आधुनिक समाज में परिवार का आकार, आर्थिक क्षमता और बच्चों की परवरिश के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।

  • दौलत की दौड़ में अडानी आगे: अंबानी को पीछे छोड़ बढ़ा वैश्विक रुतबा

    दौलत की दौड़ में अडानी आगे: अंबानी को पीछे छोड़ बढ़ा वैश्विक रुतबा

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    नई दिल्ली। दुनिया के अरबपतियों की ताजा रैंकिंग में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। गौतम अडानी अब संपत्ति के मामले में मुकेश अंबानी से आगे निकल गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार अडानी 18वें स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि अंबानी 20वें नंबर पर खिसक गए हैं। अडानी की दौलत में उछाल, अंबानी को झटका इस साल गौतम अडानी की संपत्ति में करीब 10.9 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है, जिससे उनकी कुल नेटवर्थ 95.4 अरब डॉलर हो गई। वहीं मुकेश अंबानी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। Reliance Industries के शेयरों में गिरावट के चलते उनकी संपत्ति 16.7 अरब डॉलर घटकर 91 अरब डॉलर रह गई है। 200 अरब डॉलर क्लब में कौन आगे दुनिया के टॉप अरबपतियों में अभी भी टेक दिग्गजों का दबदबा है, एलन मस्क करीब 654 अरब डॉलर के साथ शीर्ष परजेफ बेजोस और लैरी पेज समेत कई दिग्गज 200 अरब डॉलर क्लब में शामिलइस साल किस पर हुई ‘पैसों की बारिश’ 2026 में सबसे ज्यादा कमाई करने वालों में: माइकल डेल (36.6 अरब डॉलर की बढ़त)एलन मस्क (34.9 अरब डॉलर की बढ़त)जॉन तु (29.4 अरब डॉलर का इजाफा)किसे हुआ सबसे ज्यादा नुकसान इस साल सबसे ज्यादा दौलत गंवाने वालों में: बर्नार्ड अर्नॉल्ट (43.6 अरब डॉलर की गिरावट)स्टीव बाल्मर (19 अरब डॉलर नुकसान)मुकेश अंबानी (16.7 अरब डॉलर की कमी)इसके अलावा बिल गेट्स और वॉरेन बफेट जैसे दिग्गजों की संपत्ति में भी गिरावट दर्ज की गई है। गौतम अडानी ने तेजी से बढ़ती संपत्ति के दम पर न सिर्फ मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ा है, बल्कि वैश्विक अरबपतियों की सूची में भी अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। यह बदलाव बाजार के उतार-चढ़ाव और कंपनियों के प्रदर्शन का सीधा असर दिखाता है।

  • युद्ध की आहट से बाजार में भूचाल, एक दिन में अरबपतियों की दौलत से उड़े 35 अरब डॉलर

    युद्ध की आहट से बाजार में भूचाल, एक दिन में अरबपतियों की दौलत से उड़े 35 अरब डॉलर


    तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Iran–United States–Israel के बीच टकराव की आशंका का असर वैश्विक बाजारों पर साफ दिखा। गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे दुनिया के शीर्ष अरबपतियों की संपत्ति में एक ही दिन में करीब 35 अरब डॉलर की कमी आ गई।

    बाजार में गिरावट के चलते Dow Jones Industrial Average 739 अंक टूट गया। वहीं S&P 500 में 1.52% और Nasdaq Composite में 1.78% की गिरावट दर्ज की गई।

    इस गिरावट का सीधा असर अरबपतियों की दौलत पर पड़ा।

    एलन मस्क को सबसे बड़ा नुकसान

    दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति Elon Musk को सबसे बड़ा झटका लगा। उनकी संपत्ति में 9.20 अरब डॉलर की गिरावट आई और उनका नेटवर्थ घटकर करीब 660 अरब डॉलर रह गया।

    इसके बाद Larry Page की संपत्ति में 4.11 अरब डॉलर की कमी आई और उनका नेटवर्थ 261 अरब डॉलर रह गया। वहीं Sergey Brin की संपत्ति 3.80 अरब डॉलर घटकर करीब 243 अरब डॉलर रह गई।

    बेजोस और जुकरबर्ग को भी झटका

    Jeff Bezos को गुरुवार को 2.83 अरब डॉलर का नुकसान हुआ, जिससे उनकी कुल संपत्ति 234 अरब डॉलर रह गई।
    वहीं Mark Zuckerberg की संपत्ति में 5.74 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई और उनका नेटवर्थ करीब 226 अरब डॉलर रह गया।

    एलिसन और अर्नाल्ट की दौलत भी घटी

    Larry Ellison की संपत्ति में 4.58 अरब डॉलर की कमी आई और उनका नेटवर्थ करीब 210 अरब डॉलर रह गया।
    फ्रांस के उद्योगपति Bernard Arnault ने भी 2.39 अरब डॉलर गंवाए और उनकी संपत्ति घटकर लगभग 162 अरब डॉलर रह गई।

    जिम वॉल्टन को फायदा, बफेट पीछे

    Jensen Huang की संपत्ति में भी 2.30 अरब डॉलर की गिरावट आई और उनका नेटवर्थ 152 अरब डॉलर रह गया।

    हालांकि Jim Walton ऐसे इकलौते अरबपति रहे जिनकी संपत्ति में 1.58 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। उनका नेटवर्थ बढ़कर 159 अरब डॉलर हो गया और उन्होंने Warren Buffett को पीछे छोड़ते हुए अमीरों की सूची में 9वां स्थान हासिल कर लिया।
    वहीं बफेट को भी 579 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ और उनकी कुल संपत्ति करीब 147 अरब डॉलर रह गई।

    भारत के अरबपतियों को फायदा

    वैश्विक बाजार में गिरावट के बावजूद भारत के दो बड़े उद्योगपतियों की संपत्ति में बढ़त दर्ज की गई। Mukesh Ambani को 64.5 मिलियन डॉलर का फायदा हुआ और उनकी संपत्ति बढ़कर 92.4 अरब डॉलर हो गई। वे दुनिया के 18वें सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं।

    वहीं Gautam Adani की संपत्ति में 1.84 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई और उनका नेटवर्थ 77.8 अरब डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि इस उछाल के बावजूद वे अभी टॉप-20 अरबपतियों की सूची में जगह नहीं बना पाए हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के चलते आने वाले दिनों में बाजार और अरबपतियों की संपत्ति में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।